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अपने रिपोर्टर के साथ खड़ा हुआ ABP माझा, कहा- हवा में नहीं निकली खबर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया है, जिसके बाद मुंबई के बांद्रा इलाके में मजदूरों की भीड़ जमा हो गई।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया है, जिसके बाद मुंबई के बांद्रा इलाके में मजदूरों की भीड़ जमा हो गई। यह भीड़ कैसे जमा हुई, इसको लेकर कई तरह के बातें की जा रही हैं। इस भीड़ के लिए कुछ लोग मराठी न्यूज चैनल ‘एबीपी माझा’ की एक रिपोर्ट को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
इस मामले में सरकार ने खबर देने वाले ‘एबीपी माझा’ के रिपोर्टर राहुल कुलकर्णी को हिरासत में ले लिया है, जिसके बाद चैनल ने इस कार्रवाई को गलत बताया है। चैनल के संपादक राजीव खांडेकर ने कहा है कि हमारी रिपोर्टिंग में कोई गलती नहीं है। हम अपने रिपोर्टर के साथ खड़े हैं। ये खबर हवा से नहीं निकाली गई क्योंकि संबंधित महकमे में इस तरह की योजना बनाए जाने की बातें चल रही थीं।
वहीं दूसरी तरफ, इस संबंध में रेलवे की ओर से बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वेब मीडिया के एक वर्ग ने गलत खबर चलाई कि दक्षिण मध्य रेलवे ने अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों के लिए जनसधारण ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है। ये खबर उस लेटर पर आधारित है जो इंटरनल कम्युनिकेशन के लिए कमर्शियल डिपार्टमेंट को भेजा गया था। इस संबंध में, यह स्पष्ट किया जाता है कि फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों के लिए कोई भी जनसधारण स्पेशल ट्रेन चलाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बताए गए तथ्यों के मद्देनजर, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया ध्यान दें। कृपया इस मामले पर कोई गलत खबर न चलाएं।
बता दें कि ये लेटर डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर (पैसेंजर मार्केटिंग) की ओर से जारी किया गया था, जिसमें ए. मलेश्वर राव डिप्टी के साइन हैं। लेटर में लिखा था-
13.04.2020 को हुई विडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान ये फैसला हुआ कि फंसे हुए यात्रियों और प्रवासी मजदूरों के लिए जनसाधारण स्पेशल चलाई जाएगी। इस संदर्भ में कुछ डिविजन्स को पहले ही डाटा दिया जा चुका है। सभी सीनियर डीसीएम से एक बार फिर अनुरोध है कि वो फंसे हुए यात्रियों और माइग्रेंट लेबर्स की संख्या का सूक्ष्मता से विश्लेषण करें और डाटा CCM\PM ऑफिस में जमा कर दें। प्रस्तावित ट्रेन्स के शुरुआती और अंतिम स्टेशन के बारे में साफ लिखते हुए, ताकि प्रपोज्ड ट्रेनें चलाई जा सकें।
आनेक गणमान्यांनी मला ट्रोल करण्याची संधी साधली. त्यातल्या किती जणांनी सकाळी ९ वाजता मी दिलेली बातमी पाहिली हे माहित नाही. कधी ट्रेन सूरू होनार हे आम्ही सांगितले होते का...? आता हे रेल्वेचे पत्र वाचा. pic.twitter.com/O46QTqnbOc
— Rahul Kulkarni (@RahulAsks) April 14, 2020
बताया जा रहा है इस खबर के बाद अपने घर जाने के लिए प्रवासी मजदूर बांद्रा स्टेशन पर जमा हो गए और इसके लिए ‘एबीपी माझा’ की रिपोर्ट को जिम्मेदार ठहराया जाने लगा। इसके बाद एबीपी माझा ने संबंधित मामले में अपने रिपोर्टर राहुल कुलकर्णी की गिरफ्तारी पर निराशा व्यक्त की है। बुधवार को एक बयान जारी करते हुए ‘एबीपी माझा’ ने कहा कि यह खबर सार्वजनिक हित में और वैध दस्तावेजों व सूचनाओं के आधार पर प्रसारित की गई थी।
मुंबई के बांद्रा में भीड़ के इकट्ठा होने और इस संबंध में संवाददाता राहुल कुलकर्णी की गिरफ्तारी पर ABP माझा का बयान-
मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्टेशन में जुटी भीड़ और ABP माझा पर चली एक खबर के आपसी संबंध को बताने वाली कई रिपोर्ट्स आ रही हैं। ये रिपोर्ट्स पूरी तरह से गलत हैं और इन्हें ABP माझा की छवि खराब करने के लिए फैलाया जा रहा है। चैनल की खबर को जनहित में प्रसारित किया गया था, जिसका आधार वैध दस्तावेज और जानकारी थी।
सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री के लॉकडाउन बढ़ाने के संबंध में दिए गए दिये गए संबोधन, रेल मंत्रालय की तरफ से कई ट्रेन को रद्द करने और 3 मई 2020 तक के किराए के रिफंड की घोषणा के बाद दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक हमने कई खबरें चलाईं। ABP माझा पर हमने साफ कहा कि कोई भी ट्रेन नहीं चलेगी। इसलिए करीब दोपहर 3:45 पर बांद्रा वेस्ट स्टेशन पर जुटी भीड़ और चैनल की खबर को आपस में जोड़े जाने की कोई वजह नहीं बनती।
ABP माझा की इस खबर और उसके अपडेट्स को आपराधिक कृत्य कहना अपमानजक है। हम इस बात से स्तब्ध और निराश हैं कि हमारे संवाददाता राहुल कुलकर्णी को इस खबर के संबंध में गिरफ्तार किया गया। हम कानून के तहत जरूरी और त्वरित कदम उठाएंगे। हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हम जिम्मेदार पत्रकारिता के रास्ते से भटके नहीं हैं।
पत्रकारिता और मीडिया जरूरी सेवाएं हैं। रेल मंत्रालय के 13.4.2020 के उस पत्र से इनकार नहीं किया जा सकता जिसमें प्रवासी मजदूरों को उनके गृहजिलों में वापस भेजने के लिए ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है। हम एक जिम्मेदार और सम्मानित चैनल हैं, हम समाज के एक बड़े वर्ग को जानकारी और खबर देकर एक आवश्यक सेवा प्रदान कर रहे हैं।
हम कोई भी खबर या जानकारी किसी विश्वसनीय सूत्र से लेने से पहले और उसे प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की हर संभव जांच करते हैं। प्रधानमंत्री के भाषण से पहले सुबह में चलाई गई खबर के बावजूद, रेल मंत्रालय की इस घोषणा के बाद कि 3 मई 2020 तक कोई ट्रेन नहीं चलेगी, हमने फौरन अपने चैनल पर एक जिम्मेदार मीडिया संस्थान होने के नाते ये खबर चलानी शुरू कर दी। हम ये कहना चाहते हैं कि पत्रकारों को गिरफ्तार करने से पहले हर तथ्य और परिस्थिति की जांच पड़ताल होनी चाहिए।
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