होम / सोशल मीडिया / कूटनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता: अखिलेश शर्मा
कूटनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता: अखिलेश शर्मा
हम भारतीय सामान को अपने बाजार में और स्वागत करेंगे। भारत की आईटी, सॉफ्टवेयर और बायोमेडिसिन में ताकत है, जबकि चीन इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
चीन के राजदूत शू फीहोंग ने भारत के साथ मजबूत दोस्ती और सहयोग की वकालत करते हुए अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को 'गुंडागर्दी' करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर 50% तक का टैरिफ लगाया और और भी बढ़ाने की धमकी दी है, जिसका चीन पुरजोर विरोध करता है। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी राय दी।
उन्होंने लिखा, कूटनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता न मित्र और न ही शत्रु। अगर कुछ स्थायी है तो वह है केवल अपना हित। वह चीन जो गलवान संघर्ष के बाद शत्रु की भूमिका में आ गया था, अब उससे रिश्ते सामान्य हो रहे हैं। वह अमेरिका जो चीन से संघर्ष के समय मित्र दिख रहा था, अब उससे रिश्ते कड़वे हो गए।
आपको बता दें, फीहोंग ने भारतीय सामान को चीनी बाजार में और जगह देने का वादा किया। उन्होंने कहा, हम भारतीय सामान को अपने बाजार में और स्वागत करेंगे। भारत की आईटी, सॉफ्टवेयर और बायोमेडिसिन में ताकत है, जबकि चीन इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है।
कूटनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता न मित्र और न ही शत्रु। अगर कुछ स्थायी है तो वह है केवल अपना हित। वह चीन जो गलवान संघर्ष के बाद शत्रु की भूमिका में आ गया था, अब उससे रिश्ते सामान्य हो रहे हैं। वह अमेरिका जो चीन से संघर्ष के समय मित्र दिख रहा था, अब उससे रिश्ते कड़वे हो गए।
— Akhilesh Sharma (@akhileshsharma1) August 22, 2025
टैग्स