हिन्दी अकादमी दिल्ली द्वारा उनकी नवीन पुस्तक का चयन न केवल उनकी सृजनात्मक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है बल्कि हिन्दी में रक्षा और सामरिक विमर्श को नई दिशा देने वाला प्रयास भी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago


आजादी के बाद 60-65 साल तक किसी ने नहीं सोचा कि हम अपने देश में हथियार बनाएं। सारा ध्यान करोड़ों रुपये के हथियारों के आयात पर होता था। हर रक्षा सौदे में दलाली खाए जाने की खबरें आती थीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 months ago


इस कदम से भारत को उच्च तकनीक तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे भविष्य में लड़ाकू विमानों का डिज़ाइन, उत्पादन और रखरखाव देश में ही संभव होगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago