होम / प्रिंट / प्रिंट मीडिया पर अभी भी छाए हैं इस तरह के ‘खतरे के बादल’

प्रिंट मीडिया पर अभी भी छाए हैं इस तरह के ‘खतरे के बादल’

कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए लॉकडाउन की वजह से देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago

कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए लॉकडाउन की वजह से देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। इसका प्रभाव मीडिया संस्थानों पर भी पड़ा है। कोरोना काल में कई मीडिया कंपनियों की आर्थिक स्थिति तो इस कदर बिगड़ गई कि उन्हें वित्तीय बोझ को कम करने के लिए अपने स्टाफ को छंटनी का नोटिस देना पड़ा, तमाम स्टाफ को अवैतनिक अवकाश (Leave without pay) पर भेजा गया अथवा उनकी सैलरी में कटौती की गई। अब एक बार फिर तमाम मीडिया कंपनियों ने इस तरह का कदम उठाया है। इस बार इस लिस्ट में ज्यादातर प्रिंट मीडिया संस्थान शामिल हैं।  

लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में अपने करीब 40 एम्प्लॉयीज को बाहर करने और अपने वीकेंड एडिशन ‘बिजनेस न्यूज डेली’ को बंद करने के बाद ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ (Business Standard) ने एक बार फिर इस तरह का कड़ा कदम उठाया है। इसके तहत 25 पत्रकारों को पिंक स्लिप थमा दी गई है। जिन एम्प्लॉयीज को संस्थान छोड़ने के लिए कहा गया है, उनमें कुछ जाने-माने पत्रकार भी शामिल हैं। बताया जाता है कि अन्य तमाम न्यूज बिजनेस की तरह ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ प्रबंधन अब मुख्य रूप से डिजिटल पर अपना फोकस करेगा।    

इस बारे में ‘Simply HR Solutions’ नाम से अपनी एचआर फर्म चलाने वाले रजनीश सिंह का कहना है, ‘बड़े पैमाने डिजिटाइजेशन का असर एम्प्लॉयीज की नौकरी पर भी पड़ा है। लॉकडाउन के दौरान अधिकांश पाठकों ने अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन पर न्यूज पढ़ने को तवज्जो दी है। ऐसे में न्यूज बिजनेस को प्रिंट से डिजिटल पर अपना फोकस करने को मजबूर होना पड़ा है।’ पूर्व में ‘टीवी18 इंडिया लिमिटेड’ में ग्रुप हेड (एचआर) के तौर पर काम कर चुके रजनीश सिंह का कहना है, ‘हालांकि प्रिंट की ‘विदाई’ के लिए अभी उपयुक्त समय नहीं था और यह सब कम से कम पांच साल बाद होता, जो अब हो रहा है। महामारी ने इस प्रक्रिया को सिर्फ तेज कर दिया है।’

बता दें कि ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ ही एकमात्र उदाहरण नहीं है। ‘इंडिया टुडे’ ग्रुप ने भी अंग्रेजी भाषा के अपने टैबलॉयड ‘मेल टुडे’ (Mail Today) को बंद करने का फैसला लिया है। इस फैसले से करीब 40 एम्प्लॉयीज को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। ‘इंडिया टुडे’ ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी ने एक इंटरमेल के जरिये एम्प्लॉयीज को इस फैसले की जानकारी दी है। कोरोनावायरस और लॉकडाउन के बीच ‘इंडियन एक्सप्रेस’ और ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ ने सबसे पहले सैलरी में कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद अन्य अखबारों जैसे-‘हिन्दुस्तान टाइम्स’,  ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘द इकनॉमिक टाइम्स’ आदि ने भी इस तरह के कदम उठाए थे।

वहीं, विशेषज्ञों का कहना है मीडिया में कुछ समय तक इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी। इस बारे में दैनिक जागरण के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर और पूर्व रेजिडेंट एडिटर निशिकांत ठाकुर का कहना है, ‘ऐसा लग सकता है कि एम्प्लॉयीज को नौकरी से हटाने में प्रिंट मीडिया संस्थान क्रूर हो रहे हैं, लेकिन कोई दूसरा रास्ता नहीं है। इस साल कई महीनों में रेवेन्यू शून्य रहा है। कुछ लोकप्रिय अखबार जो विज्ञापनों की वजह से पहले काफी पेज छापते थे, अब उनकी संख्या आधे से भी कम रह गई है। इसका कारण यही है कि अब तमाम अखबारों में पर्याप्त विज्ञापन ही नहीं आ रहा है और विज्ञापन ही अखबारों के रेवेन्यू का प्रमुख स्रोत है। विज्ञापनों के बिना अखबारों को या तो बंद होना पड़ेगा अथवा अपनी टीम के सदस्यों में कटौती करनी पड़ेगी। मैं कहना चाहूंगा कि देश में अभी प्रिंट मीडिया का ‘अंतिम दौर’ नहीं आया है। एडवर्टाइजर्स कुछ समय लेंगे, लेकिन धीरे-धीरे वापस आएंगे। अगले वित्तीय वर्ष में चीजें बेहतर होंगी और नए अवसरों के द्वार खुलेंगे, हालांकि प्रतियोगिता काफी कड़ी होगी।’


टैग्स टाइम्स ऑफ इंडिया इंडिया टुडे मेल टुडे छंटनी प्रिंट मीडिया बिजनेस स्टैंडर्ड कोरोनावायरस Print Media
सम्बंधित खबरें

वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता की किताब ‘Revolutionary Raj’ का लोकार्पण आज

वरिष्ठ पत्रकार और पद्मश्री सम्मानित आलोक मेहता अपनी नई कॉफी-टेबल बुक “Revolutionary Raj – Narendra Modi’s 25 Years” का लोकार्पण 21 फरवरी 2026 को करने जा रहे हैं।

3 days ago

भारत को समझने का नया नजरिया देती रोहित सरन की किताब का विमोचन

वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरन की नई पुस्तक ‘100 Ways to See India: Stats, Stories, and Surprises’ का विमोचन 17 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया।

4 days ago

जागरण प्रकाशन में बड़ा घटनाक्रम: 8 निदेशकों को हटाने का प्रस्ताव

जागरण मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड (JMNIPL) ने 7 स्वतंत्र निदेशकों और एक पूर्णकालिक निदेशक (Whole-time Director) को हटाने के लिए विशेष नोटिस जारी किया है।

1 week ago

HT मीडिया ने पोस्टल बैलेट नोटिस में किया बदलाव, नए स्क्रूटिनाइजर की नियुक्ति

HT मीडिया लिमिटेड ने अपने पोस्टल बैलेट नोटिस में बदलाव किया है, जिसकी जानकारी कंपनी ने शेयर बाजार को दी है।

1 week ago

AI के इस्तेमाल से बढ़ रही है कंपनी के काम की रफ्तार व प्रोडक्टिविटी: अन्ना अब्राहम

एचटी मीडिया ग्रुप की डिप्टी CFO व इन्वेस्टर रिलेशंस हेड अन्ना अब्राहम ने कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान कहा कि कंपनी ने इस तिमाही में ऑपरेशनल स्तर पर लगातार सुधार दिखाया है।

05-February-2026


बड़ी खबरें

'डीडी न्यूज' में नौकरी का मौका, सीनियर कॉरेस्पोंडेंट के लिए मोटी सैलरी ऑफर

भारत के लोक सेवा प्रसारक प्रसार भारती ने 'डीडी न्यूज' के लिए बड़ी भर्ती का ऐलान किया है।

7 hours ago

फिल्म सर्टिफिकेशन की ‘प्रायोरिटी स्कीम’ बंद करने की तैयारी, सरकार ने मांगे सुझाव

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म सर्टिफिकेशन से जुड़ी ‘प्रायोरिटी स्कीम’ को खत्म करने का प्रस्ताव रखा है।

8 hours ago

ESOP के जरिए एम्प्लॉयीज को मिला फायदा, बालाजी टेलीफिल्म्स ने बढ़ाई पेड-अप कैपिटल

टीवी और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की जानी-मानी कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स (Balaji Telefilms Limited) ने अपने एम्प्लॉयीज को ESOP योजना के तहत 25,000 इक्विटी शेयर जारी किए हैं।

8 hours ago

SAIL बनी DD न्यूज के ‘डिकोड विद सुधीर चौधरी’ की स्पॉन्सर कंपनी

देश की बड़ी सरकारी स्टील कंपनी Steel Authority of India Limited (SAIL) अब डीडी न्यूज के चर्चित प्राइम टाइम शो ‘डिकोड विद सुधीर चौधरी’ की स्पॉन्सर कंपनी बन गई है

8 hours ago

निकुंज डालमिया ने लॉन्च किया नया बिजनेस प्लेटफॉर्म ‘The Broadview’

ET Now और ET Now Swadesh के एडिटर-इन-चीफ रह चुके निकुंज डालमिया अब अपना नया वेंचर ‘The Broadview’ लेकर आए हैं।

20 hours ago