होम / सोशल मीडिया / ट्विटर ने कोर्ट को बताया, कब तक नियुक्त होगा नया रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर
ट्विटर ने कोर्ट को बताया, कब तक नियुक्त होगा नया रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर
ट्विटर ने कोर्ट से यह भी कहा है कि वह भारत में संपर्क के लिए एक दफ्तर खोलने की तैयारी में हैं, जो भविष्य में ट्विटर से संपर्क करने के लिए स्थायी पता रहेगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट को इस बात की जानकारी दी कि आईटी कानून के तहत स्थानीय रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर (Resident Grievance Officer) को नियुक्त करने में अभी उसे 8 सप्ताह यानी करीब 2 महीने का समय लगने वाले है। ट्विटर को दिल्ली हाई कोर्ट ने डेडलाइन दी थी, जो गुरुवार को खत्म हो रही है।
बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए ट्विटर को 2 दिन के भीतर यह बताने के लिए कहा था वह कब तक नए आईटी कानून के तहत स्थानीय रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर (RGO) की नियुक्त करेगा। लिहाजा इस प्रक्रिया के तहत ट्विटर ने गुरुवार को हाई कोर्ट में बताया कि उसे नया रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर नियुक्त करने में 8 हफ्ते का समय लगेगा।
ट्विटर ने कोर्ट से यह भी कहा है कि वह भारत में संपर्क के लिए एक दफ्तर खोलने की तैयारी में हैं, जो भविष्य में ट्विटर से संपर्क करने के लिए स्थायी पता रहेगा। साथ ही उसने यह भी जानकारी दी कि नए आईटी नियमों के अनुपाल से संबंधित अपनी पहली रिपोर्ट वह 11 जुलाई तक पेश करेगा।
ट्विटर ने कहा है कि वह 2021 से लागू नए आईटी नियमों का पालन करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उसे इन नियमों की वैधता को चुनौती देने का अधिकार है।
ट्विटर ने मंगलवार को कोर्ट को सूचित किया था कि उसके द्वारा स्थानीय रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी चल रही है, जिस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि अब वह ट्विटर को किसी तरह की राहत नहीं दे सकते और केंद्र सरकार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
बता दें कि अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें दावा किया गया कि ट्विटर केंद्र सरकार के नए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों का अनुपालन नहीं कर रहा है।
आपको बता दें कि धर्मेंद्र चतुर के इस्तीफा देने के बाद ट्विटर ने कैलिफोर्निया के जेरेमी केसल को भारत का नया ग्रीवांस ऑफिसर नामित किया था। मगर नए IT नियमों के अनुसार शिकायत ग्रीवांस ऑफिसर सहित सभी नोडल प्राधिकरण भारत के ही होने चाहिए और जेरेमी केसल कैलिफोर्निया से आते हैं।
केंद्र ने ट्विटर पर जानबूझकर अवज्ञा करने और भारत के नए IT नियमों का पालन करने में फेल होने के साथ-साथ जरूरी अधिकारियों को नियुक्त करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया है, जिसके परिणामस्वरूप इसका सेफ गॉर्ड भी वापस ले लिया गया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से IT नियमों के अनुसार, प्रमुख सोशल मीडिया मीडिएटर को एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, एक नोडल अधिकारी और एक शिकायत अधिकारी को नियुक्त करना होगा, जो सभी भारतीय निवासी होने चाहिए।
टैग्स ट्विटर दिल्ली हाई कोर्ट आईटी कानून स्थानीय रेजिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर