जामिया कांड: ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट से बैकफुट पर आए कई पत्रकार

जामिया कांड में अचानक आए उबाल में प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले अधिकांश लोग ‘इंडिया टुडे’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से बैकफुट पर आ गए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
jamia

जामिया कांड में अचानक आए उबाल में प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले अधिकांश लोग ‘इंडिया टुडे’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से बैकफुट पर आ गए हैं। ‘इंडिया टुडे’ ने सोशल मीडिया पर पुलिस बर्बरता की वायरल हो रही क्लिपिंग का अनकट विडियो सामने रखा है, जिसमें दिखाया गया है कि नकाब पहने, हाथों में पत्थर लिए कुछ लोग लाइब्रेरी में जाकर छिपते हैं। इसके बाद पुलिस उनके पीछे आती है और लाठीचार्ज होता है। जबकि पहले विडियो में केवल पुलिस का लाठीचार्ज दिखाया गया था। इस नए विडियो से पहले की थ्योरी गड़बड़ा गई है। इसलिए जो लोग केंद्र और दिल्ली पुलिस पर हमलावर हो रहे थे, उन्होंने फिलहाल अपने जुबानी घोड़ों की लगाम खींच ली है।

इस फेहरिस्त में कई पत्रकार भी शामिल हैं। पहला विडियो जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की जमकर आलोचना हुई। फ्रीलांस पत्रकार स्मिता शर्मा ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस तुम्हें शर्म आनी चाहिए। आपके राजनीतिक मास्टर्स तो आते-जाते रहेंगे लेकिन इस घटना ने पुलिस पर एक कभी न मिटने वाला दाग लगा दिया है। इस कथित क्रूरता के लिए किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता’।

वहीं, पत्रकार राणा अयूब ने लिखा, ‘मुझे याद नहीं कि अपने देश को लेकर मैं आखिरी बार कब इतनी निराश थी। पुलिस ने उन असहाय छात्रों को निशाना बनाया, जिन्होंने बचने के लिए एक पवित्र जगह में शरण ली थी’।

इसी तरह रेडियो जॉकी सायमा ने भी अपने ही अंदाज में पुलिस पर कटाक्ष किया। उन्होंने विडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया ‘वे आए और कहा- तुम्हारे साथ, तुम्हारे लिए, हमेशा। और चले गए। 15 दिसंबर की शाम उन्होंने जामिया के छात्रों पर गुलाब बरसाए (जैसा कि आप देख सकते हैं)। लाइब्रेरी का एक्सक्लूसिव विडियो फुटेज, जहां पुलिस अपना जादू दिखा रही है। अब हमें दिखाओ कि बस कौन जला रहा है’?

दिल्ली पुलिस पर शब्दबाण चलाने वालों में वरिष्ठ पत्रकार अजित अंजुम भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा ‘ये वही दिल्ली पुलिस है जो तमंचा लेकर शाहीनबाग पहुंचे लड़कों के आगे-पीछे हाथ बांधे खड़ी थी। जामिया में घुसकर ऐसे लाठियां बरसा रही है जैसे किसी ने 'निर्देश' दिया हो तो कि जो मिले उसे कूट देना। लानत है इस पुलिस पर जो 'साम्प्रदयिक' हो चुकी है।’

इसी तरह ‘टीवी9’ (TV9) के पूर्व समूह संपादक विनोद कापड़ी ने भी पुलिस पर हमला बोला। लेकिन अब जब ‘इंडिया टुडे’ ने वायरल क्लिपिंग का अनकट विडियो अपनी स्पेशल रिपोर्ट में दिखा दिया है, तो सभी संभलकर चल रहे हैं।

वहीं, सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस पर वार करने वालों पर पलटवार भी शुरू हो गया है। पूर्व पत्रकार मोनिका ने ताजा विडियो शेयर करते हुए लिखा है ‘इस नए विडियो ने प्रोपेगंडा फैलाने वालों के झूठ को उजागर कर दिया है, जो अभी भी छेड़छाड़ की गई क्लिपिंग को वायरल कर रहे हैं।’

इसी तरह वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना ने ट्वीट किया है, ‘जामिया लाइब्रेरी में पुलिसिया पिटाई का आधा विडियो देख के उछल पड़ने वाले होशियार चंद अब सकते में हैं, पर हार नहीं मानेंगे। अभी शार्पशूटरों से कहा जाएगा ‘फैक्ट चेक’ कर दो कि पहले का विडियो और पिटाई का विडियो-अलग अलग साल के हैं।’

यहां देखें  इंडिया टुडे का एक्सक्लूसिव विडियो:

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ट्रोलर्स के निशाने पर आया NDTV, चीन से कुछ यूं जोड़कर कराया गया ट्रेंड

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ‘एनडीटीवी’ की एक अलग छवि है। कुछ इसे निष्पक्ष मानते हैं, तो कुछ को लगता है कि उसका फोकस सरकार विरोधी खबरों पर रहता है।

Last Modified:
Friday, 27 March, 2020
NDTV

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ‘एनडीटीवी’ की एक अलग छवि है। कुछ इसे निष्पक्ष मानते हैं, तो कुछ को लगता है कि उसका फोकस सरकार विरोधी खबरों पर रहता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर ‘एनडीटीवी’ अकसर ट्रेंड करता रहता है। फिलहाल ट्विटर पर उसके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। #NDTVirus नाम के इस कैंपेन में लोग तरह-तरह से मीडिया हाउस के खिलाफ अपना गुस्सा निकाल रहे हैं।

दरअसल, इस अभियान की शुरुआत काफी हद तक निहा मसीह नामक पत्रकार के उस ट्वीट से हुई, जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस को चीनीवायरस कहने को जातिवादी करार दिया है। उन्होंने लिखा है ‘भारत में सभी को शर्म आनी चाहिए। कोरोना वायरस को चीनी वायरस करार देना जातिवादी और घिनौना है।’ निहा ने अपने ट्विटर पर अपने बारे में बताया है कि वह विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए काम कर चुकी हैं, जिसमें एनडीटीवी का भी नाम है। बस इसी वजह से लोगों का एनडीटीवी के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। 

 

#NDTVirus का हिस्सा बनने वाले यूजर्स का कहना है कि एनडीटीवी चीन के इशारों पर काम कर रहा है। मिथुन नामक एक यूजर ने लिखा है, चीन ने कथित रूप से अपना दुष्प्रचार फैलाने के लिए मीडिया को खरीदा है और एनडीटीवी भी इसका हिस्सा है। इसलिए, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आप अपने हर ट्वीट में हैशटैग #ChinaVirus #NDTVirus का उपयोग करें’।

साथ ही चैनल की कुछ ऐसी खबरों को भी शेयर किये जा रहा है, जिसमें चीनी सरकार का कोरोना को लेकर बयान है। इसके अलावा, एनडीटीवी का एक ट्वीट भी उसके लिए परेशानी का सबब बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल किये जा रहे इस ट्वीट में सरकार के राहत पैकेज की राशि को 1.7 करोड़ बताया गया है, जबकि असल में यह राशि 1.7 लाख करोड़ है। हालांकि चैनल का ट्वीट असली है या उससे छेड़छाड़ की गई है, कहना मुश्किल है, क्योंकि एनडीटीवी के ट्विटर पेज पर ढूंढने पर फिलहाल यह ट्वीट नहीं मिला है, पर जो ट्वीट मिला है उसे नीचे पढ़ सकते हैं। लेकिन इतना तय है कि कोरोना वायरस के खौफ के बीच ‘एनडीटीवी’ के खिलाफ छेड़ा गया यह अभियान अभी चलता रहेगा। 

 

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फेसबुक और रिलायंस जियो को लेकर सामने आई ये बड़ी खबर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह काफी बड़ी डील होगी, जिसकी कीमत लाखों डॉलर्स में होगी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 25 March, 2020
Last Modified:
Wednesday, 25 March, 2020
Facebook Jio

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक’ मुकेश अंबानी के स्‍वामित्‍व वाली देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी 'रिलायंस जियो' में 10 प्रतिशत की भागीदारी खरीद सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह काफी बड़ी डील होगी, जिसकी कीमत लाखों डॉलर्स में होगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच इस सौदे को अंतिम रूप दिया जा रहा था, लेकिन कोरोना वायरस को लेकर चल रहे संकट के चलते यह डील फिलहाल परवान नहीं चढ़ पाई है। एक खबर यह भी है कि जियो की बात फेसबुक के अलावा गुगल से भी चल रही है। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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कोरोना को लेकर छेड़ी ABP न्यूज की मुहिम को लोगों ने किया पसंद, यूं निकला आगे

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए ‘एबीपी न्यूज’ सोशल मीडिया के जरिए अपने दर्शकों को लगातार जागरुक कर रहा है

Last Modified:
Saturday, 21 March, 2020
abp

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए ‘एबीपी न्यूज’ सोशल मीडिया के जरिए अपने दर्शकों को लगातार जागरुक कर रहा है और बता रहा है कि वायरस फैलने से रोकने के क्या उपाय हैं। लिहाजा इसके लिए चैनल ने सार्वजनिक जागरुकता अभियान ‘कोरोना को धोना’ छेड़ा हुआ है।

एबीपी न्यूज के मुताबिक, इस अभियान को लेकर सोशल मीडिया पेज पर उसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। जाने-माने दिग्गज जैसे कपिल देव और माननीय केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इस पहल के साथ जुड़े हुए हैं।

प्रेस रिलीज में ये दावा किया गया है कि कोविड-19 से जुड़ी किसी भी खबर के लिए, एबीपी न्यूज पिछले 30 दिनों से फेसबुक पर अग्रणी डोमेन बना हुआ है। (18 फरवरी से 18 मार्च 2020, स्रोत- crowdtangle.com) 5.42 मिलियन कुल इंटरैक्शन्स के साथ एबीपी न्यूज का फेसबुक पेज अपने निकट प्रतिद्वन्द्वियों में सबसे आगे हैं। विडियो व्यूज की बात करें तो एबीपी न्यूज के पेज को 132.79 मिलियन व्यूज मिले हैं, जो किसी भी अन्य विडियो व्यूज के मुकाबले सबसे ज्यादा हैं। अभियान के विडियो सेगमेन्ट को यू-ट्यूब पर प्रोमोट किया गया है, जिसे दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।

बता दें कि हाल ही में लॉन्च किया गया अभियान, एबीपी न्यूज के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को इस महामारी के बारे में जागरुक बना रहा है। अपने संदेश युक्त हैशटैग #CoronakoDhona साथ इस अभियान में विडियोज, सूचनाप्रद ब्लॉग्स और इस मुद्दे से जुड़े लेख शामिल हैं। विडियो अभियान में 13 शॉर्ट क्लिप्स शामिल हैं, जिसमें एबीपी न्यूज के 13 एंकर्स हाथ धोने के महत्व पर जागरुकता संदेश देते हैं। हाइजीन का संदेश देने वाला यह अभियान इस बात पर जोर देता है कि कैसे नियमित रूप से हाथ धोकर कोरोना वायरस से लड़ा जा सकता है।

एबीपी न्यूज के जाने माने एंकर जैसे अखिलेश आनंद, आदर्श झा, आस्था कौशिक, शोभना यादव, प्रतिमा मिश्रा, अनुराग मुस्कान, रूबिका लियाकत, शगुन शर्मा, सुमित अवस्थी, अदिति अरोड़ा, यासिर उस्मान, विकास भदौरिया और श्रीवर्धन त्रिवेदी इस जागरुकता संदेश को साझा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस मौके पर एबीपी न्यूज नेटवर्क के सीईओ अविनाश पांडे ने कहा, ‘एक जिम्मेदार न्यूज चैनल होने के नाते, हमारा कर्तव्य है कि हम समाज कल्याण को सुनिश्चित करें। कोविड-19 ने दुनिया भर में डर का माहौल बना दिया है। जहां एक ओर पूरी दुनिया इस महामारी से लड़ रही है, वहीं इससे बचने के लिए जागरुकता और संवेदनशील रवैया अपनाना बहुत जरूरी है। इस अभियान के माध्यम से हम लोगों को वायरस के बारे में जरूरी जानकारी देकर उनके स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद करना चाहते हैं ताकि वे महामारी के चिंता और डर से बचें और रोकथाम के सही उपाय अपनाएं।’

 

 

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सोशल मीडिया के कलाकारों की ‘कलाकारी’ का शिकार बने राजदीप सरदेसाई

किसी विडियो को काट-छांटकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना और फिर अर्थ का अनर्थ करके संबंधित व्यक्ति को उससे जोड़ देना आजकल आम हो गया है।

Last Modified:
Monday, 16 March, 2020
rajdeep sardesai

किसी विडियो को काट-छांटकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना और फिर अर्थ का अनर्थ करके संबंधित व्यक्ति को उससे जोड़ देना आजकल आम हो गया है। खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी इसका सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं। उनका आलू से सोना बनाने वाला भाषण इस कलाकारी का सबसे प्रमुख उदाहरण है। अब ऐसे ही कलाकारों ने वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘आजतक’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई को परेशान कर डाला है।

दरअसल, राजदीप ने ‘द लल्लनटॉप’ के ‘नेता नगरी’ कार्यक्रम में शिरकत की थी। इसमें उन्होंने ‘हाथ’ का साथ छोड़कर ‘कमल’ थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में अपनी राय व्यक्त की थी। जो शायद कुछ लोगों को पसंद नहीं आई, इसलिए शो के छोटे-छोटे क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल करके यह दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है कि राजदीप को सिंधिया के भाजपा में जाने का बेहद दुःख है।

खुद को भाजपा समर्थक बताने वाले विभूति सिंह नामक यूजर ने ऐसी ही एक क्लिपिंग पोस्ट की है, जिसमें राजदीप को कांग्रेस का आधिकारिक प्रवक्ता बताया गया है। साथ ही सिंह ने लिखा है ‘मैं आपका दर्द समझता हूं राजदीप जी, अब देवदास मत बन जाइएगा।’

इस ट्वीट का राजदीप सरदेसाई ने भी करारा जवाब दिया है। उन्होंने लिखा है, ‘मुझे दर्द तब होता है जब भारतीय धर्म के नाम पर एक-दूसरे की हत्या करते हैं और जिन लोगों के हाथ बेगुनाहों के खून से सने होते हैं, वे या तो बच निकलते हैं या बड़े नेता बन जाते हैं।’

राजदीप इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘नेता नगरी कार्यक्रम के बाद IT सेल और वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी पूरे ओवरड्राइव में है! 30-30 सेकंड के विडियो शेयर कर रहे हैं! काश इसी जोश से यह लोग कोरोना वायरस पर फोकस करते! पूरा शो यहां देखें’! इस ट्वीट को लगभग 400 बार रीट्वीट किया जा चुका है।

राजदीप ने ‘नेता नगरी’ कार्यक्रम के बाद आने वाले संदेशों का जिक्र भी सोशल मीडिया पर किया है। उन्होंने लिखा है, ‘पिछले एक घंटे से वॉट्सऐप फौज मेरे वॉट्सऐप पर लगातार मैसेज डाल रही है, क्योंकि मैंने दिल्ली दंगों को लेकर नेता नगरी में सरकार पर कुछ सवाल उठाए! फिर पता चला कि मेरा फ़ोन नम्बर RW की इंटरनेट सेल ने सोशल मीडिया पर डालकर फौज को कहा आप इन्हें मैसेज करते रहिए’!

राजदीप के साथ ही और भी कई पत्रकारों को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ता है। एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार के पुराने विडियो भी नए-नए रूप में सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, जिसके माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया जाता है कि उनकी पत्रकारिता पक्षपातपूर्ण है। वैसे यदि आप मध्यप्रदेश के सियासी संकट को गहराई से समझना चाहते हैं, तो ‘नेता नगरी’ का यह एपिसोड देख सकते हैं।   

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निशाना साध रहे लोगों को सुधीर चौधरी ने कुछ यूं दिया जवाब

जी न्यूज के (ZEE NEWS) के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और कोशिश करते हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा फॉलोअर्स के टच में रहे

Last Modified:
Saturday, 14 March, 2020
sudhir

जी न्यूज के (ZEE NEWS) के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और कोशिश करते हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा फॉलोअर्स के टच में रहें और उनके सवालों का जवाब भी दें। अपनी इसी कोशिश के दौरान इस बार उन्होंने उन लोगों पर तीखा हमला किया है, जिन्होंने डीएनए कार्यक्रम में किए उनके खुलासे को लेकर उन पर निशाना साधा था।

सुधीर चौधरी ने अपने एक ट्वीट के जरिये कहा कि किसी पत्रकार के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार ये है कि जब जमीन से जुड़े लोग उस मुहिम से जुड़ जाएं, जब देश के लोग कहें कि आपने सच दिखाया और ये अभियान बन जाए। अंग्रेजी बोलने वाले सत्ता के दरबारी पत्रकार और सिलेब्रिटी क्या कहते हैं, इसकी परवाह हमने कभी नहीं की।

दरसअसल, सुधीर चौधरी का ये ट्वीट बॉलिवुड के म्यूजिक डायरेक्टर विशाल ददलानी और वरिष्ठ टीवी पत्रकार राजदीप सरदेसाई द्वारा उन पर उठाए गए सवालों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।   

बता दें कि विशाल ददलानी ने हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी पर तीखा हमला करते हुए उनकी तुलना कीटाणु से की। इतना ही नहीं उन्होंने मुंबई और दिल्ली पुलिस से सुधीर चौधरी की गिरफ्तारी की भी मांग की।

दरअसल हाल ही में अपने ‘डीएनए’ शो में सुधीर चौधरी ने जेहाद पर एक कार्यक्रम किया था, जिसमें उन्होंने जेहाद के अलग-अलग रूप गिनवाए थे। इसी को लेकर विशाल ने उन पर निशाना साधा है। वहीं इससे पहले वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई भी सुधीर चौधरी के इस खुलासे पर अपनी प्रतिक्रिया देने से खुद को नहीं रोक पाए थे।

राजदीप सरदेसाई ने सुधीर चौधरी के शो पर सवाल खड़े करते हुए अपने ट्वीट में लिखा था, ‘इस चैनल द्वारा दैनिक आधार पर फैलाई जा रही अकथनीय सांप्रदायिक घृणा चौंकाने वाली, शर्मनाक और खतरनाक है। और यह वही चैनल है, जिसका समर्थन सरकार के ही एक सांसद करते हैं! क्या सत्ता में मौजूद कोई व्यक्ति इस पर ध्यान देगा, और इस गंदगी को रोक पाएगा? या इसे आगे बढ़ाएगा?'

हालांकि कुछ ही घंटों बाद इस ट्वीट के जवाब में सुधीर चौधरी ने राजदीप के ट्वीट को ही शेयर करते हुए सीधे और स्पष्ट शब्दों में लिखा, ‘हमने जेहाद का सच दिखाया तो ‘मीडिया के जेहादी’ भड़क गए। गुजरात दंगों को बेच-बेचकर पद्म पुरस्कार पाने वाले ये दरबारी पत्रकार पिछली सरकारों के एजेंट बनकर दर्शकों को झूठ दिखाते रहे। अब सच इनसे देखा नहीं जा रहा। हैरान हूं, इन्हें अब भी रोजगार मिल जाता है। हिंदू आतंकवाद ठीक, जेहाद गलत?‘

गौरतलब है कि सुधीर चौधरी ने 11 मार्च को अपने प्राइमटाइम कार्यक्रम ‘डीएनए’ (DNA) में चौंकाने वाला खुलासा किया था कि कैसे हमारे देश में लव जेहाद की तरह जमीन जेहाद भी हो रहा है। उन्होंने बताया था कि जम्मू-कश्मीर ही वह राज्य है, जहां पिछले 17 वर्षो के दौरान इस घोटाले को अंजाम दिया गया। यहां ‘रोशनी एक्ट’ नाम के एक कानून के तहत सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को ही जमीन का असली मालिक बना दिया गया।  

हालांकि उनके इसी खुलासे के बाद देश के वरिष्ठ पत्रकारों, कलाकारों और बुद्धजीवियों ने उन पर सवाल उठाए थे। हालांकि सोशल मीडिया में कुछ लोग सुधीर चौधरी का समर्थन कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग विरोध में हैं।

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रवीश कुमार ने राजदीप सरदेसाई को लेकर कह दी ये बड़ी बात

यूं तो ‘एनडीटीवी’ (NDTV) के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार अपनी खबरों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार वह दूसरी ही वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं

Last Modified:
Friday, 06 March, 2020
ravish

यूं तो ‘एनडीटीवी’ (NDTV) के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार अपनी खबरों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार वह दूसरी ही वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं। रवीश ने ‘आजतक’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के लिए कुछ ऐसा कह दिया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वैसे तो रवीश बाकी मीडिया और पत्रकारों को आये दिन निशाने पर लेते रहते हैं, लेकिन यह संभवतः पहला मौका है जब उन्होंने खुलकर राजदीप के बारे में अपने विचार व्यक्त किये हैं। राजदीप सरदेसाई और रवीश कुमार दोनों को ही सत्ता का धुर विरोधी माना जाता है, ऐसे में रवीश का सरदेसाई पर हमला बोलना काफी मायने रखता है। साथ ही यह पत्रकारों के बीच बढ़ती आपसी खुन्नस भी दर्शाता है।

अब जान लेते हैं कि आखिर रवीश ने क्या और क्यों कहा। दरअसल, ‘न्यूज24’ के मंथन कार्यक्रम में राजदीप सरदेसाई की तरह रवीश कुमार को भी अपने विचार व्यक्त करने के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत में चैनल के वरिष्ठ पत्रकार संदीप चौधरी ने रवीश से मीडिया के वर्तमान हालातों पर बात की। हर बार की तरह उन्होंने मीडिया एवं पत्रकारों को कठघरे में खड़ा किया और अपनी पीठ थपथपाना भी नहीं भूले। इसी दौरान, दर्शकों के बीच बैठे ‘न्यूज 24’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर मानक गुप्ता ने एक सवाल किया।

उन्होंने कहा, ‘आप बहुत ज्यादा नेगेटिव नहीं हैं? जैसे कल राजदीप आये थे..., लेकिन इससे पहले कि मानक अपना सवाल पूरा कर पाते, रवीश ने जवाब देना शुरू कर दिया। उन्होंने राजदीप सरदेसाई पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘मानक मैं दुकानदार नहीं हूं। आप जिनका नाम लेकर आए हैं, मैं बैलेंसवादी नहीं हूं। ये सच्चाई है कि मीडिया लोकतंत्र की हत्या का आयोजन कर रहा है और यह सकारात्मकता या नकारात्मकता का मामला नहीं है। अगर आप मर्डर को मर्डर नहीं कहेंगे तो फिर क्या कहेंगे?’ हालांकि, बात यहीं खत्म नहीं होती। रवीश की बात पूरी होने के बाद मानक सवाल करते हैं ‘केवल राजदीप सरदेसाई ही नहीं, बल्कि कई पत्रकार मानते हैं कि मीडिया दो हिस्सों में बंट गया है’, लेकिन रवीश अपने असहमत अंदाज पर कायम रहते हैं।

रवीश कुमार के इस शाब्दिक हमले पर राजदीप की प्रतिक्रिया आना बाकी है। वैसे ‘न्यूज24’ के इस कार्यक्रम में रवीश कुमार ने मौजूदा न्यूज एंकर्स के बारे में भी बहुत कुछ ऐसा कहा, जो निश्चित तौर पर उन्हें अखरा होगा। उन्होंने संदीप चौधरी से बातचीत में कहा, ‘जब मैं एंकर बना, तो चार दिन में ही कहने लगा कि ये अजीब काम है। इसमें तो सर्फ के ढाई सौ रुपए भी बच जाएंगे, क्योंकि कपड़े तक गंदे नहीं होते हैं। मैंने खुद से कहा कि यह बढ़िया काम है बस चेहरा चमकाओ, आकर बैठ जाओ और कुछ भी बोलते रहो। मैं यह बता सकता हूं कि एंकर अपने प्रोग्राम के लिए कितनी मेहनत करते हैं और सही यह है कि कोई मेहनत नहीं करते। ये ड्रामेबाजी बंद होनी चाहिए। कोई पढ़कर नहीं आता है, बस जाकर बैठ जाते हैं। फिट दिखना या जिम में जाकर बॉडी बनाना पत्रकारिता नहीं है।  

शो का पूरा विडियो आप यहां देख सकते हैं:  

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फेसबुक इंडिया में इस बड़े पद से अलग हुए सिद्धार्थ बनर्जी

सिद्धार्थ बनर्जी ने फेसबुक इंडिया में ग्लोबल सेल्स ऑर्गनाइजेशन के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है

Last Modified:
Friday, 06 March, 2020
sidharth

सिद्धार्थ बनर्जी ने फेसबुक इंडिया में ग्लोबल सेल्स ऑर्गनाइजेशन के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। 

उन्होंने जनवरी 2019 में वोडाफोन से अलग होने के बाद फेसबुक जॉइन किया था। वोडाफोन में वे मार्केटिंग के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर कार्यरत थे।

फेसबुक में वे विभिन्न इकाईयों के साथ-साथ, एजेंसी रिलेशनशिप्स और सॉल्यूशनिंग टीम्स का नेतृत्व कर रहे थे।

बनर्जी ने यूनिलीवर में विभिन्न पदों पर रहते हुए करीब 12 साल का योगदान दिया।

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फेसबुक ने विपाशा चक्रवर्ती पर जताया भरोसा, दी ये जिम्मेदारी

अपनी नई भूमिका में वह फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत मोहन को रिपोर्ट करेंगी

Last Modified:
Thursday, 05 March, 2020
Facebook India

सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक’ ने बिपाशा चक्रवर्ती को भारत में अपना नया कम्युनिकेशन हेड नियुक्त किया है। वह यहां कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पब्लिक रिलेशंस की जिम्मेदारी संभालेंगी। बताया जाता है कि चक्रवर्ती 'फेसबुक इंडिया' में बतौर कम्युनिकेशंस डायरेक्टर की भूमिका संभालेंगी और इंडिया की लीडरशिप टीम का हिस्सा होंगी। अपनी नई भूमिका में वह भारत में फेसबुक और इंस्टाग्राम दोनों के संचार का नेतृत्व करेंगी। वह फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत मोहन को रिपोर्ट करेंगी।

बिपाशा बसु को कई प्रमुख टेक ब्रैंड्स और पीआर एजेंसियों के साथ काम करने का 18 साल का अनुभव है। नई जिम्मेदारी संभालने से पहले वह ‘सिस्को इंडिया’ (Cisco India) और ‘सार्क’ (SAARC) में कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस हेड के पद पर काम कर रही थीं। ‘सिस्को इंडिया’ से पहले वह ‘सन माइक्रोसिस्टम्स’ (Sun Microsystems) के साथ जुड़ी हुई थीं।    

बता दें कि करीब एक महीने पूर्व ही फेसबुक ने भारत में अपनी लीडरशिप टीम को और मजबूती देते हुए इसमें अविनाश पंत को बतौर मार्केटिंग डायरेक्टर (फेसबुक इंडिया) नियुक्त किया है।

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अब यूं होगी मनगढ़ंत और फेक न्यूज फैलाने वालों पर कार्रवाई

पिछले दिनों दिल्ली में हुए बवाल के बाद फेक न्यूज से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है

Last Modified:
Tuesday, 03 March, 2020
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पिछले दिनों दिल्ली में हुए बवाल के बाद फेक न्यूज से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत दिल्लीस विधानसभा ने आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में सोमवार को 9 सदस्यीय 'शांति व सद्भाव समिति' का गठन किया है। इस समिति में आतिशी और राघव चड्डा को भी शामिल किया गया है। यह समिति मनगढ़ंत और फेक न्यूज फैलाने वालों पर कार्रवाई करने में मदद करेगी। 

समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता के बाद सौरभ भारद्वाज ने मीडिया को बताया कि अब दिल्ली में भाईचारा तोड़ने की कोशिश करने वालों पर केस दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही 3 साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान होगा। उन्होंने कहा, कई मामलों में देखा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सऐप पर नफरत फैलाने वाले फर्जी मैसेज भेजे जाते हैं, जिन्हें लोग सच मान लेते हैं। इनकी वजह से समाज में एक-दूसरे के प्रति नफरत की भावना बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि अगर किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोई भी ऐसा मैसेज भेजता है जिससे सामाजिक सोहार्द बिगड़ सकता है, उसकी शिकायत ईमेल- dvscommitee@delhi.gov.in पर की जा सकती है। इसके अलावा मोबाइल नंबर 8950000946 पर मैसेज का स्क्रीनशॉट भी वॉट्सऐप किया जा सकता है। इसके बाद यह समिति उस शिकायत की जांच करेगी। जांच के बाद इन शिकायतों को कानून का पालन कराने वाली संस्थाओं के पास भेजा जाएगा। 

सौरभ भारद्वाज के अनुसार, 'हमारे पास जो भी शिकायत आएगी अगर उन शिकायतों पर FIR दर्ज होगी तो शिकायत करने वाले को 10,000 रुपए की रिवॉर्ड राशि दी जाएगी। इस ईमेल एड्रेस और वॉट्सऐप नंबर को विज्ञापन के माध्यम से जगह-जगह प्रचारित किया जाएगा। जिससे लोगों को इनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिल सके।

उन्होंने बताया कि फेक न्यूज को चेक करने के लिए एक एजेंसी की सहायता ली जाएगी। वह एजेंसी इस तरह के मामले में फैक्ट चेक करेगी। इसके लिए पुलिस के कुछ रिटायर्ड आला अधिकारियों की भी सेवाएं ली जाएगी। इसके अलावा वॉट्सऐप और इस तरह के ऐप्स को संचालित करने वाली कंपनियों के अधिकारियों से भी बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि ऐसी गतिविधियों की रोकथाम में वे कैसे मदद कर सकते हैं।

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दीपक चौरसिया ने कुछ यूं साधा एक तीर, लगाए दो निशाने

कुछ लोग क्रिया पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं और कुछ सही समय का इंतजार करते हैं। वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया दूसरी श्रेणी में आते हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 27 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 27 February, 2020
deepak

कुछ लोग क्रिया पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं और कुछ सही समय का इंतजार करते हैं। वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया दूसरी श्रेणी में आते हैं, यानी वह तुरंत जवाब नहीं देते, बल्कि सही समय की प्रतीक्षा करते हैं। शाहीन बाग में जब दीपक और उनकी टीम पर भीड़ ने हमला किया था, तो उन्हें समर्थन के साथ-साथ अपनी बिरादरी के कटाक्ष भी सहने पड़े थे। कई पत्रकारों ने दीपक की पत्रकारिता पर सवाल उठाते हुए उन्हें पत्रकार मानने से ही इनकार कर दिया था और इनमें एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन भी शामिल थे। दीपक ने उस वक्त जैन को जवाब नहीं दिया, लेकिन अब जब दिल्ली हिंसा के बीच मौका मिला, तो उन्होंने इसे हाथ से नहीं जाने दिया।

दरअसल, दिल्ली में हिंसा की ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए श्रीनिवासन जैन जाफराबाद पहुंचे थे। इस दौरान जब उन्होंने कुछ दूरी पर जमा भीड़ के बारे में बात की, तो कैमरा देखकर लोग आक्रोशित हो गए और थोड़ी ही देर में पत्थर भी चलने लगे। श्रीनिवासन लोगों को शांत करने का प्रयास करते रहे, लेकिन बात नहीं बनी। लिहाजा उन्हें वहां से जाने पर मजबूर होना पड़ा।

जैसे ही एनडीटीवी की ग्राउंड रिपोर्ट का यह विडियो सामने आया, ‘न्यूज नेशन’ के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया को श्रीनिवासन पर शाब्दिक हमला बोलने का मौका मिल गया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए ट्वीट किया, ‘प्रिय दोस्त! श्रीनिवासन जैन शाहीन बाग में पिटाई के वक्त आपने लिखा था कि मैं तो पत्रकार हूं नहीं! लेकिन आप तो हैं! फिर CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे इन शांतिदूतों ने आप पर पत्थर क्यों बरसाएं? हां अगर आप उनसे कहते कि आप रवीश कुमार के चैनल से हैं तो आपका ये हाल नहीं होता’!

चौरसिया ने एक तीर से दो विरोधियों को निशाना बनाया। उन्होंने श्रीनिवासन को जवाब देते हुए यह भी दर्शाने का प्रयास किया कि रवीश कुमार का झुकाव धर्म विशेष की तरफ है।     

गौरतलब है कि शाहीन बाग कवर करने गए दीपक चौरसिया पर भीड़ ने हमला बोल दिया था। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्रीनिवासन जैन ने अपने ट्वीट में कहा था कि किसी जमाने में बेहतरीन रिपोर्टर रहे दीपक ने काफी पहले ही पत्रकारिता छोड़ दी थी। जो नफरत वह फैलाते हैं, उसके दुष्परिणाम भी होते हैं। जैन ने एक तरह से यह कहने का प्रयास किया था कि दीपक के साथ जो कुछ हुआ, उसके लिए वही जिम्मेदार हैं। जायज है अपने खिलाफ ऐसे शब्द सुनकर दीपक चौरसिया को गुस्सा आया होगा, लेकिन उन्होंने वक्त की नजाकत को समझते हुए उस समय ज्यादा कुछ नहीं कहा। वह सही वक्त का इंतजार करते रहे और जब दिल्ली हिंसा के दौरान उन्होंने यह मौका मिला, तो उन्होंने बिना देरी किये हमला बोल दिया। चौरसिया का ये जवाबी हमला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उनके ट्वीट को अब तक 8 हजार से ज्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है।    

 

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