सच मानिए तो जेटली सर के जीते जी उनके साथ औपचारिकता निभाना दरअसल सबसे कठिन काम था। और हो भी क्यों नहीं, क्योंकि वो आपचारिकता में यकीन ही नहीं करते थे और उनसे भावनाएं जुड़ गयीं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago