केरल TRP विवाद: BARC ने शुरू की स्वतंत्र जांच, नियुक्त की एजेंसी

केरल TRP मामले में BARC इंडिया ने एक स्वतंत्र एजेंसी को इस मामले की जांच और फॉरेंसिक ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया है।

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Saturday, 29 November, 2025
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केरल TRP मामले में BARC इंडिया ने एक स्वतंत्र एजेंसी को इस मामले की जांच और फॉरेंसिक ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया है। मामला मलयालम न्यूज चैनल Twenty-Four और BARC के एक कर्मचारी के कथित संबंध से जुड़ा है। BARC ने बयान में कहा कि वे इस मामले को जल्द, पारदर्शी और पूरी सावधानी के साथ सुलझाने के लिए तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं।

BARC ने कहा कि जांच के दौरान सभी पक्षों और मीडिया से अपील है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी तरह के दावे या अटकलें न फैलाएं। BARC अपने हितधारकों के प्रति ईमानदारी और जवाबदेही बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

जानकारी के मुताबिक, कथित घोटाला केरल के एक चैनल मालिक और मुंबई में स्थित BARC कर्मचारी से जुड़ा है। राज्य पुलिस इसे गंभीर मामला मानकर जांच कर रही है। आरोप है कि चैनल की रेटिंग बढ़ाने और विज्ञापन राजस्व बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर भुगतान किए गए, जिन्हें कथित तौर पर क्रिप्टो वॉलेट्स के माध्यम से भेजा गया।

जांच में वॉट्सऐप चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स भी सामने आए हैं, जिनमें साप्ताहिक व्युअरशिप डेटा साझा करने, भुगतान की पुष्टि और यहां तक कि इमोजी के माध्यम से लेनदेन की पुष्टि दिखती है।

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टाइम्स नेटवर्क ने ‘Pickleball Now’ चैनल को ग्लोबल लेवल पर किया लॉन्च

टाइम्स ग्रुप का प्रीमियम ब्रॉडकास्ट नेटवर्क Times Network अब अपने स्पोर्ट्स चैनल 'Pickleball Now' को दुनिया भर में विस्तार दे रहा है।

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Saturday, 29 November, 2025
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टाइम्स ग्रुप का प्रीमियम ब्रॉडकास्ट नेटवर्क Times Network अब अपने स्पोर्ट्स चैनल 'Pickleball Now' को दुनिया भर में विस्तार दे रहा है। यह दुनिया का पहला ऐसा टीवी चैनल है जो सिर्फ पिकलबॉल खेल के लिए बनाया गया है और CTV व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। चैनल का मकसद इस तेजी से लोकप्रिय हो रहे खेल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। इस पर लाइव इंटरनेशनल टूर्नामेंट, हाइलाइट्स, इंटरव्यू, टैक्टिकल ब्रेकडाउन, बिहाइंड-द-सीन्स स्टोरीज, छोटे वीडियो और ग्लोबल पिकलबॉल खबरें दिखाई जाएंगी।

यह चैनल पहले ही भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कई देशों के बड़े टूर्नामेंट दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचा चुका है। इसमें NPL Australia - Sydney, NPL Australia - Brisbane, PWR DUPR India Masters और Pickleball World Cup जैसे इवेंट शामिल हैं। लगातार हाई-क्वॉलिटी कंटेंट की वजह से चैनल ने दुनियाभर में एक मजबूत और एक्टिव ऑडियंस बना ली है।

पिकलबॉल को बढ़ावा देने की दिशा में चैनल एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। Pickleball Now अब भारत की पहली आधिकारिक राष्ट्रीय पिकलबॉल लीग Indian Pickleball League (IPBL) का प्रसारण करेगा। इस लीग को इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन ने मंजूरी दी है और इसे युवा मामले एवं खेल मंत्रालय (MYAS) की मान्यता प्राप्त है। लीग का लाइव प्रसारण 1 दिसंबर 2025 से शुरू होगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चैनल अपने प्रोग्रामिंग लाइनअप को और बड़ा करने की तैयारी में है। इसमें Global LIVE Tournament Coverage, PWR World Tour 2026 (जापान, यूके, इटली, अमेरिका, ब्राजील सहित कई देशों में) और शुरुआती से लेकर एडवांस खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग व स्किल-बिल्डिंग सेगमेंट शामिल होंगे। साथ ही रूल्स, रणनीति, उपकरण समीक्षा, कम्युनिटी स्टोरीज, और युवा खिलाड़ियों के लिए खास कंटेंट भी दिखाए जाएंगे।

भारत में दर्शक Times Play ऐप पर लाइव टूर्नामेंट देख सकेंगे। इसके अलावा JioTV, JioTV+, Airtel Xstream, DailyHunt और OTT Play पर भी चैनल उपलब्ध होगा। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी शुरुआत BOTIM, Distro, YuppTV और Rumble पर होगी। बाद में इसे अमेरिका, MENA, ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और बाकी देशों में भी बढ़ाया जाएगा।

टाइम्स नेटवर्क ने कहा कि पिकलबॉल दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा खेल है और Pickleball Now इसे वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। दुनिया का पहला पिकलबॉल-फोकस्ड स्पोर्ट्स चैनल होने के कारण कंपनी इसे इंटरनेशनल लेवल पर मजबूत करने और अलग-अलग देशों की लीग्स के साथ साझेदारी का विस्तार करने की योजना बना रही है।

Pickleball Now की आधिकारिक वेबसाइट pickleballnow.in भी जल्द ही एक डिजिटल हब के रूप में विकसित की जाएगी। इसमें मैच शेड्यूल, ग्लोबल कवरेज, टूर्नामेंट सर्च, प्लेयर डाटा, एडिटोरियल कंटेंट, ट्रेनिंग टूल्स, कम्युनिटी स्टोरीज और पिकलबॉल के उपकरण व मर्चेंडाइज की शॉपिंग सुविधा भी उपलब्ध होगी।

पिकलबॉल की लगातार बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए Pickleball Now खुद को इस खेल का सबसे बड़ा ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। चैनल का लक्ष्य फैंस को खेल के और करीब लाना, नए खिलाड़ियों को मंच देना और दुनिया भर की पिकलबॉल कम्युनिटी को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है।

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DD Free Dish पर खाली पड़े MPEG-4 स्लॉट के लिए मांगे गए आवेदन, रीजनल चैनल्स को बड़ा मौका

प्रसार भारती ने 'डीडी फ्री डिश' (DD Free Dish) के नए टेस्ट स्ट्रीम TS#7 और TS#8 पर खाली पड़े MPEG-4 स्लॉट के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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Saturday, 29 November, 2025
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प्रसार भारती ने 'डीडी फ्री डिश' (DD Free Dish) के नए टेस्ट स्ट्रीम TS#7 और TS#8 पर खाली पड़े MPEG-4 स्लॉट के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये स्लॉट 31 मार्च 2026 तक पायलट आधार पर बिल्कुल मुफ्त दिए जाएंगे, जिससे योग्य रीजनल सैटेलाइट चैनल्स को देश के सबसे बड़े फ्री-टू-एयर प्लेटफॉर्म पर अपनी पहुंच बढ़ाने का एक बड़ा मौका मिलेगा।

इन स्लॉट्स के लिए सिर्फ क्षेत्रीय भाषाओं के सैटेलाइट टीवी चैनल ही आवेदन कर सकते हैं। यह जरूरी है कि चैनल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से लाइसेंस प्राप्त हो और संविधान की अनुसूची 8 में शामिल भाषा में प्रसारण करता हो। हिंदी और उर्दू चैनल्स को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, ऐसे भाषाई चैनल्स को प्राथमिकता दी जाएगी जो 'डीडी फ्री डिश' पर अभी तक कम या बिलकुल भी मौजूद नहीं हैं। इनमें कन्नड़, तमिल, तेलुगू, मलयालम, बांग्ला, असमिया और ओड़िया भाषाएं शामिल हैं। क्षेत्रीय न्यूज चैनल्स को भी इसमें प्राथमिकता मिलेगी।

आवेदन करने वाले चैनल्स को अपने जॉनर और भाषा की स्पष्ट व पक्की जानकारी देनी होगी। अगर जानकारी में कोई भी भ्रम, कमी या विरोधाभास पाया गया तो आवेदन को तुरंत खारिज कर दिया जाएगा। आवेदन फॉर्म के साथ दिए गए दस्तावेजों की चेकलिस्ट का पालन करना जरूरी है। चैनल का कंटेंट उसी जॉनर और भाषा में होना चाहिए जो उन्होंने आवेदन में घोषित किया है।

नियमों के मुताबिक, चैनल पर दिखाया जाने वाला कम से कम 75% कंटेंट उसी घोषित जॉनर और भाषा में होना चाहिए। महीने भर के कुल प्रसारण के हिसाब से यह हिस्सा 60% से कम नहीं होना चाहिए। विज्ञापनों और प्रमोशन के समय को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। अगर किसी भी चैनल के प्रसारण में इन नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसकी रिकॉर्डिंग की समीक्षा की जाएगी और समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। चैनल को नोटिस देकर जॉनर या भाषा बदलने का विकल्प भी दिया जाएगा। लेकिन अगर चैनल ने तय समय में कोई अनुरोध नहीं दिया तो उसका स्लॉट रद्द किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण है कि जो चैनल 2025–26 के लिए हाल में हुए किसी भी ई-ऑक्शन में पहले ही स्लॉट जीत चुके हैं, वे इस मुफ्त स्लॉट के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। प्रसार भारती ने साफ किया है कि यह सुविधा केवल 31 मार्च 2026 तक ही मुफ्त रहेगी, वह भी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर।

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'न्यूज18 इंडिया' ने इनपुट ऑपरेशंस में किए बड़े बदलाव, अमित शुक्ला को मिली बड़ी जिम्मेदारी

'न्यूज18 इंडिया' ने अपनी इनपुट टीम को और तेज, मजबूत व बेहतर बनाने के लिए कुछ अहम बदलाव किए हैं।

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Wednesday, 26 November, 2025
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'न्यूज18 इंडिया' ने अपनी इनपुट टीम को और तेज, मजबूत व बेहतर बनाने के लिए कुछ अहम बदलाव किए हैं। अब तक नेटवर्क इनपुट संभाल रहे अमित शुक्ला को अब पूरे 'न्यूज18 इंडिया' इनपुट डेस्क की जिम्मेदारी दे दी गई है। वे असाइनमेंट डेस्क, रिपोर्टर टीम, गेस्ट टीम और VJ टीम सहित सभी इनपुट ऑपरेशंस को देखेंगे। इसके साथ ही वे आउटपुट डेस्क और डिजिटल टीम के साथ मिलकर कंटेंट के बेहतर फ्लो पर भी काम करेंगे।

असाइनमेंट डेस्क का रोजाना का काम अब वरिष्ठ पत्रकार अमित चौधरी संभालेंगे। वे खास रिपोर्ट, बड़े एडिटोरियल प्लान, ब्रेकिंग न्यूज और मैदान में काम कर रहे रिपोर्टर्स के साथ तालमेल की जिम्मेदारी देखेंगे।

शैला जाफरी पहले की तरह अपनी भूमिका में बनी रहेंगी और असाइनमेंट डेस्क की मजबूत आधार रहेंगी। वे लंबे समय से न्यूज18 का हिस्सा हैं और चैनल के कामकाज को अच्छी तरह समझती हैं। शैला बड़ी खबरों के दिनों की तैयारी, बड़े इवेंट्स और स्टोरी प्लानिंग जैसे अहम काम संभालती रहेंगी।

नए स्ट्रक्चर में अमित चौधरी और शैला- दोनों अमित शुक्ला को रिपोर्ट करेंगे और अमित शुक्ला सीधे चैनल हेड को रिपोर्ट करेंगे। वहीं अमिताभ सिन्हा पहले की तरह इन सभी कामों की निगरानी जारी रखेंगे। 

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NDTV में विरल जगदीश दोशी को दूसरी बार स्वतंत्र निदेशक बनाने की प्रक्रिया शुरू

न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) ने अपने स्वतंत्र निदेशक विरल जगदीश दोशी को दूसरी बार तीन साल के लिए नियुक्त करने के लिए पोस्टल बैलट (ई-वोटिंग) प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Last Modified:
Wednesday, 26 November, 2025
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न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) ने अपने स्वतंत्र निदेशक विरल जगदीश दोशी को दूसरी बार तीन साल के लिए नियुक्त करने के लिए पोस्टल बैलट (ई-वोटिंग) प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने अपने सभी शेयरधारकों को 27 नवंबर, 2025 से 26 दिसंबर, 2025 तक ऑनलाइन वोट देने का मौका दिया है। शेयरधारक NDTV की वेबसाइट और NSDL की वेबसाइट पर जाकर सुरक्षित तरीके से अपनी सहमति या असहमति दर्ज कर सकते हैं।

कंपनी ने बताया कि अगर अधिकतर शेयरधारक दोशी की नियुक्ति का समर्थन करते हैं, तो उन्हें 24 जनवरी, 2026 से 23 जनवरी, 2029 तक फिर से स्वतंत्र निदेशक के रूप में सेवा दी जाएगी। पोस्टल बैलट के नतीजे जैसे ही घोषित होंगे, उन्हें BSE और NSE की वेबसाइट पर और कंपनी की वेबसाइट www.ndtv.com पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, जिन शेयरधारकों ने अब तक अपने ईमेल पते अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे इसे जल्द अपडेट करें ताकि ऑनलाइन वोटिंग में हिस्सा ले सकें।

विरल जगदीश दोशी का जन्म 8 सितंबर, 1958 को हुआ था और वे 67 साल के हैं। उन्होंने इंग्लैंड से 'A' लेवल्स और अमेरिका के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की है। बतौर प्रोफेशनल वे कई शिक्षा संस्थानों के सलाहकार हैं और शिक्षा व करियर पर नियमित लेखन करते हैं। वे स्कूलों, कॉलेजों और कॉन्फ्रेंस में वक्ता के रूप में शामिल होते हैं और वर्कशॉप व सेमिनार का संचालन भी करते हैं।

जगदीश दोशी ने “Undefiled Heritage - a History of the 150 years of Cathedral School, Mumbai” और राष्ट्रीय बेस्टसेलर “Indian Roots Ivy Admits - 85 Essays that got Indian Students into the Ivy League and Stanford” जैसी किताबें भी लिखी हैं। उनकी विशेषज्ञता में नेतृत्व, शिक्षा परामर्श, वित्तीय और जोखिम प्रबंधन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पर्यावरण और स्थिरता शामिल हैं।

NDTV में जगदीश दोशी वर्तमान में नामांकन व वेतनमान समिति के चेयरपर्सन हैं और ऑडिट कमिटी, स्टेकहोल्डर रिलेशनशिप कमेटी और CSR कमेटी के सदस्य भी हैं। वे NDTV Convergence Limited और The Western India Automobile Association के निदेशक भी रह चुके हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जगदीश दोशी किसी अन्य निदेशक या मैनेजमेंट से संबंधित नहीं हैं और उनकी नियुक्ति से NDTV बोर्ड में नेतृत्व, अनुभव और विशेषज्ञता और मजबूत होगी। 

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हरियाणा में पेड टीवी चैनलों की अवैध स्ट्रीमिंग पर JioStar ने की कानूनी कार्रवाई

जियोस्टार (JioStar) ने हरियाणा के सोनीपत में एक केबल ऑपरेटर नूरा केबल नेटवर्क (Noora Cable Network) के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाया है।

Last Modified:
Saturday, 22 November, 2025
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JioStar के पेड चैनलों की चोरी पकड़ी गई, सोनीपत में केबल ऑपरेटर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई

जियोस्टार (JioStar) ने हरियाणा के सोनीपत में एक केबल ऑपरेटर नूरा केबल नेटवर्क (Noora Cable Network) के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाया है। कंपनी ने आरोप लगाया कि यह ऑपरेटर JioStar के पेड टीवी चैनल बिना किसी अनुमति के चोरी-छिपे चला रहा था। जो चैनल एन्क्रिप्टेड होने चाहिए थे, उन्हें यह ऑपरेटर खुले तौर पर दिखा रहा था, जिससे कंपनी के प्रसारण और कॉपीराइट नियमों का सीधा उल्लंघन हो रहा था।

JioStar की एंटी-पायरेसी टीम की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने 20 नवंबर 2025 को FIR दर्ज की है। इसके बाद पुलिस ने ऑपरेटर के कंट्रोल रूम पर छापेमारी की और वह उपकरण जब्त किए जिनसे चैनलों की अवैध स्ट्रीमिंग की जा रही थी।

फिलहाल जांच जारी है और पुलिस यह पता लगा रही है कि यह ऑपरेटर गैरकानूनी फीड कहाँ से ले रहा था। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

JioStar पिछले कुछ समय से देशभर में पायरेसी रोकने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रहा है। कंपनी का कहना है कि ऐसी सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि उसके चैनलों के अधिकार सुरक्षित रहें, असली डिस्ट्रीब्यूटर्स का नुकसान न हो और दर्शकों तक सही रास्ते से कंटेंट पहुंच सके।

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TRAI के नोटिस के खिलाफ कानूनी लड़ाई पर विचार कर रहें टीवी ब्रॉडकास्टर्स

टीवी ब्रॉडकास्टर्स ने TRAI के ताजा शो-कॉज नोटिस के खिलाफ एकजुट होकर कानूनी तैयारी शुरू कर दी है।

Last Modified:
Saturday, 22 November, 2025
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टीवी ब्रॉडकास्टर्स ने TRAI के ताजा शो-कॉज नोटिस के खिलाफ एकजुट होकर कानूनी तैयारी शुरू कर दी है। TRAI ने हाल ही में टीवी चैनलों को 10+2 ऐड कैप यानी हर घंटे सिर्फ 12 मिनट का विज्ञापन दिखाने के नियम के उल्लंघन को लेकर 250 से ज्यादा नोटिस भेजे हैं। लेकिन चैनल कह रहे हैं कि जब ये मामला पहले से ही कोर्ट में चल रहा है तो TRAI किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर सकता।

इंडस्ट्री की दो बड़ी बॉडी IBDF और NBDA इस पर मिलकर अगला कदम तय कर रही हैं। माना जा रहा है कि दोनों मिलकर एक संयुक्त कानूनी रणनीति बना सकती हैं।

असल में 2013 में दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कहा था कि जब तक केस पूरी तरह नहीं निपट जाता, TRAI ऐड-कैप नियम पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं करेगा। चैनलों का कहना है कि कोर्ट ने न तो स्टे हटाया है और न ही फैसला दिया है, ऐसे में नोटिस भेजकर कार्रवाई की कोशिश करना कोर्ट के आदेश के खिलाफ है।

TRAI के नोटिस में कहा गया है कि कई चैनल हर हफ्ते विज्ञापन की अवधि का पूरा डेटा जमा नहीं कर रहे और कुछ चैनल 12 मिनट से ज्यादा का ऐड भी चला रहे हैं। लेकिन चैनलों का तर्क है कि जिस नियम को लेकर कोर्ट ने पहले ही रोक लगा रखी है, उसे लागू करने की कोशिश करना गलत है।

ब्रॉडकास्टर्स का यह भी कहना है कि ऐसे समय में जब टीवी इंडस्ट्री बढ़ती लागत, कम होती कमाई और OTT व DD Free Dish की बढ़ती प्रतिस्पर्धा से जूझ रही है, यदि विज्ञापन का समय जबरन कम किया गया तो खासकर फ्री-टू-एयर और रीजनल चैनल गंभीर आर्थिक संकट में पड़ जाएंगे।

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वरिष्ठ टीवी पत्रकार सुमित अवस्थी ने ‘NDTV’ में अपनी पारी को दिया विराम

20 नवंबर इस संस्थान में उनका आखिरी कार्यदिवस था और संस्थान के सहयोगियों ने उन्हें शानदार फेयरवेल देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

Last Modified:
Friday, 21 November, 2025
Sumit Awasthi ..

टीवी न्यूज की दुनिया के जाने-माने चेहरे और सीनियर न्यूज एंकर सुमित अवस्थी के बारे में खबर है कि उन्होंने ‘एनडीटीवी’ (NDTV) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब ढाई साल से ‘एनडीटीवी इंडिया’ (NDTV India) में बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे और 'हम भारत के लोग' ‘खबरों की खबर’ नाम से शो होस्ट कर रहे थे।

20 नवंबर इस संस्थान में उनका आखिरी कार्यदिवस था और संस्थान के सहयोगियों ने उन्हें शानदार फेयरवेल देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सुमित अवस्थी ने इस्तीफा क्यों दिया और उनका अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।

सुमित अवस्थी को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब ढाई दशक का अनुभव है। ‘एनडीटीवी’ में जुलाई 2023 में अपनी पारी शुरू करने से पहले वह ‘एबीपी न्यूज’ में वाइस प्रेजिडेंट (न्यूज व प्रॉडक्शन) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। सुमित अवस्थी ने वर्ष 2018 में ‘एबीपी न्यूज’ में बतौर कंसल्टिंग एडिटर जॉइन किया था। इससे पहले वह ‘नेटवर्क18’ (Network 18) में डिप्टी मैनेजिंग एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह ‘जी न्यूज’ (Zee News) में रेजिडेंट एडिटर भी रह चुके हैं।

सुमित अवस्थी करीब पांच साल तक ‘आजतक’ (Aaj Tak) में भी रह चुके हैं। यहां वह डिप्टी एडिटर के तौर पर कार्यरत थे। सुमित राजनीति में अच्छी पकड़ और बेहतर रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अब तक ‘दादा साहेब फाल्के एक्सीलेंस अवॉर्ड‘ और ‘माधव ज्योति अवॉर्ड‘ समेत प्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) से भी नवाजा जा चुका है।

सुमित अवस्थी का जन्म लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में हुआ है। केंद्रीय विद्यालय, इंदौर से अपनी स्कूलिंग पूरी करने के बाद उन्होंने इंदौर में ही ‘होलकर साइंस कॉलेज’ से ग्रेजुएशन की है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित ‘भारतीय विद्या भवन‘ से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। 

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बिहार काउंटिंग के दौरान 'आजतक' ने मारी बाजी, बना नंबर-1 चैनल

बिहार चुनाव की 14 नवंबर को हुई काउंटिंग ने सुबह के टीवी न्यूज व्युअरशिप पैटर्न को पूरी तरह बदल दिया, जिसमें सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच के अहम स्लॉट में 'आजतक' सबसे आगे रहा।

Last Modified:
Thursday, 20 November, 2025
AajTak481

बिहार चुनाव की 14 नवंबर को हुई काउंटिंग ने सुबह के टीवी न्यूज व्युअरशिप पैटर्न को पूरी तरह बदल दिया, जिसमें सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच के अहम स्लॉट में 'आजतक' सबसे आगे रहा। इसी दौरान शुरुआती रुझान, सीटों के उतार-चढ़ाव और वोट शेयर में बदलाव देशभर का ध्यान खींच रहे थे।

इस साल 45वें हफ्ते के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 14 नवंबर 2025, शुक्रवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच 'आजतक' ने सबसे ज्यादा AMA (एवरेज मिनट ऑडियंस, ‘000 में) 1,847 दर्ज किया, जो बाकी सभी हिंदी न्यूज चैनलों से बहुत आगे था। इसी स्लॉट में इसका रीच 12.6 मिलियन रहा, जो यह दिखाता है कि हाई-स्टेक्स राजनीतिक कवरेज के दौरान चैनल ने दर्शकों की गहराई और संख्या- दोनों पर मजबूत पकड़ बनाए रखी।

'न्यूज18 इंडिया' 1,005 AMA 000s और 10.5 मिलियन रीच के साथ दूसरे नंबर पर दूर पीछे रहा, जो मार्केट लीडर के मुकाबले कमजोर लेकिन स्थिर प्रदर्शन दर्शाता है। 'इंडिया टीवी' और 'जी न्यूज' इसी समयावधि में क्रमशः 860 और 825 AMA 000s के साथ और पीछे रहे, जिससे हिंदी न्यूज के मिड-टियर में कड़ी टक्कर का संकेत मिलता है।

'एबीपी न्यूज' ने 878 AMA 000s और 9.7 मिलियन रीच हासिल की, जिसने उसे स्थिर बनाए रखा, लेकिन वह टॉप दो चैनलों के अंतर को कम नहीं कर सका। 'रिपब्लिक भारत' इस टाइम बैंड की टॉप पोजिशन्स में शामिल नहीं था।

हालांकि नॉन-न्यूज हिंदी GECs और मूवी चैनल्स अपनी बड़ी दर्शक संख्या के कारण ऑल-इंडिया लिस्ट में दिखे, लेकिन शुद्ध न्यूज चैनलों में 'आजतक', 'न्यूज18 इंडिया', 'एबीपी न्यूज', 'जी न्यूज' और 'इंडिया टीवी' ने काउंटिंग के दौरान सबसे ज्यादा चुनाव-केंद्रित व्युअरशिप हासिल की।

ये आंकड़े बिहार चुनाव सप्ताह के बड़े रुझानों से भी मेल खाते हैं। 'आजतक' की व्युअरशिप में उछाल 10 नवंबर से शुरू हुआ और 14 नवंबर को सबसे ऊपर पहुंच गया, जब चैनल ने फुल-डे डेटा में 18.8 प्रतिशत शेयर हासिल किया, जो पूरे चुनाव चक्र का सबसे बड़ा उछाल था। सुबह के स्लॉट में 'आजतक' का मार्केट शेयर 23.1% रहा, जो यह साबित करता है कि नतीजे बनने की शुरुआत वाले घंटों में उसकी पकड़ सबसे मजबूत थी।

'न्यूज18 इंडिया' ने भी पूरे चक्र में बेहतर प्रदर्शन किया और 13 नवंबर को 13.8 प्रतिशत तथा 14 नवंबर को 11.5 प्रतिशत शेयर हासिल किया। 'इंडिया टीवी' ने भी काउंटिंग डे पर अपने सप्ताह के सबसे अच्छे प्रदर्शनों में से एक दर्ज किया, फुल-डे में 10.9 प्रतिशत शेयर के साथ, जो इसके रिजल्ट-केंद्रित प्रोग्रामिंग में दर्शकों की दिलचस्पी को दिखाता है।

12 से 14 नवंबर के बीच बिहार चुनाव कवरेज ने इस साल 45वें हफ्ते में सबसे बड़ा व्युअरशिप बूस्टर का काम किया, जिससे सभी बड़े हिंदी न्यूज नेटवर्क पर दर्शकों की संख्या में तेज उछाल देखा गया। लेकिन काउंटिंग की सुबह ने एक पैटर्न को सबसे साफ साबित किया: जब चुनावी नैरेटिव अपने चरम पर था, 'आजतक' ने सबसे निर्णायक बढ़त बनाई और AMA तथा रीच- दोनों में सबसे ज्यादा दर्शक बटोरे।

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प्रसार भारती ने WAVES पर लाइव चैनल जोड़ने के लिए सैटेलाइट चैनल्स को किया आमंत्रित

प्रसार भारती ने अपने OTT प्लेटफॉर्म WAVES पर अधिक लाइव चैनल्स लाने और ब्रॉडकास्टर्स के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए लाइसेंस प्राप्त सैटेलाइट टीवी चैनल्स से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

Last Modified:
Thursday, 20 November, 2025
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प्रसार भारती ने अपने OTT प्लेटफॉर्म WAVES पर अधिक लाइव चैनल्स लाने और ब्रॉडकास्टर्स के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए लाइसेंस प्राप्त सैटेलाइट टीवी चैनल्स से आवेदन आमंत्रित किए हैं। योग्य चैनल्स को एक साल के लिए प्लेटफॉर्म पर शामिल किया जाएगा, और आवेदन 1 दिसंबर 2025 तक भेजने होंगे।

कमर्शियल स्ट्रक्चर:

  • चैनल्स को उनके WAVES फीड से मिलने वाली नेट एड रिवेन्यू का 65% मिलेगा, जबकि प्रसार भारती 35% रखेगा।

  • नेट रिवेन्यू में प्रसार भारती के ऑपरेशनल खर्चे, जैसे ट्रांसकोडिंग, CDN उपयोग और डायनामिक एड इंसर्शन में एजेंसियों को कमीशन, घटा दिया जाएगा।

टेक्निकल शर्त:

  • आवेदन करने वाले चैनल्स का SCTE-35/ad-marker सक्षम फीड होना जरूरी है। ये मार्कर्स विज्ञापन डालने की सुविधा देते हैं।

  • यदि ऐड स्लॉट पूरी तरह से मॉनेटाइज नहीं हो पाए तो बाकी का समय प्रसार भारती या WAVES पर शामिल अन्य चैनल्स के प्रमोशंस के लिए उपयोग होगा।

कौन आवेदन कर सकता है:

  • केवल वही लीनियर सैटेलाइट चैनल्स जिनके पास MIB से वैध परमिशन या लाइसेंस है।

  • ब्रॉडकास्टर्स केवल उन्हीं चैनल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं जिनके मालिक वे हैं और जिनके पास लाइसेंस है।

  • चैनल का जॉनर और भाषा स्पष्ट रूप से डॉक्यूमेंटेशन में दिखाना जरूरी है। किसी भी तरह की असंगति आवेदन को अस्वीकार्य बना सकती है।

चयन प्रक्रिया:

  • योग्य चैनल्स को DAVP रेट कार्ड के आधार पर रैंक किया जाएगा। जिनका DAVP रेट अधिक होगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

  • चयनित चैनल्स को Letter of Allotment मिलेगा और 15 दिन के भीतर प्रसार भारती के साथ औपचारिक समझौता करना होगा। साथ ही WAVES के लिए तकनीकी स्पेसिफिकेशन जमा करना अनिवार्य है।

आवेदन कैसे करें:

  • आवेदन Annexure-1 के फॉर्मेट में और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स Annexure-2 के साथ ddfreedish@prasarbharati.gov.in पर भेजें।

  • ब्रॉडकास्टर्स को सलाह दी गई है कि वे Prasar Bharati Content Sourcing Policy 2024, Chapter 11, Clause 112 को ध्यान से पढ़ें।

यह पहल प्रसार भारती का डिजिटल प्लेटफॉर्म WAVES मजबूत करने और अपने इन-हाउस OTT सर्विस पर ज्यादा लाइव टीवी कंटेंट लाने का नया प्रयास है।

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संवेदनशील व भड़काऊ कंटेंट पर रोक: केंद्र ने प्राइवेट TV चैनलों को जारी की एडवाइजरी

मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस तरह के प्रसारण से अनजाने में हिंसा को बढ़ावा मिल सकता है, कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

Last Modified:
Wednesday, 19 November, 2025
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों को एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वे हाल की घटनाओं, खासकर लाल किला ब्लास्ट केस से जुड़े संवेदनशील या भड़काऊ कंटेंट का प्रसारण न करें।

मंत्रालय ने बताया कि उसके संज्ञान में कुछ ऐसे टीवी प्रसारण आए हैं, जिनमें लाल किला धमाकों में शामिल कथित लोगों को ऐसे दिखाया गया जैसे उनकी हिंसक हरकतें जायज हों। कुछ चैनलों ने ऐसे वीडियो और जानकारी भी दिखाए, जिन्हें देखकर यह लगता है कि विस्फोटक सामग्री कैसे बनाई जाती है।

मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस तरह के प्रसारण से अनजाने में हिंसा को बढ़ावा मिल सकता है, कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

एडवाइजरी में टीवी चैनलों को याद दिलाया गया है कि उन्हें केबल टेलीविजन नेटवर्क्स (रेगुलेशन) एक्ट, 1995 के तहत बनाए गए प्रोग्राम और एडवर्टाइजिंग कोड का सख्ती से पालन करना जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसा कंटेंट नियम 6(1)(d), 6(1)(e), और 6(1)(h) के खिलाफ है, जिनमें अश्लील, मानहानिकारक, हिंसा बढ़ाने वाले या देश की अखंडता को प्रभावित करने वाले प्रसारण पर रोक है।

चैनलों को यह भी हिदायत दी गई है कि वे ऐसे किसी भी वीडियो या तस्वीरों का प्रसारण न करें, जो गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती हों। 

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