सेंसेशनलिज़्म से आत्ममुग्ध ‘ढिंढोरा पत्रकारिता’ तक: अजय कुमार

इस प्रक्रिया में पत्रकार, विश्लेषक और तथाकथित विचारक दो हिस्सों में बँटते नज़र आते हैं। कुछ खुलेआम बिक चुके हैं और कुछ व्यूज़, लाइक्स और कमाई की अंधी दौड़ में सेंसेशनलिज़्म के गुलाम बन चुके हैं।

Last Modified:
Wednesday, 31 December, 2025
yearender2025


अजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार। जब इलॉन मस्क के एक्स (X) प्लेटफ़ॉर्म पर यूज़र्स की लोकेशन सार्वजनिक रूप से सामने आई, तब यह भ्रम पूरी तरह टूट गया कि सोशल म...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए