जब तक हम यह सोचेंगे और जब तक हमें अच्छी अंग्रेजी ही प्रभावित करेगी...धारणा होगी कि अंग्रेजी बोलने वाला ही पढ़ा-लिखा होता है, तब तक हमें अंग्रेज़ी और विदेशी वस्तुएं ही अच्छी लगेंगी।

पूरन डावर 5 years ago


अतिरेक किसी भी चीज का अच्छा नहीं होता। यह दौर चीख चीख कर कह रहा है कि अब बस भी करिए। वरना अवाम अब सब कुछ अपने हाथ में ले लेगी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago


अकेली हिंदी ही नहीं, सारी भारतीय भाषाओं में क्रमिक क्षरण की यह प्रक्रिया चल रही है लेकिन शायद हिंदी जैसी उदासीनता नहीं है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago


यह हिंदी का दुर्भाग्य है कि जब-जब उसे आगे बढ़ाने के ईमानदार प्रयास होने लगते हैं, वह राजनीति की शिकार हो जाती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago


भाषा के बिना किसी समाज/समूह की संस्कृति की कल्पना नहीं की जा सकती। संस्कृति की सबसे बड़ी, सबसे प्रभावी और शक्तिशाली वाहिका भाषा ही होती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago


दिव्यांगों की सहूलियत के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला, जारी की गईं गाइडलाइंस

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago


अपनी हिंदी भाषी टीम तैयार कर रही है कंपनी, मांगे गए हैं आवेदन

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago