जब तक हम यह सोचेंगे और जब तक हमें अच्छी अंग्रेजी ही प्रभावित करेगी...धारणा होगी कि अंग्रेजी बोलने वाला ही पढ़ा-लिखा होता है, तब तक हमें अंग्रेज़ी और विदेशी वस्तुएं ही अच्छी लगेंगी।
by
पूरन डावर