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केजरीवाल के सियासी पिच पर खेलना विपक्ष की मजबूरी: समीर चौगांवकर
महिलाओं को रेवड़ी कल्चर का अभिन्न हिस्सा बनाने को लेकर सभी दलों मे मौन राजनैतिक सर्वानुमति है। दरअसल महिला मतदाता सभी राजनैतिक दलों के लिए रीढ़ की तरह बन गई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago
दिल्ली विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने कई वादे किए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि तीनों दल महिलाओं को हर महीने पैसे देने की बात कही है। वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट कर कहा कि इन सबकी शुरुआत भले ही अरविंद केजरीवाल ने की लेकिन केजरीवाल के सियासी पिच पर खेलना भाजपा और कांग्रेस दोनों कें लिए सियासी मजबूरी है।
उन्होंने एक्स पर लिखा, दिल्ली चुनाव में एक बार फिर महिलाओं को लुभाने के लिए नकद हस्तांतरण योजनाओं का अंबार सभी राजनीतिक दलों ने लगा दिया हैं। देश की आधी आबादी अब हर चुनाव में वोट बैक की राजनीति के केन्द्र में आ गई है। कोई भी राजनीतिक दल महिलाओं के लिए अब नकद हस्तांतरण की गारंटी के बिना चुनावी मैदान में उतरने का जोखिम नहीं उठा सकता।
महिलाओं को दी जाने वाली रकम छोटी है, लेकिन उसकी पहुंच व्यापक है। हमारी तेजी से खंडित राजनीति में नकद हस्तांतरण पर प्रतिस्पर्धा की जरूरत ऐसा मुद्दा है, जिस पर हमारे राजनीतिक दलों में सियासी सहमति है। बेशक केजरीवाल रेवड़ी कल्चर के जनक हैं और खुलकर रेवडी कल्चर पर चुनाव लड़ने की चुनौती दूसरे दलों को दे रहे हैं।
केजरीवाल के फ्री कल्चर का भले ही कोई भी विरोध करे, लेकिन केजरीवाल के सियासी पिच पर खेलना भाजपा और कांग्रेस दोनों कें लिए सियासी मजबूरी है। समूचे राजनैतिक फलक पर महिलाओं के हिसाब से ढाली गई नीतियां इस बात का ठोस सबूत है कि मतदाता मंडल के इस हिस्से की काफी मांग हैं और यही कारण है कि सभी राजनैतिक दलों ने महिलाओं के वोट को लुभाने के लिए गांरटियों की मुहिम छेड रखी हैं।
साफ है तमाम आपसी कटुता और स्पर्धा के बीच महिलाओं को रेवड़ी कल्चर का अभिन्न हिस्सा बनाने को लेकर सभी दलों मे मौन राजनैतिक सर्वानुमति है। दरअसल महिला मतदाता सभी राजनैतिक दलों के लिए रीढ़ की तरह बन गई है। सभी का मकसद साफ है,आधी आबादी को साधों और आधा मैदान चुनाव से पहले जीत लों।
दिल्ली चुनाव में एक बार फिर महिलाओं को लुभाने के लिए नकद हस्तांतरण योजनाओं का अंबार सभी राजनीतिक दलों ने लगा दिया हैं.
— sameer chougaonkar (@semeerc) January 18, 2025
देश की आधी आबादी अब हर चुनाव में वोट बैक की राजनीति के केन्द्र में आ गई है.कोई भी राजनीतिक दल महिलाओं के लिए अब नकद हस्तांतरण की गारंटी के बिना चुनावी मैदान में…
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