नए साल में अब रेडियो इंडस्ट्री की उम्मीदों को कुछ यूं लगेंगे 'पंख'

नई उम्मीदों को लेकर नया साल शुरू हो चुका है। रेडियो इंडस्ट्री को भी नए साल से तमाम उम्मीदें हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 07 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 07 January, 2020
Radio Industry

नई उम्मीदों को लेकर नया साल शुरू हो चुका है। रेडियो इंडस्ट्री को भी नए साल से तमाम उम्मीदें हैं। रेडियो इंडस्ट्री के वर्तमान हालात पर नजर डालें तो ‘फिक्की फ्रेम्स-ईवाई रिपोर्ट’ (FICCI Frames-EY report) के अनुसार, देश में 70 प्रतिशत से ज्यादा रेडियो कंटेंट मोबाइल पर सुना जाता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मेट्रो शहरों में 10 में से सात, जबकि गैर मेट्रो शहरों में 10 में से छह व्यक्ति सफर करते समय मोबाइल फोन पर रेडियो सुनते हैं। रेडियो सुनने वालों के इस बढ़ते हुए ट्रेंड को देखकर एडवर्टाइजर्स भी उसी के अनुसार अपनी रणनीति तय करेंगे। पिछले साल की बात करें तो रेडियो स्टेशनों द्वारा कई सफल कैंपेन चलाए गए। इनमें ‘92.7 बिग एफएम’ द्वारा ‘धुन बदलके तो देखो’ भी शामिल रहा। खास बात यह रही कि मात्र चार मेट्रो शहरों में ही 1.84 करोड़ श्रोताओं तक इसकी पहुंच हो गई।

कुछ स्टेशन न सिर्फ एडवर्टाइजर्स को विज्ञापनों के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराते हैं, बल्कि वे ऑन ग्राउंड एक्टिविटीज और डिजिटल कैंपेन के द्वारा क्रिएटिव सॉल्यूशंस भी उपलब्ध कराते हैं। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने रेडियो इंडस्ट्री के दिग्गजों से वर्ष 2019 की चुनौतियों और इस साल की उम्मीदों के बारे में विस्तार से बातचीत की।

‘रेड एफएम’ (RED FM) के नेशनल मार्केटिंग हेड रजत उप्पल का कहना है कि रेवेन्यू के हिसाब से देखें तो अन्य माध्यमों की तरह रेडियो के लिए साल 2019 काफी मुश्किलों भरा रहा है। उप्पल के अनुसार, ‘इस मुश्किल समय ने चुनौतियों का सामना करने के लिए रेडियो ब्रैंड्स को कुछ अलग हटकर सोचने व करने के लिए मजबूर किया है। रेडियो इंडस्ट्री ने ब्रैंड को विस्तार देने के साथ ही विभिन्न वर्टिकल्स पर काम करना शुरू कर दिया है, जिससे अतिरिक्त रेवेन्यू जुटाया जा सके। रेड एफएम की बात करें तो हमने इस बात पर जोर दिया है कि हम एंटरटेनमेंट ब्रैंड हैं, न कि सिर्फ रेडियो ब्रैंड हैं। हमने अपने ईवेंट्स और एक्टिवेशन बिजनेस को मजबूती देने के साथ ही अपनी डिजिटल पहुंच को भी बढ़ाया है। हमारा मानना है कि इस तरह से आने वाले समय में हमारी ग्रोथ होगी।’  

रेडियो इंडस्ट्री में पिछले साल आए ट्रेंड्स के बारे में ‘रिलायंस ब्रॉडकास्‍ट नेटवर्क लिमिटेड’ (RBNL) के सीईओ अब्राहम थॉमस का कहना है कि  चुनौतियों व सफलता के मामले में साल 2019 रेडियो इंडस्ट्री के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। थॉमस के अनुसार, ‘कई ब्रैंड्स ने स्थानीय स्तर पर रेडियो की पहुंच का फायदा उठाया और इसका असर उनकी सेल्स पर भी पढ़ा, जबकि कुछ इससे भी आगे बढ़ गए और उन्होंने मार्केटिंग पार्टनरशिप की दिशा में कदम आगे बढ़ाया। रही बात वर्ष 2020 की तो मेरा मानना है कि इस साल रेडियो की पहुंच के साथ इसका प्रभाव और बढ़ेगा। यह ब्रैंड्स के लिए नए जमाने का ‘ऑडियो एंटरटेनमेंट’ प्लेटफार्म बनेगा और यह इंडस्ट्री नए आयाम छुएगी।’   

रेडियो द्वारा चलाए गए उन अभियानों के बारे में, जिन्होंने वर्ष 2019 में काफी प्रभाव डाला, ‘रेडियो सिटी’ के सीईओ अशित कुकियन ने कहा कि अपने ब्रैंड की विचारधारा ‘रग रग में दौड़े सिटी’ पर चलते हुए रेडियो सिटी हमेशा से अपने श्रोताओं से मजबूत संबंध बनाने के लिए नई पहल करने में आगे रहा है। यह श्रोताओं को प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराता है, जहां पर वे अपनी बात रख सकते हैं। इसके अलावा इन पहल के द्वारा श्रोताओं में विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का काम भी किया जाता है। कुकियन के अनुसार, ‘देश के पहले और सबसे बड़े सिंगिंग टैलेंट हंट,रेडियो सिटी सुपर सिंगर के 11वें सीजन के साथ ही रेडियो सिटी ने 39 शहरों में 69 मिलियन श्रोताओं तक अपनी पहुंच बना ली है। हमने नए-नए गायकों को एक प्लेटफार्म दिया है, ताकि वे देश के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। यही नहीं, विभिन्न जॉनर और भाषाओं के संगीतकारों को सम्मानित करने के लिए रेडियो सिटी फ्रीडम अवॉर्ड्स भी शुरू किए गए हैं। सिर्फ यही नहीं, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी रेडियो सिटी की ओर से तमाम कैंपेन चलाए गए हैं।’

आने वाले समय में रेडियो इंडस्ट्री के बड़े बदलावों के बारे में कुकियन ने कहा, ‘वैश्विक रूप से देखें तो रेडियो प्लेयर्स द्वारा इंटरनेट रेडियो की शक्ति का इस्तेमाल किया जाएगा, यह यूजर्स की रेडियो सुनने की आदतों के आधार पर प्लेलिस्ट तैयार करने में मददगार होगा। रेडियो कंपनियां प्रोग्रामैटिक एडवर्टाइजिंग और एक्सक्लूसिव कंटेंट के इस्तेमाल को बढ़ाने पर फोकस करेंगी। वे टार्गेट ऑडियंस के साथ ही ब्रैंड कनेक्ट को और मजबूती देंगी। जहां तक रीजनल प्लेयर्स की बात है तो मेरा मानना है कि अपनी पहुंच को विस्तार देने और एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए वे बड़े प्लेयर्स के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप करेंगे।’

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जल्द ही दुनिया भर में सुनाई देगी इस इंटरनेट रेडियो स्टेशन की आवाज

बहुत पुरानी कहावत है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में चले जाओ, वहां आपको एक न एक मलयाली जरूर मिल जाएगा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
Internet Radio

बहुत पुरानी कहावत है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में चले जाओ, वहां आपको एक न एक मलयाली जरूर मिल जाएगा। यह बात सही हो या नहीं, लेकिन जल्द ही लोगों को दुनिया के किसी भी हिस्से में ‘रेडियो मलयालम’ के रूप मे मलयालम इंटरनेट रेडियो का लुत्फ उठाने का मौका मिलने वाला है।

इसके लिए 1.37 मिनट का एक जिंगल भी तैयार किया गया है, जो मलयालम में ‘Amma Malayalam’ कहकर केरल के लोगों का अपनी मातृभाषा के लिए प्यार शो करती है। इस जिंगल को बिजिबल (Bijibal) और सौम्या रामाकृष्णन ने गाया है और इसके बोल हरि नारायण के हैं।

इस इंटरनेट रेडियो स्टेशन को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन शुक्रवार को लॉन्च करेंगे। इस प्रोजेक्ट को देश का क्षेत्रीय भाषा का पहला इंटरनेट रेडियो कहा जा रहा है। वेबसाइट (www.radiomalayalam) और मोबाइल ऐप (Malayalam Mission) के द्वारा 150 देशों के लोग इस रेडियो स्टेशन का लुत्फ उठा सकेंगे।

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आकाशवाणी ने कुछ यूं भरी उड़ान...

आकाशवाणी समाचार सेवा प्रभाग की प्रधान महानिदेशक ईरा जोशी ने कहा कि ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) को सटीक खबरें प्रदान करने के लिए जाना जाता है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 15 February, 2020
Last Modified:
Saturday, 15 February, 2020
AIR

‘आकाशवाणी समाचार’ यानी ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) ने शुक्रवार को अपनी तीन भाषाओं में वेबसाइट की शुरुआत की है। इस वेबसाइट की लॉन्चिंग सूचना-प्रसारण मंत्रालय के सचिव रवि मित्तल ने दिल्ली में आकाशवाणी के क्षेत्रीय समाचार इकाइयों (Regional News Units) के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान की।

बता दें कि जिन भाषाओं में इन वेबसाइट की शुरू की गई है, उनमें तमिल (Tamil), असमिया (Assamese) और डोगरी (Dogri) भाषा शामिल है।

लॉन्चिंग के दौरान मित्तल ने कहा कि ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) में खबरों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि जो दर्शक अन्य माध्यमों की ओर जा रहे हैं उन्हें रोका जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि बेहतर समन्वय और ज्यादा प्रभाव स्थापित करने के लिए श्रोताओं, विज्ञापनदाताओं और विभिन्न क्षेत्रीय समाचार इकाइयों के साथ बातचीत करते रहना चाहिए। उन्होंने ने कहा कि इस तरह का सम्मेलन नियमित रूप से आयोजित होते रहना चाहिए।

आकाशवाणी समाचार सेवा प्रभाग की प्रधान महानिदेशक ईरा जोशी ने कहा कि ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) को सटीक खबरें प्रदान करने के लिए जाना जाता है और यह सूचना प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय समाचार इकाइयों ने आपदाओं के दौरान बहुत अच्छा काम किया है और इन इकाइयों ने संकट के समय में सटीक जानकारी प्रदान करके लोगों और प्रशासन की मदद की है। उन्होंने बताया कि ‘एआईआर न्यूज’ (AIR News) 24X7 FM न्यूज चैनलों को लॉन्च करने की तैयारी में है।

इस मौके पर सूचना-प्रसारण के सचिव ने सम्मेलन के दौरान 46 क्षेत्रीय समाचार इकाई (Regional News Units) के प्रतिनिधियों और विदेशी संवाददाताओं से भी बातचीत की। सरकार की नीतियों के साथ ही आकाशवाणी को और बेहतर बनाने की दिशा में की जा रही कवायद से रूबरू कराने के लिए इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।

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डिजिटल रेडियो को लेकर TRAI ने सरकार से की ये गुजारिश

ट्राई का कहना है कि वह इस बारे में अपनी सिफारिशें पहले ही दे चुका है और जरूरत पड़ने पर आगे भी पॉलिसी इनपुट्स देने के लिए तैयार है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
Digital Radio

‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) ने सरकार से डिजिटल रेडियो ब्रॉडकास्टिंग के लिए विस्तृत पॉलिसी तैयार करने की गुजारिश की है। ट्राई का कहना है कि वह इस बारे में अपनी सिफारिशें पहले ही दे चुका है और जरूरत पड़ने पर आगे भी पॉलिसी इनपुट्स देने के लिए तैयार है।

‘Xperi Corporation’ और ‘India Cellular and Electronics Association’ द्वारा ‘डिजिटल रेडियो विजन फॉर इंडिया’ पर संयुक्त रूप से आयोजित एक वर्कशॉप को संबोधित करते हुए ‘ट्राई’ के चेयरमैन आरएस शर्मा का कहना था, ‘डिजिटल रेडियो ब्रॉडकास्टिंग’ की पॉलिसी को एक व्यापक रोडमैप के साथ एक निश्चित समय में लाना चाहिए।

इसके साथ ही आरएस शर्मा का यह भी कहना था कि टियर-दो और टियर-तीन शहरों में एफएम रेडियो चैनल्स की नीलामी के लिए रिजर्व प्राइस को लेकर ‘ट्राई’ एक हफ्ते में अपनी सिफारिशें जारी कर देगा। इस बारे में सरकार ने ट्राई से सिफारिशें मांगी हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पती ने कहा, ‘डिजिटल एचडी रेडियो की टेस्ट स्ट्रीम पायलट बेसिस पर पहले से ही उपलब्ध है। हमें डिजिटल रेडियो की जरूरत इसलिए है क्योंकि हम अन्य जॉनर्स में भी सर्विस की उम्मीद जता रहे हैं। सिंगल एनालॉग फ्रीक्वेंसी में मैंने सभी संभव जॉनर के कंटेंट को फिट करने का प्रयास किया, लेकिन यह मामला आगे नहीं बढ़  रहा है। इसलिए विभिन्न ऑडियंस सेगमेंट के लिए हमें डिजिटल रेडियो की जरूरत है।’

वेम्पती ने यह भी बताया कि इस बारे में प्रसार भारती ने आईआईटी कानपुर के साथ एक एमओयू (MoU) भी साइन किया है। उन्होंने कहा कि आजकल मीडिया और इंफॉरमेशन के लिए स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि ब्रॉडकास्ट सिग्नल आवश्यक रूप से सभी स्मार्टफोन्स तक भेजे जाएं।

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दिल्लीवासियों को कुछ यूं मतदान का महत्व समझाएगा RED FM

इस पहल के तहत उन इलाकों पर खास फोकस किया जाएगा, जहां पर वोटिंग का प्रतिशत कम रहता है

Last Modified:
Friday, 31 January, 2020
Campaign

लोगों को जागरूक करने और दिल्ली विधानसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 'रेड एफएम' (Red FM) ने एक नया कैंपेन लॉन्च किया है। ‘वोट द हक’ (Vote The Haq) नाम से लॉन्च किए गए इस कैंपेन में उन इलाकों पर खास फोकस किया जाएगा, जहां पर वोटिंग का प्रतिशत कम रहता है। इन इलाकों में ऑन एयर के साथ ही ऑन ग्राउंड कैंपेन भी चलाया जाएगा।

इस कैंपेन के तहत मोटरसाइकिल सवारों के कई समूह इन इलाकों में वोटिंग के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करेंगे। रेडियो जॉकी (RJ) इन गतिविधियों का प्रमोशन करेंगे और चुने गए श्रोताओं को आठ फरवरी को बाइक सवारों के इन ग्रुप्स के साथ संबंधित मतदान केंद्रों पर सवारी करने का मौका मिलेगा।  

इस कैंपेन के बारे में ‘रेड एफएम’ (RED FM) और ‘मैजिक एफएम’ (Magic FM) की सीओओ और डायरेक्टर निशा नारायणन का कहना है, ‘मजबूत प्रजातंत्र और अच्छी सरकार के लिए प्रत्येक वोट कीमती है। इस कैंपने का उद्देश्य दिल्ली में कम मतदान प्रतिशत वाले इलाकों में लोगों को जागरूक करना है, ताकि वे अपने वोट का महत्व समझें और मतदान जरूर करें।’ इस कैंपेन के तहत ‘रेड एफएम’ ने विशेष रूप से ‘दिल्ली चुनाव 2020’ के लिए एक गाना भी लॉन्च किया है।

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AIR ने अनूठे अंदाज में मनाया विश्व ब्रेल दिवस

दिव्यांगों को सशक्त बनाने और समाज की मुख्य धारा में उनकी उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) ने यह कदम उठाया।

Last Modified:
Monday, 06 January, 2020
AIR

‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) ने ब्रेल लिपि के जनक लुइस ब्रेल की 211वीं जयंती को एक नए रूप में मनाया। इसके लिए चार जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day) पर ऑल इंडिया रेडियो न्यूज और इसकी  पुणे व नागपुर यूनिट्स में दृष्टि बाधित विद्यार्थियों और अधिकारियों ने लाइव न्यूज पढ़ी। यह न्यूज ब्रेल लिपि में लिखी गई थी।

दिव्यांगों को सशक्त बनाने और समाज की मुख्य धारा में उनकी उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया। इसके तहत दिल्ली से सुबह 11 बजे कमल प्रजापति नाम के दृष्टि बाधित अधिकारी ने हिंदी में समाचार पढ़े। पुणे यूनिट से सुबह 07:10 बजे मराठी में दृष्टि बाधित विद्यार्थी गुलाब कांबले और कविता गावली ने न्यूज पढ़ी। दोनों विद्यार्थी ‘Pune Blind Men’s association’ से जुड़े हुए हैं।

बता दें कि एआईआर पुणे द्वारा वर्ष 2016 से ब्रेल लिपि में न्यूज ब्रॉडकास्ट की जा रही है। वहीं, ऑल इंडिया रेडियो की नागपुर यूनिट में सलोनी कपगटे ने अपनी ट्यूटर कंचन नाजपांडे की मदद से सुबह 11.58 बजे दो मिनट का न्यूज बुलेटिन पढ़ा। 

इस मौके पर आकाशवाणी समाचार की प्रधान महानिदेशक इरा जोशी ने कहा कि दृष्टि दिव्यांगजनों तक आकाशवाणी की पहुंच सबसे आसान है। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित लोगों को समाचार संकलन का हिस्सा बनाने से न केवल उनमें आत्मविश्वास आता है, बल्कि श्रोताओं के साथ-साथ न्यूज रूम में अन्य लोगों को दिव्यांगजनों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।

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कश्मीर के मुद्दे पर फेसबुक को रास नहीं आया ये न्यूज बुलेटिन, उठाया बड़ा कदम

‘फेसबुक’ ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘रेडियो पाकिस्तान’ के न्यूज बुलेटिन के प्रसारण पर रोक लगा दी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 30 December, 2019
Last Modified:
Monday, 30 December, 2019
Radio Facebook

सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘फेसबुक’ ने  एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘रेडियो पाकिस्तान’ के न्यूज बुलेटिन की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगा दी। बताया जाता है कि कश्मीर के बारे में फैलाए जा रहे फेक न्यूज को प्रोपेगेंडा को देखते हुए यह रोक लगाई गई। फेसबुक का कहना है कि खतरनाक व्यक्तियों और संस्थानों को लेकर मानकों के उल्लंघन के आरोप में यह रोक लगाई गई।

वहीं, रेडियो पाकिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन के बुलेटिन में कश्मीर में भारत के जुल्म को दिखाने के लिए फेसबुक ने इस प्रसारण पर रोक लगाई। हालांकि, इसके बाद बुलेटिन के ऑनलाइन प्रसारण के लिए वैकल्पिक उपाय किए गए और इसे यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग किया गया।

dawn.com की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की विशेष सलाहकार (सूचना और प्रसार) फिरदौस आशिक अवान ने कहा कि आत्मनिर्भर होने के लिए पाकिस्तान को सोशल मीडिया से दूरी बनाने की जरूरत है।

इस्लामाबाद में फिरदौस ने दावा किया, 'जब भी हम फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मानवाधिकारों के हनन का मामला प्रमुखता से उठाते हैं, अकाउंट को सस्पेंड कर दिया जाता है। हमने इसके खिलाफ पहले भी आवाज उठाई है और आगे भी अपनी आवाज उठाएंगे।'

बता दें कि 2016 में भी फेसबुक ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद दर्जनों आपत्तिजनक पोस्ट पर रोक लगा दी थी। वहीं, कुछ माह पूर्व ही पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल (इन्टर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स) मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा था कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने पाक सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाए जाने को लेकर फेसबुक और ट्विटर से बात की है।

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BBC का बड़ा फैसला: बंद होगी हिंदी की ये सर्विस

‘बीबीसी वर्ल्ड सर्विस’ का पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत पर काफी फोकस रहा है। इस दौरान भारत में चार नई भारतीय भाषाओं में सेवा शुरू की गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 19 December, 2019
Last Modified:
Thursday, 19 December, 2019
BBC HINDI

रेडियो श्रोताओं में हो रही लगातार कमी के कारण ‘बीबीसी’ ने हिंदी में शॉर्टवेव रेडियो का प्रसारण बंद करने का निर्णय लिया है। हालांकि डिजिटल और टीवी के साथ ही एफएम पार्टनर चैनल्स के द्वारा यह दर्शकों और श्रोताओं तक अपनी पहुंच बनाए रखेगा। दरअसल, इन प्लेटफॉर्म्स पर तमाम लोग लगाता बीबीसी से जुड़ रहे हैं, इसलिए इन प्लेटफॉर्म्स में निवेश जारी रखने का फैसला लिया गया है।

बताया जाता है कि ‘बीबीसी हिंदी’ के सुबह साढ़े छह बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘नमस्कार भारत’ का अंतिम प्रसारण 27 दिसंबर को होगा, वहीं, शाम साढ़े सात बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘दिन भर’ का अंतिम प्रसारण 31 जनवरी को होगा। शॉर्टवेव प्रसारण बंद होने के बावजूद बीबीसी डिजिटल माध्यमों पर अपने कुछ नियमित कार्यक्रम जैसे-‘विवेचना’ और ‘दुनिया-जहां’ डिजिटल ऑडियो के रूप में प्रसारित करता रहेगा।

गौरतलब है कि ‘बीबीसी वर्ल्ड सर्विस’ का पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत पर काफी फोकस रहा है। इस दौरान भारत में चार नई भारतीय भाषाओं में भी सेवा शुरू की गई है। हालांकि, डिजिटल के बढ़ते प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में ‘बीबीसी’ के उन श्रोताओं ने डिजिटल और टीवी की ओर रुख कर लिया, जो शॉर्टवेव रेडियो से जुड़े हुए थे। इसलिए ही बीबीसी ने अब यह निर्णय लिया है।  

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पत्रकार अमित राजपूत की रेडियो की दुनिया में वापसी, मिली नई जिम्मेदारी

हाल ही में अमित राजपूत ने चीन की एक वेबसाइट से इस्तीफा दिया है, जहां ये क्रिएटिव कंटेंट के लिए सपोर्ट कर रहे थे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 05 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 05 November, 2019
Amit Rajpoot

कुछ सालों से ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया से दूर रहे रेडियो पत्रकार अमित राजपूत एक बार फिर से नई जिम्मेदारी के साथ वापस लौटे हैं। अमित राजपूत ने बतौर प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के सामुदायिक रेडियो ‘96.9 एफएम-अपना रेडियो’ को जॉइन कर लिया है।

अमित राजपूत IIMC के 2014-15 बैच के छात्र भी रहे हैं। आकाशवाणी महानिदेशालय में दिल्ली स्टेशन के प्रधानमंत्री के विशेष कार्यक्रम ‘मन की बात’ से कॅरियर की शुरुआत करने वाले अमित राजपूत मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के रहने वाले हैं। अमित राजपूत को आकाशवाणी में ‘मन की बात’ के अलावा एफएम रेनबो और एफएम गोल्ड में विशेष रूप से काम का अनुभव है। इसके अलावा अमित राजपूत प्रसार भारती द्वारा क्रॉस चैनल पब्लिसिटी और क्रॉस मीडिया पब्लिसिटी के लिए गठित प्रोग्राम प्रमोशन यूनिट की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य भी रहे हैं।

आकाशवाणी के बाद इन्होंने ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया से किनारा कर लिया था और वर्ष 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों की कवरेज के लिए लखनऊ चले गये। वहां आउटलुक फेम योगेश मिश्रा के संस्थान न्यूजट्रैक डॉट कॉम और हिंदी साप्ताहिक ‘अपना भारत’ में काम किया। हाल ही में अमित राजपूत ने चीन की एक वेबसाइट से इस्तीफा दिया है, जहां ये क्रिएटिव कंटेंट के लिए सपोर्ट कर रहे थे।

इसके अलावा अमित राजपूत अपनी किताब ‘अंतर्वेद प्रवरः गणेश शंकर विद्यार्थी’ पर काम कर रहे थे, जो कि शीघ्र ही लॉन्च होने जा रही है। इससे पूर्व अमित राजपूत विदेश मंत्रालय की एक कॉफी-टेबल बुक ‘अभूतपूर्व संपर्क- असाधारण सफलताएं’ का वर्तनी शुद्धिकरण भी कर चुके हैं। इस यात्रा के बाद अमित राजपूत एक बार फिर से ब्रॉडकास्टिंग की ओर लौटे हैं और अपना रेडियो में हेड ऑफ प्रोग्रामिंग राजेन्द्र चुघ के बाद टीम के वाइस कैप्टन की भूमिका में बतौर प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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अब इस नाम से जाने जाएंगे जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशन

31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशनों का नाम बदल दिया गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 31 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 31 October, 2019
Radio

सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू, श्रीनगर और लेह के रेडियो स्टेशनों का नाम बदल दिया गया है। अब ये रेडियो स्टेशन ‘ऑल इंडिया रेडियो जम्मू’, ‘ऑल इंडिया रेडियो श्रीनगर’ और ‘ऑल इंडिया रेडियो लेह’ के नाम से जाने जाएंगे।

इसके साथ ही इन रेडियो स्टेशनों की पहचान के लिए की जाने वाली उद्घोषणाएं भी आज से बदल जाएंगी और अब इसे रेडियो कश्मीर के बजाय ऑल इंडिया रेडियो/आकाशवाणी के नाम से जाना जाएगा। नई व्यवस्था के तहत जम्‍मू कश्‍मीर में रेडियो कश्‍मीर की जगह अब ऑल इंडिया रेडियो का प्रसारण होगा।

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रेडियो चैनल के खिलाफ शिकायत दर्ज, लगा ये आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि तमाम बार कहने के बावजूद सुनने के लिए तैयार नहीं हैं रेडियो चैनल्स

Last Modified:
Monday, 28 October, 2019
Radio

चंडीगढ़ में एक रेडियो चैनल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। रेडियो चैनल पर अश्लीलता, शराब और गन कल्चर को प्रमोट करने वाले गाने बजाने का आरोप है। पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज (पीजीजीसी) में समाज शास्त्र विभाग के प्रो. पंडित राव धरेनवर ने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित रेडियो चैनल के खिलाफ डीडीआर दर्ज कराई है। आरोप है कि पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद रेडियो चैनल शराब को प्रमोट करने वाले गाने बजा रहे हैं।

अपनी शिकायत में पंडित राव धरेनवर का कहना है कि 24 अक्टूबर की शाम 5.07 बजे रेडियो चैनल ने शराब को प्रमोट करने वाला गाना चलाया। उन्होंने रेडियो चैनल में फोन कर इस गाने को चलाने के पीछे मकसद भी पूछा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।

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