यह टैक्स 2004 में UPA सरकार ने लाया था। शेयर बाज़ार में ख़रीदने और बेचने पर टैक्स लगाया गया था। एक तरह का टोल टैक्स है। आप हाइवे पर आएँगे या जाएंगे तो टैक्स चुकाना पड़ेगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।