चुनावी जंग में राजनीतिक दलों ने फेसबुक को कुछ यूं बनाया ‘हथियार’

आजकल सोशल मीडिया का दौर है और कोई भी इस प्लेटफॉर्म पर पीछे...

Last Modified:
Friday, 22 March, 2019
Samachar4media

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

आजकल सोशल मीडिया का दौर है और कोई भी इस प्लेटफॉर्म पर पीछे नहीं रहना चाहता है। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव का दौर शुरू होने के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजनीति अथवा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों वाले विज्ञापनों की तादात बढ़ती जा रही है। अंग्रेजी अखबार ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ (Business Standard) में छपी एक खबर के अनुसार, फरवरी से लेकर अब तक फेसबुक पर इस तरह के 30000 से ज्यादा विज्ञापन दिए गए हैं। फेसबुक की विज्ञापन लाइब्रेरी रिपोर्ट के अनुसार इन विज्ञापनों पर 6.54 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया गया है। इस रिपोर्ट में लाइब्रेरी के साप्ताहिक डाटा के साथ उन विज्ञापनों का डाटा भी शामिल होता है, जो देश के लोगों द्वारा देखे गए हैं। बताया जाता है कि फेसबुक की इस कवायद का उद्देश्य विज्ञापन के मामले में पारदर्शिता को बढ़ाना है।  

इस रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी का इस लिस्ट में सबसे ऊपर नंबर है। राजनीतिक विज्ञापनों के मामले में ‘माय फर्स्ट वोट फॉर मोदी’ पेज सबसे आगे है। इस पर 2765 विज्ञापन हैं। दूसरे नंबर पर 2429 विज्ञापनों के साथ ‘भारत के मन की बात’ और तीसरे नंबर पर 2153 विज्ञापनों के साथ ‘नमो सपोर्टर्स’ है।  

विज्ञापनों पर सबसे ज्यादा खर्च के मामले में ‘भारत के मन की बात’ पेज रहा। डाटा के अनुसार, फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापन पर खर्च होने वाले प्रत्येक छह रुपए में एक रुपए इस पर खर्च किया गया। पिछले सप्ताह भी इसके द्वारा सबसे ज्यादा खर्च किया गया था। 10 मार्च से 16 मार्च के बीच ‘भारत के मन की बात’ द्वारा 20 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किया गया।    

गौरतलब है कि फेसबुक डाटा इस बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराता है कि सबसे ज्यादा किसे सर्च किया गया। डाटा के अनुसार, भाजपा इस लिस्ट में पहले, कांग्रेस दूसरे स्थान पर है। तीसरे नंबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चौथे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम है। वहीं, ट्विटर के डाटा से पता चलता है कि पिछले सात दिन में कांग्रेस और बीजेपी के ऑफिशयल अकाउंट से कोई ट्वीट नहीं किया गया है।

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गूगल अब कंटेंट के लिए पब्लिशर्स को करेगा भुगतान, हजारों पत्रकारों का भी होगा भला

टेक्नोलॉजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी गूगल (Google) ने मंगलवार को भारत में अपना न्यूज शोकेस (News Showcase) प्रॉडक्ट लॉन्च कर दिया है।

Last Modified:
Tuesday, 18 May, 2021
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टेक्नोलॉजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी गूगल (Google) ने मंगलवार को भारत में अपना न्यूज शोकेस (News Showcase) प्रॉडक्ट लॉन्च कर दिया है। गूगल ने देश के नेशनल, रीजनल और लोकल न्यूज ऑर्गनाइजेशंस के 30 पब्लिशर्स के साथ साझेदारी कर इसे लॉन्च किया है और आने वाले दिनों में इस संख्या में बढ़ोतरी भी की जाएगी। 

बता दें कि जिन न्यूज ऑर्गनाइजेशंस को मीडिया पार्टनर बनाया गया है, उनमें ‘द हिन्दू ग्रुप’, ‘एचटी डिजिटल स्ट्रीम्स लिमिटेड’, ‘इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप’, ‘एबीपी लाइव’, ‘इंडिया टीवी’, ‘एनडीटीवी’, ‘जी न्यूज’, ‘अमर उजाला’, ‘डेक्कन हेराल्ड’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द टेलीग्राफ इंडिया’, ‘आईएएनएस’ (इंडो एशियन न्यूज सर्विस) और ‘एएनआई’ समेत अन्य ऑर्गनाइजेशंस शामिल हैं। यानी अब गूगल इन प्लेटफॉर्म्स की न्यूज दिखाने के एवज में उन्हें पैसे का भुगतान करने पर अपनी सहमति जताई है।

जर्मनी, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जापान, यूके, ऑस्ट्रेलिया, इटली और अर्जेंटीनी समेत एक दर्जन से अधिक देशों में 700 न्यूज पब्लिकेशंस ने न्यूज शोकेस डील्स साइन की है। इनमें से 90 फीसदी से ज्यादा लोकल या कम्युनिटी न्यूज का प्रतिनिधित्व करते हैं। इंडियन पब्लिशर पार्टनर्स का अंग्रेजी और हिंदी का कंटेंट  गूगल न्यूज और डिस्कवर पर डेडिकेटेड न्यूज शोकेस में दिखेगा। गूगल इस साल इसे और भारतीय भाषाओं में लॉन्च करेगा और आने वाले समय में लगातार और भाषाओं को जोड़ेगा। 

भारत में गूगल के कंट्री हेड और वाइस प्रेजिडेंट संजय गुप्ता ने कहा कि ऐसे वक्त में जब विश्वसनीय खबरों तक पहुंच की जरूरत बेहद अहम हो गई है। तब भारत की बड़ी और विविधता भरी न्यूज इंडस्ट्री को सपोर्ट करने के लिए कंपनी बड़े इनवेस्टमेंट्स की घोषणा कर रही है। इनवेस्टमेंट्स से लोगों को क्वॉलिटी जर्नलिज्म तक पहुंच बनाने, न्यूज ऑर्गेनाइजेशंस की स्थिरता में योगदान करने और गूगल न्यूज इनीशिएटिव के तहत कंपनी को अपने प्रोग्राम्स का विस्तार करने में मदद मिलेगी। 

गुप्ता ने कहा कि प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में न्यूज पढ़ने वालों की संख्या बढ़ रही है, वहीं यूजर्स की आदतों में बदलाव भी आ रहा है, जिसमें अधिक युवा उपभोक्ता न्यूज के लिए डिजिटल पहुंच का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी अगले तीन वर्षों में 50,000 से अधिक पत्रकारों और पत्रकारिता के छात्रों को प्रशिक्षित करेगी और इसके तहत खबरों के सत्यापन, फेक न्यूज से निपटने के उपायों और डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल पर खासतौर से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

गुप्ता ने आगे कहा कि भारतीय न्यूज इंडस्ट्री एवं पत्रकार ज्यादा से ज्यादा पाठकों को लुभाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, ताकि वे अपने कारोबार एवं रिपोर्टिंग को बेहतर बनाने के लिए डेटा-आधारित फैसले ले सकें। हमारी राय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए बेहद जरूरी है कि वे पत्रकारों, न्यूज आउटलेट्स व न्यूज ऑर्गनाइजेशंस के साथ मिलकर काम करते हुए स्थायी, स्वतन्त्र एवं विविध समाचार प्रणाली के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि इस मुश्किल समय में हम यह अनूठी पहल लेकर आए हैं। समाचार, हमारी समग्र प्रतिबद्धता एवं विशाल भारतीय समाचार प्रणाली का एक छोटा सा हिस्सा है। आज हम पत्रकारों के प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए गूगल न्यूज इनीशिएटिव का विस्तार भी कर रहे हैं। साथ ही 800 छोटे एवं मध्यम आकार के प्रकाशनों को समर्थन देने के लिए नए प्रोग्राम भी पेश करने जा रहे हैं, जिससे समाचार संगठनों के प्रशिक्षण, आर्थिक स्थायित्व तथा प्रॉडक्ट इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।‘

भारत में गूगल न्यूज शोकेस के लॉन्च पर बात करते हुए गूगल के वाइस प्रेजिडेंट (प्रॉडक्ट मैनेजमेंट, न्यूज) ब्राड बेंडर ने कहा कि आज का यह ऐलान चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच किया गया है, जबकि भारतीय दर्शक गहराते कोविड संकट के बीच सही खबरों एवं जानकारी की उम्मीद कर रहे हैं। न्यूज ऑर्गनाइजेशंस व पाठकों को समर्थन देने के लिए हम गूगल न्यूज शोकेस की यह पहल लेकर आए हैं। यह प्रोग्राम न्यूज पब्लिकेशंस को गूगल न्यूज व डिस्कवर प्लेटफॉर्म्स पर उच्च गुणवत्ता का कंटेंट बनाने के लिए प्रेरित करेगा और पाठकों को उनकी आवश्यकतानुसार खबरें पढ़ने का मौका देगा।

गूगल, उत्पाद प्रशिक्षण सत्रों में भी निवेश करेगा और जीएनआई ऐडवरटाइजिंग लैब के साथ मिलकर 800 से अधिक छोटे एवं मध्यम आकार के भारतीय न्यूज ऑर्गनाइजेशंस के डिजिटल ऐड रेवेन्यू को बढ़ाने में योगदान देगा। साथ ही यह 20 स्थानीय छोटे व मध्यम आकार के भारतीय न्यूज ऑर्गनाइजेशंस के लिए व्यापक प्रोग्राम जीएनआई ट्रांसफोर्मेशन लैब को लॉन्च भी करेगा, ताकि वे अपने कारोबार के हर पहलू को बदलकर ऑनलाइन सफलता हासिल कर सकें।

गूगल न्यूज इनीशिएटिव प्रोग्राम के तहत गूगल, देशभर में न्यूजरूम और पत्रकारिता स्कूलों में डिजिटल कौशल को सशक्त बनाने के लिए अपने कार्यों का विस्तार करेगा, जिसके लिए 50 हजार पत्रकारों व पत्रकारिता के छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए न्यूज लैब से सहयोग मिलेगा। ऐसे में यह प्रोग्राम ऑनलाइन गलत खबरों और रिपोर्टिंग से निपटने में बेहद कारगर साबित होगा।  

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लागू हुई नई प्राइवेसी पॉलिसी, HC ने केंद्र, फेसबुक, वॉट्सऐप से मांगा जवाब

वॉट्सऐप का पक्ष रख रहे वकील ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि पॉलिसी को स्थगित नहीं किया गया है और यह 15 मई से ही अमल में आ गई है।

Last Modified:
Tuesday, 18 May, 2021
whatsapp457

दिल्ली  हाई कोर्ट ने वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी (New Privacy Policy) के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र सरकार, फेसबुक और मैसेजिंग ऐप को अपना रुख स्पष्ट करने का सोमवार को निर्देश दिया। बता दें कि यह नई प्राइवेसी पॉलिसी 15 मई से अमल में आ गई है। बता दें कि  फेसबुक वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी है।

याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने फेसबुक और वॉट्सऐप के अलावा केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर उनसे अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। यह याचिका एक वकील ने दायर की है, जिसमें दावा किया गया है कि नई प्राइवेसी पॉलिसी यूजर्स के निजता के अधिकार का हनन करती है।

वहीं केंद्र ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में उसने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को भी पत्र भेजा है। अभी तक पत्र का जवाब नहीं मिला है। केंद्र ने कहा कि पॉलिसी को लागू करने के संबंध में अभी यथास्थिति बनाए रखने की आवश्यकता है।  

वॉट्सऐप का पक्ष रख रहे वकील ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि पॉलिसी को स्थगित नहीं किया गया है और यह 15 मई से ही अमल में आ गई है। वकील ने कहा कि कुछ समय के लिए वह इस नई पॉलिसी को स्वीकार न करने वाले यूजर्स के अकाउंट को फिलहाल नहीं हटाएगी और उन्हें इसे स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करती रहेगी। वॉट्सऐप ने कहा कि प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार ना करने वाले यूजर्स के अकाउंट को डिलिट करने के लिए अभी कोई यूनिवर्सल समयसीमा तय नहीं की गई है। मामले पर आगे की सुनवाई अब तीन जून को होगी।

गौरतलब है कि वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर केंद्र सरकार आपत्ति जता चुकी है। सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा था कि वॉट्सऐप भारतीय यूजर्स के साथ भेदभाव करती है। भारतीय और यूरोपियन यूजर्स के साथ अलग-अलग व्यवहार करती है। यह चिंता का विषय है।

क्या है वॉट्सऐप की नई पॉलिसी?

वॉट्सऐप नेे साफतौर पर कहा है कि उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी पैरेंट कंपनी फेसबुक को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। नई प्राइवेसी के तहत वॉट्सऐप का डाटा फेसबुक, इंस्टाग्राम और पार्टनर कंपनियों के साथ शेयर किया जाएगा। यानी वॉट्सऐप यूजर जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उसका इस्तेमाल कहीं भी कर सकती है। कंपनी उस डेटा को शेयर भी कर सकती है। पहले दावा किया गया था कि अगर यूजर इस पॉलिसी को 'एग्री' नहीं करता है तो वह अपने अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। हालांकि, बाद में कंपनी ने इसे ऑप्शनल बताया था।

लेकिन यहां बता दें कि वॉट्सऐप यूजर्स को ऐप के सारे फंक्शंस इस्तेमाल करते रहने के लिए नई पॉलिसी को स्वीकार करना जरूरी होगा, क्योंकि यदि यूजर्स ऐसा नहीं करेंगे, तो उनका अकाउंट डिलीट तो नहीं किया जाएगा, लेकिन अकाउंट के कई फंक्शन्स सीमित कर दिये जाएंगे। यानी धीरे-धीरे कुछ फीचर्स बंद कर दिए जाएंगे। मसलन आपको किसी के मैसेज आने का नोटिफिकेशन तो दिखगा, लेकिन आप उसे पढ़ नहीं पाएंगे।  हालांकि, कंपनी उन्हें वॉयस और वीडियो कॉल्स का जवाब देने के साथ-साथ मिस्ड वॉयस और वीडियो कॉल्स के लिए कॉल बैक करने की सहूलियत दे रही है।

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वॉट्सऐप यूजर्स के लिए अच्छी खबर, नई प्राइवेसी पॉलिसी पर कंपनी ने लिया अब ये फैसला

बता दें कि वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर काफी विवाद छिड़ा हुआ था। इसे यूजर्स की प्राइवेसी पर हमला करार दिया जा रहा था।

Last Modified:
Saturday, 08 May, 2021
Whatsapp

‘वॉट्सऐप’ (WhatsApp) यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, फेसबुक के स्वामित्व वाले मोबाइल मैसेजिंग ऐप ‘वॉट्सऐप’ ने 15 मई से लागू होने वाली अपनी विवादास्पद प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट को स्वीकार करने के लिए यूजर्स को दी गई समय सीमा समाप्त कर दी है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि 15 मई तक प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट को स्वीकार न करने पर भी यूजर्स का वॉट्सऐप अकाउंट बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट के कार्यान्वयन को स्थगित करने के लिए किसी विशेष कारण का हवाला नहीं दिया है।

बता दें कि वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर काफी विवाद छिड़ा हुआ था। इसे यूजर्स की प्राइवेसी पर हमला करार दिया जा रहा था। मार्च में प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने अपने जांच महानिदेशालय को वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी की जांच करने का निर्देश दिया था। विवाद बढने के साथ कंपनी भी बैकफुट पर थी। बताया जाता है कि इसी वजह से कंपनी ने समय सीमा को वापस लेने का फैसला कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) को बताया कि इस अपडेट की वजह से भारत में किसी भी अकाउंट को डिलीट नहीं किया जाएगा और न ही किसी को इसकी वजह से वॉट्सऐप का इस्तेमाल करने से रोका जाएगा।

कंपनी का यह भी कहना है कि जो यूजर्स उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी की शर्तें स्वीकार नहीं करते हैं, उन्हें वह अगले कई सप्ताह तक इस संबंध में याद दिलाती रहेगी, लेकिन अकाउंट को बंद नहीं किया जाएगा। यूजर्स को रिमाइंडर भेजने की यह प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताह तक जारी रहेगी। गौरतलब है कि पहले यह नई प्राइवेसी पॉलिसी आठ फरवरी से लागू होनी थी, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद इसे 15 मई के लिए टाल दिया था। अब एक बार फिर से वॉट्सऐप ने इस डेडलाइन को भी टाल दिया है। फिलहाल, कंपनी ने प्राइवेसी पॉलिसी को लागू होने की नई तारीखों का ऐलान नहीं किया है।

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रोहित सरदाना के निधन पर राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री समेत तमाम दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

वरिष्ठ पत्रकार और ‘आजतक’ के ऊर्जावान एंकर रोहित सरदाना नहीं रहे। शुक्रवार की दोपहर हार्ट अटैक के चलते उनका निधन हो गया।

Last Modified:
Friday, 30 April, 2021
Rohit Sardana Tribute

वरिष्ठ पत्रकार और ‘आजतक’ के ऊर्जावान एंकर रोहित सरदाना नहीं रहे। शुक्रवार की दोपहर हार्ट अटैक के चलते उनका निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। रोहित सरदाना के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम बड़ी राजनीतिक हस्तियों ने शोक जताते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

राष्ट्रपति की ओर से ट्वीट किया गया कि लोकप्रिय न्यूज एंकर तथा वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका असामयिक निधन पत्रकारिता जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। श्री सरदाना के परिवारजनों व प्रशंसकों को मेरी शोक संवेदनाएं।

रोहित सरदाना के निधन पर शोक जताते हुए पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ’रोहित सरदाना बेहद जल्दी हमें छोड़कर चले गए। भारत की प्रगति के लिए ऊर्जा से भरपूर थे और भावुक थे, रोहित को कई लोगों द्वारा याद किया जाएगा। रोहित के निधन ने मीडिया जगत में एक बहुत बड़ा शून्य छोड़ दिया है। उनके परिजनों, दोस्तों और चाहने वालों को सांत्वना, ऊं शांति’।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर रोहित सरदाना के निधन पर दुख व्यक्त किया। अमित शाह ने लिखा, ‘रोहित सरदाना के निधन से दुख पहुंचा है। उनके निधन से देश ने शानदार और निष्पक्ष पत्रकार को खो दिया है। भगवान उनके परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना जी का निधन अत्यंत दुःखद है. वह जनपक्षीय पत्रकारिता के अप्रतिम हस्ताक्षर थे। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को शान्ति व शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा, वरिष्ठ टीवी पत्रकार रोहित सरदाना जी के निधन की दुखद ख़बर स्तब्ध कर देने वाली है। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवार को ये दुख सहने का साहस दें।

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश ने भी ट्वीट कर लिखा, आजतक के वरिष्ठ एंकर और देश के जाने माने टीवी पत्रकार श्री रोहित सरदाना जी का कोरोना संक्रमित होने के बाद आकस्मिक निधन, अत्यंत दुःखद। दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को दुःख सहने की शक्ति दे भगवान। शत-शत नमन एवं भावांजलि!

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, हिंदी मीडिया जगत में बहुत कम समय में अपनी बड़ी पहचान स्थापित करने वाले पत्रकार, रोहित सरदाना के निधन के समाचार से मैं स्तब्ध हूं। वे बेहद प्रतिभाशाली और प्रभावी पत्रकार थे। उनके निधन से मीडिया जगत को बहुत बड़ी क्षति पहुँची है।उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ॐ शान्ति!

हिंदी मीडिया जगत में बहुत कम समय में अपनी बड़ी पहचान स्थापित करने वाले पत्रकार, रोहित सरदाना के निधन के समाचार से मैं स्तब्ध हूँ। वे बेहद प्रतिभाशाली और प्रभावी पत्रकार थे। उनके निधन से मीडिया जगत को बहुत बड़ी क्षति पहुँची है।उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ॐ शान्ति!

हरियाणा के सीएम मनोहर खटटर ने लिखा, हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जन्मे और मीडिया के राष्ट्रीय-फलक पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले रोहित सरदाना, असमय हमें छोड़ कर चले गए हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले साथी कितने विषम और चुनौतीपूर्ण माहौल में काम कर रहे हैं, ये आज चिंता करने का विषय है।

सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी ट्वीट करते हुए रोहित के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा, जुझारू और प्रतिभाशाली पत्रकार रोहित सरदाना का असमय निधन सम्पूर्ण पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों एवं प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति

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रोहित सरदाना का वह आखिरी ट्वीट, जानें कैसे अंत तक वह कर रहे थे दूसरों की मदद

देश के जाने-माने पत्रकार और ‘आजतक’ के एंकर रोहित सरदाना की मौत ने पूरे मीडिया जगत को हिलाकर रख दिया है।

Last Modified:
Friday, 30 April, 2021
Rohit Sardana

देश के जाने-माने पत्रकार और ‘आजतक’ के एंकर रोहित सरदाना की मौत ने पूरे मीडिया जगत को हिलाकर रख दिया है। कुछ दिनों पहले रोहित सरदाना ने ट्वीट कर बताया था कि उन्हें कोरोना हुआ है। उन्होंने ट्वीट में यह भी लिखा था कि वह ठीक हो रहे हैं, लेकिन आज का सूरज ऐसा उगा कि उसने रोहित के जीवन में अंधेरा कर दिया। आज सुबह ही हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। हार्ट अटैक के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन डॉक्टर्स की सभी कोशिशें नाकाम साबित हुईं।

रोहित सरदाना के निधन की जानकारी ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी ने खुद ट्वीट करके दी थी। उनके निधन के बाद पूरे मीडिया जगत में एक शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई अपनी यादें साझा कर रहा है। 2018 में ही रोहित सरदाना को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से नवाजा गया था और वह ‘आजतक’ के शो ‘दंगल’ में एंकरिंग करते थे।

रोहित सरदाना जितने अच्छे एंकर थे, उतने ही अच्छे इंसान भी थे। आपको बता दें कि हार्ट अटैक से एक दिन पहले तक वह अपने ट्विटर के माध्यम से लोगों की मदद कर रहे थे। 29 अप्रैल को भी उन्होंने ट्वीट कर एक महिला के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शनों की मांग की थी। इससे पहले भी उन्होंने लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील की थी।

अपने आखिरी समय में भी लोगों की यूं मदद करते रहना दर्शाता है कि वह कितने विनम्र, शालीन और सौम्य थे। समाचार4मीडिया की ओर से रोहित के निधन पर हम शोक व्यक्त करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति दे। उनके परिवार को भी ईश्वर दुःख सहन करने की शक्ति दे और मीडिया के सभी साथी स्वस्थ और सुरक्षित रहें।

दूसरों की मदद के लिए रोहित सरदाना की ओर से किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं।

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फेसबुक-वॉट्सऐप को लगा दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक (Facebook) और मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप (Whatsapp) को दिल्ली हाई कोर्ट से गुरुवार को बड़ा झटका लगा है।

Last Modified:
Thursday, 22 April, 2021
DelhiHC4

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक (Facebook) और मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप (Whatsapp) को दिल्ली हाई कोर्ट से गुरुवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कंपनियों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें इन कंपनियों ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा नई निजता नीति (Privacy policy) की जांच के लिए जारी आदेश को चुनौती दी थी।

जस्टिस नवीन चावला की अदालत ने 13 अप्रैल को फेसबुक और वॉट्सऐप की दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई पूरी की थी। अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए टिप्पणी की थी कि सीसीआई (CCI) का आदेश किसी प्रमुख पद के दुरुपयोग की जांच को नहीं दर्शाता, बल्कि यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर चिंतित है। अदालत ने यह टिप्पणी सीसीआई के उस रुख पर की थी, जिसमें उसने कहा था कि वह व्यक्तियों की निजता का उल्लंघन की जांच नहीं कर रहा, जिसे सुप्रीम कोर्ट देख रहा है।

सीसीआई ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा था, ‘वॉट्सऐप नई प्राइवेसी पॉलिसी के तहत बहुत अधिक आंकड़े एकत्र कर सकता है और लक्षित विज्ञापन के दायरे में और यूजर्स को लाने के लिए ग्राहकों की ‘अवांछित निगरानी' कर सकता है जो कथित प्रभुत्ववादी प्रभाव का दुरुपयोग होगा। फेसबुक और वॉट्सऐप ने सीसीआई के 24 मार्च के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी नई प्राइवेसी पॉलिसी के जांच करने के आदेश दिए हैं।

सीसीआई ने कोर्ट से ये भी कहा था कि जांच के बाद ही ये पता चल सकता है कि क्या वॉट्सऐप द्वारा डेटा कलेक्शन और उसको फेसबुक के साथ शेयर करना, क्या इतने बड़े पद का गलत इस्तेमाल है। जो डेटा कलेक्ट किया गया है, उसमें यूजर का लोकेशन, इस्तेमाल की जाने वाली डिवाइस, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और वो किससे बात कर रहे हैं, इसका इस्तेमाल कर यूजर का प्रोफाइल बनाया जा सकता और इसके जरिए टार्गेटेड एडवर्टाइजिंग की जा सकती है।'

दोनों सोशल मीडिया कंपनियों ने कोर्ट में कहा था, 'जब सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट प्राइवेसी पॉलिसी का मामला देख रहे हैं तो इसमें सीसीआई को नहीं आना चाहिए और न ही दखल देना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा था, 'यूजर्स की निजी बातचीत एंड टू एंड एनक्रिप्शन के जरिए सुरक्षित है और वॉट्सऐप लोगों के चैट्स पर नजर नहीं रखता है।' इस पर सीसीआई ने कहा था, 'वह व्यक्तियों की प्राइवेसी के उल्लंघन की जांच नहीं कर रहा, जिसे सुप्रीम देख रहा है।'

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ट्विटर में माया हरि का कद बढ़ा, मिली यह बड़ी जिम्मेदारी

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) ने माया हरि (Maya Hari) को प्रमोट कर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

Last Modified:
Thursday, 22 April, 2021
Maya Hari

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) ने माया हरि (Maya Hari) को वाइस प्रेजिडेंट (Global Strategy & Operations) के पद पर प्रमोट किया है। इस पद पर प्रमोट होने से पहले वह करीब पांच साल से वाइस प्रेजिडेंट व मैनेजिंग डायरेक्टर (APAC & SE-Asia & India) और करीब दो साल तक सीनियर डायरेक्टर-, Product Strategy & Sales - APAE (APAC + LATAM + MENA) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं।

माया हरि ने एक ट्वीट के जरिये खुद अपने प्रमोशन की घोषणा की है। इस ट्वीट में उन्होंने कहा है, ‘यह शेयर करते हुए मैं काफी रोमांचित हूं कि मैं ट्विटर में वाइस प्रेजिडेंट (Global Strategy & Operations) के तौर पर एक ग्लोबल भूमिका निभाने जा रही हूं। मैं सिंगापुर से टीम का नेतृत्व करूंगी।’

बता दें कि माया हरि को ट्विटर, गूगल, सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों में टेक्नोलॉजी और डिजिटल लाइफस्टाइल के क्षेत्र में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।

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फेसबुक ने राजीव अरोड़ा पर जताया भरोसा, दी ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

राजीव अरोड़ा 'फेसबुक इंडिया' की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस डायरेक्टर बिपाशा चक्रवर्ती को रिपोर्ट करेंगे

Last Modified:
Thursday, 08 April, 2021
Rajiv Arora

राजीव अरोड़ा ने सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक इंडिया’ के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। यहां पर उन्हें इंटरनल कम्युनिकेशंस की कमान दी गई है। वह 'फेसबुक इंडिया' की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस डायरेक्टर बिपाशा चक्रवर्ती को रिपोर्ट करेंगे।

फेसबुक इंडिया से पहले राजीव अरोड़ा ‘ओयो’ (OYO) के ग्लोबल इंटरनल कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट की कमान संभाल रहे थे। नई पारी के बारे में राजीव अरोड़ा ने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर जानकारी शेयर की है। उन्होंने लिखा है, ‘ओयो के साथ दो साल से ज्यादा लंबी यादगार व बेहतरीन पारी के बाद मैं हाल ही में फेसबुक इंडिया के साथ जुड़ गया हूं, जहां मुझे इंटरनल कम्युनिकेशंस की कमान सौंपी गई है।’

राजीव अरोड़ा को मीडिया इंडस्ट्री का काफी अनुभव है। उन्होंने ‘केपीएमजी’ (KPMG) के साथ कॉरपोरेट की दुनिया में कदम रखा था। वह अब तक ‘जनरल इलेक्ट्रिक्स’ (General Electrics), ‘एमएसडी’ (MSD), ‘एरिसेंट’ (Aricent) और ‘ओयो’ (OYO) की कम्युनिकेशन टीम में अपना योगदान दे चुके हैं।

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अब यूं होगा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे न्यूज चैनल्स को फायदा!

पंजाब सरकार न्यूज वेब चैनल्स को सूची में सम्मिलित करने के लिए ‘द पंजाब न्यूज वेब चैनल पॉलिसी 2021’ लेकर आयी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 07 April, 2021
Last Modified:
Wednesday, 07 April, 2021
newschannels5464

पंजाब सरकार न्यूज वेब चैनल्स को सूची में सम्मिलित करने के लिए ‘द पंजाब न्यूज वेब चैनल पॉलिसी 2021’ (The Punjab News Web Channel Policy 2021) लेकर आयी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यह समय की मांग है कि पंजाब सरकार की नीतियों (Policies of the Punjab Government) के प्रचार के लिए आज के युग के इन मंचों का सही तरीके से प्रयोग किया जाए।

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक और यूट्यूब पर चल रहे न्यूज चैनल्स को इस नीति के अंतर्गत कवर किया जाएगा।

इन शर्तो पर मिलेंगे सरकारी विज्ञापन

नीति की अन्य शर्तों और नियमों के अलावा पंजाब आधारितन्यूज चैनल (News Channel) जिनमें मुख्य तौर पर 70 प्रतिशत खबरें पंजाब से संबंधित होती हैं, को सूची में सम्मिलित करने पर विचार किया जाएगा। इस नीति के अंतर्गत सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा सूचीबद्ध किए जाने वाले चैनल सिर्फ राजनैतिक इंटरव्यू या खबरों, डेली न्यूज बुलेटिन, बहस या चर्चा विशेषकर संपादकीय इंटरव्यू और पंजाब संबंधी खबरों के दौरान ही सरकारी विज्ञापन प्रदर्शित करेंगे।

बता दें कि पंजाब सरकार के पास अखबार, सैटेलाइट टीवी चैनल्स, रेडियो चैनल्स और वेबसाइट्स के लिए एक विज्ञापन नीति पहले से ही मौजूद है। यह नई नीति मौजूदा प्रचलन और फेसबुक और यूट्यूब चैनल्स की व्यापक उपलब्धता के मद्देनजर लाई गई है। इससे राज्य सरकार को और ज्यादा लोगों तक कल्याण योजनाओं संबंधी जागरूकता फैलाने में और मदद मिलेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, नीति संबंधी विस्तृत नियम और शर्तें सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब से प्राप्त की जा सकतीं है या विभाग की वेबसाइट से भी डाउनलोड की जा सकतीं है।

गौरतलब है कि वर्तमान में पंजाब में यू-ट्यूब और वेब चैनल्स की भरमार है, जो इस वक्त पंजाब की रोजाना खबरों को कवर कर रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब सरकार इन वेब चैनल्स के माध्यम से अपनी उपलब्धियों का प्रचार प्रसार कर सकती है।

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सोशल मीडिया पर वापसी की तैयारी में ट्रंप, शुरू कर सकते हैं खुद का प्लेटफॉर्म

ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर बैन किए जाने के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब सोशल मीडिया पर वापसी की तैयारी में हैं

Last Modified:
Monday, 22 March, 2021
Donald Trump

ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर बैन किए जाने के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब सोशल मीडिया पर वापसी की तैयारी में हैं। खास बात ये है कि इस बार वे खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप अगले तीन महीनों में सोशल मीडिया पर दिखने लगेंगे। इसकी जानकारी ट्रंप के एक पुराने वरिष्ठ सलाहकार और प्रवक्ता जैसन मिलर ने दी है। मिलर ने फॉक्स न्यूज से बातचीत करते हुए कहा है कि ट्रंप दो से तीन महीनों में सोशल मीडिया पर वापसी कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ये मीडिया प्लेटफॉर्म खुद ट्रंप का अपना होगा। मिलर के मुताबिक, ट्रंप का ये अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आने वाले दिनों में गेम चेंजर साबित हो सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि इस प्लेफॉर्म पर करोड़ों लोग जुड़ सकते हैं।

बता दें कि राजधानी वॉशिंगटन में छह जनवरी को हुए हमले के बाद ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया साइट्स ने ट्रंप को बैन कर दिया था। सोशल मीडिया पर ट्रंप के बैन होने की शुरुआत गूगल और एपल ने अपने एप स्टोर से की थी, फिर फेसबुक और ट्विटर के बाद यू-ट्यूब ने भी डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपलोड किए गए नए वीडियो कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। साथ ही डोनाल्ड ट्रंप के चैनल को सेवा शर्तों के उल्लंघन के आरोप में सस्पेंड किया गया था।

स्नैपचैट ने अपने बयान में कहा था कि हमने लोगों की हित का ख्याल रखते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर डोनाल्ड ट्रंप को हमेशा के लिए बैन कर दिया है। उनके अकाउंट से लगातार गलत सूचनाएं, भड़काऊ भाषण जैसे पोस्ट होते थे। 

वहीं यू-ट्यूब ने अपने एक बयान में कहा था कि ट्रंप ने एक वीडियो अपलोड किया था जो कि हमारी नीतियों का उल्लंघन कर रहा था जिसके बाद उनके चैनल पर ऑटोमेटिक स्ट्राइक आया। पहला स्ट्राइक कम-से-कम सात दिनों के लिए होता है। ऐसे में अगले सात दिनों तक ट्रंप अपने चैनल पर कोई वीडियो अपलोड नहीं कर पाएंगे। इसके बाद कंपनी ने पूरी तरह से ट्रंप का अकाउंट निष्क्रिय कर दिया था।

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