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BARC: चैनल्स की व्युअरशिप के लिए अब उठाया जाएगा ये कदम
बार्क इंडिया की घोषणा का कई लोगों ने किया स्वागत तो कुछ ने की आलोचना
पंकज शर्मा 6 years ago
देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया ने घोषणा की है कि जल्द ही वह फ्री और पेड प्लेटफॉर्म्स की व्युअरशिप की रिपोर्टिंग अलग-अलग करना शुरू करेगी। बार्क इंडिया के अनुसार इसकी शुरुआत 27वें हफ्ते (29 जून-पांच जुलाई) से की जाएगी। नई व्यवस्था के इसे शहरी (Urban) और ग्रामीण (Rural) कैटेगरी के ऊपर रखा जाएगा और प्लानिंग व विश्लेषण के लिए यह सभी सबस्क्राइबर्स के लिए उपलब्ध होगी। इसके अलावा यह संबंधित जॉनर्स में वेबसाइट पर पब्लिश भी की जाएगी।
हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने बार्क की इस घोषणा के बारे में इंडस्ट्री के कई दिग्गजों से बात कर उनके विचार जानने चाहे। इस बारे में ‘इंडिया टीवी’ (India TV) की एमडी और सीईओ रितु धवन का कहना है, फिलहाल इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उनका कहना है कि इस तरह की कवायद से बार्क की टीम को अन्य जानकारी जुटाने में काफी मदद मिलेगी। चूंकि ग्रामीण मार्केट्स में फ्री डिश और उसका प्रभाव काफी अधिक है, ऐसे में वहां के मार्केट्स के डाटा जुटाने में यह काफी मददगार साबित होगी। इसके अलावा पे चैनल्स खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की व्युअरशिप के बारे में काफी अंदरूनी जानकारी सामने आएगी।’
दरअसल, फ्री कनेक्शन के तहत घरों में सेट टॉप बॉक्स लगाने के लिए एक बार में थोड़ी सी फीस देनी होती है। इन क्षेत्रों में अधिकांश घरों में डीडी फ्री डिश ही है। इसके तहत हर महीने सबस्क्रिप्शन शुल्क नहीं लगता है। जबकि पे कनेक्शन के तहत सबस्क्राइबर्स को सेट टॉप बॉक्स के इंस्टॉलेशन के समय कुछ पैसा देना होता है, इसके बाद उसे हर महीने सबस्क्रिप्शन फीस देनी होती है। रितु धवन की तरह ‘सब’ (SAB) ग्रुप के सीईओ मानवा ढांडा का भी कुछ ऐसा ही मानना है। उनका कहना है, ‘इस कदम के बारे में अभी कुछ भी कहना काफी जल्दबाजी होगा। यह तो समय ही बताएगा कि इससे फ्री डिश ब्रॉडकास्टर्स को फायदा होगा अथवा नहीं। पेड कंज्यूमर्स के मुकाबले एडवर्टाइजर्स को अब फ्री डिश कंज्यूमर्स पर भी ध्यान देना होगा।’
उनका कहना है, ‘ब्रॉडकास्टर्स को सभी सेगमेंट में बढ़ने पर ध्यान देना चाहिए। मेरा मानना है कि यह कदम उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा और ब्रॉडकास्टर्स के व्यावसायिक अवसरों पर विपरीत प्रभाव नहीं डालेगा।’ माना जा रहा है कि पे और फ्री प्लेटफॉर्म की व्युअरशिप की अलग-अलग रिपोर्टिंग से टार्गेट पर फोकस करने में मदद मिलेगी। इसके बाद एडवर्टाइजर्स ज्यादा प्रभावी रूप से अपने प्लान तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा कंटेंट और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर भी ब्रॉडकास्टर्स ज्यादा बेहतर तरीके से निर्णय ले सकते हैं।
बार्क इंडिया के इस कदम के जहां कई लोगों ने स्वागत किया है, वहीं कई लोगों ने इसकी आलोचना भी की है। बार्क इंडिया के इस कदम से अप्रसन्नता जाहिर करते हुए इंडस्ट्री से जुड़े एक दिग्गज ने कहा, ‘बार्क मनमाने ढंग से कैसे इस बारे में निर्णय ले सकता है? क्या उन्होंने इस बारे में इंडस्ट्री में चर्चा की अथवा किसी खुले मंच पर या आम वार्षिक बैठक में इस मामले को रखा? उनकी रिपोर्टिंग में हम सभी हिस्सेदार हैं, मुझे नहीं पता कि इस रिपोर्टिंग का किस तरह प्रभाव पड़ेगा? यह सिर्फ डाटा को तैयार करने का मामला नहीं हैं, बल्कि यह भी सोचना चाहिए कि इंडस्ट्री इस डाटा को किस तरह से देखेगी। इंडस्ट्री में इस तरह के किसी भी कदम का स्वागत है, लेकिन वे हर दो-तीन हफ्ते में बदलाव कर रहे हैं। कभी लैंडिंग पेज को शामिल किया जाता है, कभी नहीं। इस तरह के कदम उठाने से रेटिंग एजेंसी की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है।’
वहीं, बार्क इंडिया के सीईओ पार्थो दासगुप्ता का कहना है कि इस बारे में मार्केट की ओर से मांग जोर पकड़ रही थी कि घरों में पे और फ्री कनेक्शन की व्युअरशिप की रिपोर्टिंग अलग-अलग होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘इस तरह के कदम उठाने से पहले हमने मार्केट का फीडबैक लिया है। हमारा मानना है कि हमने सही दिशा में कदम बढ़ाया है, ताकि इंडस्ट्री उपभोग के पैटर्न को अच्छे से समझ सके और उसी हिसाब से प्लान तैयार कर सके।’
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