यह आदेश साकेत कोर्ट परिसर स्थित दक्षिण-पूर्व जिला अदालत की जज देवांशी जनमेजा (JMFC-04) ने पारित किया। यह मामला मानहानि, जालसाजी और फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाने से जुड़ा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।