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कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ठोस दृष्टिकोण की आवश्यकता: दीपक चौरसिया
दरअसल कोलकाता के आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या की घटना के बाद पश्चिम बंगाल में जमकर प्रदर्शन हो रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
कोलकाता दुष्कर्म कांड में आज मंगलवार को सुप्रीम सुनवाई होने जा रही है। सर्वोच्च अदालत को फैसला करना है कि इस मामले में न्यायिक जांच की जरूरत है या नहीं। दरअसल कोलकाता के आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या की घटना के बाद पश्चिम बंगाल में जमकर प्रदर्शन हो रहा है।
इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' से एक पोस्ट की और अपनी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'कोलकाता में हाल ही में हुई घटनाओं ने समाज में एक बार फिर चिंता की लहर दौड़ा दी है। तेलंगाना पुलिस का उदाहरण हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसे नरसंहारों के खिलाफ एक कठोर प्रतिक्रिया आवश्यक नहीं होनी चाहिए?
हर नागरिक का यह अधिकार है कि वह एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके। हमारा समाज अपनी नाजुकता के समय में संयुक्त होकर आगे बढ़ता है, लेकिन कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक ठोस दृष्टिकोण की आवश्यकता है। क्या हमें ऐसे व्यवहार के लिए कानून के प्रति एक सख्त नीति नहीं अपनानी चाहिए?'
आपको बता दें कि कोलकाता में महिला डॉक्टर की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में कनिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से सरकारी गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सोमवार को लगातार चौथे दिन नियमित सेवाएं प्रभावित रहीं। कोलकाता में लेडी डॉक्टर के दुष्कर्म और मर्डर मामले में सीबीआई का शक आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर गहराता जा रहा है।
कोलकाता में हाल ही में हुई घटनाओं ने समाज में एक बार फिर चिंता की लहर दौड़ा दी है। तेलंगाना पुलिस का उदाहरण हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसे नरसंहारों के खिलाफ एक कठोर प्रतिक्रिया आवश्यक नहीं होनी चाहिए? हर नागरिक का यह अधिकार है कि वह एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी…
— Deepak Chaurasia (@DChaurasia2312) August 19, 2024
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