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अखबारों ने फ्रंट पेज पर इन खबरों को दी प्रमुखता
अमर उजाला में जैकेट विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है और दैनिक जागरण में दो फ्रंट पेज हैं
नीरज नैयर 6 years ago
दिवाली की खुमारी उतरने के साथ ही अखबारों में विज्ञापनों की ‘बारिश’ में भी कमी आई आई है। हालांकि, अमर उजाला में जैकेट विज्ञापन है, जिसकी वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है और दैनिक जागरण में दो फ्रंट पेज हैं। शुरुआत आज अमर उजाला से करते हैं। अमर उजाला के टॉप बॉक्स में दिल्ली की बिगड़ती हवा है, जिसे शीर्षक ‘दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की चादर, हर तरफ धुआं, घुटने लगी सांसें’ के साथ लगाया गया है। लीड कश्मीर की हिंसा है, जिसे पूरे छह कॉलम जगह मिली है।
यूरोपीय यूनियन के सांसदों के दौरे के बीच घाटी में आतंकियों ने पांच प्रवासी मजदूरों को मौत के घाट उतार दिया। पीएम मोदी की सऊदी अरब के किंग से मुलाकात को फोटो के साथ पेज पर रखा गया है। महाराष्ट्र के सियासी नाटक को दो कॉलम बॉक्स में लगाया गया है, जबकि एंकर में आतंकी बगदादी के सफाए से जुड़ी स्टोरी है। इसके अलावा पेज पर नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति को हरी झंडी, केदारनाथ के कपाट बंद और ड्राइवर की सनक का शिकार बने ट्रैफिक हवलदार का समाचार है। हवलदार को एक कार ड्राइवर डेढ़ किमी तक कार के बोनट पर ले गया।
वहीं, दैनिक जागरण के पहले फ्रंट पेज पर दिल्ली की बिगड़ती हवा को लीड बनाया गया है। दूसरे पेज पर घाटी में आतंकी हिंसा सबसे बड़ी खबर है, जिसे बेहद सामान्य तरीके से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को तीन कॉलम जगह दी गई है। भाजपा और शिवसेना दोनों 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी हैं। अब देखना ये है कि इस जंग में हर बार की तरह भाजपा की जीत होती है या शिवसेना दम दिखा पाती है। आतंकियों के निशाने पर राष्ट्रपति सहित कई हस्तियां हैं, दैनिक जागरण ने इस खबर को प्रमुखता से पेज पर रखा है, जबकि फुल पेज होते हुए भी अमर उजाला ने इसे तवज्जो नहीं दी। एंकर में पीएम मोदी की सऊदी अरब की यात्रा से जुड़ी खबर है।
आज नवभारत टाइम्स का फ्रंट पेज काफी दिनों के बाद बिना विज्ञापन के नजर आ रहा है। टॉप बॉक्स में दो खबरों को जगह दी गई है। पहली, बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर की शुरुआत और दूसरी, दिल्ली की बिगड़ती हवा। लीड घाटी में आतंकी हिंसा है, लेकिन महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को भी बड़ी जगह मिली है। आतंकियों की हिट लिस्ट में विराट कोहली के समाचार के साथ ही पेज पर एक रोचक फोटो भी है।
लेबनान की जनता ने सरकार द्वारा वॉट्सऐप सर्विस पर लगाये गए टैक्स का ऐसा विरोध किया कि प्रधानमंत्री को इस्तीफे का ऐलान करना पड़ा। लोग सड़कों पर सरकार के विरोध में जमा तो हुए, लेकिन उग्र प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि योग के लिए। धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों की संख्या इतनी बढ़ गई कि पीएम को इस्तीफा देने पर विवश होना पड़ा। बगदादी के अंत की इनसाइड स्टोरी एंकर में है, जबकि बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के कप्तान पर प्रतिबंध के साथ ही चार अन्य समाचारों को छोटा-छोटा लगाया गया है।
दैनिक भास्कर के पाठकों को भी फ्रंट पेज पर कई खबरें मिली हैं। लीड कश्मीर की हिंसा है, जिसे अपेक्षाकृत काफी बड़ी जगह मिली है। इसके पास ही महाराष्ट्र का सियासी संग्राम है। एक लाइन के शीर्षक के साथ डीप दो कॉलम में लगी यह खबर सिर छोटा और धड़ बड़ा जैसी नजर आ रही है। दिल्ली की बिगड़ती हवा आकर्षक फोटो के साथ पेज पर है। आतंकी निशाने पर हस्तियां, यह समाचार प्रमुखता के साथ दो कॉलम में है।
एंकर में भारत में पढ़े, नेपाल के निर्मल पुर्जा की उपलब्धि को जगह मिली है। पुर्जा ने महज छह महीनों में एवरेस्ट सहित 14 चोटियों को फतह किया है। इसके अलावा, एजेंट के जरिये रेल टिकट बुक करवाने वालों के लिए राहत भरी खबर को भी फ्रंट पेज पर लगाया गया है। अब एजेंट से बुक टिकट कैंसिल होने पर ओटीपी से मिल सकेगा रिफंड। नवभारत टाइम्स ने भी इस न्यूज को पेज पर रखा है। दैनिक भास्कर ने पीएम मोदी के सऊदी अरब के दौरे से जुड़ी खबर को फ्रंट पेज पर जगह नहीं दी है।
इनके अलावा, हिन्दुस्तान की बात करें तो बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर और इस छूट के विस्तार की संभावनाओं को लीड का दर्जा दिया गया है। केजरीवाल सरकार अब छात्रों एवं बुजुर्गों को भी मुफ्त यात्रा की सौगात देने पर विचार कर रही है। घाटी में मजदूरों की हत्या टॉप में तीन कॉलम में है। महाराष्ट्र का सियासी संग्राम और पीएम की सऊदी अरब यात्रा को भी प्रमुखता मिली है।
आतंकी निशाने पर टीम इंडिया, यह समाचार दो कॉलम में है जबकि दिल्ली की बिगड़ती हवा को भी दो कॉलम में लगाया गया है। एंकर में पर्यावरण से जुड़ा चौंकाने वाला समाचार है। अध्ययन पर आधारित इस स्टोरी में बताया गया है कि कैसे ऑनलाइन फिल्म देखने का शौक हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। पहले डे-नाइट टेस्ट को मंजूरी को भी सिंगल के रूप में फ्रंट पेज पर रखा गया है। यह मैच भारत और बांग्लादेश के बीच 22 अक्टूबर के बीच खेला जाएगा।
अब नवोदय टाइम्स को देखें तो अखबार के फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है। लीड महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को बनाया गया है, जबकि दिल्ली में छात्रों एवं बुजुर्गों को मिलने वाले मुफ्त बस यात्रा के संभावित तोहफे को बॉक्स में प्रमुखता के साथ लगाया है। घाटी में आतंकी हिंसा को पूरे पांच कॉलम जगह दी गई है और आतंकियों के नए निशाने को इसके पास ही रखा गया है। पीएम मोदी की सऊदी अरब यात्रा सहित बोरवेल में फंसे मासूम की मौत की खबर भी पेज पर है। यह हादसा तमिलनाडु का है। एंकर में करतारपुर जाने वाला पहला जत्था है, इस जत्थे में महमोहन सिंह समेत 575 लोग शामिल होंगे।
आखिरी में आज देशबंधु का रुख करते हैं। अखबार के फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है। लीड कश्मीर है, लेकिन उसे अलग अंदाज में उठाया गया है। ‘लंच, डल की सैर से पूरा हुआ दौरा’ इस शीर्षक के साथ तंज भरे लहजे में ईयू के सांसदों के घाटी दौरे को रखा गया है जबकि मजदूरों की हत्या की खबर को लीड के हिस्से के रूप में सिंगल में रखा गया है। नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति प्रमुखता के साथ दो कॉलम में है। इसके अलावा पेज पर महाराष्ट्र का सियासी संग्राम, पीएम की सऊदी अरब यात्रा और करतारपुर के पहले जत्थे को रखा गया है। एंकर में दिल्ली की बिगड़ती हवा है।
आज का ‘किंग’ कौन?
1: लेआउट के नजरिए से देखें तो नवभारत टाइम्स और अमर उजाला दूसरे अखबारों की तुलना में काफी बेहतर दिखाई दे रहे हैं। दोनों अखबारों की टीम ने खाली मिले फ्रंट पेज को बेहतरीन तरह से डिजायन किया है। इसके उलट, दैनिक भास्कर का आज का फ्रंट पेज बेहद सामान्य है, हिन्दुस्तान भी कुछ खास नहीं कर पाया है।
2: खबरों की प्रस्तुति की बात करें तो एक बार फिर नवभारत और अमर उजाला ने बाजी मारी है। दोनों अखबारों ने टॉप बॉक्स से लेकर एंकर तक हर खबर को आकर्षक अंदाज में पाठकों के समक्ष परोसा है।
3: कलात्मक शीर्षक आज किसी भी अखबार में नजर नहीं आ रहा है। लिहाजा, इस कसौटी पर कोई समाचार पत्र खरा नहीं उतरा है।
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