इस प्रक्रिया में पत्रकार, विश्लेषक और तथाकथित विचारक दो हिस्सों में बँटते नज़र आते हैं। कुछ खुलेआम बिक चुके हैं और कुछ व्यूज़, लाइक्स और कमाई की अंधी दौड़ में सेंसेशनलिज़्म के गुलाम बन चुके हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
अपने लेखन और प्रस्तुति से कहीं भी मीडिया को आतंकवाद के प्रति नरम रवैया नहीं अपनाना चाहिए ताकि जनता में आतंकी गतिविधियों के प्रति समर्थन का भाव न आने पाए।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के प्रेजिडेंट अनंत नाथ ने कहा कि पत्रकारिता के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल अब जानकारी साझा करने के बजाय उसे दबाने के लिए किया जा रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago