आज ऐसे नजर आ रहे हैं प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज

विज्ञापन की अधिकता के कारण आज अमर उजाला और हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by
Published - Wednesday, 11 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 11 September, 2019
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कश्मीर पर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसने संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाया है, हालांकि हर बार की तरह इस बार भी उसे मुंह की खानी पड़ी। पाकिस्तान की इस चालबाजी और उस पर भारत के दो टूक जवाब को आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश अखबारों ने लीड बनाया है। आज सबसे पहले बात दैनिक जागरण की करते हैं। अखबार के फ्रंट पेज पर खास विज्ञापन नहीं है, इसलिए कई महत्वपूर्ण खबरों को स्थान मिला है। ‘पाकिस्तान ने फिर खाई मुंह की’ शीर्षक के साथ लीड को पांच कॉलम में रखा गया है। पाक के विदेशमंत्री द्वारा कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने से जुड़ी खबर लीड के साथ रंगीन बॉक्स में है।

स्टार्ट-अप के मामले में दिल्ली-एनसीआर देशभर में अव्वल, इस समाचार को लीड के पास ही दो कॉलम में लगाया गया है। भारत-नेपाल के बीच तेल पाइपलाइन का शुभारंभ हो गया है। दैनिक जागरण ने यह खबर प्रमुखता के साथ पेज पर रखी है, इसके साथ ही कश्मीर के फल उत्पादकों के सेब अब सीधे नेफड द्वारा खरीदे जाएंगे, इस खबर को भी बड़ी जगह मिली है। जनता के विरोध को देखते हुए ट्रैफिक जुर्माने पर उल्टी गिनती शुरू हो गई है। हालांकि, ऐसा राज्य स्तर पर हो रहा है। शत्रुघ्न शर्मा ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि गुजरात सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर केंद्र द्वारा लगाये नए जुर्माने की राशि में 50 फीसदी कमी की है। एंकर में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का वह बयान है, जिसमें उनका कहना है कि ऑटो सेक्टर में मंदी की वजह ओला-उबर हैं। इसके अलावा  तीन अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को संक्षिप्त में रखा गया है।

आज हिन्दुस्तान ने टॉप बॉक्स ट्रैफिक जुर्माने से जुड़ी खबर के नाम समर्पित किया है। ग्रेटर नोएडा निवासी एक व्यक्ति की ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की बदसलूकी के चलते मौत हो गई, पुलिस ने अब अज्ञात यातायात पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हिन्दुस्तान ने खबर में इसी बात को उठाया है। इसके पास ही सौरभ शुक्ल की बाईलाइन स्टोरी है, जिसके मुताबिक ट्रैफिक नियमों का पालन करने वालों को बीमा में छूट मिलेगी। ये दोनों ही समाचार सबसे ज्यादा पढ़े जाएंगे।

लीड कश्मीर है, जबकि वित्तमंत्री के बयान और डीयू प्रोफेसर के घर पर पुणे पुलिस के छापे की न्यूज को दो-दो कॉलम में जगह मिली है। इसके अलावा पेज पर श्याम सुमन की भी स्टोरी है। सुमन ने बताया है कि क्रिकेट का प्रशासन चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई प्रशासकों की समिति ने बीसीसीआई का प्रबंधन छोड़ने का फैसला लिया है। पाक विधायक सहित तीन महत्वपूर्ण खबरें भी सिंगल कॉलम में लगी हैं। 

अमर उजाला का फ्रंट पेज देखें तो आज इस पर काफी विज्ञापन है। लीड कश्मीर है, जिसे खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाले पाक विदेशमंत्री के बयान को अलग से लगाया गया है, ताकि एक ही नजर में दिखाई दे जाए। जलियांवाला नरसंहार के 100 साल बाद ब्रिटेन के आर्कबिशप ने मंगलवार को इसके लिए माफी मांगी। आर्कबिशप की माफी मांगते हुए फोटो सोशल मीडिया में काफी चर्चा में थी, अमर उजाला ने उसी फोटो को पेज पर स्थान दिया है।

वहीं, दिल्ली-एनसीआर के स्टार्ट-अप की खबर को 4 कॉलम में रखा गया है, जबकि दिल्ली में 1.41 लाख रुपए के सबसे बड़े चालान की खबर को भी प्रमुखता से जगह मिली है। भगवान राम नामक ट्रक मालिक ने 9 सितंबर को कोर्ट में यह जुर्माना राशि भरी, इसी खबर में गुजरात द्वारा घटाई गई जुर्माना राशि का भी जिक्र है। फ्रंट पेज पर हेमंत रस्तोगी की एक बाईलाइन भी है। रस्तोगी ने बताया है कि केंद्र सरकार देश का मान बढ़ाने वालीं बेटियों को पद्म सम्मान से नवाजेगी। इसके अलावा, विदेशी छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में आईआईटी प्रोफ़ेसर पर कार्रवाई का समाचार भी पेज पर है। जबकि उर्मिला मातोंडकर और कृपाशंकर के कांग्रेस छोड़ने की न्यूज को संक्षिप्त में जगह मिली है।

वहीं, नवोदय टाइम्स ने फ्रंट पेज की शुरुआत सबसे बड़े ट्रैफिक जुर्माने की खबर से की है। इसका शीर्षक ‘भगवान राम का काटा 1.41 लाख का चालान’ लोगों को पूरी खबर पढ़ने पर विवश करेगा। इसी बॉक्स में नीचे ट्रैफिक जुर्माना कम करने की उल्टी गिनती को भी रखा गया है। लीड कश्मीर है, लेकिन उसे पाक विदेशमंत्री की स्वीकारोक्ति से उठाया गया है। यानी ‘पाकिस्तान ने माना कश्मीर भारत का’। उर्मिला और कृपाशंकर की कांग्रेस से विदाई की खबर डेढ़ कॉलम में है। भारत-नेपाल पाइपलाइन के शुभारंभ की खबर को भी प्रमुखता मिली है। सबसे नीचे दो कॉलम में विक्रम से सीख लेते हुए नासा की तैयारी है। इसके अलावा इमरान खान की पार्टी के पूर्व विधायक की न्यूज को भी सिंगल कॉलम में लगाया गया है। बलदेव कुमार ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार का हवाला देते हुए भारत में शरण मांगी है।

इसके अलावा नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर नजर डालें तो अखबार ने टॉप बॉक्स ट्रैफिक जुर्माने से जुड़ी खबर के नाम किया है। हालांकि, खबर को ‘चालान’ से नहीं बल्कि जुर्माना राशि कम करने की उल्टी गिनती से उठाया गया है। ‘ट्रैफिक जुर्माना कम करने की शुरुआत’ इस आईब्रो के साथ ‘गुजरात में रेड सिग्नल, दिल्ली में भी उल्टी गिनती शुरू’ शीर्षक तले यह समाचार प्रस्तुत किया गया है। इसी में दिल्ली में हुआ सबसे बड़ा जुर्माना भी सिंगल में है। लीड कश्मीर है, पाकिस्तान पर भारत के पलटवार को शीर्षक में रखते हुए पाक के विदेशमंत्री की स्वीकारोक्ति को बॉक्स में रखा गया है। पेज पर वीरेन्द्र कुमार की दिलचस्प और पढ़ी जाने वाले स्टोरी भी है। कुमार के अनुसार, सरकार एक ऐसा ऐप बना रही है, जो आपको बताएगा कि जिस रास्ते पर आप जाने वाले हैं, वह सुरक्षित है या नहीं। इसके अलावा एक सिख को रेस्टोरेंट में ‘नो-एंट्री’ सहित पेज पर तीन महत्वपूर्ण सिंगल समाचार भी हैं। नवभारत टाइम्स ने वित्तमंत्री के ऑटो सेक्टर में मंदी के बयान को संक्षिप्त में जगह दी है।

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'अग्रदूत' समाचार समूह की स्वर्ण जयंती पर PM मोदी ने कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ‘अग्रदूत’ समाचार समूह के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन किया।

Last Modified:
Thursday, 07 July, 2022
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ‘अग्रदूत’ समाचार समूह के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन किया। पीएम मोदी 6 जुलाई को करीब शाम साढ़े चार बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

बता दें कि ‘अग्रदूत’ असम का प्रमुख अखबार है। इसकी शुरुआत द्वि-साप्ताहिक अखबार के रूप में हुई थी और इसकी स्थापना असम के वरिष्ठ पत्रकार कनक सेन डेका ने की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डेका जी के मार्गदर्शन में दैनिक अग्रदूत ने सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। इमरजेंसी के दौरान भी जब लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला हुआ, तब भी दैनिक अग्रदूत और डेका जी ने पत्रकारीय मूल्यों से समझौता नहीं किया। बीते कुछ दिनों से असम बाढ़ के रूप में बड़ी चुनौती और कठिनाइयों का सामना भी कर रहा है। असम के अनेक जिलों में सामान्य जीवन बहुत अधिक प्रभावित हुआ है। हिमंता जी और उनकी टीम राहत और बचाव के लिए दिनरात बहुत मेहनत कर रही है। मैं मुख्यमंत्री और अन्य के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रहा हूं।

उन्होंने कहा कि मैं आज असम के लोगों और अग्रदूत के पाठकों को ये भरोसा दिलाता हूं कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, लोगों की मुश्किलें कम करने में जुटी हैं। दैनिक अग्रदूत के पिछले 50 वर्षों की यात्रा असम में हुए बदलाव की कहानी सुनाती है। उन्होंने कहा कि जन आंदोलनों ने इस बदलाव को साकार करने में अहम भूमिका निभाई है। जन आंदोलनों ने असम की सांस्कृतिक विरासत और असमिया गौरव की रक्षा की और अब जन भागीदारी की बदौलत असम विकास की नई गाथा लिख रहा है।

उन्होंने कहा कि गुलामी के लंबे कालखंड में भारतीय भाषाओं के विस्तार को रोका गया और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान, रिसर्च को इक्का-दुक्का भाषाओं तक सीमित कर दिया गया। भारत के बहुत बड़े वर्ग की उन भाषाओं तक, उस ज्ञान तक पहुंच ही नहीं था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत डिजिटल ज्ञान की बदौलत 21वीं सदी में चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा, ‘हमारा जोर अपनी भाषाओं में ज्ञान उपलब्ध कराने पर है। इसलिए, हम राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी मातृ भाषाओं को बढ़ावा दिया है।’ उन्होंने कहा कि सभी भारतीयों को इंटरनेट से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। हर किसी को इंटरनेट से जोड़ना जरूरी है। यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की हमारी पहल को सफल बनाने में मदद करेगा।’ 

इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियान में हमारे मीडिया ने जो सकारात्मक भूमिका निभाई है, उसकी पूरे देश और दुनिया में आज भी सराहना होती है। इसी तरह, अमृत महोत्सव में देश के संकल्पों में भी आप भागीदार बन सकते हैं।

बता दें कि इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा उपस्थित रहे। वह ‘अग्रदूत’ की स्वर्ण जयंती समारोह समिति के मुख्य संरक्षक थे।

‘अग्रदूत’ की शुरुआत असमिया भाषा में एक द्वि-साप्ताहिक के रूप में हुई थी, लेकिन वर्ष 1995 में इसका नियमित दैनिक समाचार पत्र के रूप में प्रकाशन शुरू हुआ। इसने असम की एक विश्वसनीय और प्रभावशाली आवाज के रूप में अपनी पहचान बनायी है।

यहां, देखिए और सुनिए क्या कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने-

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युवा खेल पत्रकार उमेश राजपूत ने ‘दैनिक जागरण’ को कहा अलविदा

वह छह साल से ज्यादा समय से इस अखबार के नोएडा स्थित कार्यालय में कार्यरत थे और स्पोर्ट्स डेस्क पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

Last Modified:
Wednesday, 06 July, 2022
Umesh Rajput

युवा खेल पत्रकार उमेश राजपूत ने ‘दैनिक जागरण’ (Dainik Jagarn) को अलविदा कह दिया है। वह छह साल से ज्यादा समय से इस अखबार के नोएडा स्थित कार्यालय में कार्यरत थे और स्पोर्ट्स डेस्क पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। समाचार4मीडिया से बातचीत में उमेश राजपूत ने बताया कि वह जल्द ही अपनी नई पारी शुरू करेंगे और वहां जॉइन करने के बाद इसके नाम का खुलासा करेंगे।

बता दें कि उमेश राजपूत मूल रूप से मथुरा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं, लेकिन उनकी अधिकांश पढ़ाई-लिखाई मथुरा के साथ ही मध्य प्रदेश के मुरैना और ग्वालियर में हुई है। ग्वालियर की जीवाजी (Jiwaji) यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट उमेश राजपूत ने ‘लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान’ (LNIPE), ग्वालियर से स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा भी किया है। उन्होंने हिसार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री भी हासिल की।

उमेश राजपूत ने वर्ष 2003 में ग्वालियर में एक केवल न्यूज चैनल के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। बाद में मुरैना में अपने साथियों के साथ मिलकर केबल न्यूज चैनल भी शुरू किया। बाद में पत्रकारिता की डिग्री हासिल करने के लिए उन्होंने सक्रिय पत्रकारिता से दो साल का ब्रेक लिया। इस दौरान विभिन्न समाचार पत्र और पत्रिकाओं में खेल से जुड़े उनके लेख प्रकाशित होते रहे। उन्होंने वर्ष 2008 में ‘डीडी न्यूज’ में स्पोर्ट्स डेस्क पर इंटर्नशिप के साथ सक्रिय पत्रकारिता में वापसी की। इसके बाद वह ‘प्रसार भारती‘ के साथ जुड़ गए थे। यहां उन्होंने ‘ऑल इंडिया रेडियो‘ और ‘डीडी स्पोर्ट्स‘ के साथ काम किया।

‘दैनिक जागरण’ से पहले वह ‘नवभारत टाइम्स’ के दिल्ली और मुंबई ऑफिस में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके अलावा ‘द सी एक्सप्रेस’ (Sea Express), आगरा और ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar), कोटा में भी कार्य कर चुके हैं। समाचार4मीडिया की ओर से उमेश राजपूत को उनके नए सफर के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।

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राष्ट्रीय विमर्श के अहम पहलुओं के बारे में बतातीं अरुण आनंद की दो नई किताबों ने दी ‘दस्तक’

दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इन किताबों का विमोचन किया।

Last Modified:
Saturday, 02 July, 2022
Arun Anand Book Launching

जाने-माने लेखक, प्रखर वक्ता और वरिष्ठ पत्रकार अरुण आनंद की नवीनतम दो किताबों 'द तालिबान: वॉर एंड रिलीजन इन अफगानिस्तान' (The Taliban: War and Religion in Afghanistan)  और ‘द फॉरगॉटन हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ (The Forgotten History of India) ने मार्केट में दस्तक दे दी है।

इन दोनों किताबों की लॉन्चिंग एक जुलाई को दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हॉल में हुई। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे से होने वाले कार्यक्रम में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इन किताबों को लॉन्च किया।

‘प्रभात प्रकाशन‘ की ओर से आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ (Guest of Honour) के रूप में ‘इंडिया फाउंडेशन’ के डायरेक्टर कैप्टन आलोक बंसल, और ‘सुप्रीम कोर्ट’ के सीनियर एडवोकेट अमन सिन्हा शामिल रहे। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कंवल जीत सिंह ढिल्लों भी शामिल रहे।

इस किताब के बारे में पुस्तक के लेखक अरुण आनंद ने बताया कि 'द तालिबान: वॉर एंड रिलीजन इन अफगानिस्तान' तालिबान के बनने, उसके सफाए और फिर से सिर उठाने के बारे में है जबकि ‘द फॉरगॉटन हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ में इतिहास के उन तथ्यों के बारे में बताया गया है, जो कभी सामने ही नहीं आए और जिनके बारे में लोगों को जानने की जरूरत है।

देश के कई प्रमुख समाचार-पत्रों, समाचार एजेंसियों व टी.वी. समाचार चैनलों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके अरुण भारतीय राजनीति के विविध पक्षों के गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई पक्षों पर उनके शोधपरक लेख प्रकाशित हुए हैं। अंग्रेजी, हिंदी व फ्रेंच पर समान अधिकार रखने वाले अरुण अंग्रेजी में एक उपन्यास व भारतीय मूल के नोबल पुरस्कार विजेताओं की जीवनियों का संकलन प्रकाशित कर चुके हैं।

इसके अलावा तीन पुस्तकों का अनुवाद अंग्रेजी से हिंदी में कर चुके हैं, जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पुस्तक ‘ऑडेसिटी ऑफ होप’ का हिंदी अनुवाद ‘आशा का सवेरा’ भी शामिल है। अरुण आनंद को करीब तीन दशक का अनुभव है। पूर्व में उन्होंने  दो पुस्तकें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तथा एक किताब रामजन्मभूमि पर लिखी है। फिलहाल उनकी दो नई पुस्तकें चर्चा में हैं, जिनकी एक जुलाई को लॉन्चिंग हुई है।

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'The New Indian Express' में एडिटर बनीं वरिष्ठ पत्रकार सांत्वना भट्टाचार्य

वह इस समूह से करीब 12 साल से जुड़ी हुई हैं। वह दिसंबर 2020 से कर्नाटक में रेजिडेंट एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं।

Last Modified:
Friday, 01 July, 2022
Santwana

जानी-मानी पत्रकार सांत्वना भट्टाचार्य को अंग्रेजी अखबार ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ (The New Indian Express) का नया एडिटर नियुक्त किया गया है। बता दें कि वह इस समूह से करीब 12 साल से जुड़ी हुई हैं। वह दिसंबर 2020 से कर्नाटक में रेजिडेंट एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं। इससे पहले वह ‘इंडियन एक्सप्रेस’ (Indian Express) में बतौर पॉलिटिकल एडिटर कार्यरत थीं।

भट्टाचार्य को प्रिंट मीडिया में काम करने का 25 साल से ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह करीब दो साल तक ‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह में भी अपनी पारी खेल चुकी हैं। इसके अलावा भी वह तमाम प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।

सांत्वना भट्टाचार्य मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। उनका जन्म और पढ़ाई-लिखाई कोलकाता में हुई है। पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने कोलकाता में ‘द फाइनेंसियल’ (The Financial Express) से की थीं। हालांकि, वह यहां करीब एक साल तक ही कार्यरत रहीं और इसके बाद दिल्ली शिफ्ट हो गईं।

समाचार4मीडिया से बातचीत में सांत्वना भट्टाचार्य ने बताया कि बाल श्रम (चाइल्ड लेबर) पर की गई उनकी स्टोरी काफी चर्चित रही थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था। उनकी यह स्टोरी बाल श्रम के खिलाफ मुहिम में मील का पत्थर साबित हुई। उन्होंने नीतिगत मामलों, संसद, राजनीति व चुनावों को भी लंबे समय तक कवर किया है। इसके अलावा उन्होंने कई बड़ी स्टोरी भी ब्रेक की हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार अरुण आनंद की दो किताबों की लॉन्चिंग एक जुलाई को

दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हॉल में आयोजित कार्यक्रम में होगी इन किताबों की लॉन्चिंग

Last Modified:
Monday, 27 June, 2022
Book Launching

जाने माने लेखक, प्रखर वक्ता और वरिष्ठ पत्रकार अरुण आनंद की नवीनतम दो किताबें 'द तालिबान: वॉर एंड रिलीजन इन अफगानिस्तान' (The Taliban: War and Religion in Afghanistan)  और ‘द फॉरगॉटन हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ (The Forgotten History of India) लॉन्चिंग के लिए तैयार हैं।

इन दोनों किताबों की लॉन्चिंग एक जुलाई को दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हॉल में की जाएगी। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे से होने वाले कार्यक्रम में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर इन किताबों को लॉन्च करेंगे।

‘प्रभात प्रकाशन‘ की ओर से आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ (Guest of Honour) के रूप में ‘इंडिया फाउंडेशन’ के डायरेक्टर कैप्टन आलोक बंसल और ‘सुप्रीम कोर्ट’ के सीनियर एडवोकेट अमन सिन्हा शामिल रहेंगे।

 

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नहीं रहे ‘कुमुदम’ पत्रिका के संपादक प्रिया कल्याणरमन

साप्ताहिक पत्रिका ‘कुमुदम’ के संपादक व वरिष्ठ पत्रकार प्रिया कल्याणरमन का चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

Last Modified:
Friday, 24 June, 2022
Priya4512

साप्ताहिक पत्रिका ‘कुमुदम’ के संपादक व वरिष्ठ पत्रकार प्रिया कल्याणरमन का चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 56 साल के थे। वे कुमुदम समूह को तीन दशकों से भी अधिक समय से अपनी सेंवाए दे रहे थे। प्रिया कल्याणरमन को ‘रामचंद्रन’ के नाम से भी जाना जाता है।

प्रिया कल्याणरमन नागपट्टिनम जिले के रहने वाले हैं और उनकी पत्नी राजा सियामाला एक लेखिका हैं। प्रिया कल्याणरमन का एक बेटा और एक बेटी है। उन्होंने अपना उपनाम अपने पिता और माता के नाम पर रखा। कॉलेज से स्नातक होने के बाद, उन्होंने सरकारी नौकरी को ठुकरा दिया और 21 साल की उम्र में कुमुथम साप्ताहिक पत्रिका में एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया। बाद में वे इस पत्रिका के संपादक बनें और कई वर्षों तक सेंवाएं दी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने वरिष्ठ पत्रकार प्रिया कल्याणरमन यानी कि ‘रामचंद्रन’ के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि रामचंद्रन (55) ने कुमुदम समूह में तीन दशकों से अधिक समय तक काम किया है।

स्टालिन ने कहा, ‘आज दिल का दौरा पड़ने से प्रिया कल्याणरमन के आकस्मिक निधन पर मुझे गहरा दुख हुआ है। उनका निधन पत्रकारिता के लिए एक बड़ी क्षति है।’

उन्होंने यहां एक बयान में कहा, ‘मैं शोक संतप्त परिवार, मीडिया मित्रों और कुमुदम के कर्मचारियों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।’

अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के नेता टी.टी.वी दिनाकरन ने भी रामचंद्रन के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह जानकर दुख हुआ कि कुमुदम के संपादक प्रिया कल्याणरमन का निधन हो गया है। मैं उनके परिवार, दोस्तों और मीडिया समुदाय के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’

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वन भूमि घोटाला: जांच में प्रिंट-टीवी के 15 पत्रकार शामिल, नामों का नहीं हुआ खुलासा!

पंजाब के मोहाली जिले के अधीन आने वाले कुछ क्षेत्रों में रसूखदार और नेताओं के बड़े-बड़े फार्म हाउस जांच के दायरे में हैं।

Last Modified:
Thursday, 23 June, 2022
crime45

पंजाब के मोहाली जिले के अधीन आने वाले कुछ क्षेत्रों में रसूखदार और नेताओं के बड़े-बड़े फार्म हाउस जांच के दायरे में हैं। पंजाब की आप सरकार इन इलाकों में वन विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है कि आखिरकार जंगलात विभाग यानी वन विभाग की जमीन और पहाड़ों को काटकर कैसे इन इलाकों में बड़े-बड़े फार्म हाउस बनाए गए। इसी कड़ी में पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, फारेस्ट विभाग के अधिकारी (डीएफओ) गुरमनप्रीत सिंह, एक पत्रकार कमलजीत सिंह व कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) की एक रिपोर्ट की मानें तो गिरफ्तार संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) गुरमनप्रीत सिंह ने 15 टीवी और प्रिंट पत्रकारों को नामजद किया है, जिन्होंने घोटाले के तहत मोहाली जिले के अधीन आने वाले क्षेत्र करोरान, मिर्जापुर और सिसवान गांवों में वन भूमि खरीदी।

पंजाब के विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि गिरफ्तार पंजाब के पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत से पूछताछ में इस घोटाले में कई आईएएस, आईएफएस और पीसीएस अधिकारियों के शामिल होने बात सामने आयी थी। साथ ही पूछताछ में यह भी पता चला कि पत्रकारों और प्रशासनिक अधिकारियों दोनों ने या तो फॉर्महाउस के लिए सस्ती वन भूमि खरीदी या इसकी जंगल की लकड़ी को लाखों रुपए में बेच दिया।

विजिलेंस ब्यूरो ने पूछताछ में सामने आए पत्रकारों व अधिकारियों के नामों को फिलहाल अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है, क्योंकि वह इनके खिलाफ और अधिक सबूत जुटा रही है।

विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर TOI को बताया कि चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित टीवी और प्रिंट मीडिया हाउस के ये पत्रकार यहां के अधिकारियों के साथ मिलकर वन भूमि की खरीद-फरोख्त के साथ-साथ जंगल की लकड़ियों की बिक्री से लाभ कमा चुके हैं। सिसवान, मिर्जापुर और करोरान में कई मामलों की जांच चल रही है। सिसवान, मिर्जापुर और करोरान में इससे जुड़े कई मामलों की जांच चल रही है।

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Times ग्रुप को बाय बोलकर अब इस अखबार से जुड़े युवा पत्रकार सिलवेस्टर तमांग

युवा पत्रकार सिलवेस्टर तमांग ने ‘टाइम्स ग्रुप’ में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब साढ़े तीन साल से इस ग्रुप की डिजिटल बिजनेस कंपनी ‘टाइम्स इंटरनेट’ में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

Last Modified:
Wednesday, 22 June, 2022
Sylvester Tamang

युवा पत्रकार सिलवेस्टर तमांग (Sylvester Tamang) ने ‘टाइम्स ग्रुप’ (Times Group) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब साढ़े तीन साल से इस ग्रुप की डिजिटल बिजनेस कंपनी ‘टाइम्स इंटरनेट’ (Times Internet) में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

सिलवेस्टर तमांग ने अब अपनी नई पारी की शुरुआत ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ (Hindustan Times) से की है। उन्होंने दिल्ली में बतौर असिस्टेंट एडिटर जॉइन किया है।

तमांग को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब नौ साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों में काम किया है। उन्होंने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत अंग्रेजी अखबार ‘मिलेनियम पोस्ट’ (Millennium Post) से की थी। अब तक वह ‘डीडी न्यूज’ (DD News), ‘सीएनएन-न्यूज18’ (CNN-News 18), ‘जी’ (Zee) और  ‘एनडीटीवी’ (NDTV) जैसे प्रमुख मीडिया प्रतिष्ठानों में अपनी भूमिकाएं निभा चुके हैं।

मूल रूप से दार्जिलिंग के रहने वाले सिलवेस्टर तमांग का जन्म और पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से हुई है। दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएट सिलवेस्टर तमांग ने ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन’ (IIMC) से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म की पढ़ाई की है।

समाचार4मीडिया की ओर से सिलवेस्टर तमांग को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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‘मुंबई समाचार’ की 200वीं वर्षगांठ में शामिल हुए PM मोदी, कही ये बात

200 सालों से लगातार प्रकाशित होने वाले गुजराती दैनिक अखबार ‘मुंबई समाचार’ के द्विशताब्दी महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए।

Last Modified:
Tuesday, 14 June, 2022
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200 सालों से लगातार प्रकाशित होने वाले गुजराती दैनिक अखबार ‘मुंबई समाचार’ के द्विशताब्दी महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। यह कार्यक्रम मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित किया गया।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मुंबई समाचार जब शुरू हुआ था, तब गुलामी का अंधेरा घना हो रहा था। ऐसे कालखंड में गुजराती जैसी भारतीय भाषा में अखबार निकालना इतना आसान नहीं था। मुंबई समाचार ने उस दौर में भाषाई पत्रकारिता को विस्तार दिया।

वहीं, मुंबई समाचार की 200वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पीएम मोदी ने विशेष डाक टिकट लॉन्च किया। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी शामिल रहे। यहां एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जहां आगंतुक 18वीं सदी की अखबार छपाई मशीन देखने पहुंचे।

इस दौरान पीएम मोदी ‘मुंबई समाचार’ के 200 साल के सफर पर एक किताब और वीडियो फिल्म का भी विमोचन किया।

‘मुंबई समाचार’ ने दो महामारियों, दो विश्व युद्धों, कपड़ा और व्यापारिक केंद्र से वित्तीय व फिल्म उद्योग की राजधानी तक कई अवतारों में बदले इस शहर के विकास को देखा है। ‘मुंबई समाचार’ के निदेशक होर्मुसजी कामा ने कहा कि 20 साल पहले अखबार ने शोध किया और पाया कि यह भारत का सबसे पुराना सक्रिय प्रकाशन और दुनिया का चौथा सबसे पुराना प्रकाशन है।

‘बॉम्बे समाचार’ (पूर्व का नाम) 1822 में एक साप्ताहिक के रूप में शुरू हुआ था। शुरुआत में पाठकों को इस अखबार के जरिए जहाजों की आवाजाही और वस्तुओं के बारे में जानकारी दी जाती थी। धीरे-धीरे व्यापार पर ध्यान देने के साथ शहर के बारे में अन्य जानकारी दी जाने लगी।

पारसी विद्वान फरदुनजी मर्जबान ने बांग्ला अखबार ‘समाचार दर्पण’ शुरू होने के चार साल बाद इसका प्रकाशन शुरू किया, जो भारत में प्रकाशित होने वाला दूसरा गैर-अंग्रेजी समाचार पत्र बन गया। फिर इसका नाम ‘मुम्बिना समाचार’ रखा गया। शुरुआती 10 वर्षों में यह साप्ताहिक था, फिर यह द्वि-साप्ताहिक बना और 1855 से दैनिक अखबार बन गया। वर्ष 1933 में कामा परिवार के पास इस अखबार का मालिकाना हक आया।

वीडियो के जरिए देखें क्या कुछ कहा पीएम मोदी ने-

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‘अमर उजाला’ में कई संपादकों के कार्यक्षेत्र बदले

हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, खबर यह है कि यहां कई संपादकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है।

Last Modified:
Monday, 13 June, 2022
Amar Ujala

हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, खबर यह है कि यहां कई संपादकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इन बदलावों के तहत आगरा संस्करण में संपादक विनोद पुरोहित का तबादला कानपुर किया गया है। जल्द ही वह वहां जॉइन करेंगे। देहरादून के न्यूज एडिटर कुमार अतुल को अलीगढ़ में संपादक बना कर भेजा गया है। अभी तक अलीगढ़ यूनिट की जिम्मेदारी विनोद पुरोहित ही संभाल रहे थे। 

इसके साथ ही बतौर संपादक कानपुर में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे विजय त्रिपाठी को लखनऊ में राजीव सिंह की जगह संपादक बनाकर भेजा गया है। उन्होंने वहां जॉइन भी कर लिया है। बता दें कि लखनऊ के संपादक राजीव सिंह सेवानिवृत्त हो गए हैं। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद भी राजीव सिंह अमर उजाला समूह से जुड़े रहेंगे और उन्हें नोएडा में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।

पिछले दिनों हिंदी दैनिक ‘दैनिक जागरण’ (Dainik Jagran) की आगरा यूनिट में न्यूज एडिटर पद से इस्तीफा देने वाले वरिष्ठ पत्रकार नवीन पटेल को अमर उजाला, प्रयागराज का नया एडिटर नियुक्त किया गया है। नई व्यवस्था के तहत उन्होंने अपना कार्यभार ग्रहण भी कर लिया है।

इसके अलावा खबर यह भी है कि अमर उजाला, नोएडा के स्थानीय संपादक भूपेंद्र कुमार को आगरा भेजा जा रहा है। अंदरखाने के सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के संपादक मनोज मिश्रा को नोएडा में भूपेंद्र कुमार की जगह भेजा जा रहा है। हालांकि, प्रबंधन की ओर से आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।  

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