इन दिनों मीडिया के अनेक अवतार दिनों दिन अपने आधुनिकतम रूपों में दिख रहे हैं

राजेश बादल 2 days ago


बीते दिनों बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आईं थीं। चैनलों में से कितने ऐसे थे, जिन्होंने समझौतों के अलावा परदे के पीछे की सियासत का विश्लेषण किया?

राजेश बादल 1 week ago


बॉलिवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस रेखा का आज जन्मदिन है। वरिष्ठ पत्रकार बादल सरोज ने खास अंदाज में उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 week ago


वे सरकार के उस फ़रमान को नही मानते, जिसमें कहा गया था कि सरकार की अनुमति के बिना कोई समाचारपत्र नहीं निकाल सकता। साथ ही एक शब्द भी बिना अनुमति के नहीं छप सकता...

राजेश बादल 2 weeks ago


मीडिया शिक्षण संस्थान अभी तक अध्ययन में गुणवत्ता पर अधिक गंभीरता नहीं दिखाते थे। लेकिन बीते एक बरस से ऐसे आयोजन  लगातार मंथन कर रहे हैं

राजेश बादल 3 weeks ago


पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए हर वर्ष दिया जाता है यह पुरस्कार

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 weeks ago


सितंबर में हिंदी पर केंद्रित अनेक कार्यक्रम होते हैं, लेकिन यह माह निकलने के बाद जैसे हमारा हिंदी प्रेम गहरी नींद में चला जाता है

राजेश बादल 1 month ago


 पत्रकारिता अभिव्यक्ति का माध्यम है। पेशा नहीं। यह दाल रोटी की जुगाड़ का ज़रिया हो सकता है

राजेश बादल 1 month ago


पूर्व में सिटी नेटवर्क्स, जी एंटरटेनमेंट और टेन स्पोर्ट्स में बड़ी जिम्मेदारी निभा चुके हैं राजेश सेठी

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


केंद्रीय गृह मंत्रालय के पिछले चालीस साल के परिपत्र देखिए। ऐसा लगता है कि सबकी होली जला दी गई है।

राजेश बादल 1 month ago


देश भर में करीब 1000 पत्रकारों को टर्मिनेशन लेटर दिया जा चुका है। विशेषज्ञों की मानें तो अंग्रेजी मीडिया इससे ज्यादा प्रभावित है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


प्रेस काउंसिल उन माध्यमों पर बंदिश लगाए जाने की वकालत कैसे कर सकती है, जो उसके कार्यक्षेत्र से बाहर हैं

राजेश बादल 1 month ago


अरुण जेटली को यह हुनर हासिल था कि वे राजनीति में पदार्पण से लेकर आख़िरी सक्रिय साँस तक अपनी असहमति को व्यक्त करते रहे। जब मैं इसे उनके हुनर की तरह याद करता हूँ तो

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने उठाया बड़ा सवाल, हम वह व्यवहार किसी के साथ क्यों कर रहे हैं, जो हमें अपने लिए स्वीकार नहीं

राजेश बादल 1 month ago


वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने उठाया सवाल, एक ही संस्थान में एक समाचार प्रसारण के कितने पैमाने हो सकते हैं?

राजेश बादल 2 months ago


पत्नी ने चार दिन पहले दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट, तभी से तलाश में जुटी थी पुलिस

पंकज शर्मा 2 months ago


1984 के सिख दंगों पर संसद में अपनी बात रख रहे थे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


आपातकाल लग चुका था। देश आजाद होने के बाद पहली बार प्रेस सेंसरशिप लगा दी गई थी...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


अनुच्छेद 370 की विदाई कोई आसान काम नहीं था। कमोबेश हर दल इसके पक्ष में था, लेकिन सत्ता में रहते हुए उसे हटाने का साहस कोई नहीं कर पाया

राजेश बादल 2 months ago


तब राजेश दिल्ली की मेन स्ट्रीम मीडिया से जुड़ते तो राजेश का ही नहीं, देश की टीवी पत्रकारिता का चेहरा आज कुछ अलग होता

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago