बजट के बाद ₹10 लाख करोड़ क्यों डूबे? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

यह टैक्स 2004 में UPA सरकार ने लाया था। शेयर बाज़ार में ख़रीदने और बेचने पर टैक्स लगाया गया था। एक तरह का टोल टैक्स है। आप हाइवे पर आएँगे या जाएंगे तो टैक्स चुकाना पड़ेगा।

Last Modified:
Monday, 02 February, 2026
milindkhandekar


मिलिंद खांडेकर, वरिष्ठ पत्रकार। STT यानी Securities Transaction Tax बजट के बाद फिर से चर्चा में आ गया है। वित्त मंत्री ने F&O में STT बढ़ा दिया ह...
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