मार्क्सवादियों, नेहरूवादियों, लुटियंस के इतिहासवादियों ने उनके जीवन की कहानी को झूठ से अपवित्र कर दिया। लेकिन वे वीर सावरकर के शब्दों को विकृत नहीं कर सके।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।