पुलिस के मुताबिक दर्शन सोलंकी के पास या उसके कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, लेकिन छात्र से जातिगत भेदभाव होने का आरोप लगने के बाद उसकी मौत को ‘संस्थागत हत्या’ कहा जाने लगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago