'म्यूजिक ब्रॉडकास्ट' ने अनुरिता पटेल व मिली शाह को सीनियर मैनेजमेंट में किया शामिल

'रेडियो सिटी' की पैरेंट कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड ने अपनी वरिष्ठ प्रबंधन टीम को मजबूत करते हुए अनुरिता पटेल और मिली शाह को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के रूप में नामित किया है।

Vikas Saxena by
Published - Thursday, 23 July, 2026
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Thursday, 23 July, 2026
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'रेडियो सिटी' की पैरेंट कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (Music Broadcast Limited) ने अपनी वरिष्ठ प्रबंधन टीम (Senior Management) को मजबूत करते हुए अनुरिता पटेल और मिली शाह को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल (Senior Management Personnel) के रूप में नामित किया है। यह फैसला कंपनी के निदेशक मंडल की 22 जुलाई 2026 को हुई बैठक में लिया गया।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि यह निर्णय नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश के आधार पर लिया गया है। दोनों की नई जिम्मेदारियां 22 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

कौन हैं अनुरिता पटेल और मिली शाह?

कंपनी के अनुसार, अनुरिता पटेल फिलहाल नेशनल प्रोग्रामिंग की प्रमुख (Head – National Programming) हैं। वहीं, मिली शाह कंपनी में कमर्शियल और एडमिनिस्ट्रेशन विभाग का नेतृत्व कर रही हैं।

अब दोनों को सेबी (SEBI) के लिस्टिंग नियमों के तहत आधिकारिक तौर पर सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल का दर्जा दिया गया है।

नौकरी की शर्तों में कोई बदलाव नहीं

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नई नियुक्ति (Appointment) नहीं है। अनुरिता पटेल और मिली शाह पहले से ही कंपनी में पूर्णकालिक (Full-time) कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके पदनाम और पहचान में बदलाव किया गया है, लेकिन नौकरी की शर्तों, वेतन या अन्य सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बोर्ड बैठक में लिया गया फैसला

Music Broadcast Limited के बोर्ड की बैठक 22 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और 4:30 बजे समाप्त हुई। बैठक में दोनों अधिकारियों को वरिष्ठ प्रबंधन का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

कंपनी ने यह जानकारी SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत बीएसई (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजी है।

गौरतलब है कि Music Broadcast Limited देश के प्रमुख एफएम रेडियो नेटवर्क Radio City का संचालन करती है और रेडियो प्रसारण के क्षेत्र में उसकी मजबूत मौजूदगी है।

 

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Tips Music ने शेयर बायबैक टाला, पहली तिमाही में आय में दर्ज की मजबूत बढ़त

म्यूजिक कंपनी Tips Music Limited ने अपने प्रस्तावित शेयर बायबैक (Share Buyback) को फिलहाल टालने का फैसला किया है।

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Published - Wednesday, 22 July, 2026
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Wednesday, 22 July, 2026
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म्यूजिक कंपनी Tips Music Limited ने अपने प्रस्तावित शेयर बायबैक (Share Buyback) को फिलहाल टालने का फैसला किया है। हालांकि, इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में आय (Revenue) में साल-दर-साल मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है।

पहली तिमाही में आय 1.07 अरब रुपये पहुंची

कंपनी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसका रेवेन्यू 1.07 अरब रुपये (करीब 107 करोड़ रुपये) रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 881 मिलियन रुपये (करीब 88.1 करोड़ रुपये) था।

इस तरह कंपनी की आय में सालाना आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली, जो उसके म्यूजिक कारोबार के लगातार मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है।

 शेयर बायबैक फिलहाल टला

कंपनी ने एक अलग घोषणा में बताया कि उसने अपने प्रस्तावित शेयर बायबैक को फिलहाल स्थगित (Deferred) कर दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि बायबैक अब कब किया जाएगा या इसे टालने के पीछे क्या वजह है।

फिलहाल बायबैक की नई समय-सीमा या अन्य शर्तों को लेकर भी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।

हालांकि, बायबैक टालने के फैसले के बावजूद कंपनी की पहली तिमाही के नतीजे बताते हैं कि उसके मुख्य म्यूजिक कारोबार से होने वाली आय में लगातार मजबूती बनी हुई है।

 

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भारत में महंगा हुआ Apple Music, सभी सब्सक्रिप्शन प्लान्स की कीमतें बढ़ीं

यदि आप Apple Music का इस्तेमाल करते हैं, तो अब इसके लिए आपको पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। Apple ने भारत में अपने Student, Individual और Family प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।

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Published - Tuesday, 21 July, 2026
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Tuesday, 21 July, 2026
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यदि आप Apple Music का इस्तेमाल करते हैं, तो अब इसके लिए आपको पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। Apple ने भारत में अपने Student, Individual और Family प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी का कहना है कि म्यूजिक के लाइसेंस (Music Licensing) की बढ़ती लागत के चलते यह फैसला लिया गया है।

नई कीमतों के अनुसार, Student प्लान अब 59 रुपये की जगह 69 रुपये प्रति माह का हो गया है। वहीं Individual प्लान की कीमत 119 रुपये से बढ़ाकर 139 रुपये प्रति माह कर दी गई है।

इसके अलावा, Family प्लान, जिसमें एक साथ छह सदस्य Apple Music का इस्तेमाल कर सकते हैं, अब 179 रुपये की जगह 229 रुपये प्रति माह में मिलेगा।

Apple ने अपने Apple One सब्सक्रिप्शन बंडल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। Apple One Individual प्लान अब 175 रुपये की जगह 195 रुपये प्रति माह का हो गया है। कंपनी ने अन्य Apple One प्लान्स की कीमतें भी बढ़ाई हैं।

Apple के मुताबिक, यह बदलाव दुनिया भर में बढ़ रही म्यूजिक लाइसेंसिंग लागत के कारण किया गया है। कंपनी ने इसे वैश्विक स्तर पर लागू किए जा रहे प्राइस अपडेट का हिस्सा बताया है। भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप जैसे कई बाजारों में भी Apple Music की कीमतें बढ़ाई गई हैं।

हालांकि, कंपनी ने कीमत बढ़ाने के साथ किसी नए फीचर या अतिरिक्त सुविधा का ऐलान नहीं किया है।

यह 2022 के बाद Apple Music की पहली वैश्विक प्राइस बढ़ोतरी है। वहीं भारत में पिछले दो वर्षों के भीतर यह दूसरी बार है जब Apple ने अपने म्यूजिक सब्सक्रिप्शन की कीमतें बढ़ाई हैं। इससे पहले 2024 के आखिर में कंपनी ने Individual प्लान की कीमत 99 रुपये से बढ़ाकर 119 रुपये की थी।

कीमतें बढ़ने के बावजूद Apple Music की मौजूदा सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। इनमें बिना विज्ञापन (Ad-Free) म्यूजिक सुनने की सुविधा, ऑफलाइन डाउनलोड, Spatial Audio, Lossless Audio और 10 करोड़ (100 मिलियन) से ज्यादा गानों की लाइब्रेरी शामिल है। कुछ देशों में स्टूडेंट प्लान लेने वालों को पहले की तरह Apple TV+ का लाभ भी मिलता रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया भर में कंटेंट और लाइसेंसिंग की लागत लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से कई स्ट्रीमिंग कंपनियां अपने सब्सक्रिप्शन प्लान महंगे कर रही हैं। भारत में भी डिजिटल मनोरंजन सेवाओं पर बढ़ता खर्च अब उपभोक्ताओं के लिए एक नई चुनौती बनता जा रहा है, जिसे उद्योग जगत में 'स्ट्रीमफ्लेशन' (Streamflation) कहा जा रहा है।

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MIB का बड़ा फैसला, कंटेंट निगरानी समिति के दायरे में आए कम्युनिटी रेडियो स्टेशन

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने निजी एफएम रेडियो चैनलों पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों और विज्ञापनों की निगरानी करने वाली इंटर-मिनिस्टीरियल कमेटी (IMC) का दायरा बढ़ा दिया है

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Published - Thursday, 16 July, 2026
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Thursday, 16 July, 2026
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने निजी एफएम रेडियो चैनलों पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों और विज्ञापनों की निगरानी करने वाली इंटर-मिनिस्टीरियल कमेटी (IMC) का दायरा बढ़ा दिया है। मंत्रालय ने 15 जुलाई 2026 को नया आदेश जारी किया है, जिसने 5 मई 2026 के पुराने आदेश की जगह ले ली है।

नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब कम्युनिटी रेडियो स्टेशन (CRS) भी इस समिति के अधिकार क्षेत्र में आ गए हैं। इससे पहले यह समिति केवल निजी एफएम रेडियो स्टेशनों से जुड़े मामलों की ही जांच करती थी।

अब दो तरह के रेडियो स्टेशनों की होगी निगरानी

मई 2026 में गठित IMC केवल प्राइवेट एफएम रेडियो फेज-III पॉलिसी, 2011 के तहत काम कर रही थी। इसका काम निजी एफएम रेडियो स्टेशनों द्वारा कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता (Programme & Advertisement Code) के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों की जांच करना था।

लेकिन 15 जुलाई के नए आदेश के बाद अब यही समिति 13 फरवरी 2024 की कम्युनिटी रेडियो पॉलिसी के तहत आने वाले कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों की शिकायतों और नियमों के उल्लंघन की भी समीक्षा करेगी।

यानी अब एक ही समिति निजी एफएम रेडियो नेटवर्क और गैर-लाभकारी कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों- दोनों से जुड़े मामलों पर अपनी सिफारिशें देगी।

समिति को बनाया गया और मजबूत

मंत्रालय ने समिति की संरचना में भी बदलाव किया है।

पहले समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव/संयुक्त सचिव में से कोई एक करता था। अब अतिरिक्त सचिव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को स्थायी रूप से अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि संयुक्त सचिव (इंडस्ट्री) के लिए अलग सदस्य का पद बनाया गया है।

इस बदलाव के साथ समिति के सदस्यों की संख्या 9 से बढ़कर 10 हो गई है।

समिति में पहले की तरह गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, उपभोक्ता मामलों का विभाग, एफआईसीसीआई (FICCI), प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और आकाशवाणी (AIR) के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। इसके अलावा मंत्रालय का एक डिप्टी सेक्रेटरी या डायरेक्टर सदस्य-सचिव (Member Convener) की भूमिका निभाएगा।

नियमों में तकनीकी गलती भी सुधारी

नए आदेश में मंत्रालय ने एक तकनीकी त्रुटि भी ठीक की है।

5 मई के आदेश में निजी एफएम रेडियो पर कार्रवाई से जुड़े प्रावधान का हवाला देते समय क्लॉज 24.2 लिखा गया था, जबकि सही प्रावधान क्लॉज 24.1 है। 15 जुलाई के आदेश में इस गलती को सुधार दिया गया है।

इसके साथ ही कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों पर कार्रवाई के लिए अलग प्रावधान भी जोड़ा गया है।

कम्युनिटी रेडियो पॉलिसी भी की गई संलग्न

मई के आदेश में संबंधित नियमों का केवल उल्लेख किया गया था, लेकिन जुलाई के आदेश के साथ 13 फरवरी 2024 की कम्युनिटी रेडियो पॉलिसी को पूरी तरह संलग्न (Annexure-I) किया गया है।

इस पॉलिसी में कम्युनिटी रेडियो से जुड़े कई अहम नियम शामिल हैं, जैसे—

  • केवल गैर-लाभकारी संस्थाएं, शैक्षणिक संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय, आईसीएआर संस्थान, स्वयं सहायता समूह (SHG) और पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ही कम्युनिटी रेडियो चला सकेंगे।
  • व्यक्ति, राजनीतिक दल, लाभ कमाने वाली कंपनियां, प्रतिबंधित संगठन और धार्मिक संस्थाएं इसके लिए आवेदन नहीं कर सकेंगी।
  • कम से कम 50% कार्यक्रम स्थानीय समुदाय की भागीदारी से तैयार होने चाहिए।
  • इनमें से आधे कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर होने चाहिए।
  • कम्युनिटी रेडियो अपने स्तर पर समाचार या करंट अफेयर्स कार्यक्रम तैयार नहीं कर सकेंगे। वे केवल आकाशवाणी (AIR) से प्राप्त समाचारों का प्रसारण या अनुवाद कर सकेंगे। हालांकि ट्रैफिक अपडेट, मौसम, स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, परीक्षा परिणाम और जनसुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं को सीमित रूप से प्रसारित करने की अनुमति होगी।

नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?

कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों के लिए चरणबद्ध दंड व्यवस्था भी तय की गई है।

  • पहली बार नियम उल्लंघन पर एक महीने तक प्रसारण निलंबित किया जा सकता है।
  • दूसरी बार उल्लंघन पर अधिकतम तीन महीने तक निलंबन हो सकता है।
  • तीसरी बार नियम तोड़ने पर अनुमति (Permission Agreement) रद्द कर दी जाएगी और संबंधित संस्था अगले पांच वर्षों तक दोबारा आवेदन नहीं कर सकेगी।

समिति के पास क्या होंगे अधिकार?

IMC का काम अंतिम फैसला देना नहीं है। समिति शिकायतों की जांच कर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजेगी। अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी।

समिति जरूरत पड़ने पर—

  • कार्यक्रम या विज्ञापन संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है।
  • कम्युनिटी रेडियो से जुड़े मामलों में भी दंड की सिफारिश कर सकती है।
  • किसी विशेष कार्यक्रम या कंटेंट को हटाने, उसमें बदलाव करने या तय अवधि तक कार्यक्रम अथवा पूरे चैनल का प्रसारण रोकने की सिफारिश कर सकती है।

हालांकि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित रेडियो स्टेशन को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

क्या है इसका मतलब?

करीब ढाई महीने के भीतर मंत्रालय ने IMC को पहले से ज्यादा व्यापक और मजबूत बना दिया है। अब यह समिति सिर्फ निजी एफएम रेडियो तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देशभर के 500 से अधिक कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों से जुड़े कंटेंट विवादों और शिकायतों की भी समीक्षा करेगी।

इस बदलाव के साथ निजी एफएम और कम्युनिटी रेडियो- दोनों क्षेत्रों के लिए कंटेंट निगरानी का एक साझा मंच तैयार हो गया है, जिसमें कानून, मीडिया, उद्योग, उपभोक्ता संरक्षण और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इससे शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होगी।

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Gaana से जुड़ीं शबनम मजूमदार, बनीं डायरेक्टर (पार्टनरशिप्स एंड अलायंसेज)

शबनम मजूमदार के पास टेलीकॉम, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं (BFSI) तथा मीडिया एवं एंटरटेनमेंट सेक्टर में दो दशक से अधिक का अनुभव है।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 30 June, 2026
Last Modified:
Tuesday, 30 June, 2026
Shabnam Majumdar

म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म गाना (Gaana) ने शबनम मजूमदार को डायरेक्टर– पार्टनरशिप्स एंड अलायंसेज के पद पर नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में वह कंपनी के लिए रेवेन्यू पार्टनरशिप्स का नेतृत्व करेंगी। साथ ही स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स विकसित करने, नए पार्टनरशिप अवसरों का विस्तार करने और व्यावसायिक सहयोग के जरिए गाना के इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने पर उनका मुख्य फोकस रहेगा।

शबनम मजूमदार के पास टेलीकॉम, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं (BFSI) तथा मीडिया एवं एंटरटेनमेंट सेक्टर में दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्हें स्ट्रैटेजिक बी2बी (B2B) पार्टनरशिप्स, रेवेन्यू ग्रोथ, मार्केट एक्सपेंशन, गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी, ग्लोबल अकाउंट मैनेजमेंट और एंटरप्राइज सेल्स जैसे क्षेत्रों में महारत हासिल है।

गाना से जुड़ने से पहले वह ZEE5 में एसोसिएट डायरेक्टर– स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स (डिजिटल) के पद पर कार्यरत थीं। वहां उन्होंने टेलीकॉम, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP), फिनटेक और ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारियों के माध्यम से सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू बढ़ाने पर काम किया।

अपने करियर के दौरान शबनम Vodafone India, G4S, 92.7 Big FM, HSBC, ICICI Prudential Life Insurance और Max Life Insurance जैसी जानी-मानी कंपनियों से भी जुड़ी रही हैं।

उन्होंने बड़े पैमाने पर बिजनेस डेवलपमेंट और पार्टनरशिप से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया है। इनमें एंटरप्राइज टेलीकॉम कॉन्ट्रैक्ट्स, ओटीटी (OTT) सब्सक्रिप्शन पार्टनरशिप्स, एडवरटाइजिंग सेल्स, स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप्स और भारत सहित अन्य उभरते बाजारों में मार्केट एक्सपेंशन से जुड़ी पहल शामिल हैं।

कॉर्पोरेट करियर के अलावा शबनम मजूमदार पशु कल्याण और सामुदायिक सेवा से भी सक्रिय रूप से जुड़ी हैं। वह 'The Philanthropist & The Happy Dog' नामक एक एनिमल रेस्क्यू ट्रस्ट की संस्थापक हैं, जो बेसहारा पशुओं के संरक्षण और उनके कल्याण के लिए काम करता है।

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Saregama India की वित्तीय स्थिति मजबूत, शॉर्ट टर्म बैंक सुविधाओं को मिली टॉप रेटिंग

'सारेगामा इंडिया' की वित्तीय स्थिति पर भरोसा जताते हुए CARE Ratings ने कंपनी की लंबी अवधि (Long Term) की बैंक सुविधाओं की CARE AA- (स्टेबल आउटलुक) रेटिंग को बरकरार रखा है।

Vikas Saxena by
Published - Saturday, 27 June, 2026
Last Modified:
Saturday, 27 June, 2026
Saregama568

म्यूजिक व एंटरटेनमेंट कंपनी 'सारेगामा इंडिया' (Saregama India) की वित्तीय स्थिति पर भरोसा जताते हुए CARE Ratings ने कंपनी की लंबी अवधि (Long Term) की बैंक सुविधाओं की CARE AA- (स्टेबल आउटलुक) रेटिंग को बरकरार रखा है। वहीं, कंपनी की शॉर्ट टर्म बैंक सुविधाओं को CARE A1+ रेटिंग दी गई है, जो इस श्रेणी की सबसे ऊंची रेटिंग मानी जाती है।

कंपनी ने इस संबंध में स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी देते हुए बताया कि 26 जून 2026 को CARE Ratings ने अपनी समीक्षा पूरी करने के बाद यह रेटिंग जारी की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की 100 करोड़ रुपये की लॉन्ग टर्म बैंक सुविधाओं को CARE AA-; Stable रेटिंग के साथ दोबारा पुष्टि (Reaffirmed) मिली है। हालांकि, इस सुविधा की राशि पहले के 101.50 करोड़ रुपये से घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दी गई है।

इसके अलावा, 130 करोड़ रुपये की शॉर्ट टर्म बैंक सुविधा को पहली बार CARE A1+ रेटिंग दी गई है। वहीं, 3.50 करोड़ रुपये की दूसरी शॉर्ट टर्म बैंक सुविधा की CARE A1+ रेटिंग भी पहले की तरह बरकरार रखी गई है।

CARE Ratings ने यह रेटिंग कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों और हालिया परिचालन प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर दी है।

कुल मिलाकर, CARE Ratings ने 233.50 करोड़ रुपये की बैंक सुविधाओं का मूल्यांकन किया है। इनमें 100 करोड़ रुपये की लॉन्ग टर्म सुविधाएं और 133.50 करोड़ रुपये की शॉर्ट टर्म सुविधाएं शामिल हैं।

आमतौर पर CARE AA- रेटिंग का मतलब होता है कि कंपनी की दीर्घकालिक कर्ज चुकाने की क्षमता मजबूत है और जोखिम का स्तर कम है। वहीं, CARE A1+ शॉर्ट टर्म उधारी के लिए सर्वोच्च रेटिंग मानी जाती है, जो बताती है कि कंपनी की अल्पकालिक भुगतान क्षमता भी काफी मजबूत है।

कंपनी ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में कहा है कि यह जानकारी SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के तहत निवेशकों और शेयरधारकों को उपलब्ध कराई जा रही है।

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'पॉकेट एफएम' के सीईओ ने 'Pocket TV' बंद होने की खबरों पर दी सफाई

पॉकेट एफएम (Pocket FM) के CEO रोहन नायक (Rohan Nayak) ने कहा कि Pocket TV को बंद नहीं किया गया, बल्कि यह एक बीटा प्रयोग था जिसने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 26 June, 2026
Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
pocket tv

पॉकेट एफएम (Pocket FM) के सह-संस्थापक (Co-founder) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रोहन नायक (Rohan Nayak) ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि कंपनी ने अचानक अपने माइक्रोड्रामा (Microdrama) प्लेटफॉर्म Pocket TV को बंद कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि Pocket TV को शुरुआत से ही एक बीटा (Beta) प्रयोग के रूप में लॉन्च किया गया था और उसने अपना निर्धारित उद्देश्य पूरा कर लिया।

लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किए गए एक पोस्ट में रोहन नायक (Rohan Nayak) ने कहा कि "Pocket FM shuts down Pocket TV" जैसी सुर्खियां वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से पेश करती हैं। उन्होंने लिखा कि कंपनी ने Pocket TV को करीब पांच महीने तक बीटा प्रोडक्ट के रूप में चलाया, इस दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं और उसके बाद इसे बंद कर दिया।

रोहन नायक (Rohan Nayak) के मुताबिक, इस प्रयोग से कंपनी को यह समझने में मदद मिली कि माइक्रोड्रामा (Microdrama) प्लेटफॉर्म पर नए यूजर्स को जोड़ना अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन उन्हें लंबे समय तक बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि असली समस्या यूजर एक्विजिशन (User Acquisition) नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म रिटेंशन (Long-term Retention) है।

उन्होंने माइक्रोड्रामा उद्योग के मौजूदा बिजनेस मॉडल पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इस कैटेगरी में कई कंपनियां भारी ग्राहक अधिग्रहण खर्च, डार्क पैटर्न्स (Dark Patterns) और ऑटो-रिन्यूअल (Auto-renewal) जैसे तरीकों के सहारे कारोबार चला रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी बिजनेस की सफलता केवल इसलिए है क्योंकि सब्सक्रिप्शन रद्द करना जानबूझकर मुश्किल बनाया गया है, तो वह वास्तविक प्रोडक्ट-मार्केट फिट (Product-Market Fit) नहीं है।

रोहन नायक (Rohan Nayak) ने दावा किया कि पॉकेट एफएम (Pocket FM) के 50 प्रतिशत से अधिक यूजर्स 12 महीने बाद भी प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी का डेली एक्टिव यूजर (Daily Active User) बेस कई समर्पित माइक्रोड्रामा प्लेटफॉर्म्स से बड़ा है, जबकि कंपनी मार्केटिंग पर अपेक्षाकृत कम खर्च करती है।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि "रिटेंशन एक रणनीति है, जबकि वायरल होना सिर्फ एक घटना है।" साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि Pocket TV से मिली सीख के आधार पर कंपनी ने माइक्रोड्रामा कैटेगरी के लिए एक नया दृष्टिकोण तैयार किया है और इससे जुड़े नए ऐलान जल्द किए जाएंगे।

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Saregama India ने अभिषेक कपूर को CFO किया नियुक्त, कुलदीप कोठारी बने अंतरिम CFO

म्यूजिक और एंटरटेनमेंट कंपनी Saregama India ने अपने वित्तीय नेतृत्व (Finance Leadership) को मजबूत करने के लिए मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) पद पर नई नियुक्तियों की घोषणा की है।

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Published - Friday, 26 June, 2026
Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
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म्यूजिक और एंटरटेनमेंट कंपनी Saregama India ने अपने वित्तीय नेतृत्व (Finance Leadership) को मजबूत करने के लिए मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) पद पर नई नियुक्तियों की घोषणा की है। कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 24 जून 2026 को हुई बैठक में अभिषेक कपूर को कंपनी के नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक (Key Managerial Personnel) नियुक्त करने को मंजूरी दी।

कंपनी के अनुसार, अभिषेक कपूर 15 जुलाई 2026 से CFO का पद संभालेंगे। उनके कार्यभार ग्रहण करने तक वित्तीय नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए कुलदीप कोठारी को तत्काल प्रभाव से अंतरिम चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (Interim CFO) नियुक्त किया गया है। वह 24 जून 2026 से 14 जुलाई 2026 तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।

Saregama ने बताया कि ये नियुक्तियां कंपनी अधिनियम, 2013 और सेबी के लिस्टिंग नियमों के अनुपालन के तहत की गई हैं, ताकि CFO के पद पर किसी प्रकार का खालीपन न रहे और कंपनी के वित्तीय संचालन में निरंतरता बनी रहे।

अभिषेक कपूर वित्तीय क्षेत्र के अनुभवी प्रोफेशनल हैं और उन्हें 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने मीडिया एवं एंटरटेनमेंट, एफएमसीजी, बेवरेज और मैन्युफैक्चरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों की सूचीबद्ध कंपनियों में काम किया है। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और IIM कोझिकोड से स्ट्रेटेजी मैनेजमेंट में विशेष शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। वर्तमान में वह Sula Vineyards Limited में मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

वहीं, कुलदीप कोठारी के पास वित्त, लेखा, ट्रेजरी, बजटिंग, वित्तीय रिपोर्टिंग, टैक्सेशन और नियामकीय अनुपालन जैसे क्षेत्रों में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले सात वर्षों से Saregama India से जुड़े हुए हैं और कंपनी के वित्त विभाग में कई महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएं निभा चुके हैं। 

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बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Pocket TV को लेकर Pocket FM ने लिया यह बड़ा फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अब अपने प्रमुख ऑडियो बिजनेस पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की स्ट्रैटेजी पर आगे बढ़ रही है।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 25 June, 2026
Last Modified:
Thursday, 25 June, 2026
Pocket FM Pocket TV

ऑडियो एंटरटेनमेंट कंपनी पॉकेट एफएम (Pocket FM) के बारे में खबर है कि यह कथित तौर पर अपने माइक्रोड्रामा प्लेटफॉर्म Pocket TV को बंद करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक वर्ष के दौरान इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कंपनी ने यह फैसला लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि Pocket TV को उभरती हुई माइक्रोड्रामा श्रेणी को समझने और परखने के लिए एक बीटा प्रोडक्ट के रूप में लॉन्च किया गया था। उन्होंने कहा कि Pocket TV, Pocket FM के कारोबार में कोई महत्वपूर्ण योगदान देने वाला प्लेटफॉर्म नहीं है।

प्रवक्ता के अनुसार, किसी भी प्रोडक्ट प्रयोग की तरह कंपनी समय-समय पर उसके प्रदर्शन और रणनीतिक उपयुक्तता की समीक्षा करती है। Pocket TV से जुड़ा कोई भी निर्णय इसी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसके कारोबार का अधिकांश हिस्सा अब भी ऑडियो से आता है और भविष्य में भी उसका मुख्य फोकस वैश्विक स्तर पर ऑडियो श्रेणी का विस्तार करने पर रहेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Pocket TV को बंद करने का निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब माइक्रोड्रामा सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। कंपनी अब अपने प्रमुख ऑडियो बिजनेस पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की स्ट्रैटेजी पर आगे बढ़ रही है।

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नए शहरों में FM की धूम, मगर कमाई में गिरावट ने बढ़ाई चिंता: TRAI रिपोर्ट

रिपोर्ट मुख्य रूप से 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि में सेवा प्रदाताओं से मिले आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 24 June, 2026
Last Modified:
Wednesday, 24 June, 2026
FM TRAI

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने जनवरी से मार्च 2026 तिमाही के लिए “Indian Telecom Services Performance Indicator Report” जारी कर दी है। यह रिपोर्ट देश के टेलीकॉम सेक्टर की पूरी तस्वीर पेश करती है, जिसमें मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं के साथ-साथ केबल टीवी, DTH और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर की स्थिति का भी विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट मुख्य रूप से 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि में सेवा प्रदाताओं से मिले आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।

इस रिपोर्ट में खास तौर पर FM रेडियो सेक्टर की स्थिति पर भी विस्तार से जानकारी दी गई है। देश में निजी FM रेडियो नेटवर्क लगातार फैल रहा है और नए शहरों में इसकी पहुंच बढ़ रही है। 31 दिसंबर 2025 तक भारत में 385 निजी FM रेडियो चैनल 113 शहरों में संचालित हो रहे थे, जिन्हें 31 निजी ऑपरेटर चला रहे थे। यह आंकड़ा बताता है कि शहरी और छोटे शहरों में FM रेडियो की पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है और लोग आज भी मनोरंजन और जानकारी के लिए रेडियो को पसंद कर रहे हैं।

हालांकि इस तिमाही के दौरान कुछ बदलाव भी देखने को मिले। JCL Infra Ltd. ने लद्दाख के दो महत्वपूर्ण केंद्रों लेह और कारगिल में अपने FM रेडियो स्टेशनों का संचालन बंद कर दिया, जिसके बाद अब केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में केवल 3 FM चैनल ही सक्रिय रह गए हैं। दूसरी ओर, निजी ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र में विस्तार भी जारी रहा। DB Corp Limited ने 7 नए शहरों में अपने FM चैनल शुरू किए हैं, जिनमें अलवर, भुज, दमन, गांधीधाम, गंगानगर, पाली और रतलाम शामिल हैं। इस विस्तार के बाद देश में FM रेडियो नेटवर्क और व्यापक हो गया है।

इन सभी बदलावों के बाद 31 मार्च 2026 तक भारत में कुल 390 निजी FM रेडियो चैनल 120 शहरों में संचालित हो रहे हैं। इन सभी चैनलों का संचालन फिर से 31 निजी ऑपरेटरों के माध्यम से ही किया जा रहा है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि जहां कुछ क्षेत्रों में चैनल बंद हुए हैं, वहीं नए शहरों में विस्तार के कारण कुल नेटवर्क में वृद्धि दर्ज की गई है।

विज्ञापन राजस्व के लिहाज से देखें तो FM रेडियो सेक्टर ने इस तिमाही में कुल ₹414.03 करोड़ की कमाई की है। हालांकि यह पिछली तिमाही की तुलना में थोड़ा कम है, जब 385 चैनलों ने ₹419.29 करोड़ का विज्ञापन राजस्व अर्जित किया था। यानी चैनलों की संख्या बढ़ने के बावजूद आय में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जो बाजार में प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन खर्च में उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।

इसके अलावा, कम्युनिटी रेडियो का नेटवर्क भी देश में लगातार सक्रिय बना हुआ है। 31 मार्च 2026 तक भारत में कुल 564 कम्युनिटी रेडियो स्टेशन कार्यरत हैं। ये स्टेशन खासकर स्थानीय समुदायों तक जानकारी, शिक्षा और जागरूकता पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

कुल मिलाकर यह रिपोर्ट बताती है कि भारत का FM रेडियो सेक्टर धीरे-धीरे विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है, नए शहरों में इसकी पहुंच बढ़ रही है और नेटवर्क मजबूत हो रहा है। हालांकि विज्ञापन राजस्व में हल्की गिरावट यह संकेत देती है कि इस सेक्टर को आगे और अधिक प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक बदलावों की जरूरत हो सकती है।

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'रेडियो मिर्ची' की पैरेंट कंपनी ENIL में बड़े बदलाव को MIB से मिली मंजूरी

एफएम रेडियो चैनल ‘रेडियो मिर्ची’ का संचालन करने वाली कंपनी एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) के कॉर्पोरेट पुनर्गठन की प्रक्रिया अब एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर चुकी है।

Vikas Saxena by
Published - Saturday, 20 June, 2026
Last Modified:
Saturday, 20 June, 2026
ENIL988562

एफएम रेडियो चैनल ‘रेडियो मिर्ची’ का संचालन करने वाली कंपनी एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) के कॉर्पोरेट पुनर्गठन की प्रक्रिया अब एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर चुकी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने कंपनी के "Largest Indian Shareholder" यानी सबसे बड़े भारतीय शेयरधारक को Bennett, Coleman and Company Limited (BCCL) से बदलकर Times Horizon Private Limited (THPL) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

ENIL ने बताया कि मंत्रालय ने 19 जून को जारी अपने पत्र के जरिए इस बदलाव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही टाइम्स ग्रुप के प्रस्तावित पुनर्गठन को लागू करने की दिशा में एक और बड़ी बाधा दूर हो गई है।

दरअसल, यह पूरा मामला टाइम्स ग्रुप की प्रमुख कंपनी BCCL और उसकी 100 फीसदी स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Times Horizon Private Limited (THPL) के बीच प्रस्तावित पुनर्गठन (Reorganisation) योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत BCCL अपने नॉन-पब्लिशिंग कारोबार को THPL में स्थानांतरित कर रही है। इसमें शिक्षा, निवेश, ब्रॉडकास्टिंग, मीडिया और एंटरटेनमेंट जैसे व्यवसाय शामिल हैं।

इस पुनर्गठन के पूरा होने के बाद THPL, ENIL की नई प्रमोटर कंपनी और सबसे बड़ी भारतीय शेयरधारक बन जाएगी। अभी तक यह भूमिका BCCL निभा रही है।

इस स्कीम को पहले भी कई अहम मंजूरियां मिल चुकी हैं। मुंबई स्थित नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 4 फरवरी 2026 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने भी इसे अपनी स्वीकृति दे दी थी। अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मिली मंजूरी के बाद यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ गई है।

ENIL ने बताया कि इस पुनर्गठन की जानकारी सबसे पहले सितंबर 2025 में शेयर बाजार को दी गई थी। इसके बाद फरवरी 2026 में NCLT और CCI की मंजूरियों से जुड़े अपडेट साझा किए गए थे। अब MIB की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने निवेशकों को ताजा स्थिति से अवगत कराया है।

हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना पूरी तरह प्रभावी तब मानी जाएगी, जब सभी शेष कानूनी और नियामकीय औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी और स्कीम का अंतिम क्रियान्वयन हो जाएगा।

कुल मिलाकर, यह बदलाव टाइम्स ग्रुप के कारोबार को अलग-अलग इकाइयों में अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके जरिए मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग और अन्य गैर-प्रकाशन व्यवसायों को एक अलग कॉर्पोरेट ढांचे के तहत संचालित किया जाएगा, जिससे समूह के विभिन्न कारोबारों पर बेहतर फोकस किया जा सकेगा।

 
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