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चंडीगढ़ में मेयर का चुनाव दोबारा होना ही चाहिए: हर्षवर्धन त्रिपाठी
कांग्रेस प्रत्याशी को 12 मत मिले, लेकिन सबसे चौंकाने वाला रहा कि, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों के 8 मत रद्द कर दिए गए।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
चंडीगढ़ मेयर चुनाव का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई। चीफ जस्टिस डॉ. धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने पीठासीन अधिकारी का वीडियो देखकर नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव कराने वाले रिटर्निंग ऑफिसर की आलोचना की और कहा कि यह स्पष्ट है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने मतपत्रों को विकृत कर दिया है।
इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने अपने 'एक्स' हैंडल से एक पोस्ट की और सुप्रीम कोर्ट की बात पर अपनी सहमति व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, चंडीगढ़ में मेयर का चुनाव दोबारा होना ही चाहिए। इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है। चुनाव प्रक्रिया की संदिग्धता स्पष्ट दिख रही है। इससे पहले उन्होंने लिखा था, भाजपा ने चंडीगढ़ में भी मेयर बना लिया। भाजपा को 16 मत मिले।
कांग्रेस प्रत्याशी को 12 मत मिले, लेकिन सबसे चौंकाने वाला रहा कि, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों के 8 मत रद्द कर दिए गए। 35 पार्षदों के अलावा 1 मत भाजपा सांसद किरन खेर का था। भाजपा के सभी मत सही पड़े। इस तरह से सिर्फ विपक्षियों के मतों को रद्द करना लोकतंत्र में संदेह पैदा करता है।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि क्या वह इसी तरह से चुनाव आयोजित करते हैं? यह लोकतंत्र का मजाक है। यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने चुनाव अधिकारी की वीडियो देखते हुए कहा कि इस आदमी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। क्या यह रिटर्निंग ऑफिसर का व्यवहार है?
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— हर्ष वर्धन त्रिपाठी ??Harsh Vardhan Tripathi (@MediaHarshVT) February 6, 2024
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