सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों RIP कार्टून नेटवर्क (#RIPCotoonNetwork) ट्रेंड कर रहा है। दरअसल, इसकी वजह वह खबर है, जो चर्चा में बनी हुई है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
आज भी खासकर 90 के दशक के बच्चे ‘कार्टून नेटवर्क’ का नाम नहीं भूले हैं। इस कार्टून नेटवर्क ने कई लोगों के बचपन को मजेदार और यादगार बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई है। कई दर्शकों के बाद भी 'टॉम एंड जेरी', 'रिची रिच', 'बेन 10', 'पावरपफ गर्ल्स' समेत कई कार्टून्स आज भी लोगों को याद हैं। लेकिन इन सबके बीच सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों RIP कार्टून नेटवर्क (#RIPCotoonNetwork) ट्रेंड कर रहा है। दरअसल, इसकी वजह वह खबर है, जो चर्चा में बनी हुई है और वह यह कि कार्टून नेटवर्क ने वार्नर ब्रदर्स स्टूडियोज के साथ मर्जर का ऐलान कर दिया है। इस मर्जर से कार्टून नेटवर्क में कई बड़े बदलाव किए जाने की खबरें भी सामने आयी हैं, जिसके बाद से फैंस को लगने लगा की अब कार्टून नेटवर्क नहीं रहेगा। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कार्टून नेटवर्क की टीम से कई वर्कर्स को निकाला जा रहा है।
इसी खबर के बाद से अफवाहें फैलने लगीं कि 'कार्टून नेटवर्क' बंद होने जा रहा है और इस वजह से हैशटैग #RIPCotoonNetwork सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड करने लगा।
RIP Cartoon Network
— Blazer (@IncognitoBlazer) October 13, 2022
Have a video I found in discord pic.twitter.com/L2Lg6UktyY
Rip Cartoon Network Studios (as we know it)
— Ben 10 News (@BenTenNews) October 12, 2022
1994-2022
While the brand will still exist, Cartoon Network Studios will be merged with Warner Bros. Animation. pic.twitter.com/ZycVF4iJxX
RIP Cartoon Network. RT if this played a huge role in your childhood ? pic.twitter.com/WtHAPrnped
— Modern Notoriety (@ModernNotoriety) October 13, 2022
To everyone at cartoon network, thank you for 30 years of great storytelling and characters.
— Kren (@KrensThighHighs) October 12, 2022
You will be missed, RIP Cartoon Network.#FireDavidZaslav pic.twitter.com/bPARfyty61
एबीसी न्यूज के मुताबिक, कार्टून नेटवर्क और वॉर्नर ब्रोज एनिमेशन के मर्जर के बाद वॉर्नर ब्रदर्स टेलिविजन ने ग्रुप ने 12 अक्टूबर को यह घोषणा की कि वह 25 प्रतिशत से ज्यादा वर्कर्स को हटाने जा रहे हैं। इसमें कार्टून बनाने वाले एनिमेशन आर्टिस्ट, कार्टून के लिए स्क्रिप्ट लिखने वाले और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
इसके बाद से ही ट्विटर पर #RIPCartoonNetwork और तेजी से ट्रेंड करने लगा और इसके साथ लोगों ने अपनी फीलिंग्स बयां करनी शुरू कर दी।
हालांकि यह सब देखने के बाद कार्टून नेटवर्क के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से इसका जवाब दिया गया और उड़ रही फेक खबरों पर विराम लगाया गया। कार्टून नेटवर्क ने अपने फैंस को ट्वीट कर बताया कि वह मरा नही है। वह 30 साल का हो गया है।
अपने ट्वीट में कार्टून नेटवर्क ने लिखा, ‘हम मरे नहीं हैं। हम सिर्फ 30 साल के हुए हैं। हमारे फैंस के लिएः हम कहीं नहीं जा रहे। प्यारे और इनोवेटिव कार्टून्स के माध्यम से हम आपके घरों में थे और रहेंगे। बहुत जल्द और अपडेट देंगे।’
Y’all we're not dead, we're just turning 30 ?
— Cartoon Network (@cartoonnetwork) October 14, 2022
To our fans: We're not going anywhere. We have been and will always be your home for beloved, innovative cartoons ⬛️⬜️ More to come soon!#CartoonNetwork #CN30 #30andthriving #CartoonNetworkStudios #FridayFeeling #FridayVibes
भारत में बच्चों की सुरक्षा को लेकर मेटा ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करने पर सहमति जताई है। सरकार प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रही है।
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मेटा (Meta) भारत में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) के साथ साझा करने पर सहमत हो गई है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platforms) पर बच्चों के लिए नुकसानदायक कंटेंट (Harmful Content) को लेकर जांच तेज कर रही है।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया कंपनियों से बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत सेफ्टी सिस्टम (Safety System) तैयार करने को कहा है। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मेटा पर अपने प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के प्रचार और प्रसार को रोकने में लापरवाही के आरोप लगे हैं। इन मामलों के सामने आने के बाद कंपनी पर अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बढ़ा है। सरकार अब यह भी जांच रही है कि सोशल मीडिया कंपनियां ऐसे कंटेंट की पहचान कैसे करती हैं और उसे हटाने के बाद उससे जुड़ी जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देती हैं या नहीं।
मेटा इंडिया (Meta India) के प्रतिनिधि 9 सितंबर को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (National Commission for Protection of Child Rights) के सामने पेश हुए। आयोग बच्चों के यौन शोषण और गलत इस्तेमाल से जुड़े कंटेंट वाले विज्ञापनों के आरोपों की जांच कर रहा है।
एक रिपोर्ट के सामने आने के बाद आयोग ने जुलाई में मेटा से जवाब मांगा था। कंपनी की ओर से जवाब मिलने के बाद आयोग ने मामले की आगे जांच करने का फैसला किया और मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जानकारी देने के लिए बुलाया।
सरकार दूसरे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी बातचीत कर रही है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि कंपनियां बच्चों के लिए खतरनाक कंटेंट की पहचान, उसे हटाने और संबंधित मामलों की रिपोर्टिंग (Reporting) किस तरह करती हैं।
करीब 23 साल बाद NDTV से विदाई लेकर डिजिटल वेंचर शुरू करने वाली नगमा सहर का नया YouTube चैनल पहले वीडियो के कुछ समय बाद उपलब्ध नहीं रहा, वजह अब तक साफ नहीं है।
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Samachar4media Bureau
करीब 23 साल तक एनडीटीवी (NDTV) से जुड़ी रहीं वरिष्ठ पत्रकार और एंकर नगमा सहर (Nagma Sehar) ने नई डिजिटल पारी की शुरुआत अपना डिजिटल वेंचर (Digital Venture) शुरू करके की थी। हालांकि, शुरुआत के कुछ ही समय बाद उनके नए यूट्यूब चैनल (YouTube Channel) के बंद होने की जानकारी सामने आई है। नगमा सहर ने 31 अगस्त को एनडीटीवी से अपनी विदाई की घोषणा की थी।
नगमा सहर के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) पर पहला वीडियो 11 सितंबर की सुबह सामने आया था। इसका टाइटल था- “बेलगाम भीड़, बेरहम शहर- The Killing of Vikram Singh.” इस वीडियो में मणिपुर मूल के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत से जुड़े मामले को उठाया गया था।
NDTV का जानी मानी पत्रकार नगमा सहर ने चैनल से विदा लेने के बाद अपना सोशल मीडिया वेंचर शुरू किया है यूट्यूब पर. उनका पहला वीडियो 11 सितंबर की सुबह आया.
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) September 12, 2026
"बेलगाम भीड़, बेरहम शहर- The Killing of Vikram Singh."
यह कहानी मणिपुर से संबंधित थी.
कुछ लोग देख पाये मगर अब यह वीडियो… https://t.co/T7QyAZEyhl pic.twitter.com/If7akRFjLb
11 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, विक्रम सिंह की दिल्ली में कथित हमले के बाद मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर शारीरिक चोटों के कारण अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि नगमा सहर के इस पहले वीडियो को कुछ लोगों ने देखा था, लेकिन अब यह यूट्यूब पर उपलब्ध नहीं है। चैनल के लिंक पर जाने पर “This channel is no longer available” का नोटिफिकेशन दिखाई दे रहा है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चैनल किस वजह से बंद हुआ है। यह भी साफ नहीं है कि चैनल को यूट्यूब ने हटाया है या इसे नगमा सहर की टीम ने खुद बंद किया है। इस संबंध में नगमा सहर या यूट्यूब की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
7 नवंबर 2025 को अदालत में गूगल (Google) ने बताया था कि शिकायत की समीक्षा के बाद THE REAL REPORT और JSR NEWS के यूट्यूब अकाउंट 30 अक्टूबर 2024 को बंद कर दिए गए थे।
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Samachar4media Bureau
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने इंडिया टीवी (India TV) के चेयरमैन रजत शर्मा (Rajat Sharma) के डीपफेक वीडियो मामले में मेटा (Meta) और गूगल (Google) को कई फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल हटाने का निर्देश दिया है।
जस्टिस ज्योति सिंह (Justice Jyoti Singh) की ओर से 24 अगस्त 2026 को जारी स्थायी निषेधाज्ञा (Permanent Injunction) में कहा गया कि संबंधित प्लेटफॉर्म अनुरोध मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे स्वीकार करें और इसके बाद 36 घंटे के अंदर जरूरी कार्रवाई करें। आदेश में यह भी कहा गया कि कार्रवाई नहीं होने पर रजत शर्मा और इंडिया टीवी अदालत से उचित निर्देश मांग सकते हैं।
अदालत के आदेश के मुताबिक, जिन फेसबुक पेजों पर कार्रवाई की गई है, उनमें TAMARA DOC, Indian Medical Association, New Convivio, Travinin, The Hope of Your Joints, LEGEND MAP 62 और MESONERO SOTO शामिल हैं। वहीं यूट्यूब (YouTube) के THE INDIAN NEWS TODAY और Sone Chandi Ka Bhav चैनलों को भी हटाने का निर्देश दिया गया है।
अदालत ने रजत शर्मा को एक प्रतिष्ठित पत्रकार बताते हुए कहा कि वह दो दशक से ज्यादा समय से भारतीय टेलीविजन का प्रमुख चेहरा रहे हैं। आदेश में उनके पत्रकारिता योगदान और 2015 में पद्म भूषण (Padma Bhushan) से सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। वह पिछले 29 वर्षों से ‘आप की अदालत’ (Aap Ki Adalat) की मेजबानी कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपित पक्षों की ओर से एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर रजत शर्मा की छेड़छाड़ और बदली हुई तस्वीरों, आवाज और अन्य व्यक्तित्व संबंधी विशेषताओं वाले वीडियो के जरिए गलत सूचना फैलाई जा रही थी। अदालत ने इसे उनके पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स के साथ-साथ इंडिया टीवी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क और कॉपीराइट के उल्लंघन से भी जोड़ा।
मामले में अदालत ने 18 दिसंबर 2024 के एक एक्स-पार्टी आदेश के जरिए शुरुआती आठ पक्षों को ऐसे कंटेंट के प्रसार से रोक दिया था। बाद में मुकदमे की सुनवाई के दौरान चार यूट्यूब चैनलों को भी पक्षकार बनाया गया, जिन पर रजत शर्मा की पहचान और व्यक्तित्व से जुड़े तत्वों का इस्तेमाल करते हुए डीपफेक वीडियो प्रसारित करने का आरोप था।
7 नवंबर 2025 को अदालत में गूगल (Google) ने बताया था कि शिकायत की समीक्षा के बाद THE REAL REPORT और JSR NEWS के यूट्यूब अकाउंट 30 अक्टूबर 2024 को बंद कर दिए गए थे, जबकि THE INDIAN NEWS TODAY और Sone Chandi Ka Bhav के अकाउंट समीक्षा के अधीन थे।
अब अदालत ने गूगल को इन दोनों यूट्यूब चैनलों को आदेश अपलोड होने के 36 घंटे के भीतर हटाने और उपलब्ध बीएसआई (Basic Subscriber Information), आईपी लॉग्स (IP Logs) तथा अन्य एक्सेस और कॉन्टैक्ट डिटेल्स साझा करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने यह भी कहा कि आगे अगर रजत शर्मा की तस्वीर, नाम, आवाज, वीडियो या व्यक्तित्व से जुड़े किसी अन्य कंटेंट या यूआरएल (URL) का दुरुपयोग सामने आता है, तो इंडिया टीवी और रजत शर्मा संबंधित जानकारी और दस्तावेजों के साथ मेटा और गूगल से संपर्क कर सकते हैं।
भारतीय स्नीकर्स ब्रांड कॉमेट ने वर्लिनवेस्ट की अगुवाई में 100 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसका इस्तेमाल रिटेल विस्तार, उत्पाद विकास, तकनीकी क्षमताओं और अनुसंधान को मजबूत करने में होगा।
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भारतीय स्नीकर्स ब्रांड कॉमेट (Comet) ने सीरीज बी फंडिंग दौर में 100 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस निवेश दौर का नेतृत्व वर्लिनवेस्ट (Verlinvest) ने किया। कंपनी के मौजूदा निवेशकों एलिवेशन कैपिटल (Elevation Capital) और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स (Nexus Venture Partners) ने भी इसमें हिस्सा लिया है। इसके अलावा अभिराज सिंह भाल, अजीत मोहन और आनंद आहूजा जैसे एंजेल निवेशकों ने भी कंपनी का समर्थन किया है।
नई पूंजी के जरिए कॉमेट अपने खुदरा कारोबार के विस्तार पर जोर देने की योजना बना रहा है। कंपनी उत्पादों और तकनीकी क्षमताओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में भी निवेश बढ़ाएगी। इसमें नए फुटवियर डिजाइन तैयार करने और उन्हें बाजार में उतारने के लिए कंपनी के अपने सोल मोल्ड और जरूरी टूलिंग विकसित करने पर भी खर्च किया जाएगा।
कॉमेट इस महीने तक अपने स्टोर की संख्या बढ़ाकर 10 करने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक देश में 20 स्टोर का नेटवर्क खड़ा करना है। इस विस्तार के जरिए ब्रांड अपनी ऑफलाइन मौजूदगी को मजबूत करना चाहता है।
कंपनी की रणनीति केवल भौतिक स्टोर तक सीमित नहीं है। कॉमेट भारत में अपने कारोबार को व्यापक ओम्नीचैनल (Omnichannel) नेटवर्क के रूप में विकसित करने पर भी काम कर रहा है, ताकि ग्राहकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ब्रांड तक पहुंच मिल सके।
सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया पर अगली पोस्ट करने से पहले अब थोड़ा ज्यादा सोचना पड़ सकता है।
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सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया पर अगली पोस्ट करने से पहले अब थोड़ा ज्यादा सोचना पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकारी कर्मचारियों के लिए आचार संहिता (Code of Conduct) लाने पर विचार कर रही है। इसका मकसद यह तय करना है कि सरकारी कर्मचारी X, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर क्या पोस्ट कर सकते हैं और किन चीजों से उन्हें बचना होगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्ताव पर सरकार के वरिष्ठ स्तर पर चर्चा हो चुकी है। अगर इसे लागू किया जाता है तो सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर ज्यादा स्पष्ट सीमाएं तय की जा सकती हैं। यह फ्रेमवर्क अलग-अलग रैंक्स के ऑफिसर्स और स्टाफ पर लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, इसे कब लागू किया जाएगा और इसमें कौन-कौन से नियम होंगे, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
सोशल मीडिया बना ऑफिशियल लाइफ का हिस्सा
पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया सरकारी कर्मचारियों की ऑफिशियल लाइफ का भी एक अहम हिस्सा बन गया है। अधिकारी और कर्मचारी अपने काम, Official Activities और Public Positions से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं।
हालांकि, कुछ मामलों में ऐसे पोस्ट्स से Official Role और Personal सोशल मीडिया एक्टिविटी के बीच की सीमा धुंधली हो सकती है। सरकार अब इसी अंतर को स्पष्ट करना चाहती है, ताकि यह तय रहे कि कोई व्यक्ति सरकारी पद पर रहते हुए सोशल मीडिया पर अपनी Personal Opinion किस सीमा तक रख सकता है।
पीएम मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों से गाइडलाइंस पर विचार करने को कहा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीनियर ब्यूरोक्रेट्स से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ऐसी गाइडलाइंस बनाने की संभावना तलाशने को कहा है। मौजूदा नियम उस दौर में बनाए गए थे, जब सोशल मीडिया आज की तरह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा नहीं था। इसलिए इन नियमों में सरकारी अधिकारियों की ऑनलाइन एक्टिविटी को लेकर विशेष प्रावधान नहीं हैं।
ऐसे में केंद्र सरकार के स्तर पर एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करने पर विचार हो रहा है, जो सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दे सके।
बिहार पहले ही कर चुका है नियम सख्त
केंद्र का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ राज्य सरकारें पहले ही सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नियम कड़े कर चुकी हैं। बिहार ने इस साल की शुरुआत में ऐसे नियम लागू किए थे, जिनके तहत सरकारी अधिकारियों को गवर्मेंट पॉलिसीज और पॉलिटिकल मैटर्स पर अपने पर्सनल व्यूज सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इसके अलावा बिना मंजूरी के Workplace से जुड़े Reels, Videos और Livestreams पोस्ट करने पर भी रोक लगाई गई है।
ऑनलाइन कंटेंट को लेकर भी सख्त हुआ केंद्र
एक तरफ सरकार सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए नियम बनाने पर विचार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन कंटेंट को लेकर भी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को सख्त किया जा रहा है।
फरवरी में केंद्र सरकार ने Information Technology Rules, 2021 में बदलाव किए थे। इन बदलावों के तहत Synthetically Generated Information, यानी डीपफेक और AI-Generated Content को लेकर प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा जिम्मेदारियां डाली गई हैं।
इन बदलावों के बाद कुछ मामलों में Content Removal की समयसीमा भी कम की गई है। कुछ निर्धारित Unlawful-Content Notices पर प्लेटफॉर्म्स को तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी, जबकि कुछ संवेदनशील शिकायतों के मामलों में यह समयसीमा दो घंटे रखी गई है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग स्तर का रेगुलेशन
प्रस्तावित सोशल मीडिया कोड सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अलग तरह का रेगुलेशन होगा। इसका मकसद सामान्य तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या ऑनलाइन कंटेंट को रेगुलेट करना नहीं होगा, बल्कि यह तय करना होगा कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किस तरह करें।
खास तौर पर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि किसी सरकारी कर्मचारी की Official Identity और उसकी व्यक्तिगत सोशल मीडिया प्रोफाइल के बीच सीमा कहां तक होगी।
सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मोबाइल फोन अब वर्कप्लेस और पर्सनल लाइफ दोनों का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में अगर केंद्र यह कोड लागू करती है तो एक बात साफ हो सकती है- जब किसी सोशल मीडिया प्रोफाइल के साथ सरकारी पद और पहचान जुड़ी हो, तो वहां की हर पोस्ट को पूरी तरह पर्सनल नहीं माना जाएगा।
फ्लिपकार्ट ने माइक्रोड्रामा क्षेत्र में कदम रखते हुए प्रतिलिपि और टीटीटी के साथ साझेदारी की है। अब ऐप के ‘प्ले’ सेक्शन में यूजर्स को छोटे नाटकीय शो देखने मिलेंगे।
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ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने तेजी से बढ़ते माइक्रोड्रामा सेगमेंट में कदम रखा है। द इकोनॉमिक टाइम्स (The Economic Times) की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने प्रतिलिपि (Pratilipi) और मीडिया कंपनी टेरिबली टाइनी टेल्स (Terribly Tiny Tales) के साथ साझेदारी की है।
इस नई पेशकश को फ्लिपकार्ट के मुख्य ई-कॉमर्स ऐप के ‘प्ले’ सेक्शन में शामिल किया गया है। इसी सेक्शन में कंपनी का कंटेंट आधारित शॉपिंग डिस्कवरी प्लेटफॉर्म ‘एक्सप्लोर’ और माइक्रोड्रामा के लिए अलग वर्टिकल ‘ड्रामा’ भी मौजूद है।
इस पहल का मकसद आगामी त्योहारी खरीदारी सीजन से पहले प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की भागीदारी और उनके द्वारा बिताए जाने वाले समय को बढ़ाना है। भारत में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए त्योहारी सीजन कारोबार की दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है।
फिलहाल माइक्रोड्रामा फीड में टेरिबली टाइनी टेल्स और प्रतिलिपि के इन-हाउस माइक्रोड्रामा स्टूडियो डबल टैप फिल्म्स (Double Tap Films) का कंटेंट शामिल है। माइक्रोड्रामा छोटे और कम अवधि वाले पटकथा आधारित मनोरंजन का प्रारूप है, जिसने दुनियाभर में तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। खासतौर पर मोबाइल फोन पर मनोरंजन देखने वाले युवा दर्शकों के बीच इसकी मांग बढ़ी है।
फ्लिपकार्ट के लिए यह कदम उसकी व्यापक कंटेंट-कॉमर्स रणनीति का हिस्सा है। वॉलमार्ट (Walmart) समर्थित कंपनी मनोरंजन और खरीदारी के अनुभव को एक ही डिजिटल मंच पर जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। छोटे नाटकीय धारावाहिकों को अपने ई-कॉमर्स ऐप में शामिल करके कंपनी उत्पाद खोजने और खरीदारी से आगे यूजर्स के साथ जुड़ने के नए अवसर तैयार करना चाहती है।
वॉट्सऐप ने भारत में बिल भुगतान सुविधा शुरू की है। इसके जरिए यूजर्स बिजली, गैस, पानी, बीमा और कर्ज समेत 30 श्रेणियों के बिल सीधे ऐप से भर सकेंगे।
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वॉट्सऐप (WhatsApp) ने भारत में बिल भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है। इसके जरिए यूजर्स मैसेजिंग ऐप से बाहर गए बिना रोजमर्रा के उपयोगिता बिल खोज, प्रबंधित और भुगतान कर सकेंगे। यह सुविधा भारत कनेक्ट (Bharat Connect) यानी बीबीपीएस (BBPS) नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराई गई है।
कंपनी के मुताबिक, इस सुविधा के तहत यूजर्स को 30 श्रेणियों में 22,722 बिलर उपलब्ध होंगे। इनमें बिजली, गैस, पानी, फास्टैग, बीमा, क्रेडिट कार्ड भुगतान और कर्ज की किस्त जैसे बिल शामिल हैं। बिल भुगतान सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को वॉट्सऐप की होम स्क्रीन के ऊपर दिखाई देने वाले रुपये के निशान पर टैप करना होगा। इसके बाद बिल की श्रेणी और संबंधित बिलर चुनना होगा।
यूजर को अपने खाते से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के बाद सेवा के जरिए प्राप्त बिल की राशि दिखाई देगी। इसके बाद भुगतान पूरा किया जा सकेगा। भुगतान के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
वॉट्सऐप ने बिल भुगतान को आसान बनाने के लिए घर के बिलों का सारांश भी जोड़ा है। पहले भुगतान किए गए बिलर भुगतान होम स्क्रीन पर दिखाई देंगे, जिससे अगली बार उन तक जल्दी पहुंचा जा सकेगा। यूजर्स एक ही बिलर के साथ कई खाते भी प्रबंधित कर सकेंगे। इससे घर, कार्यालय या परिवार के अलग-अलग बिलों को एक ही जगह संभालना संभव होगा।
मेटा इंडिया (Meta India) के प्रबंध निदेशक और कंट्री हेड अरुण श्रीनिवास (Arun Srinivas) ने कहा कि इस सुविधा का उद्देश्य बिल भुगतान को संदेश भेजने जितना आसान बनाना और देशभर के यूजर्स तक डिजिटल भुगतान की सुविधा पहुंचाना है।
वॉट्सऐप पर बिल भुगतान की सुविधा फिलहाल पूरे भारत में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। आने वाले हफ्तों में इसके सभी एंड्रॉयड (Android) और आईओएस (iOS) यूजर्स तक पहुंचने की उम्मीद है।
Reddit ने विज्ञापनदाताओं के लिए 15-सेकंड Engaged Video Views गोल पेश किया है। नया विकल्प वीडियो विज्ञापनों का वॉच टाइम बढ़ाने और ज्यादा प्रभावी कैंपेन चलाने में मदद करेगा।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) ने वीडियो विज्ञापनों को लेकर विज्ञापनदाताओं के लिए नया विकल्प पेश किया है। कंपनी ने Promotions के लिए 15-सेकंड Engaged Video Views गोल लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य विज्ञापन प्लेसमेंट में वीडियो का वॉच टाइम बढ़ाना है।
यह नया विकल्प Reddit के मौजूदा 6-सेकंड Video Views गोल के साथ उपलब्ध रहेगा। इसके जरिए विज्ञापनदाता ऐसे यूजर्स तक अपने वीडियो विज्ञापन पहुंचा सकेंगे, जिनके वीडियो को ज्यादा देर तक देखने की संभावना है।
Reddit के मुताबिक, 15 सेकंड या उससे कम अवधि वाले वीडियो के लिए पूरा वीडियो देखना Engaged Video View माना जाएगा। वहीं, 15 सेकंड से लंबे वीडियो में यूजर के कम से कम 15 सेकंड तक देखने पर इसे Engaged Video View के तौर पर गिना जाएगा।
Reddit ने बताया कि नया विकल्प उन विज्ञापनदाताओं के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है, जिनके क्रिएटिव को दर्शकों का ज्यादा वॉच टाइम चाहिए। इनमें फिल्म ट्रेलर, प्रोडक्ट डेमो और कस्टमर टेस्टिमोनियल जैसे वीडियो शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, अगर किसी विज्ञापन का संदेश कुछ ही सेकंड में समझ आ जाता है या क्रिएटिव छोटा है, तो 6-सेकंड Video Views गोल ज्यादा उपयुक्त हो सकता है। वहीं, लंबे समय तक दर्शकों को जोड़कर रखने और संदेश समझाने वाले कैंपेन के लिए 15-सेकंड Engaged Video Views विकल्प बेहतर रहेगा।
Reddit शुरुआती बीटा अवधि में विज्ञापनदाताओं को 15-सेकंड और 6-सेकंड Video Views के बीच स्प्लिट टेस्ट चलाने की सुविधा भी दे रहा है। इससे ब्रांड दोनों विकल्पों के प्रदर्शन की तुलना कर सकेंगे और अपने वीडियो कैंपेन के लिए बेहतर लक्ष्य तय कर पाएंगे।
नए विकल्प के जरिए Reddit विज्ञापनदाताओं को प्लेटफॉर्म पर वीडियो प्रमोशन के लिए एक अतिरिक्त तरीका उपलब्ध करा रहा है, खासकर ऐसे कंटेंट के लिए जिसमें ज्यादा वॉच टाइम महत्वपूर्ण है।
मेटा ने अमेरिका के 48 राज्यों के साथ बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर 18 अरब डॉलर का समझौता किया है। इसके बाद नाबालिग यूजर्स के लिए नए नियम लागू होंगे।
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मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) ने अमेरिका (United States) के 48 राज्यों के साथ बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर 18 अरब डॉलर का समझौता किया है। इस करार के बाद इंस्टाग्राम (Instagram) और फेसबुक (Facebook) इस्तेमाल करने वाले 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए कई नए नियम लागू किए जाएंगे।
नए नियमों के तहत नाबालिग यूजर्स को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर रोजाना अधिकतम दो घंटे का समय मिलेगा। इसके अलावा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक दोनों प्लेटफॉर्म पर उनका इस्तेमाल अपने आप बंद रहेगा। इस समय सीमा में बदलाव करने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी।
समझौते में 13 साल से कम उम्र के बच्चों को इन प्लेटफॉर्म से दूर रखने पर भी खास जोर दिया गया है। इसके लिए मेटा को अपनी उम्र पहचानने वाली तकनीक को और मजबूत करना होगा, ताकि कम उम्र के बच्चे गलत जानकारी देकर अकाउंट न बना सकें।
कंपनी उम्र की पुष्टि के लिए अपनी तकनीक के साथ-साथ दूसरे टूल्स का भी इस्तेमाल करेगी। इस व्यवस्था की समय-समय पर बाहरी संस्थाओं से जांच भी कराई जाएगी, ताकि उम्र जांचने की प्रक्रिया प्रभावी बनी रहे।
अगर किसी यूजर की उम्र 13 साल से कम पाई जाती है और उसका अकाउंट हटा दिया जाता है, तो मेटा उसके संपर्क में मौजूद दोस्तों की उम्र की भी जांच कर सकती है। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी कुछ सुविधाएं डिफॉल्ट रूप से सक्रिय रहेंगी।
हालांकि, सभी सुरक्षा विकल्प अपने आप लागू नहीं होंगे। उदाहरण के लिए वीडियो का ऑटो-प्ले बंद करने जैसी कुछ सुविधाओं को यूजर्स को खुद सक्रिय करना होगा।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों ने इस समझौते को महत्वपूर्ण कदम बताया है, लेकिन उनका मानना है कि सिर्फ सोशल मीडिया इस्तेमाल का समय सीमित करने से बच्चों से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
आलोचकों का कहना है कि बच्चों को कितनी देर सोशल मीडिया इस्तेमाल करने दिया जाता है, इसके साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि उन्हें किस तरह की पोस्ट और वीडियो दिखाई जा रही हैं। उनका जोर प्लेटफॉर्म के कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम में बदलाव पर भी है।
इस समझौते के बाद मेटा को बच्चों की उम्र पहचानने और उनकी सुरक्षा से जुड़े सिस्टम में कई बदलाव करने होंगे। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक इन उपायों का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नए नियमों को कितनी सख्ती और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।
OpenAI ने ChatGPT में नया AI स्टिकर फीचर जोड़ा है। यूजर्स टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के जरिए कस्टम स्टिकर पैक बना, डाउनलोड और मैसेजिंग ऐप्स पर शेयर कर सकेंगे।
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Samachar4media Bureau
OpenAI (OpenAI) ने ChatGPT (ChatGPT) यूजर्स के लिए एक नया स्टिकर फीचर पेश किया है। इसकी मदद से लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) का इस्तेमाल करके अपनी पसंद के मुताबिक कस्टम स्टिकर पैक तैयार कर सकेंगे। खास बात यह है कि इन स्टिकर्स को बाद में WhatsApp (WhatsApp) और iMessage (iMessage) जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
यह फीचर रोजमर्रा की घटनाओं, दोस्तों के साथ होने वाली मस्ती, पसंदीदा किरदारों और निजी पलों को मजेदार स्टिकर्स में बदलने के लिए तैयार किया गया है। यूजर सिर्फ टेक्स्ट में यह बता सकता है कि उसे किस तरह का स्टिकर चाहिए और ChatGPT उसी आधार पर इमेज तैयार कर सकता है।
इसमें निजी तस्वीरों या रिश्तों से जुड़े आइडिया को भी क्रिएटिव तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति अपने दोस्तों, परिवार या पालतू जानवरों पर आधारित स्टिकर पैक तैयार कर सकता है। इसी तरह शादी से पहले की पार्टी के लिए बॉलीवुड (Bollywood) अंदाज वाले डायलॉग पर आधारित स्टिकर या छोटे बच्चे के एक्सप्रेशन को कार्टून स्टाइल में बदला जा सकता है।
एक स्टिकर पैक में अधिकतम 9 स्टिकर शामिल किए जा सकते हैं। OpenAI ने यूजर्स को क्रिएटिविटी के लिए कई विजुअल विकल्प भी दिए हैं। इनमें एनीमे (Anime), होलोग्राफिक (Holographic) और 3D (3D) समेत कुल 18 अलग-अलग विजुअल स्टाइल शामिल हैं।
यूजर्स चाहें तो इमोजी (Emoji) की मदद से अपने बनाए हुए स्टिकर पैक को रीमिक्स भी कर सकते हैं। इससे एक ही आइडिया से अलग-अलग डिजाइन और एक्सप्रेशन तैयार करना आसान हो जाता है।
यह नया फीचर OpenAI के लेटेस्ट इमेज जनरेशन मॉडल ChatGPT Images 2.0 (ChatGPT Images 2.0) पर आधारित है। यूजर्स को स्टिकर बनाने के लिए बस अपनी जरूरत के मुताबिक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देना होगा। इसके बाद AI उसी निर्देश के आधार पर स्टिकर तैयार करेगा।
स्टिकर पैक तैयार होने के बाद उसे डाउनलोड किया जा सकता है या सीधे मैसेजिंग ऐप्स पर शेयर किया जा सकता है। OpenAI के मुताबिक, यह फीचर सभी ChatGPT मोबाइल यूजर्स के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराया गया है।