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चुनावी जंग में राजनीतिक दलों ने फेसबुक को कुछ यूं बनाया ‘हथियार’
आजकल सोशल मीडिया का दौर है और कोई भी इस प्लेटफॉर्म पर पीछे...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
आजकल सोशल मीडिया का दौर है और कोई भी इस प्लेटफॉर्म पर पीछे नहीं रहना चाहता है। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव का दौर शुरू होने के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजनीति अथवा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों वाले विज्ञापनों की तादात बढ़ती जा रही है। अंग्रेजी अखबार ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ (Business Standard) में छपी एक खबर के अनुसार, फरवरी से लेकर अब तक फेसबुक पर इस तरह के 30000 से ज्यादा विज्ञापन दिए गए हैं। फेसबुक की विज्ञापन लाइब्रेरी रिपोर्ट के अनुसार इन विज्ञापनों पर 6.54 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया गया है। इस रिपोर्ट में लाइब्रेरी के साप्ताहिक डाटा के साथ उन विज्ञापनों का डाटा भी शामिल होता है, जो देश के लोगों द्वारा देखे गए हैं। बताया जाता है कि फेसबुक की इस कवायद का उद्देश्य विज्ञापन के मामले में पारदर्शिता को बढ़ाना है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी का इस लिस्ट में सबसे ऊपर नंबर है। राजनीतिक विज्ञापनों के मामले में ‘माय फर्स्ट वोट फॉर मोदी’ पेज सबसे आगे है। इस पर 2765 विज्ञापन हैं। दूसरे नंबर पर 2429 विज्ञापनों के साथ ‘भारत के मन की बात’ और तीसरे नंबर पर 2153 विज्ञापनों के साथ ‘नमो सपोर्टर्स’ है।
विज्ञापनों पर सबसे ज्यादा खर्च के मामले में ‘भारत के मन की बात’ पेज रहा। डाटा के अनुसार, फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापन पर खर्च होने वाले प्रत्येक छह रुपए में एक रुपए इस पर खर्च किया गया। पिछले सप्ताह भी इसके द्वारा सबसे ज्यादा खर्च किया गया था। 10 मार्च से 16 मार्च के बीच ‘भारत के मन की बात’ द्वारा 20 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किया गया।
गौरतलब है कि फेसबुक डाटा इस बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराता है कि सबसे ज्यादा किसे सर्च किया गया। डाटा के अनुसार, भाजपा इस लिस्ट में पहले, कांग्रेस दूसरे स्थान पर है। तीसरे नंबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चौथे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम है। वहीं, ट्विटर के डाटा से पता चलता है कि पिछले सात दिन में कांग्रेस और बीजेपी के ऑफिशयल अकाउंट से कोई ट्वीट नहीं किया गया है।
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