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SC ने वॉट्सऐप को दिया निर्देश, पांच राष्ट्रीय अखबारों में दें यह विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने वॉटसऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
सुप्रीम कोर्ट ने वॉटसऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि कोर्ट ने सरकार के इस आश्वासन को नोट किया है कि मार्च के महीने में संसद में नया डाटा प्रोटक्शन बिल (New Data Protection Bill) लाया जाएगा। वहीं इस दौरान कोर्ट ने वॉटसऐप को यह निर्देश दिया है कि वह अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर अखबार में फुल पेज का विज्ञापन दे और स्पष्ट तौर पर लोगों को यह जानकारी दें कि लोग उसकी 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी को मानने के लिए फिलहाल बाध्य नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप को 2021 में सरकार को दिए गए अपनी अंडरटेकिंग का मीडिया में प्रचार करने के लिए पांच अखबारों में विज्ञापन देने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वॉट्सऐप से कहा कि कंपनी कम से कम पांच राष्ट्रीय अखबारों में यह विज्ञापन दे। वह भी कम से कम दो बार और लोगों को स्पष्ट तौर पर अपनी प्राइवेसी पॉलिसी के बारे में बताएं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट दो छात्रों कर्मण्य सिंह सरीन और श्रेया सेठी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिन्होंने फेसबुक और अन्य के साथ यूजर्स के डेटा को वॉट्सऐप द्वारा साझा करने को चुनौती दी थी।
इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संसद के इस बजट सत्र में इसको लेकर एक नया विधेयक पेश किया जाएगा। जस्टिस केएम जोसेफ, जस्टिस अजय रस्तोगी, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस सीटी रवि की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि वह बजट सत्र में डेटा सुरक्षा बिल पेश किए जाने के बाद वॉटसऐप की मूल कंपनी फेसबुक और अन्य के साथ यूजर्स के डेटा शेयर करने की नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करेगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति के एम.जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ को बताया था कि संसद के चालू सत्र के दूसरे चरण में डेटा संरक्षण विधेयक पेश किए जाने की संभावना है, जोकि 12 मार्च से शुरू होगा।
बता दें कि वॉटसऐप की ओर से कोर्ट में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने इस मामले में सुझाव दिया कि शीर्ष अदालत को विधेयक के पेश होने का इंतजार करना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विधेयक के पेश होने का इंतजार करने में कोई हर्ज नहीं है और इस बीच आसमान नहीं गिरने वाला है।
वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी की बात करें तो यह 2021 में लाई गई है। इसकी नई शर्तों के अनुसार, आप वॉटसऐप पर जो भी कंटेंट अपलोड करते हैं या फिर रिसीव करते हैं कंपनी उसका भी इस्तेमाल कर सकती है। दरअसल वॉट्सऐप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में साफ तौर पर कहा कि वह अपने डेटा को पैरेंट कंपनी फेसबुक के साथ साझा करती है और इसका इस्तेमाल करके पैसा कमा सकती है। कंपनी की इसी प्राइवेसी पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
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