महिला पत्रकार का सवाल-ये राष्ट्र क्या चीज है?

महिला पत्रकार का ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल से जोड़ते हुए जवाब दिए हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 08 August, 2019
Last Modified:
Thursday, 08 August, 2019
Female Journalist

एक जमाने में एनडीटीवी इंडिया का चेहरा रह चुकीं और वर्तमान में ‘द वायर’ से जुड़ीं महिला पत्रकार आरफा खानम शेरवानी का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बुधवार शाम को आरफा ने एक ट्वीट के जरिए राष्ट्र क्या होता है, इस सवाल को पूछा है।

आरफा ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘आखिर ये राष्ट्र क्या चीज है? ये कहां दिखता है,कहां मिलता है? कोई शाख पर बैठी चिड़िया है या खेत में उगती मूली है? राष्ट्र एक जमीन का टुकड़ा है या उस जमीन पर रहने वाले लोग? आप राष्ट्र हैं, मैं भी राष्ट्र हूं, ये राष्ट्रहित क्या है,ये किसका हित है? हम सबका हित ही राष्ट्रहित है।

उनके इस सवाल को लोगों ने हिंदू-मुस्लिम एंगल से जोड़ते हुए जवाब दिए हैं। मुकेश गुर्जर ने कहा कि सिर्फ राष्ट्र नहीं मोहतरमा, मां है और मां का दर्जा बहुत ऊंचा होता है, इसलिए कहते हैं, ‘भारतमाता की जय’। मदरसे वालों को समझ नहीं आएगा।

वहीं, एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया कि एक मुस्लिम कभी राष्ट्र की परिभाषा समझ ही नहीं सकता, क्योंकि इस्लाम खुद में एक निकाय है और हर मुसलमान पूरे विश्व में इस्लाम का राज स्थापित करने यानी खिलाफत राज का सपना लेकर जीता है और मरता है। इसलिए आप आराम से सो जाइए। राष्ट्र क्या है? यह आप को कुछ समझ में नहीं आएगा

राष्ट्र को लेकर आरफा खानम की ओर से किए गए ट्वीट और उन्हें मिले जवाब को आप यहां देख सकते हैं-

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जहां से चलते हैं न्यूज चैनल्स, क्यों हो रही है उस नोएडा फिल्म सिटी की खुदाई की मांग!

नोएडा फिल्म सिटी अचानक से ट्रॉलर्स के निशाने पर आ गया और देखते-देखते ही वो ट्विटर के टॉप ट्रेंडस में आ गया...

Last Modified:
Friday, 18 October, 2019
Noida Film City

नोएडा फिल्म सिटी अचानक से ट्रॉलर्स के निशाने पर आ गया और देखते-देखते ही वो ट्विटर के टॉप ट्रेंडस में आ गया। फिर तो एक-एक करके सारे बड़े चैनल्स और कई बड़े एंकर्स भी निशाने पर आने लगे। एक हैशटैग ट्रेंड करने लगा, #NoidaFilmCityExcavation। फिर तमाम तरह की ट्वीट्स सामने आने लगीं कि योगी का इस पर क्या बयान है, मोदी का क्या बयान है, ‘चलो फिल्म सिटी’ स्लोगन का एलान तक कर दिया गया और फिल्म सिटी का एक पुराना मैप भी ट्विटर पर घूमने लगा। लगा मानो फिल्म सिटी की खुदाई अब होकर रहेगी। आखिर माजरा क्या था, ये समझने के लिए आपको पहले ट्विटर पर @RoflGandhi_ नाम के ट्विटर एकाउंट की 17 अक्टूबर की 7 ट्वीट्स पढ़नी पड़ेंगी, तभी कहानी समझ में आएगी। हमने उन ट्वीट्स के जरिए पूरी कहानी लिखी है।


रोहतक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बलवान दहिया जी हिंदू अध्यात्म के रिसर्चर हैं। हनुमानजी पर गहरा अध्ययन किया है। उनकी रिसर्च है कि जब हनुमानजी संजीवनी लेकर लौट रहे थे तो उनकी गदा पर लगा एक मनका नीचे गिर गया था। हजारों साल बीत गए। नौवीं सदी में वो मनका एक गरीब कृपाराम को मिला।  देखते-देखते कृपाराम की किस्मत बदल गयी। उसने चावल का काम शुरू किया और वो लखपति हो गया। तब उस रहस्यमयी मनके की महिमा समझ आयी। उसकी पत्नी भामादेवी ने मनके को मंदिर में स्थापना करने की सलाह दी। कृपाराम ने भव्य बजरंगी मंदिर बनवाकर मनका स्थापित कर दिया।

मंदिर के आस-पास शहर बस गया। शहर इतना खुशहाल था कि सोने की ईंटों के फर्श लगे थे। शहर का नाम था नवोदय। फिर 11वीं शताब्दी में नवोदय नगरी के राजा अजेयनाथ और टीपू खान के बीच भयंकर जंग हुई। इससे पहले कि टीपू नवोदय नगर को लूट पाता, कुलदेवी महामाया ने शहर को पाताल में छुपा दिया। प्रोफेसर दहिया की रिसर्च और मशहूर पुरातत्व विशेषज्ञ कगिशो आर्चर की रिपोर्ट कहती है कि जहां सोने की नवोदय नगरी थी, वहां आज नोएडा शहर आबाद है। मनका जड़ित भव्य बजरंगी मंदिर की सही लोकेशन सेक्टर 16 A फ़िल्म सिटी बतायी गयी है। शायद मंदिर भूतल से लगभग 3000 मीटर नीचे है।

प्रोफेसर दहिया के दादाजी भलेराम दहिया भी एक बार नेहरूजी से मिले थे और बजरंगी मंदिर की खोज के लिए खुदाई की मांग की थी। लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया। आज फ़िल्म सिटी में बहुत सारे न्यूज़ स्टूडियो आबाद हैं और धरातल में कैद है एक चमत्कारी रहस्य जो भारत की किस्मत बदल सकता है। प्रोफेसर दहिया अब प्रधानमंत्रीजी से उम्मीद कर रहे हैं जैसे वो नेहरूजी की अन्य गलतियों को सुधार रहे हैं, वैसे ही नवोदय नगरी के बजरंगी मंदिर की खोज करके एक और इतिहास ठीक कर देंगे। न्यूज़ स्टूडियो तो कहीं भी बस सकते हैं, लेकिन बजरंगी का निवास एक विशेष स्थल ही होता है। आज नहीं तो कल देश की जनता इसका जवाब जरूर मांगेगी। आस्था के ऊपर कुछ नहीं, न्यूज स्टूडियो तो बिल्कुल नहीं।

तो ये थी वो मनगढ़ंत कहानी जो इस पैरोडी, सैटायर ट्वीट करने वाले एकाउंट्स से बताई गई थी, और निशाना था राष्ट्रवादी किस्म के एंकर और उनके चैनल्स। जो अक्सर राम मंदिर विवाद पर किसी ना किसी व्यक्ति को बुलाकर बिना साक्ष्य के कहानियां गढ़ने लगते हैं, या फिर तथ्यों पर तो सही डिसकशन करते हैं लेकिन प्रोमो इस तरह का बनाते हैं, मानो खुद राम प्रकट होकर बताने वाले हैं कि वो कहां पैदा हुए थे।

चूंकि ये प्लांड ट्वीट्स थे, सो सभी एंटी मोदी पत्रकारों के लिए इसे जमकर रिट्वीट किया, पहला ट्वीट ही साढ़े तीन हजार से ज्यादा बार रिट्वीट हो चुका है। ऐसे में बहुत से लोगों की समझ नहीं आ रहा था कि आखिर फिल्म सिटी नोएडा की खुदाई की जरुरत क्यों पड़ गई, क्यों ये हैशटैग ट्रेड कर रहा है, लेकिन वो भी इस मौज मस्ती में शामिल हो गए और इस तरह दो दिन तक ये हैशटैग ट्विटरत्तियों के बीच छाया रहा।

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समय की मांग है सोशल मीडिया शिष्टाचार बनें पाठ्यक्रम का भाग

बीते दिनों यू.जी.सी. ने युवाओं को सोशल मीडिया की नैतिकता और शिष्टाचार सिखाने के लिए इसे स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम का हिस्सा बना दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 17 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 17 October, 2019
social media

डॉ. बिजेंद्र कुमार 
एसोसिएट प्रोफेसर, भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय 
दिल्ली विश्वविद्यालय 

बीते दिनों यू.जी.सी. ने युवाओं को सोशल मीडिया की नैतिकता और शिष्टाचार सिखाने के लिए इसे स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम का हिस्सा बना दिया है। सोशल मीडिया के दुरूपयोग को देखते हुए उसके बारे में युवाओं को जागरूक करने के लिए इस तरह के पाठ्यक्रम की आवश्यकता बड़ी शिद्दत से महसूस की जा रही थी। आजकल सोशल मीडिया आपस में लोगों के जुड़ने और संचार का प्रमुख साधन बन गया है। हमारे जीवन में उसका निरंतर बढ़ती उपयोगिता के साथ-साथ उसके निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा  उसका दुरुपयोग भी बढ़ता जा रहा है। आज सोशल मीडिया को कुछ लोगों ने अपने दुष्प्रचार का माध्यम बना लिया है जिसके कारण फेक और नफरत फैलाने वाली  खबरों की एक अलग ही दुनिया बन गयी है जो समाज को बांटने और आपसी विश्वास में दरारें डालने का काम कर रही है। बडे पैमाने पर अफवाहों, डर, खौफ और नकारात्मक खबरों को प्रसारित- प्रचारित करने में सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर कई बार इसे नियमित और नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग भी उठती रही है। 

सोशल मीडिया में  झूठी खबरों की समस्या की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकांश परंपरागत माध्यम जैसे रेडियो, टी.वी और पत्र-पत्रिका ने फेक न्यूज को जानने के लिए फैक्ट टीम बनाने  लगे हैं ताकि सोशल मीडिया से आने वाली खबरों के सच और झूठ का पता लगाया जा  सके। अमेरिका जैसे देश इस मामले में अत्यंत जागरूक हैं और वहां सोशल नेटवर्किंग साइट पर नियंत्रण को लेकर पर्याप्त कदम समय-समय पर उठाए जाते हैं। भारत में भी सोशल मीडिया संबंधित नैतिक और शिष्टाचार से जुडे पाठ्यक्रम युवाओं  की भावनात्मक और बौद्धिक क्षमताओं को विकसित करने और उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महती भूमिका निभाएंगे तभी सही मायने में सोशल मीडिया अपने नाम को सार्थक करेगा।
 
 

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चित्रा त्रिपाठी ने पूछा बड़ा सवाल, अजीत अंजुम ने जवाब देने में बरता परहेज

निर्भया केस में वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम द्वारा किए गए लगातार कई ट्वीट्स को लेकर लोग दे रहे हैं अपनी प्रतिक्रिया

Last Modified:
Monday, 14 October, 2019
Chitra-Tripathi-Ajit-Anjum

टीवी9 भारतवर्ष से अलग होने के बाद अजीत अंजुम सोशल मीडिया पर ज्यादा समय देने लगे हैं। पिछले दिनों उन्होंने ट्विटर पर ऐसी खबर ब्रेक कर दी कि हंगामा मच गया। कम से कम उन लोगों को लिए, जिनको इस बारे में पहले से पता नहीं था। इंडिया टुडे, क्विंट जैसे बड़े प्रकाशनों ने बड़े खुलासे की तरह उनके ट्वीट को लिया भी। रोहिंणी सिंह, अलका सक्सेना जैसे पत्रकारों ने उनकी तारीफ भी की, लेकिन ‘आजतक’ की मशहूर एंकर चित्रा त्रिपाठी ने उनके खुलासे के समय पर सवाल उठा दिए।

दरअसल, मामला निर्भया केस से जुड़ा था। निर्भया के साथ उसका जो दोस्त था, वो चैनल्स पर बैठने के पैसे मांगने लगा था, क्योंकि निर्भया और आरोपितों के अलावा इस घटना का बस वही इकलौता चश्मदीद था। ऐसे में अजीत अंजुम ने उस लड़के को पैसे देने का लालच देकर न्यूज 24 के स्टूडियो बुलाया। पैसे देते हुए उसका स्टिंग ऑपरेशन किया और बाद में एक शो भी रिकॉर्ड किया और उसे उसी शो में एक्सपोज कर दिया। लेकिन अजीत अंजुम में वो शो ऑन एयर नहीं किया।

इसके पीछे अजीत अंजुम ने तर्क ये दिया कि इसे आरोपितों के वकील गलत तौर पर इस्तेमाल कर सकते थे। ऐसे में इस तर्क के पक्ष में कई लोगों ने अजीत अंजुम की तारीफ की तो कई ने आलोचना भी की कि उसी वक्त उस लड़के का काला चेहरा सबके सामने पेश क्यों नहीं किया?

अजीत अंजुम ने कई सवालों के शुरू में जवाब भी दिए। सोनाली मिश्रा ने पूछा था, 'निर्भया की कहानी को अपने पैसे कमाने का जरिया हर चैनल ने बनाया। न केवल निर्भया, बल्कि हर मामले का दोहन करने का इतिहास रहा है। इस समय गड़े मुर्दे उखाड़ने का क्या फायदा? किसे पता दो लोगों के बीच क्या बात हुई, क्या नहीं?' तो अजीत अंजुम ने जवाब दिया, 'मैडम, ये दो लोगों के बीच की बात नहीं है। न्यूज रूम में सौ लोगों की मौजूदगी में रिकॉर्डिंग हुई। जो भी बात हुई, ऑन कैमरा हुई। लड़के का माफी मांगना और उसके बैग से पैसे ऑन एयर निकलना,उसका मामा स्टू़डियो से अपने भांजे को जिम्मेदार ठहराकर ऑन एयर भागा, सब टेप पर है। बाकी आप नहीं समझेंगी'।

लेकिन लोगों के अनगिनत सवाल आने शुरू हो गए कि आखिर इससे केस पर क्या फर्क पड़ता? आपको यूट्यूब चैनल खोलना है, उसके लिए आप अपनी टीआरपी और सब्सक्राइबर्स बढाने के लिए ये फॉर्मूला इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में उनकी न्यूज24 की एक साथी का ट्वीट सबसे चौंकाने वाला रहा।

ये ट्वीट था ‘आजतक’ की एंकर चित्रा त्रिपाठी का, चित्रा ने ट्विटर पर सीधे अजीत अंजुम के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए उन्हें टैग करते हुए सवाल पूछ डाला, 'आपसे एक सवाल है-जब आपने खुद निर्णंय लेकर प्रोग्राम नहीं दिखाने का फैसला किया तो अब ट्वीट करके क्या बताना चाहते हैं? @ajitanjum  सच ये है कि उसके दोस्त की हकीकत उसी समय सामने आनी चाहिये थी।सच को छिपा लेने की गलती को इस आधार पर जायज कैसे ठहराया जा सकता है कि केस प्रभावित होता...।'

हालांकि अजीत अंजुम ने इस सवाल का जवाब देने से अभी तक परहेज ही बरता है, लेकिन एबीपी न्यूज के एक करेसपॉन्डेंट उत्कर्ष ने चित्रा का ट्वीट शेयर करते हुए लिख डाला, 'एक संपादक और न्यूज एंकर के बीच का फर्क! @ajitanjum @chitraaum (Without any disrespect)।' चित्रा ने उसको जवाब दिया, 'अच्छा हुआ तुमने संपादक और एंकर के बीच का फर्क बता दिया,मुझे तो पता ही नहीं था। (खबर की गोपनीयता का पालन अगर संपादक रहते हुये हम कर रहे हैं तो उस कुर्सी से हटने के बाद भी हमारी यही जिम्मेदारी है) एक गलत लड़के को हमने उस वक्त बचाने की भूल की है, हमने निर्भया को पूरा इंसाफ नहीं दिया।' हालांकि अजीत अंजुम ने इस मुद्दे पर अभी तक चुप्पी बरतना ही बेहतर समझा है।

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निर्भया के बॉयफ्रेंड के बारे में अजीत अंजुम ने किया ये बड़ा खुलासा

लगातार एक के बाद एक किए दस ट्वीट, कहा- तब अगर हमने एक घंटे का ये स्पेशल शो और स्टिंग चला दिया होता तो रेटिंग भी आती, देश भर में चर्चा भी होती और चैनल का नाम भी होता

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 12 October, 2019
Last Modified:
Saturday, 12 October, 2019
Ajit Anjum Avanindra

दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 की रात हुए निर्भया कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस वारदात में चलती बस में पांच बालिग और एक नाबालिग ने एक लड़की के साथ हैवानियत का खेल खेला था और साथ में मौजूद लड़की के दोस्त की बुरी तरह पिटाई की थी। बाद में उपचार के दौरान निर्भया ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

अब निर्भया के उसी दोस्त अवनींद्र को लेकर वरिष्ठ टीवी पत्रकार अजीत अंजुम ने बड़ा खुलासा कर देशवासियों को चौंका दिया है। अपने ट्विटर हैंडल पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर 'न्यूज24' और 'इंडिया टीवी' के मैनेजिंग एडिटर रह चुके अजीत अंजुम ने बताया, ‘#Netflix पर देर रात तक #DelhiCrime देखकर विचलित होता रहा। निर्भया रेप कांड पर है ये सीरीज। मुझे याद आ गया निर्भया का वो दोस्त,जो उस गैंगरेप के वक्त उसके साथ बस में था। जो अपनी दोस्त के साथ हुई दरिंदगी का गवाह था। उसके बारे में आज वो सच बताने जा रहा हूं जो आज तक छिपा रखा था।

‘टीवी 9 भारतवर्ष’ के पूर्व कंसल्टिंग एडिटर अजीत अंजुम ने इसके बाद लगातार एक के बाद एक ट्वीट्स में कहा,’ वाकया सितंबर 2013 का है। निर्भया रेप कांड के आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। सभी चैनलों पर निर्भया कांड के बारे में लगातार कवरेज हो रहा था। मैं उस वक्त 'न्यूज 24' का मैनेजिंग एडिटर था। निर्भया का दोस्त कुछ चैनलों पर उस जघन्य कांड की कहानी सुना रहा था।

मैंने भी अपने रिपोर्टर्स को निर्भया के दोस्त को अपने स्टूडियो लाने की जिम्मेदारी दी। कुछ देर में मुझे बताया गया कि उसका दोस्त अपने चाचा के साथ ही स्टूडियो जाता है और इसके बदले हजारों रुपए लेता है। सुनकर पहले तो यकीन नहीं हुआ। उस लड़के पर बहुत गुस्सा भी आया।

मैं इस बात पर बौखलाया था कि जिस लड़के के सामने उसकी गर्लफ्रेंड गैंगरेप और दरिंदगी की शिकार होकर दुनिया से रुखसत हो गई हो, उसकी दास्तान सुनाने के बदले वो लड़का चैनलों से 'डील' कर रहा है। मैं उसको लगातार टीवी पर देख रहा था। मुझे उसकी आंखों में कभी दर्द नहीं दिख रहा था.

मैंने फैसला किया कि पैसे मांगते और पैसे लेते हुए निर्भया के इस दोस्त का स्टिंग करूंगा और ऑन एयर एक्सपोज करूंगा। उसकी जगह मैंने खुद को रखकर कई बार सोचा। लगातार सोचता रहा। वहशियों की शिकार दोस्त की चीखें, जिसके कानों में गूंजी होंगी,वो पैसे ले लेकर चैनलों को कहानी सुनाएगा?

मेरे रिपोर्टर ने मेरे सामने बैठकर मोबाइल से उस लड़के के चाचा से बात की। उसने एक लाख लेकर स्टूडियो में आने की बात की। कम करके 70 हजार पर बात तय हुई। मैंने सोचा कि कहीं चाचा तो भतीजे के नाम पर पैसे नहीं ले रहा? मैं चाहता था कि पैसे उस लड़के के सामने दिए जाएं।

निर्भया के उस 'दोस्त' के सामने स्टूडियो इंटरव्यू के लिए 70 हजार दिए गए। खुफिया कैमरे में सब रिकार्ड हुआ। फिर उसे स्टूडियो ले जाया गया। दस मिनट की बातचीत के बाद ऑन एयर ही उस लड़के से पूछा गया कि आप निर्भया की दर्दनाक दास्तान सुनाने के लिए चैनलों से पैसे क्यों लेते हो?

हमने तय किया था कि ये शो पहले रिकार्ड करेंगे, फिर तय करेंगे कि क्या करना है। वो लड़का पैसे लेने की बात से इनकार करता रहा। फिर रिकार्डिंग के दौरान ही उस लड़के को ऑन स्क्रीन ही उसके स्टिंग का हिस्सा दिखाया गया। तब उसके होश उड़ गए। कैमरों के सामने उसने माफी मांगी।

'न्यूज 24 ' के स्टूडियो से बाहर आने के बाद मैं खुद उसे जलील करता रहा। मेरा गुस्सा सिर्फ इस बात को लेकर था कि तुम्हारी दोस्त तुम्हारी आंखों के सामने दरिंदगी की शिकार हुई। तुम बच गए, वो मर गई और तुम उस वारदात को सुना -सुनाकर चैनलों से लाखों रुपए कमाने में लगे हो?

दूसरे माले के स्टूडियो से लेकर ग्राउंड फ्लोर तक न्यूजरुम के साथी जमा हो गए थे। सब गुस्से में थे कि कैसा ये लड़का है,जिसने निर्भया की कहानी को कमाने का जरिया बना लिया है। सब चाहते थे तुरंत पूरा शो ऑन एयर हो, ताकि हकीकत पता चले। तब तक सभी चैनल उस लड़के का इंटरव्यू दिखा रहे थे।

निर्भया के उस 'दोस्त' को मैं जितना सुना सकता था, सुनाया। उस शो को ऑन एयर करने के लिए करीब-करीब पूरा न्यूजरूम एक तरफ और मैं एक तरफ। रिकार्डिंग के बाद उसे ऑन एयर नहीं करने का फैसला मेरा था। रिकार्डिंग के बाद मुझे लगा कि कहीं आरोपितों के वकील इसका इस्तेमाल अपने पक्ष में न कर लें।’

अजीत अंजुम द्वारा लगातार एक के बाद किए गए ट्वीट्स का स्क्रीनशॉट आप यहां देख सकते हैं-

इसके साथ ही एक ट्वीट में अजीत अंजुम का यह भी कहना था कि उस वक्त जब कई चैनल निर्भया के इस 'दोस्त ' के लंबे-लंबे इंटरव्यू चला रहे थे,  तब अगर हमने एक घंटे का ये स्पेशल शो और स्टिंग चला दिया होता तो रेटिंग भी आती, हंगामा भी मचता। देश भर में चर्चा भी होती और चैनल का नाम भी होता। फिर भी मैंने सोच-समझकर फैसला लिया कि इसे नहीं चलाना है।

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ट्विटर को रास नहीं आया विकास भदौरिया का ये ट्वीट, हटाने पर किया मजबूर

एबीपी न्यूज के पत्रकार ने ट्विटर के इस कदम को उनकी कलम तोड़ने और मुंह बंद करने की कोशिश के साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी की हत्या करार दिया

Last Modified:
Friday, 11 October, 2019
Vikas Bhadauria

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए अक्सर ट्वीट डिलीट करने का दवाब डालने के आरोप लगते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एबीपी न्यूज के पत्रकार विकास भदौरिया ने ट्विटर पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं। यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तमाम लोग विकास भदौरिया के पक्ष में आ गए हैं और ट्विटर की आलोचना हो रही है।

अपने इस ट्वीट में विकास भदौरिया ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुए तिहरे हत्याकांड के बारे एक ट्वीट किया था। दरअसल, कुछ अज्ञात बदमाशों ने मुर्शिदाबाद में 35 वर्षीय आरएसएस कार्यकर्ता बंधु प्रकाश के साथ उनकी तीस वर्षीय गर्भवती पत्नी ब्यूटी पाल और आठ साल के बेटे अंगन की निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी।

विकास भदौरिया ने इस बारे में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए घटना से जुड़ी कुछ फोटोज भी शेयर की थीं। आरोप है कि ट्विटर ने उन्हें यह ट्वीट डिलीट करने पर मजबूर किया। इस बारे में विकास भदौरिया ने शुक्रवार को ट्वीट कर बताया कि किस तरह उनकी कलम को तोड़ने और मुंह बंद करने की कोशिश की जा रही है।  

इससे पहले ट्विटर ने विकास भदौरिया से मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर किए गए अपने ट्वीट को हटाने को कहा था। ट्विटर का कहना था कि इस पोस्ट से ट्विटर द्वारा तय किए गए नियमों का उल्लंघन हुआ है। मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर विकास भदौरिया द्वारा किए गए ट्वीट और उसके बाद ट्विटर द्वारा किस तरह इसे नियमों का उल्लंघन बताया गया, वह आप यहां देख सकते हैं। हालांकि विकास भदौरिया द्वारा घटना से जुड़ी कुछ फोटोज भी शेयर की गई थीं, जिन्हें अब हटा दिया गया है।

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पीएम की पत्नी के बारे में ANI की रिपोर्ट को बताया 'झूठा'

मामला बढ़ने पर एजेंसी ने हटाई स्टोरी, एडिटर ने भी डिलीट किया इस मामले से जुड़ा अपना ट्वीट

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 30 September, 2019
Last Modified:
Monday, 30 September, 2019
ANI

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी के बारे में एक आर्टिकल पब्लिश करने को लेकर न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ (ANI) काफी चर्चा में है। दरअसल, 29 सितंबर को एएनआई ने बुशरा बीबी के बारे में एक आर्टिकल पब्लिश किया था, जिसके कैप्शन में पीएम हाउस के स्टाफ के हवाले से बताया गया था कि पाकिस्तान की फर्स्ट लेडी बुशरा बीबी की तस्वीर आईने में दिखाई नहीं देती है। पाकिस्तान के ‘कैपिटल टीवी’ (Capital TV) के एक स्क्रीन शॉट के हवाले से एएनआई ने बताया था कि पाकिस्तान के पीएम हाउस के स्टाफ के अनुसार, बुशरा बीबी आईने में दिखाई नहीं देतीं।

इस आर्टिकल को एएनआई की एडिटर स्मिता प्रकाश ने भी ट्वीट किया था, जिसे अब डिलीट कर दिया गया है। विवाद बढ़ने पर एएनआई ने बैकफुट पर आते हुए एक और आर्टिकल पब्लिश किया, जिसमें कहा गया, ‘ट्विटर यूजर्स इस रिपोर्ट पर आपस में बंट गए हैं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी शीशे में दिखाई नहीं देती हैं।’  

इस आर्टिकल में न्यूज एसेंजी ने दावा किया, ‘कुछ पाकिस्तानी पत्रकारों का आरोप है कि यह पिक्चर फोटोशॉप से तैयार की गई है, एक पाकिस्तानी सूत्र का कहना है कि टीवी चैनल ने सही खबर चलाई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।’ हालांकि, बाद में एएनआई ने यह आर्टिकल डिलीट कर दिया।

‘ऑल्ट न्यूज’ (Alt News) में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, जब इस बारे में पड़ताल की गई तो ‘कैपिटल टीवी’ द्वारा किए गए इस तरह के कई ट्वीट मिले, जिसमें एएनआई की रिपोर्ट को झुठलाते हुए चैनल ने इनकार किया कि उन्होंने इस तरह की कोइ रिपोर्ट दी थी। अपने एक ट्वीट में ‘कैपिटल टीवी’ ने आरोप लगाया कि एएनआई ने उनके टेंपलेट के साथ फोटोशॉप से तैयार किया हुआ पोस्टर लगाया और गैरजिम्मेदाराना पत्रकारिता की।    

एक अन्य ट्वीट में ‘कैपिटल टीवी’ ने कहा कि करीब एक साल पहले एक फेक पोस्टर सर्कुलेट किया गया था, जिसके बारे में चैनल ने संघीय जांच एजेंसी (FIA) में शिकायत दर्ज कराई थी। इस बारे में ‘कैपिटल टीवी’ के डायरेक्टर नौशाद अली ने बताया कि उन्होंने संघीय जांच एजेंसी की साइबर क्राइम विंग में इसे लेकर पिछले साल शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, पुराने ट्वीट्स को खंगालने पर ‘कैपिटल टीवी’ के पत्रकार अनीक निसार का एक अक्टूबर 2018 का ट्वीट भी मिला, जिसमें कहा गया था कि चैनल की ओर से इस तरह की कोई न्यूज प्रसारित नहीं की गई।

उन्होंने साइबर क्राइम विंग के पास की गई शिकायत को लेकर भी ट्वीट किया था।

बता दें कि एएनआई की ओर से इस तरह दी गई सूचना को कई मीडिया आउटलेट्स ने अपने यहां इस्तेमाल किया था। ‘टाइम्स नाउ’ ने भी इसी तरह की हेडलाइन से एक आर्टिकल पब्लिश किया था, ‘Pakistan PM Imran Khan’s wife Bushra bibi’s reflection can’t be seen in a mirror, claims report’ (रिपोर्ट का दावा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की इमेज शीशे में दिखाई नहीं देती है।)

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Zee Media के चैनल से हो गई ये गलती, अब उड़ रहा मजाक

चैनल ने एक ट्वीट में राजस्थान के बांसबाड़ा स्थित माता के मंदिर में राज्यपाल के जाने का जिक्र किया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 27 September, 2019
Last Modified:
Friday, 27 September, 2019
Zee Media

काम के दौरान कई बार गलती हो जाती है, बेशक उसके पीछे कारण कोई भी हो। ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL) के चैनल ‘जी राजस्थान’ (Zee Rajasthan) से भी एक गलती हो गई। गलती सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है।

दरअसल, चैनल ने एक ट्वीट किया, जिसमें बताया गया कि राजस्थान के बांसबाड़ा में राज्यपाल कलराज मिश्र त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचे। इस ट्वीट में कहा गया है कि मां त्रिपुरा के राज्यपाल कर रहे दर्शन। मां की विशेष पूजा अर्चना कर रहे राज्यपाल। हालांकि, ये सही है कि कलराज मिश्र राजस्थान के राज्यपाल हैं और वे मंदिर दर्शन करने गए हैं, लेकिन इस ट्वीट में जो फोटो लगाई गई है, वह केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की है।

‘जी राजस्थान’ द्वारा किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं।

चैनल की इस गलती पर ट्विटर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। ऐसे ही एक ट्विटर यूजर राजीव ने कहा है कि फोटो आरिफ मोहम्मद खान का है। राजीव ने अपने ट्वीट में ‘जी राजस्थान’, कलराज मिश्र और राजस्थान सरकार के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट को भी टैग किया है।

खास बात ये है कि मामला सामने आने और सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा इस पर प्रतिक्रिया देने के बावजूद चैनल की ओर से इस गलती को सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया गया। हालांकि, काम के दौरान कई बार गलतियां हो जाती हैं, लेकिन लगता है कि  'Zee Rajasthan' की  सोशल मीडिया टीम अपने ट्वीट्स पर आए रिप्लाई भी नहीं देखती है। ऐसे में आप ये टीम कितनी गंभीरता से काम करती है, ये समझ सकते हैं। बता दें कि यह ट्वीट 27 सितंबर को दोपहर में करीब डेढ़ बजे किया गया था और शाम करीब पौने छह बजे तक गलती ज्यों की त्यों जा रही थी। 

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अंकल और कजिन का मोदी संग विडियो शेयर करने पर घिरीं निधि राजदान

लोगों ने उठाए सवाल तो निधि ने एक ट्वीट के जरिये समझाने का भी किया प्रयास, बाद में साधी इस मुद्दे पर चुप्पी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 23 September, 2019
Last Modified:
Monday, 23 September, 2019
Nidhi Razdan

एनडीटीवी को आमतौर पर मोदी समर्थक पसंद नहीं करते हैं। भले ही वहां हर पत्रकार मोदी विरोधी न हो, लेकिन माना यही जाता है कि कोई भी एनडीटीवी पत्रकार मोदी के सपोर्ट में नहीँ आ सकता है। ऐसे माहौल में अगर कोई सीनियर एंकर बड़ी खुशी के साथ अपने अंकल और कजिन का विडियो पीएम मोदी से मुलाकात करते हुए शेयर करे तो लोगों का चौंकना स्वभाविक है।

ऐसा ही हुआ एनडीटीवी की मशहूर एंकर और एग्जिक्यूटिव निधि राजदान के साथ, उन्होंने ट्विटर पर एक विडियो शेयर किया है। इस विडियो के साथ वो लिख रही हैं, ‘Hello  to my first cousin Shakun Malik standing next to the PM in front and to my uncle Subhash Razdan right behind her'। एक तरह से वो शकुन को हैलो करने के बजाय दुनिया को दिखा रही हैं कि कैसे हाउडी मोदी ईवेंट से ठीक पहले मोदी अमेरिका में उनके परिवार से भी मिले।

निधि राजदान के इतना लिखते ही मानो बवाल हो गया। दरअसल, मोदी का जो विडियो निधि राजदान ने शेयर किया, उसमें मोदी ह्यूस्टन में कश्मीरी पंडितों से मिल रहे थे। उसी ग्रुप में वो निधि के अंकल और कजिन शकुन से भी मिले और शायद मोदी को भी इसका अंदाजा नहीं होगा। लेकिन निधि की ट्वीट के बाद तमाम लोगों को पता लगा कि वो कश्मीरी पंडित हैं, तो वो मोदी के प्रति उनके रुख पर सवाल उठाने लगे।

निधि ने एक ट्वीट करके ये समझाने की भी कोशिश की कि जरूरी नहीं है कि मेरे विचार मेरे परिवार से भी मिलते हों, उनके विचार अलग हो सकते हैं। उन्होंने लिखा, ‘My family are entitled to their views. I have mine. Maybe you could stop sermonising for a minute and see the world isn’t black and white. Save the sanctimony please’।

लेकिन ट्विटरत्तियों का क्या है, वो एक बार शुरू हो गए तो फिर हो गए और ऐसा ही हुआ निधि के साथ भी, जब उन्हें लगा कि उनकी सफाई से भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला तो वो भी फिऱ खामोश हो गईं। सोच रही होंगी कि किस घड़ी उन्होंने मोदी और अपने परिवार का कनेक्शन दुनिया के साथ शेयर करने की सोची।

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सुमित अवस्थी ने कर दिया यूपी सरकार को अपनी गलती सुधारने पर मजबूर

यूपी सरकार की एक पोस्ट को ट्वीट करते हुए न सिर्फ कड़ा ऐतराज जताया बल्कि योगी आदित्यनाथ और उनके ऑफिस के ट्विटर एकाउंट को भी टैग कर दिया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 23 September, 2019
Last Modified:
Monday, 23 September, 2019
Sumit Awasthi

देश गांधीजी की 150वीं जयंती मना रहा है। मोदी यूएन हेडक्वार्टर की छत पर 1 मिलियन डॉलर की मदद से गांधीजी के नाम एक सोलर पार्क बनवा रहे हैं और दूसरी तरफ यूपी सरकार में ऐसे भी अधिकारी हैं, जिन्हें गांधीजी का असली नाम भी पता नहीं है। ये वाकई में देश की विडम्बना ही है कि इतने महत्वपूर्ण मौके पर कोई सरकारी महकमा ऐसी गलती कर भी कैसे सकता है, लेकिन हुई और इस गलती को सुधरवाया एबीपी न्यूज के मशहूर एंकर सुमित अवस्थी ने।

सुमित अवस्थी हिंदी टीवी की दुनिया के मशहूर लेकिन शायद सबसे सौम्य चेहरों में से एक हैं। सुमित पर आप आसानी से राइट या लेफ्ट होने का भी टैग नहीं लगा सकते। उन्होंने जब यूपी सरकार के एक ऐड में देखा कि गांधीजी का पूरा नाम तक ढंग से नहीं लिखा है, तो उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने उस पोस्ट को ट्वीट करते हुए न सिर्फ कड़ा ऐतराज जताया बल्कि योगी आदित्यनाथ और उनके ऑफिस के ट्विटर एकाउंट को भी टैग कर दिया।

दरअसल ये ट्वीट ही सीएम ऑफिस के ऑफिशियल एकाउंट से किया गया था, जिसमें गांधीजी की 150 वीं जयंती पर सवाल जवाब श्रंखला के तहत एक सवाल पूछा गया था कि मोहनदास करमदास गांधी का जन्म किस वर्ष में हुआ था और इसके चार जवाब विकल्प में लिखे हुए थे। लेकिन गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। लिखने वाले ने ये नहीं सोचा कि ये यूपी के चीफ मिनिस्टर का एकाउंट है, जरा सी गलती सीएम और सरकार का मजाक उड़वा सकती है।

सुमित अवस्थी ने इस ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, ‘यूपी सरकार के अधिकारिक हैंडल पर बापू का नाम गलत लिखा गया है! महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिन के मौके पर ये गलती मामूली नहीं कही जा सकती!यूपी के अधिकारियों ध्यान से सुनो..बापू का नाम ‘मोहनदास करमचंद गांधी’ है ना कि करमदास!! @CMOfficeUP. माननीय सीएम @myogiadityanath ध्यान दें!

सुमित के ट्वीट के बाद से ये गलती खूब रिट्वीट होने लगी और लोग यूपी सरकार पर सवाल दागने लगे। सुमित की बात शायद सीएम ऑफिस पहुंच भी गई और एक घंटे के अंदर इस गलती को ठीक भी कर लिया गया। एडिट तो टविटर पर होता नहीं, सो उस ग्राफिक प्लेट में करमदास की जगह करमचंद किया गया और पुरानी ट्वीट को डिलीट करके नई ट्वीट में नई प्लेट शेयर की गई। सुमित ने उस नई ट्वीट को शेयर करके बताया, ‘#यूपी_सरकार ने गलती सुधार ली है! अभी थोडी देर पहले @CMOfficeUPने ट्विट कर बापू का नाम सही से मोहनदास करमचंद गांधी कर ट्विट कर दिया है!’ देर आयद दुरुस्त आयद।

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रोमाना ईसार खान पर रोहिणी सिंह ने किया 'वार', हुआ करारा 'पलटवार'

मीडिया हलकों मे चर्चा का विषय बन गया है दोनों पत्रकारों का इस तरह आपस में भिड़ना

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 19 September, 2019
Last Modified:
Thursday, 19 September, 2019
Romana-Rohini

ये तो सबको पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडियाकर्मियों के बीच चीफ डिवाइडर का काम किया है, अधिकांश मीडिया दो खानों में बंट गई है। सो दोनों तरफ के लोग आपस में ट्विटर पर भिड़ते ही रहते हैं। एक-दूसरे पर भक्ति और एजेंडे का आरोप लगाते ही रहते हैं, ये कोई नई बात नहीं। लेकिन, एबीपी न्यूज की एंकर रोमाना आमतौर पर इन दोनों ही खानों में कभी सक्रिय नहीं दिखतीं, फिर भी वो एक मोदी विरोधी पत्रकार रोहिणी सिंह से जिस तरह से भिड़ गईं, वो मीडिया हलकों मे चर्चा का विषय बन गया है।

रोहिणी सिंह कभी इकनॉमिक टाइम्स में हुआ करती थीं। कहा जाता है कि उनकी नौकरी अमित शाह और मोदी के खिलाफ चलाए किसी कैम्पेन के चलते ही गई थी। फिर वो 'द वायर' से जुड़ीं और फिर अमित शाह के बेटे के खिलाफ ‘चमत्कारिक कमाई’ की स्टोरी छाप दी।  इस मामले में मानहानि का केस हुआ, जिससे अभी उन्हें छुटकारा नहीं मिला है। पिछली बार सुप्रीम कोर्ट में केस रद्द करने की एप्लिकेशन वापस ली तो सुप्रीम कोर्ट के जज ने उन पर पीत पत्रकारिता करने जैसी टिप्पणी भी कर दी थी।

ऐसे में रोहिणी सिंह भी अभिसार और पुण्य प्रसून की तरह मोदी विरोध का चेहरा बन गई हैं। वो रोमाना से कभी सोशल मीडिया पर इंटरेक्शन करती नहीं दिखीं, लेकिन मोदी के जन्मदिन पर रोमाना ने मोदी से जुड़े एक सवाल पर अपने शो का  टीजर पोस्टर ट्विटर पर शेयर किया तो उसे शेयर करते हुए रोहिणी सिंह ने कुछ ऐसा लिख दिया, जिससे रोमाना भड़क उठीं और फिर हुए वार पर वार, जिसमें कई लोग कूद पड़े और वो ट्वटिर वॉर 48 घंटे बाद तक चल रही थी।

रोमाना एबीपी न्यूज पर जो शो करती हैं, उसका नाम है  'संविधान की शपथ', जो चार बजे प्रसारित होता है। मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर पर उन्होंने एक सवाल अपने ट्विटर एकाउंट पर हमेशा की तरह दर्शकों से पूछा- ’क्या पीएम मोदी का जन्मदिन देश के लिए उत्सव होना चाहिए? अपने जवाब के समर्थन में कम से कम दो वजह ज़रूर गिनाएं। करेंगे चर्चा, शाम 4 बजे।’

इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए रोहिणी सिंह ने लिखा, ’बिलकुल होना चाहिए। आदेश पारित किया जाए कि सबको 17 सितंबर को, प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर, अपने घर पर दीये जलाने चाहिए और लाइटिंग करनी चाहिए। जो ऐसा नहीं करेगा उसको PSA में 2 साल के लिए बंद किया जाएगा।’

रोहिणी सिंह मोदी पर वार का मौका तलाशती हैं, इसलिए शायद पहली बार रोमाना की वॉल पर चली आईं, लेकिन रोमाना को ये अखर गया कि कोई अपने एजेंडे के लिए उनके ट्वीट उनके शो का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने फिर रिप्लाई ट्वीट शेयर करते हुए लिखा और बेहद तीखे अंदाज में, ’What Crap @rohini_sgh Have you forgotten the basics of #Journalism ? Cant you differentiate between A Statement and A Question. Kindly dont make Judgements to suit Your #Propoganda’।

रोमाना के साथ मैदान में एबीपी के वरिष्ठ पत्रकार निखिल दुबे भी कूद गए, रोमाना के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा कि ’#सवालहैविचारनहीं सवाल और फैसले में फर्क भूल गए? किसी घटना पर देश के सवाल को क्या किसी का फैसला मान लेना चाहिए? कोई आयोजन जब प्रायोजित लगे,निजी खुशी सार्वजिनक उत्सव लगे तो सवाल उठते हैं? जवाब के लिए बहस होती है, पूर्वाग्रह से भरी सोच को ये समझ पाना मुश्किल है’।

उधर रोहिणी सिंह के समर्थन में एक और मोदी विरोधी एंकर सैटायरिस्ट आकाश बनर्जी कूद पड़े। रोमाना के ट्वीट को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘Ok Ok! I have a question. NOT a statement or a judgement.... "Should India have a #BlackDay to remember & reflect how most of the media & senior anchors have sold themselves at the alter of power & money?" I hope this meets your high standards of journalism’’।

उन्होंने रोमाना को टैग किया तो वो भी भिड़ गईं। जवाब में लिखा, ‘’So @TheDeshBhakt @kapsology in the garb of Teaching & Preaching about Journalism are here to defend @rohini_sgh #MobDefence I must Say Carry on with your #Propaganda #Agenda’’।

इधर रोहिणी सिंह ने भी रोमाना की बात का जवाब दिया, ‘Ma’am, I haven’t forgotten journalism but you seem to have confused propaganda for journalism. And I was merely giving a suggestion which you were crowd sourcing! Now don’t have a meltdown before the show’। रोमाना ने भी जवाब दिया, वो भी अपने शो के उन पुराने सवालों वाले पोस्टर्स के साथ, जिनमें वो सरकार से सवाल कर रही हैं, ‘मैं तो रोज सवालों के जवाब तलाशती हूं इनपे टिप्पणी करने कभी नहीं आये। आज ही क्यों???’।

हालांकि रोहिणी ने फिर रिप्लाई ट्वीट किया, ‘आपके सवाल-मिसाल में ही मेरा जवाब और सवाल दोनों हैं। दुनिया की हर चीज के लिए 24x7 क्रेडिट और फोकस अगर एक ही व्यक्ति पर होता है तो सवाल भी उसी से पूछे जाते हैं। सुस्ती पर सवाल निर्मला से और बाकी समय वाह मोदीजी वाह। Propaganda और Journalism के बीच का अंतर समझिए’।

और ये चलता ही रहा, रोमाना कभी रोहिणी को कुछ लिखतीं, कभी रोहिणी रोमाना को, कभी आकाश बनर्जी बीच में कूदते तो रोमाना उन्हें निशाने पर लेतीं। बीच में निखिल दुबे आकाश बनर्जी का पूरा प्रोफाइल निकाल लाए कि कैसे वो रेडियो मिर्ची के रात के शो में निजी समस्याओं पर अश्लील शो करते थे। कुछ और भी लोग बीच में कूदे और खबर लिखे जाने तक भी इस ट्विटर वॉर में ट्वीट गिर ही रहे थे।

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