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IRS: कैसा रहा आपके पसंदीदा अखबार का प्रदर्शन, जानें यहां
'मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल' (MRUC) ने शुक्रवार को इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की चौथी तिमाही (IRS Q4 2019) के डाटा जारी कर दिए हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
चौथी तिमाही (Q4 data) के डाटा में 327661 भारतीय घरों को बतौर सैंपल शामिल किया गया है। इसके अनुसार, ‘दैनिक जागरण’ (Dainik Jagran) देश में सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला हिंदी अखबार बना हुआ है, जबकि अंग्रेजी कैटेगरी में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (Times of India) टॉप पर है। अधिकांश कैटेगरी में टॉप प्लेयर्स की लिस्ट में चाहे वह हिंदी/अंग्रेजी अखबार हों अथवा मैगजींस, ज्यादातर वे पूर्व की भांति बने हुए हैं।
आंकड़ों पर डालें एक नजर
मुंबई मार्केट की बात करें तो ‘दैनिक जागरण’ की टोटल रीडरशिप (Total Readership) चौथी तिमाही में 68667 रही है, जबकि तीसरी तिमाही में यह 70430 रही थी। वहीं, ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की टोटल रीडरशिप तीसरी तिमाही के मुकाबले बढ़ी है। तीसरी तिमाही में जहां यह 2776 थी, वह चौथी तिमाही में बढ़कर 2894 हो गई है। ‘दैनिक भास्कर’ की टोटल रीडरशिप तीसरी तिमाही में 52622 थी जो चौथी तिमाही में थोड़ी घटकर 52429 रह गई है। ‘हिन्दुस्तान’ (Hindustan) अखबार की टोटल रीडरशिप चौथी तिमाही में 49890 दर्ज की गई है, जबकि तीसरी तिमाही में यह 51508 थी। तीसरी तिमाही में ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala) की टोटल रीडरशिप 44797 थी, जो इस तिमाही में 44196 दर्ज की गई है। इस लिस्ट में पांचवे नंबर पर मौजूद ‘मलयाला मनोरमा’ (Malayala Manorama) की टोटल रीडरशिप 17763 दर्ज की गई है, जो तीसरी तिमाही में 17849 थी।
खास बात यह है कि छठे और सातवें नंबर पर मौजूद ‘डेली थांथी’ (Daily Thanthi) और ‘लोकमत’ (Lokmat) दोनों की टोटल रीडरशिप में चौथी तिमाही में इजाफा देखने को मिला है। तीसरी तिमाही में ‘डेली थांथी’ की टोटल रीडरशिप 25758 थी जो चौथी तिमाही में बढ़कर 26314 हो गई है, वहीं ‘लोकमत’ की टोटल रीडरशिप तीसरी तिमाही में 21765 से बढ़कर चौथी तिमाही में 22343 दर्ज की गई है।
अंग्रेजी अखबारों की मुंबई मार्केट में स्थिति देखें तो ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के बाद ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ (Hindustan Times) का नंबर है, जिसकी टोटल रीडरशिप में भी इजाफा दर्ज किया गया है। तीसरी तिमाही में इसकी टोटल रीडरशिप 1884 थी, जो चौथी तिमाही में बढ़कर 2042 हो गई है। दिल्ली मार्केट में ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ ने अपनी बढ़त बनाए रखी है, जबकि इसके बाद ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ है। ‘द हिन्दू’ (The Hindu) की टोटल रीडरशिप भी तीसरी तिमाही के मुकाबले इस तिमाही में बढ़ी है और तीसरी तिमाही में 526 के मुकाबले चौथी तिमाही में इसकी टोटल रीडरशिप बढ़कर 545 हो गई है।
हिंदी भाषी मार्केट को देखें तो उत्तर प्रदेश में टॉप पांच अखबारों की लिस्ट में ‘दैनिक जागरण’, ‘अमर उजाला’, ‘हिन्दुस्तान’, ‘आज’ और ‘नवभारत टाइम्स’ दर्ज हैं, जबकि बिहार में टॉप फाइव में ‘हिन्दुस्तान’, ‘दैनिक जागरण’, ‘दैनिक भास्कर’, ‘प्रभात खबर’ और ‘आज’ शामिल हैं।
रीजनल मार्केट
चेन्नई में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ सबसे आगे बना हुआ है, जबकि इसके बाद ‘द हिन्दू’ का नंबर है। दोनों अखबारों की टोटल रीडरशिप में इजाफा देखने को मिला है। कोलकाता मार्केट में टॉप-2 में दर्ज ‘टेलिग्राफ’ और ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की टोटल रीडरशिप में भी इजाफा हुआ है। दूसरे बड़े मार्केट्स को देखें तो केरल में टॉप-5 की लिस्ट में ‘मलयाला मनोरमा’ (Malayala Manorama), ‘मातृभूमि’ (Mathrubhumi), ‘देशाभिमानी’ (Deshabhimani), ‘मध्यमान’ (Madhyamam) और ‘केरल कुमुदी’ (Kerala Kaumudi) शामिल हैं। महाराष्ट्र में ‘लोकमत’, (Lokmat) ‘सकाल’,( Sakal) ‘पुधारी’ (Pudhari), ‘पुण्य नगरी’ (Punya Nagari) और ‘महाराष्ट्र टाइम्स’ (Maharashtra Times) ने टॉप-5 में अपना नाम दर्ज कराया है।
चौथी तिमाही में पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वालों की लिस्ट में ‘आनंद बाजार पत्रिका’ (Ananda Bazar Patrika), ‘बर्तमान’ (Bartaman), ‘आई समय’ (Ei Samay), ‘उत्तर बंगा संवाद’ (Uttar Banga Sambad) और ‘संगबाद प्रतिदिन’ (Sangbad Pratidin) ने अपना नाम दर्ज कराया है।
मैगजींस
चौथी तिमाही में मैगजींस की रीडरशिप की बात करें टॉप-5 मैगजींस में ‘इंडिया टुडे-अंग्रेजी’ (India Today-English), ‘इंडिया टुडे-हिंदी’ (India Today-Hindi), ‘सामान्य ज्ञान दर्पण’ (Samanya Gyan Darpan), ‘वनिता-मलयालम’ (Vanitha-Malayalam) और ‘प्रतियोगिता दर्पण-हिंदी’ (Pratiyogita Darpan-Hindi) शामिल हैं।
इंटरनेट
चौथी तिमाही के नतीजे देखें तो पता चलता है कि इंटरनेट का इस्तेमाल भी काफी बढ़ा है और पिछले एक महीने में शहरी क्षेत्रों के मुकाबले इसमें ग्रामीण यूजर्स की संख्या ज्यादा है। स्टडी के अनुसार, टीवी की व्युअरशिप बढ़ने के साथ ही रेडियो भी ज्यादा सुना जा रहा है। हालांकि अखबारों की रीडरशिप में थोड़ी कमी देखने को मिली है।
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