होम / सोशल मीडिया / लोकसभा चुनाव: जानिए, गूगल विज्ञापनों पर राजनीतिक पार्टियों के खर्च का हिसाब
लोकसभा चुनाव: जानिए, गूगल विज्ञापनों पर राजनीतिक पार्टियों के खर्च का हिसाब
सोमवार को हुए पांचवें चरण के चुनाव के साथ जैसे ही देश में लोकसभा की लड़ाई तेज हुई, राजनीतिक दलों ने डिजिटल से जुड़े नागरिकों का ध्यान और वोट पाने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
सोमवार को हुए पांचवें चरण के चुनाव के साथ जैसे ही देश में लोकसभा की लड़ाई तेज हुई, राजनीतिक दलों ने डिजिटल से जुड़े नागरिकों का ध्यान और वोट पाने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। गूगल के ऐड ट्रांसपेरेंसी डेटा के मुताबिक, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस साल की शुरुआत से 20 मई तक गूगल विज्ञापनों पर 100 करोड़ रुपये का भारी भरकम निवेश के साथ सबसे आगे है। इसमें से 40 करोड़ रुपये से अधिक केवल मई महीने में (20 मई तक) खर्च किए गए हैं। हालांकि इस बीच ये अटकलें भी लगायी जा रही है कि पार्टी उतनी सीटें नहीं जीत पाएगी, जितनी उसने मूल रूप से लक्ष्य रखा था।
वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी डिजिटल विज्ञापन पर खर्च बढ़ा दिया है। पहले डीएवीपी के बाद चौथे स्थान पर रही पार्टी अब 39 करोड़ रुपये खर्च के साथ भाजपा के बाद दूसरे नंबर पर है। मई माह में पार्टी ने करीब 12 करोड़ रुपये खर्च किये थे।
गूगल ने 1 जनवरी से 20 मई 2024 के बीच अकेले राजनीतिक विज्ञापनों से 256 करोड़ रुपये की भारी भरकम कमाई की है। इसमें से अप्रैल और मई (20 तारीख तक) का हिस्सा 160 करोड़ रुपये से अधिक है। डेटा से पता चलता है कि विज्ञापन खर्च का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा वीडियो विज्ञापनों पर खर्च किया गया।
लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल को शुरू हुए थे। पांच चरणों के मतदान पूरे हो चुके हैं। छठे चरण के मतदान 25 मई और सातवें व अंतिम चरण का मतदान 1 जून को होगा, जिसके लिए प्रचार अभियान 31 मई को समाप्त हो जाएगा। नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे।
चेन्नई स्थित पॉपुलस एम्पावरमेंट नेटवर्क (PEN) और मुंबई स्थित I-PAC जैसे पॉलिटिकल कंसल्टिंग ग्रुप्स भी गूगल के खजाने में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहे हैं।
PEN, जो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ मिलकर काम करता है और माना जाता है कि इसका स्वामित्व स्टालिन के दामाद वी सबरीसन के पास है, ने 2024 में 16.6 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित I-PAC, जिसे देश का पहला और सबसे बड़ा क्रॉस-पार्टी पॉलिटिकल एडवोकेसी ग्रुप माना जाता है, ने 8.9 करोड़ रुपये खर्च किए।
बीजू जनता दल (13.7 करोड़ रुपये), ओडिशा सरकार (3.4 करोड़ रुपये) और YSR कांग्रेस (12.8 करोड़ रुपये) जैसी अन्य पार्टीज ने भी गूगल के विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर शीर्ष स्थान पर हैं। गौरतलब है कि ओडिशा और आंध्र में एक साथ विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।
इस साल अब तक गूगल पर दो लाख से अधिक राजनीतिक विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं।
टैग्स बीजेपी लोकसभा चुनाव गूगल विज्ञापन