अयोध्या पर 'सुप्रीम' फैसले को लेकर आज अखबारों में कुछ यूं रही कवरेज

आज अमर उजाला, नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर और हिन्दुस्तान ने फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं लिया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Sunday, 10 November, 2019
Last Modified:
Sunday, 10 November, 2019
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अयोध्या विवाद आखिरकार सुलझ गया है। लंबे समय से अदालती कार्यवाही में उलझी विवादित जमीन के ‘असली मालिक’ की पहचान सुप्रीम कोर्ट ने कर दी है। खास बात यह है कि इस ऐतिहासिक फैसले को सभी पक्षों द्वारा स्वीकार किया गया है। फैसला सामने आने के बाद जिस तरह का सौहार्दपूर्ण माहौल देश में देखने को मिला, वह अपने आप में अहम है। इस अहम दिन की मीडिया ने भी खास तैयारी की थी, जिसके परिणाम आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में नजर आ रहे हैं। आमतौर पर महत्वपूर्ण अवसरों पर अखबारों के फ्रंट पेज विज्ञापनों से पटे रहते हैं। कंपनियों को भी ऐसे ही मौकों की तलाश रहती है, लेकिन अयोध्या के ऐतिहासिक फैसले को विस्तार से पाठकों तक पहुंचाने के लिए अमर उजाला, नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर और हिन्दुस्तान ने फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं लिया है, जो काबिल-ए-तारीफ है। हालांकि, शेष अहम खबरों के लिए बनाये गए दूसरे फ्रंट पेज पर जरूर कुछ अखबारों में विज्ञापन हैं। 

शुरुआत करते हैं हिन्दुस्तान से। लीड को एक तरह से मास्टहेड से ही शुरू कर दिया गया है। यानी अखबार के ‘लोगो’ के बैकग्राउंड में अयोध्या की बड़ी फोटो है, जिसके नीचे ‘राम मंदिर का रास्ता साफ’ शीर्षक तले खबर को लगाया गया है। फैसले से जुड़ी चार प्रमुख बातों को अलग से रेखांकित किया गया है, ताकि एक ही नजर में पाठकों को फैसला समझ आ जाए। हिंदू-मुस्लिम पक्षों की प्रतिक्रिया, पीएम मोदी सहित प्रमुख हस्तियों के बयान के साथ फैसले पर टिकी यूपी सरकार की निगाहों को भी पेज पर रखा गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कंट्रोल रूम में बैठकर सुरक्षा संबंधी तैयारियों की समीक्षा करते रहे। एंकर में हेमंत श्रीवास्तव और आदर्श शुक्ल की बाईलाइन है, जिन्होंने फैसले के बाद अयोध्या के हालातों पर अपनी कलम चलाई है। इसके अलावा, पांचवें पेज को भी फ्रंट पेज बनाया गया है, जिसकी लीड भी अयोध्या है। ‘मस्जिद के लिए मुनासिब भूमि मिले’ शीर्षक के साथ लीड में मुस्लिम पक्ष से जुड़े फैसले को विस्तार से समझाया गया है। श्रद्धालुओं का पहला जत्था करतारपुर रवाना, इस समाचार को भी पेज पर जगह दी गई है।

अब रुख करते हैं अमर उजाला का। फ्रंट पेज की शुरुआत 30 साल पुराने फोटो से की गई है। हालांकि, इसे मास्टहेड से लगाने के बजाय मास्टहेड को छोटा कर दिया गया है। इस फोटो ने पेज को इसलिए भी खास बना दिया है, क्योंकि 30 वर्ष पूर्व 9 नवंबर को ही रामजन्मभूमि का शिलान्यास हुआ था और 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। लीड का शीर्षक है ‘रामलला विराजमान’ और इसमें सभी महत्वपूर्ण बातों को अलग से रेखांकित किया गया है।

'अमर उजाला' ने ‘हिन्दुस्तान’ से इतर लीड में फैसला सुनाने वाले जजों की फोटो को भी जगह दी है। इसके साथ ही दोनों पक्षों सहित प्रमुख हस्तियों की प्रतिक्रियाओं को भी रखा गया है। पांचवें पेज पर बने दूसरे फ्रंट पेज के टॉप बॉक्स पर अयोध्या के फैसले पर पीएम मोदी के बयान को सजाया गया है। जिसका शीर्षक है ‘आज ही बर्लिन की दीवार गिरी थी, यह तारीख साथ बढ़ने की सीख’। इसके साथ ही अयोध्या पर पाकिस्तान की बौखलाहट भी पेज पर है। पाक के विदेशमंत्री कुरैशी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मोदी सरकार की कट्टरता को झलकाता है। हालांकि, भारत ने भी कुरैशी को करार जवाब दिया है। लीड करतारपुर रवाना हुआ श्रद्धालुओं का पहला जत्था है। इसके अलावा, पेज पर महाराष्ट्र का सियासी संग्राम, फरीदाबाद में परिवार की हत्या और एंकर में दिल्ली के प्रदूषण को लगाया गया है।

नवभारत टाइम्स ने ‘मंदिर वहीं, मस्जिद नई’ शीर्षक के साथ लीड अयोध्या फैसले को लगाया है। लीड में सद्भावना की मिसाल दर्शाती दो तस्वीरें हैं, साथ ही सोशल मीडिया पर फैसले से जुड़ी प्रतिक्रियाओं को भी जगह मिली है। इसके अलावा, फैसले के सियासी और सामाजिक असर को भी समझाने का खूबसूरत प्रयास किया गया है। सबसे नीचे अहम सवालों पर कोर्ट के जवाब हैं।

दूसरे फ्रंट पेज की लीड भी अयोध्या है, जिसे आकर्षक शीर्षक ‘मंदिर निर्माण के वास्ते, कोर्ट ने तय किए रास्ते’ के साथ फोटो सहित रखा गया है। करतारपुर गलियारे के उद्घाटन और अयोध्या पर पाकिस्तानी बौखलाहट को पेज पर बड़ी जगह मिली है। साथ ही फैसले पर मुस्लिम पक्ष की अलग-अलग राय से भी पाठकों को रूबरू कराया गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जहां फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने के संकेत दिए हैं, वहीं, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने फैसले को चुनौती देने से इनकार किया है।

वहीं, दैनिक जागरण की बात करें तो खूबसूरत इलस्ट्रेशन के साथ लीड को सजाया गया है। इसमें भगवान राम और प्रस्तावित मंदिर नजर आ रहे हैं। शीर्षक ‘श्रीराम’ तले खबर को विस्तार से पाठकों के समक्ष रखा गया है, लेकिन अच्छी बात यह है कि बड़े-बड़े पैरा के बजाय पॉइंटर को तवज्जो दी गई है। इसी में प्रमुख हस्तियों की प्रतिक्रिया भी शामिल है।

दूसरे फ्रंट पेज पर भी अयोध्या ही लीड है। खबर का शीर्षक ‘मंदिर वहीं बनेगा’ है, जो हिंदू पक्ष की सालों पुरानी इच्छा को दर्शाता है। फैसले पर मुस्लिम पक्ष में मतभेद और वरिष्ठ वकील परासरन की दलीलों को भी पेज पर रखा गया है। परासरन ने अदालत के समक्ष जो दलीलें रखी थीं, उन्हीं के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। एंकर में करतारपुर गलियारे का उद्घाटन है, जिसे आकर्षक हेडलाइन ’72 साल की अरदास पूरी, करतारपुर साहिब के हुए दर्शन’ के साथ मोदी-मनमोहन की फोटो सहित सजाया गया है।

आखिर में दैनिक भास्कर को देखें तो अखबार ने आज ‘रामलला ही विराजमान’ शीर्षक के साथ लीड को सजाया है। यह शीर्षक ‘अमर उजाला’ से काफी मिलता जुलता है। फैसले की 4 बड़ी बातों को अलग से रेखांकित किया गया है। इसके अलावा, फैसला सुनाने वाले जजों की प्रतिक्रिया को फोटो के साथ रखा गया है।

दैनिक भास्कर ने थोड़ा आगे बढ़ते हुए यह भी बताने का प्रयास किया है कि कितने कारीगर लगाने से कितने वर्षों में मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। लीड में फोटो के बजाय प्रस्तावित राम मंदिर का इलस्ट्रेशन लगाया गया है। इसके साथ ही एएसआई की उस रिपोर्ट को भी पाठकों के समक्ष रखा गया है, जिसने फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: आज सबसे पहले बात कलात्मक शीर्षक की। प्रयोग सभी अखबारों ने किये हैं, लेकिन ताज ‘नवभारत टाइम्स’ को पहनाया जा सकता है। पहले पेज की हेडलाइन है ‘मंदिर वहीं, मस्जिद नई’ जो दोनों पक्षों का प्रतिनिधित्व करती है। कम शब्दों में पूरी बात कहने का इससे अच्छा उदाहरण नहीं हो सकता। दूसरे पेज की हेडिंग ‘मंदिर निर्माण के वास्ते, कोर्ट ने तय किये रास्ते’ तुकबंदी दर्शाती है।   

2: लेआउट के लिहाज से ‘दैनिक भास्कर’ बेहतर नजर आ रहा है। अखबार का फ्रंट पेज काफी खुला-खुला है।

3: खबरों की प्रस्तुति की बात करें तो सभी अखबारों ने बेहतरीन काम किया है, लेकिन ‘अमर उजाला’ थोड़ा आगे है। लीड की प्रस्तुति काफी आकर्षक दिखाई दे रही है।

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इन मायनों में बहुत खास है वरिष्ठ पत्रकार अकु श्रीवास्तव की नई किताब

नई दिल्ली में 21 नवंबर को आयोजित एक समारोह में केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने किया किताब का लोकार्पण

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 22 November, 2019
Last Modified:
Friday, 22 November, 2019
Aaku Srivastava

पंजाब केसरी’ ग्रुप के हिंदी अखबार 'नवोदय टाइम्स‍' के एग्जिक्युटिव एडिटर अकु श्रीवास्तव की नई किताब ‘चुनाव 2019 कहानी मोदी 2.0 की’ का लोकार्पण 21 नवंबर 2019 को किया गया। नई दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में गुरुवार की शाम आयोजित एक समारोह में केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस किताब का लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रवि शंकर प्रसाद का कहना था कि 2014 में भी क्रांति हुई थी, जब तीस साल बाद किसी भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था और अब दोबारा बड़ी क्रांति हुई, जब उसी पार्टी को 2019 में बड़ा बहुमत मिला। क्योंकि, जनता समझती है कि देश सही रास्ते पर चल रहा है और चलना चाहिए।

समारोह में अपनी किताब के बारे में अकु श्रीवास्तव ने बताया कि यह किताब वर्ष 2019 के चुनाव को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि किसी पार्टी के सफल होने या असफल होने के पीछे जो असल कारण होते हैं, यह किताब उन्हें समझने का पूरा मौका देगी।

‘प्रभात प्रकाशन’ की ओर से प्रकाशित इस किताब को लोकार्पण समारोह में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने कहा कि इस किताब में अकु श्रीवास्तव ने तटस्थता बनाए रखी है। यह किताब न किसी का पक्ष लेती है और न किसी का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि इस किताब ने चुनाव के हर पक्ष को बखूबी प्रस्तुत किया है। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद चुनाव सर्वेक्षण विशेषज्ञ और ‘सी वोटर’ के संस्थापक यशवंत देशमुख ने कहा कि इस किताब से 2019 के चुनाव को समझने में काफी आसानी होगी।

समारोह में पंजाब केसरी समूह के निदेशक अरूष चोपड़ा के साथ ही पूर्व राजदूत दिलीप सिन्हा, पूर्व जज एसपीएस चौधरी, डीडी न्यूज के सुधांशु रंजन, भोजपुरी समाज के अध्यक्ष अजीत दुबे, नीरज चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार कमर वहीद नकवी, आशुतोष, नागेन्द्र, कुमार रंजन, आकाशवाणी के पूर्व निदेशक आरके सिंह, नीरज चौधरी, पीयूष, इंडिया पोस्ट बैंक की सीजीएम सीमा सिंह शामिल रहे। मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन प्रभात प्रकाशन के प्रभात ने किया।

बता दें कि अकु श्रीवास्तव की गिनती देश के बड़े पत्रकारों में होती है। मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले अकु श्रीवास्तव को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का काफी लंबा अनुभव है। पूर्व में वह दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स, राजस्थान पत्रिका, एक्सप्रेस ग्रुप, अमर उजाला और हिन्दुस्तान टाइम्स समूह में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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फ्रंट पेज पर आज इन खबरों को मिली अखबारों में प्रमुखता

दैनिक जागरण में आज तीसरे जबकि हिन्दुस्तान में पांचवे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Friday, 22 November, 2019
Last Modified:
Friday, 22 November, 2019
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दिल्ली से प्रकाशित होने वाले कई अखबारों ने अपने फ्रंट पेज पर आज अलग-अलग खबरों को लीड लगाया है। हालांकि, ’दैनिक भास्कर’ और ‘हिन्दुस्तान’ की सोच एक जैसी है। शुरुआत दैनिक जागरण से करते हैं। अखबार में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड महाराष्ट्र का सियासी संग्राम है। पेज की दूसरी बड़ी खबर प्रदूषण पर पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर का बयान है। मुफ्त फास्ट टैग की खबर को अखबार ने सबसे बड़ी जगह दी है। इसके साथ ही कैशवैन लूट की खबर को भी तीन कॉलम में रखा गया है। इसके अलावा, गुलाबी गेंद से होने वाले पहले टेस्ट पर केंद्रित अभिषेक त्रिपाठी की बाईलाइन भी पेज पर है। वहीं, रक्षा समिति में प्रज्ञा ठाकुर को शामिल किये जाने पर मचे बवाल को अखबार ने ज्यादा तवज्जो न देते हुए सिंगल में रखा है।

आज दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर कोई बड़ा विज्ञापन नहीं है, इसलिए काफी खबरों को स्थान मिला है। लीड, राजधानी की जहरीली हवा पर संसद में चल रहा मंथन है। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि प्रदूषण से मुक्ति में 15 साल लगेंगे। आज ईडन गार्डन में गुलाबी गेंद से पहला टेस्ट मैच खेला जाना है। इस खबर को अखबार ने फोटो के साथ पेज पर रखा है। महाराष्ट्र के सियासी संग्राम के साथ ही कश्मीर से जुड़ी इश्फाक उल हसन की बाईलाइन को भी प्रमुखता से लगाया गया है। घाटी में उद्योग लगाने के लिए 43 उद्योगपति जमीन देखने आ रहे हैं।

टाइट जींस पसंद करने वालों को चेताती एक खबर भी फ्रंट पेज पर है। दिल्ली का एक युवक टाइट जींस पहनकर लॉन्ग ड्राइव पर गया था, तभी खून का थक्का जमने से उसे कार्डियक अरेस्ट आ गया। हालांकि उसकी जान किसी तरह बच गई है। प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा समिति में शामिल करने से जुड़ी खबर को ज्यादा तवज्जो न देते हुए सबसे नीचे दो कॉलम में रखा गया है। एंकर में आलोक कुमार की बाईलाइन है, जिसमें उन्होंने बताया है कि बिहार के गोविंद भोग चावल से अयोध्या में रामलला का भोग बनेगा। इसके अलावा, संक्षिप्त में कुछ समाचार हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है एक दिसंबर तक फास्टटैग का मुफ्त वितरण।

अब यदि हिन्दुस्तान को देखें तो विज्ञापनों के चलते पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड प्रदूषण पर पर्यावरण मंत्री का बयान है। महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को टॉप में चार कॉलम जगह मिली है। एक दिसंबर तक मुफ्त मिल रहे फास्टटैग को ‘हिन्दुस्तान’ ने ‘दैनिक भास्कर’ से इतर बड़ी जगह दी है। इसके साथ ही कश्मीर पर सरकार के तर्क को भी तवज्जो मिली है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि घाटी में कुछ पाबंदियां जायज हैं। द्वारका में कैश वैन से 80 लाख की लूट भी पेज पर है। ‘दैनिक भास्कर’ इस मामले में चूक गया है। इसके अलावा, पेज पर तीन सिंगल समाचार हैं। मसलन, प्रज्ञा रक्षा समिति में शामिल, शाह बोले गगनचुंबी राममंदिर बनेगा और गिरफ्तार भारतीयों को जल्द रिहा करे पाक।

अमर उजाला में आज का फ्रंट पेज काफी हद तक कल जैसा नजर आ रहा है। खासकर फर्स्ट हाफ में ज्यादा बदलाव नहीं किये गए हैं। कल पांच कॉलम टॉप बॉक्स के पास दो कॉलम फोटो थी, आज फोटो की जगह खबर लगा दी गई है। इसके अलावा, लीड का प्लेसमेंट भी कल जैसा ही है। खैर, टॉप बॉक्स में महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को जगह मिली है। इसके साथ ही केंद्र में 7 लाख खाली पदों से जुड़ा समाचार है। लीड सबसे अलग, कश्मीर पर सरकार की कोर्ट में दी गई सफाई है। सरकार का कहना है कि कश्मीर में हमने अधिकार छीने नहीं दिए हैं...लेकिन कुछ पाबंदियां जरूरी हैं। कैशवैन से लूट को भी बड़ी जगह दी गई है।

दिल्ली की जहरीली हवा, रक्षा समिति में साध्वी के साथ ही जेएनयू विवाद की खबर भी पेज पर है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सर्वोत्तम प्रदेश’ की पुलिस के कारनामे को भी अखबार ने पाठकों के समक्ष पेश किया है। तिहाड़ जेल से गैंगस्टर को लखनऊ पेशी पर लेकर आये पुलिसकर्मी उसके साथ ही पार्टी करते पाए गए। फिलहाल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। एंकर में मध्यप्रदेश पुलिस की करतूत को जगह मिली है। ग्वालियर में सब्जी-ठेले वाले फर्जी थाना चला रहे थे। पुलिस को भी अपने ‘फर्जी’ होने की खबर थी, लेकिन वो खामोश बैठी रही। जब मामला मीडिया में उछला तो कार्रवाई की गई।  

सबसे आखिर में आज नवभारत टाइम्स पर नजर डालें तो लीड प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा समिति में शामिल करने से जुड़े समाचार को लगाया गया है। खबर का शीर्षक ‘प्रज्ञा के रक्षा मंत्र पर तगड़े डिफेंस में जुटी भाजपा’ इस मुद्दे पर भाजपा के रुख को एक ही नजर में स्पष्ट कर देता है। पिंक गेंद से होने वाले टेस्ट को इस अखबार ने भी फोटो के साथ प्रमुखता से पेज पर रखा है। इसके अलावा, दिल्ली में पानी पर हो रही सियासत को भी तवज्जो मिली है। इस खबर को बेहद खूबसूरत शीर्षक ‘पानी पी-पीकर कोस रहे एक दूजे को केंद्र-दिल्ली’ के साथ लगाया गया है। जेएनयू छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों का भी साथ मिल गया है। इस खबर के साथ ही मुफ्त फास्टटैग और कैशवैन से लूट की खबर को सिंगल कॉलम में रखा गया है। वहीं, महाराष्ट्र का सियासी संग्राम और कश्मीर पर सरकार की सफाई भी पेज पर है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज ‘हिन्दुस्तान’ और ‘दैनिक भास्कर’ अव्वल हैं। वैसे ‘नवभारत टाइम्स’ ने भी सीमित जगह में अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में ‘नवभारत टाइम्स’, ’हिन्दुस्तान’ और ‘अमर उजाला’ तीनों के फ्रंट पेज बेहतर दिखाई दे रहे हैं। ‘दैनिक जागरण’ इस मामले में पहले जैसा ही है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज पलड़ा ‘नवभारत टाइम्स’ का भारी है। लीड के साथ ही दिल्ली में पानी की सियासत से जुड़ी खबर के शीर्षक में प्रयोग किया गया है। बाकी अखबारों ने सामान्य शीर्षक लगाये हैं।

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फ्रंट पेज पर अखबारों में आज इन खबरों को मिली जगह

‘अमर उजाला’ को छोड़कर अन्य हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज पर आज थोड़े-बहुत विज्ञापन हैं

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Thursday, 21 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 21 November, 2019
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दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में आज तीन खबरें प्रमुख हैं। पहली, अब तक के सबसे बड़े निजीकरण का फैसला। दूसरी, एनआरसी पर अमित शाह का बयान और तीसरी, अवैध या कच्ची कॉलोनियों पर बिल को मंत्रिमंडल की मंजूरी। वहीं  विज्ञापन की बात करे तो ‘अमर उजाला’ को छोड़कर सभी अखबारों के फ्रंट पेज पर थोड़े-बहुत विज्ञापन हैं।

शुरुआत आज 'दैनिक भास्कर’ से करते हैं। लीड निजीकरण का सबसे बड़ा फैसला है, जिसके तहत सरकार भारत पेट्रोलियम सहित पांच कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। वहीं, दूसरी खबर के रूप में महाराष्ट्र का सियासी संग्राम है। जहां चुनाव परिणामों के 27 दिन बाद भी सरकार का चेहरा साफ नहीं हो पाया है। वहीं गोवा में शुरूहुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का समाचार भी पेज पर है। इस खबर में रजनीकांत की अमिताभ के पैर छूती हुई फोटो को भी लगाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 'दैनिक भास्कर’ ने एनआरसी को लेकर अमित शाह के बयान को फ्रंट पेज पर नहीं लगाया है।

अब बात करते हैं ’हिन्दुस्तान’ की। फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें बनारस विश्विद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान को जगह मिली है। विवाद के बाद से डॉ. खान कहीं गायब हो गए हैं। उन्हें लेकर कल दिनभर अफवाहों का दौर चलता रहा। लीड, कच्ची कॉलोनियों के वैध होने की खबर है। इसे ‘कच्ची कॉलोनियों पर केंद्र का करम’शीर्षक के साथ लगाया गया है। एनआरसी पर अमित शाह के बयान सहित महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को बड़ी जगह मिली है। वहीं, एंकर में श्रीलंका की सियासत है। श्रीलंका में जहां छोटा भाई राष्ट्रपति है, तो बड़े के पास प्रधानमंत्री की कुर्सी है। दुनिया में शायद यह पहला मामला है। इसके अलावा, चार सिंगल खबरें भी हैं। इनमें सबसे अहम् है कॉल दरों में जबरदस्त इजाफे का सुझाव और यह सुझाव किसी और ने नहीं बल्कि सरकार ने दिया है। दूरसंचार मंत्रालय ने टेलिकॉम कंपनियों को सुझाव दिया है कि कॉल दरों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की जाये।

आज ‘अमर उजाला’ के पाठकों को फ्रंट पेज पर काफी खबरें मिली हैं। पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें अवैध कॉलोनियों को वैध करने से जुड़ा समाचार है। लीड निजीकरण का फैसला है, जिसका शीर्षक एक ही नजर में सबकुछ स्पष्ट करता है। वहीं दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) पर रिजर्व बैंक की कार्रवाई को भी लीड के पास ही डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। वित्तीय संकट से जूझ रहे DHFL का बोर्ड भंग कर दिया गया है।

इस अखबार में तीन ऐसी खबरें भी हैं, जिन्हें दूसरे अखबारों के फ्रंट पेज पर जगह नहीं मिली है। मसलन, ड्रग्स ओवरडोज के चलते फोर्टिस की महिला डॉक्टर की मौत, भारत को 71 अरब की सैन्य तोपें बेचेगा अमेरिका और मौलिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यदि मौलिक अधिकारों की रक्षा नहीं की गई तो संविधान का महत्व खत्म हो जाएगा। वहीं एंकर में एक पढ़ने योग्य खबर को सजाया गया है। अंतर्राष्ट्रीय पुरुष सप्ताह पर सचिन तेंदुलकर ने पुरुषों के नाम भावुक पत्र लिखा है। अब पत्र में ऐसा क्या है कि उसे एंकर में जगह मिल गई, इसके लिए आपको खबर पढ़नी होगी। ‘न्यूज डायरी’में भी कई समाचारों को जगह मिली है। इनमें सबसे अहम है अगले साल से महंगा होने वाला बीमा। गैरजीवन बीमा अब 15% महंगा होने वाला है।

वहीं, ‘नवभारत टाइम्स’ पर नजर डालें तो लीड एनआरसी है। कच्ची कॉलोनियों से जुड़े बिल को दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेश किया गया है। देश के सबसे बड़े निजीकरण के फैसले की अहमियत को समझने में अखबार से चूक हुई है। इस फैसले को ‘बिल’ की खबर के साथ ही सिंगल में रखा गया है, जबकि इसे भी बड़ी जगह मिलनी चाहिए थी। महाराष्ट्र की सियासत सहित दिल्ली में पानी की सियासत भी पेज पर है। केजरीवाल सरकार का आरोप है कि पानी के सैंपल लेने में फर्जीवाड़ा किया गया है। एंकर में जीशान रायनी की भाषा और धर्म को लेकर छिड़े विवाद पर केंद्रित बाईलाइन है। बनारस विश्वविद्यालय में संस्कृत पढ़ाने के लिए मुस्लिम शिक्षक की नियुक्ति पर चल रहे बवाल के बीच जीशान ने बताया है कि कई हिंदी प्रोफेसर भी उर्दू पढ़ा रहे हैं। इस खबर का शीर्षक ‘धर्म न पूछे गुरु का, पूछ लीजिये ज्ञान’ उन लोगों को आईना दिखाता है, जो बेवजह इसे मुद्दा बनाये हुए हैं। इसके अलावा, पेज पर कई सिंगल खबरें भी हैं।

सबसे आखिर में आज ‘दैनिक जागरण’ का रुख करते हैं। लीड राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी एनआरसी है। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में साफ किया है कि एनआरसी को बिना किसी भेदभाव के देशभर में लागू किया जाएगा। अवैध कॉलोनियों को वैध करने से जुड़े बिल को निजीकरण के फैसले पर तवज्जो देते हुए टॉप में चार कॉलम लगाया गया है। विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा दांव खेलते हुए दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को वैध करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी के बाद अब विधेयक को आज संसद में रखा जा सकता है। निजीकरण के फैसले को इसके नीचे रखा गया है। इस खबर की प्रस्तुति और शीर्षक इतने सामान्य हैं कि पहली नजर में समझना मुश्किल है कि कौनसी कंपनियों पर निजीकरण की गाज गिरी है। इसके लिए आपको पूरी खबर या कम से कम पहला पैरा तो पढ़ना ही होगा। महाराष्ट्र का सियासी संग्राम भी पेज पर है और एंकर में दिल्ली के प्रदूषण से जुड़ा समाचार है।

आज का ’किंग’ कौन?

1: लेआउट में‘अमर उजाला’ और ‘हिन्दुस्तान’ बाकी अखबारों से अच्छे नजर आ रहे हैं।‘नवभारत टाइम्स’ ने ज्यादा खबरें लगाने के चक्कर में फ्रंट पेज को काफी अटपटा कर दिया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में ‘दैनिक भास्कर’, ‘अमर उजाला’ के साथ ‘हिन्दुस्तान’ बेहतर है।       

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज बाजी ‘हिन्दुस्तान’ के नाम रही है। लीड का शीर्षक ‘कच्ची कॉलोनियों पर केंद्र का करम’आकर्षक है। हालांकि, लीड के शीर्षक में ‘नवभारत टाइम्स’ ने भी प्रयोग किया है, लेकिन वह उतना आकर्षक दिखाई नहीं दे रहा।

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने इंडियन एक्सप्रेस समूह के पक्ष में दिया ये आदेश

मीडिया समूह की याचिका पर जस्टिस एससी गुप्ते की सिंगल बेंच ने की मामले की सुनवाई

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 20 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 20 November, 2019
Indian Express

‘इंडियन एक्सप्रेस’ (Indian Express) समूह को बॉम्बे हाई कोर्ट से बुधवार को बड़ी राहत मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,हाई कोर्ट ने प्रशांत गोयनका को अपने अखबार में रामनाथ गोयनका के नाम अथवा फोटो का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। प्रशांत गोयनका ‘सजग समाचार परिवर्तन का’ (Sajaga Samachar Parivartan Ka) नाम से बेंगलुरु में अखबार निकालते हैं।

इस मामले में इंडियन एक्सप्रेस ने कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया था। इस मुकदमे में कहा गया था कि प्रशांत गोयनका खुद को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के संस्थापक रामनाथ गोयनका का नाती बताते हुए उनकी फोटो व नाम का इस्तेमाल अपने अखबार में कर रहे हैं।

अपनी याचिका में इंडियन एक्सप्रेस ने कोर्ट से मांग की थी कि 24 नवंबर को होने वाले एक अवॉर्ड समारोह के लिए रामनाथ गोयनका के नाम का इस्तेमाल करने से प्रशांत गोयनका को रोका जाए। वादी पक्ष की याचिका पर जस्टिस एससी गुप्ते की एकल खंडपीठ (Single Bench) ने सुनवाई के बाद प्रशांत गोयनका और अन्य को ‘सजग समाचार परिवर्तन का’ अखबार में ‘इंडियन एक्सप्रेस’ समूह के संस्थापक रामनाथ गोयनका के नाम और फोटो का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है।

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खबर को सनसनीखेज बनाने पर कोर्ट ने पत्रकार को दी ये सजा

पिछले साल 13 साल की लड़की के अपहरण के बाद उसकी हत्या से जुड़ा हुआ है मामला

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 20 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 20 November, 2019
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अदालत ने मानहानि के मामले में एक पत्रकार को सजा सुनाई है। पत्रकार पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला नेपाल के काठमांडो का है। पत्रकार पर नाबालिग लड़की के साथ रेप की खबर को सनसनीखेज तरीके से और तोड़-मरोड़कर छापने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खेम भंडारी नामक यह पत्रकार एक अखबार से जुड़ा हुआ है। नेपाल में कंचनपुर जिला अदालत ने उसे सांकेतिक रूप से एक घंटे जेल की सजा सुनाई और एक रुपए का जुर्माना लगाया।

वहीं, खेम भंडारी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। खेम भंडारी का कहना था कि उसने ऐसा कुछ भी गलत नहीं किया है। अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया। एक घंटे बाद सजा की अवधि पूरी होने पर भंडारी को जुर्माना राशि अदा करने के बाद छोड़ दिया गया।

बताया जाता है कि पिछले साल कंचनपुर जिले में 13 वर्षीय लड़की को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी। भंडारी को इसी मामले की खबर को सनसनीखेज तरीके से और तोड़-मरोड़कर छापने के लिए यह सजा सुनाई गई।

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जानें, फ्रंट पेज के मामले में आज कौन सा अखबार रहा आगे

फीसवृद्धि को लेकर जेएनयू के छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और दूसरी तरफ दिल्ली की जहरीली हवा भी जिद्दी बन बैठी है। ये दो खबरें आज अधिकांश अखबारों की सुर्खियां हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 20 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 20 November, 2019
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फीसवृद्धि को लेकर जेएनयू के छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और दूसरी तरफ दिल्ली की जहरीली हवा भी जिद्दी बन बैठी है। ये दो खबरें आज अधिकांश अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले आज नजर डालते हैं हिन्दुस्तान पर। फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। लीड प्रदूषण है, जिसे ‘प्रदूषण के प्रकोप से संसद चिंतित’ शीर्षक के साथ पांच कॉलम में सजाया गया है। जेएनयू विवाद को लीड के पास ही दो कॉलम में जगह मिली है और इसी के नीचे महाराष्ट्र की सियासत है। कांग्रेस और राकांपा आज शिवसेना के साथ मिलकर सत्ता का सुख भोगने पर चर्चा करेंगी, अब इस चर्चा का कोई परिणाम निकलता है या नहीं ये वक्त ही बताएगा। एक्सप्रेस-वे घोटाले से जुड़ी खबर भी पेज पर है। इस मामले में 6 अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा, दो सिंगल, मसलन फेसबुक, इन्स्टाग्राम की सेवाएं बाधित और उत्तर भारत में भूकंप के झटके सहित संक्षिप्त में कुछ समाचारों को रखा गया है।    

अब बात करते हैं अमर उजाला की। जहरीली हवा को ‘दिल्ली के प्रदूषण पर संसद में बिगड़ी सियासी हवा’ शीर्षक के साथ टॉप बॉक्स में जगह मिली है। संसद में कल इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। वैसे अब तक एक-दूसरे पर आरोपों से ही दिल्ली को प्रदूषण से मुफ्त कराने के प्रयास हो रहे हैं। लीड सबसे अलग जलियांवाला बाग ट्रस्ट से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर को लगाया गया है। राज्यसभा में जलियांवाला बाग नेशनल ट्रस्ट संशोधित विधेयक पारित होने के साथ ही कई राज्यों की तरह यह ट्रस्ट भी कांग्रेस मुक्त हो गया है। अब तक कांग्रेस अध्यक्ष इस ट्रस्ट के पदेन स्थायी सदस्य होते थे। पिछले छह माह में बैंक घोटालों का लेखाजोखा वित्तमंत्री ने संसद के समक्ष प्रस्तुत किया है। इस खबर को डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। वहीं बाल दुष्कर्म पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी पेज पर जगह मिली है। कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से ऐसे मामलों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने को कहा है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे घोटाले में कार्रवाई और श्रीलंकाई राष्ट्रपति की इस माह होने वाली भारत यात्रा को भी स्थान मिला है। वहीं, एंकर में एक ऐसी खबर है जिसे सभी को पढ़ना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने नकली जीरा बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। जहां फूल झाड़ू के चूरे से जीरा बनाया जाता था। हालांकि, जेएनयू की खबर को अखबार ने आज संक्षिप्त में रखा है।

नवभारत टाइम्स को देखें, तो फ्रंट पेज पर आज भी दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड दिल्ली की जहरीली हवा है, जबकि जेएनयू की खबर को दो कॉलम में जगह मिली है। पेज पर तीसरी बड़ी खबर के रूप में फर्जी पायलट को रखा गया है। रिटायर ब्रिगेडियर का दिल्ली निवासी बेटा पिछले काफी समय से लुफ्थांसा एयरलाइन्स का नकली पायलट बनकर धाक के साथ विमानों में सफर कर रहा था, लेकिन कल उसके इस ‘फर्जी’ सफर का आखिरी दिन था। सीआईएसएफ ने उसे गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया है। 

इसके अलावा, तीन सिंगल सहित दो खबरों को छोटा-छोटा करके पेज पर लगाया गया है। सिंगल में ‘महिला अफसरों पर सेना को कोर्ट ने चेताया’, ‘भाजपा-शिवसेना को भागवत की नसीहत’ और ‘केदारनाथ यात्रा में मसाज से दूर होगी थकान’ हैं। कोर्ट ने सेना से कहा है कि मार्च 2019 से पहले की महिला अफसरों को भी स्थायी कमीशन दिया जाए। वहीं, भागवत ने तलाक लेने वाली भाजपा और शिवसेना को नसीहत देते हुए कहा है कि स्वार्थ से काम नहीं चलता। उधर केदारनाथ दर्शन को आने वाले भक्तों के लिए प्रशासन ने ख़ास इंतजाम किये हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ के 16 किमी के रास्ते पर सात जगह मसाज कुर्सियां लगाई गई हैं, जहां थके भक्त पैरों की मसाज करवा सकेंगे।      


 
दैनिक जागरण में आज विज्ञापनों की वजह से दो फ्रंट पेज बनाये गए हैं। पहले पेज पर एकमात्र बड़ी खबर के रूप में ओमप्रकाश तिवारी की बाईलाइन है। जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के सियासी समीकरणों के बारे में बताया है। इसमें मोहन भागवत की भाजपा और शिवसेना को नसीहत भी शामिल है। दूसरे पेज की लीड प्रदूषण है, जिसे बेहद सामान्य शीर्षक के साथ पांच कॉलम जगह मिली है। दूसरी प्रमुख खबर सीआरपीएफ का राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखा पत्र है। सुरक्षा बल ने वीवीआईपी के बढ़ते बोझ के चलते अतिरिक्त जवानों की मांग की है। इसके अलावा, जलियांवाला बाग ट्रस्ट से कांग्रेस अध्यक्ष की विदाई सहित दो बाईलाइन खबरों को पेज पर जगह मिली है। पहली, कुंदन तिवारी की खबर है, जिनके मुताबिक नोएडा सेक्टर 71 से नॉलेज पार्क 5 तक एक्वा मेट्रो का विस्तार होगा। जबकि दूसरी खबर है माला दीक्षित की, जिन्होंने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट में रामलला की पैरवी करने वाले परासन के साथ वकीलों की पूरी टीम अयोध्या दर्शन के लिए जायेगी। जागरण ने जेएनयू विवाद को संक्षिप्त में लगाया है।

सबसे आखिरी में बात दैनिक भास्कर की। लीड जहरीली हवा पर संसद में हुई चर्चा है, जिसे काफी विस्तार से पाठकों के समक्ष रखा गया है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में राजस्थान की सांभर झील में हुई देश की सबसे बड़ी पक्षी त्रासदी है। महज 11 दिनों में यहां 18 हजार से ज्यादा विदेशी पक्षियों की मौत हो गई है और यह आंकड़ा 50 हजार के पास निकल सकता है। मौत के कारणों का अभी ठीक से पता नहीं चल सका है, लेकिन इसे पर्यावरण प्रदूषण से जोड़कर जरुर देखा जा रहा है। मोहन भागवत की भाजपा-शिवसेना को नसीहत सहित सीआरपीएफ के राज्यों को लिखे पत्र, उत्तर भारत में भूकंप के झटके और सुप्रीम कोर्ट के सेना को आदेश को भी पेज पर जगह मिली है। वहीं, अयोध्या में राममंदिर के तैयार लैंडस्केप का जिक्र भी पेज पर है। एंकर में ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी को रखा गया है, जिसने इमोजी को अपने कोर्स में शामिल किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में इमोजी ही कम शब्दों वाली भाषा के रूप में काम करेंगे। जेएनयू को भास्कर ने फ्रंट पेज पर नहीं रखा है।

आज का किंग कौन?
1: ले-आउट के लिहाज से आज दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान बेहतर दिखाई दे रहे हैं। खासकर, नवभारत और हिन्दुस्तान ने सीमित जगह में भी अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति जागरण को छोड़कर लगभग सभी अखबारों में बेहतर है। खासकर प्रदूषण के जुड़े समाचार को चारों अखबारों ने आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया है।      

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में अमर उजाला और नवभारत टाइम्स आगे हैं। अमर उजाला ने जहां टॉप बॉक्स की हेडलाइन में प्रयोग किया है, वहीं नवभारत में लगा लीड का शीर्षक ‘पर्यावरण पर संसद में बहस, आरोपों का स्मॉग छाया रहा’ आकर्षक है।  

4. खबरों की बात करें हर अखबार में कुछ न कुछ प्लस – माइनस है, लेकिन भास्कर को अव्वल कहा जा सकता है, क्योंकि उसने सबसे बड़ी पक्षी त्रासदी को फ्रंट पेज पर रखा है।
 

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डिजिटल मीडिया की पेचीदियों को हिंदी में समझाती है शैलेंद्र तिवारी की नई किताब

शैलेंद्र तिवारी ने पत्रकारिता में भविष्य तलाशने वाले उन युवाओं को ध्यान में रखकर यह किताब तैयार की है, जिन्हें सबकुछ विस्तार में और सरल शब्दों में समझने की जरूरत होती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
Shailendra Tiwari

यदि आप डिजिटल मीडिया को गहराई से समझना चाहते हैं, लेकिन भाषा आड़े आ रही है तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र तिवारी ने डिजिटल मीडिया को अंग्रेजी की पेचीदियों से निकालकर हिंदी में प्रस्तुत किया है। उनकी किताब ‘डिजिटल मीडिया–खबर, फेसबुक और वॉट्सऐप’ बाजार में आने वाली है। खास बात यह है कि तिवारी ने पत्रकारिता में भविष्य तलाशने वाले उन युवाओं को ध्यान में रखकर किताब तैयार की है, जिन्हें सबकुछ विस्तार में और सरल शब्दों में समझने की जरूरत होती है।

इस किताब में आपको डिजिटल मीडिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी मिल जाएगी। साथ ही इसमें तिवारी ने यह भी बताया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वालीं खबरों की हकीकत का पता कैसे लगाया जाए। मौजूदा वक्त में यह बेहद महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि कई नामी-गिरामी मीडिया संस्थान भी सोशल मीडिया के फेर में उलझकर कई बार अपनी फजीहत करा चुके हैं।

डिजिटल मीडिया पर किताब लिखने का ख्याल कैसे आया, इस बारे में शैलेंद्र तिवारी ने समाचार4मीडिया को बताया, ‘ये एक ऐसा विषय है जिस पर कंटेंट तो काफी है, लेकिन हिंदी में विकल्प बेहद सीमित हो जाते हैं। इसलिए मैंने सोचा कि डिजिटल मीडिया को अंग्रेजी की पेचीदियों से निकालकर हिंदी के सरल शब्दों में प्रस्तुत किया जाए। किताब में भारी-भरकम शब्दों को सरल भाषा में समझाया गया है।‘

शैलेंद्र तिवारी के अनुसार, ‘इस किताब में डिजिटल मीडिया की बारीकियों के साथ ही यह भी बताने का प्रयास किया गया है कि सोशल मीडिया ने न्यूज रूम की परिभाषा को किस हद तक बदल दिया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि डिजिटल मीडिया में भविष्य बनाने वाले युवाओं के लिए यह किताब बेहद कारगर साबित होगी। साथ ही वह पत्रकार भी इसका लाभ उठा सकते हैं, जो प्रिंट-टीवी में हैं, लेकिन डिजिटल मीडिया के बारे में जानना चाहते हैं।‘

मध्य प्रदेश में पत्रिका समूह की डिजिटल विंग के प्रमुख शैलेंद्र तिवारी इससे पहले एक और किताब लिख चुके हैं। उनके फिक्शन नॉवल ‘रावण एक अपराजित योद्धा’ को काफी पसंद किया गया था। इस किताब में रामायण को रावण की दृष्टि से समझाया गया है। जल्द ही ‘रावण एक अपराजित योद्धा’ का सीक्वल भी बाजार में आने वाला है, जिसका नाम है ‘लंका रावण की नगरी’।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी तिवारी पिछले 13 वर्षों से पत्रिका समूह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2002 में मध्य प्रदेश से प्रकाशित होने वाले अखबार ‘स्वदेश’ से की। इसके बाद ‘नवभारत’, ‘नई दुनिया’ जैसे मीडिया संस्थानों से होते हुए पत्रिका समूह का दामन थामा और पिछले 13 सालों से यहीं सेवाएं दे रहे हैं। 

शैलेंद्र तिवारी को अपनी नई किताब के लिए समाचार4मीडिया की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं!

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बाजार में जल्द दिखेगी वरिष्ठ पत्रकार अकु श्रीवास्तव की नई किताब

21 नवंबर को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में किया जाएगा किताब का लोकार्पण

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
AAKU SRIVASTAVA

लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने शानदार जीत दर्ज कर प्रधानमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल शुरू किया है। चुनाव और मोदी की दोबारा ताजपोशी के साथ ही इस दौरान राजनीति से जुड़ीं तमाम महत्वपूर्ण घटनाओं को ‘पंजाब केसरी’ ग्रुप के हिंदी अखबार 'नवोदय टाइम्स‍' के एग्जिक्युटिव एडिटर अकु श्रीवास्तव ने एक किताब की शक्ल दी है। ‘चुनाव 2019 कहानी मोदी 2.0 की’ शीर्षक से लिखी गई इस किताब का लोकार्पण 21 नवंबर 2019 को किया जाएगा।

नई दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में गुरुवार की शाम पांच बजे आयोजित एक समारोह में किताब का लोकार्पण केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद के हाथों होगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव और ‘CVoter’ के संस्थापक एवं चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इस किताब का प्रकाशन ‘प्रभात प्रकाशन’ ने किया है।

बता दें कि अकु श्रीवास्तव की गिनती देश के बड़े पत्रकारों में होती है। मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले अकु श्रीवास्तव को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का काफी लंबा अनुभव है। पूर्व में वह दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स, राजस्थान पत्रिका, एक्सप्रेस ग्रुप, अमर उजाला और हिन्दुस्तान टाइम्स समूह में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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फ्रंट पेज की खबरों को लेकर अखबारों ने आज अपनाई ये स्ट्रैटेजी

दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर तीन जबकि हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स और अमर उजाला के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Tuesday, 19 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 19 November, 2019
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मोदी सरकार कई सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। वहीं, जेएनयू एक बार फिर संग्राम स्थल बन गया है। उधर, महाराष्ट्र का सियासी संकट भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों में आज यही खबरें सुर्खियों में हैं। शुरुआत आज सबसे पहले दैनिक जागरण से करते हैं। अखबार में फ्रंट पेज पर तीन बड़े विज्ञापन हैं। टॉप में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फैसले को रखा गया है। बिजली, पानी और बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात के बाद अब केजरीवाल ने सीवर कनेक्शन का शुल्क भी माफ कर दिया है। इसके पास ही सियाचिन में हिमस्खलन की खबर है। इस हादसे में सेना के 4 जवान और 2 पोर्टर शहीद हो गए हैं।

लीड की बात करें तो महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को सबसे बड़ी खबर के रूप में पेश किया गया है। दरअसल, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कल दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की। माना जा रहा था कि इस मुलाकात में सरकार गठन का फार्मूला तय होगा, मगर ऐसा हुआ नहीं। पवार ने तो यहां तक कह दिया कि अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। इसके अलावा, पेज पर राज्यसभा के 250वें सत्र के दौरान दिया गया पीएम मोदी का भाषण है। अखबार ने फीस वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरे जेएनयू छात्रों की खबर को संक्षिप्त में लगाया है।

अब नजर डालते हैं दैनिक भास्कर पर। टॉप बॉक्स में महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को लगाया गया है। इसी में पीएम मोदी द्वारा राकांपा की तारीफ का भी जिक्र है। लीड जेएनयू विवाद है। जेएनयू के छात्र फीस वृद्धि के लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसे अखबार ने ‘बढ़ी फीस पर बड़ा बवाल’ शीर्षक के साथ समझाया है। सियाचिन के हिमस्खलन को पेज पर बड़ी जगह मिली है।

इसके पास ही पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका से जुड़ा समाचार है। सेना प्रमुख से मुलाकात के बाद पाक प्रधानमंत्री इमरान खान छुट्टी पर चले गए हैं। लिहाजा माना जा रहा है कि पाकिस्तान में एक बार फिर तख्तापलट हो सकता है। एंकर में विजय उपाध्याय की अयोध्या पर केंद्रित खास स्टोरी है। इस स्टोरी में उन्होंने बताया है कि मंदिर पर हमले के विरोध में 500 सालों से नंगे सिर-पैर घूम रहे 105 गांवों के क्षत्रिय अब पगड़ी और जूते पहनेंगे। इसके अलावा, चीफ जस्टिस की फोटो को भी पेज पर रखा गया है। 

आज हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं, लेकिन पेज पर खबरों की कोई कमी नहीं है। लीड सबसे अलग, केंद्र सरकार की सरकारी कंपनियों को बेचने की तैयारी है। वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में बताया है कि सरकार 28 सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। जेएनयू में संग्राम को बड़ी फोटो के साथ टॉप में रखा गया है।

अखबार ने आज महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है, जबकि दिल्ली में हवा के बाद पानी की सियासत को प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। पानी की गुणवत्ता को लेकर केजरीवाल और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गए हैं। वहीं दिल्ली की जहरीली हवा और सियाचिन के हिमस्खलन को दो-दो कॉलम में लगाया गया है। इसके अलावा, महंगी होंगी कॉल और मुफ्त सीवर कनेक्शन को सिंगल में जगह मिली है।

अब अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड शीतकालीन सत्र में पीएम मोदी के बयान को बनाया गया है। साथ ही इसमें महाराष्ट्र के सियासी संग्राम का भी जिक्र है। सियाचिन के हिमस्खलन को दो कॉलम के डॉटेड बॉक्स में रखा गया है। जेएनयू के संग्राम को भी तवज्जो मिली है, यह समाचार चार कॉलम में है।

इसके अलावा पेज पर पीएनबी और यूबीआई में अन्य बैंकों के विलय को सैद्धांतिक मंजूरी और पाकिस्तान में दो भारतीयों की गिरफ्तारी से जुड़ा समाचार भी है। पाक का दावा है कि उसने अवैध तरीके से मुल्क में घुस रहे दो भारतीयों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दिल्ली में मुफ्त सीवर कनेक्शन की खबर सबसे नीचे दो कॉलम में हैं। इसके साथ ही महंगी कॉल दरों के समाचार को भी जगह मिली है। मां के आशीर्वाद के साथ अपने कामकाज की शुरुआत करते चीफ जस्टिस की फोटो पहले कॉलम में सबसे ऊपर है।

सबसे आखिर में आज नवभारत टाइम्स का रुख करते हैं। फ्रंट पेज की शुरुआत छह कॉलम टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें जेएनयू के संग्राम को रखा गया है। शेष दो कॉलम में सियाचिन का हिमस्खलन है, जिसमें चार सैनिक शहीद हो गए हैं। ‘दैनिक जागरण’ की तरह ‘नवभारत टाइम्स’ ने भी महाराष्ट्र के सियासी संग्राम को लीड का दर्जा दिया है। हालांकि,  ‘नवभारत टाइम्स’ ने खबर को अलग एंगल से उठाकर उसे एक नया रूप दे दिया है। ‘मोदी का पवार प्ले’  शीर्षक से साथ लगी यह खबर केवल महाराष्ट्र के सियासी संग्राम का ही जिक्र नहीं करती, बल्कि उसमें नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका को भी रेखांकित करती है। मोदी ने संसद में राकांपा की तारीफ करके पवार के शिवसेना की तरफ बढ़ते क़दमों को रोकने का प्रयास किया है।

दिल्ली की हवा पिछले दो दिनों से बेहतर हुई है, इसके मद्देनजर केजरीवाल सरकार ने ऑड-ईवन को बंद कर दिया है। ‘नवभारत टाइम्स’ ने इस समाचार को प्रमुखता से लगाया है। इसी में दिल्ली के पानी को लेकर शुरू हुई सियासत का भी जिक्र है। मुफ्त सीवर कनेक्शन को सिंगल में अलग से रखा गया है। चीफ जस्टिस बोबडे ने अपनी मां का आशीर्वाद लेकर कामकाज की शुरुआत की, इसे फोटो के रूप में पेज पर रखा गया है। इसके अलावा, एयरटेल और वोडाफोन के ग्राहकों के लिए एक बुरी खबर को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। दोनों ही कंपनियां कॉल महंगी करने जा रही हैं।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज सभी अखबार अच्छे नजर आ रहे हैं। लिहाजा किसी एक को अव्वल कहना गलत होगा।

2: खबरों की प्रस्तुति की जहां तक बात है तो आज ‘दैनिक भास्कर’ और ‘नवभारत टाइम्स’ अव्वल हैं। दोनों के लीड और टॉप बॉक्स बेहद आकर्षक नजर आ रहे हैं। वैसे, अमर उजाला ने भी लीड को अच्छे से प्रस्तुत किया है।

3: कलात्मक शीर्षक आज दो अखबारों में देखने को मिला है। ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘दैनिक भास्कर’ दोनों ने लीड के शीर्षक में प्रयोग किया है।

4: खबरों के लिहाज से फ्रंट पेज देखें तो ‘अमर उजाला’ और ‘दैनिक भास्कर’ बाकियों से कुछ आगे हैं। ‘अमर उजाला’ में जहां पाक में भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर है, वहीं ‘दैनिक भास्कर’ में पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका से जुड़ा समाचार है।

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इकनॉमी की ABCD समझाने का संपादक ने निकाला ये ‘लल्लनटॉप’ तरीका

पत्रकारिता के फील्ड में जितना हिस्ट्री और राजनीति को समझना जरूरी है, उतना ही भारत की इकनॉमी को समझना भी जरूरी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 18 November, 2019
Last Modified:
Monday, 18 November, 2019
Economy

आम जनता ही नहीं, पत्रकारिता के फील्ड में आने वाले तमाम नवोदित पत्रकारों और पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं की भी बड़ी समस्या है भारत की इकनॉमी को समझना। पत्रकारिता के फील्ड में जितना हिस्ट्री और राजनीति को समझना जरूरी है, उतना ही भारत की इकनॉमी को समझना भी जरूरी है। ऐसे में सरल भाषा में, सुलभ अंदाज में, वो भी हिंदी में अगर आप समझना चाहें तो जॉइन करिए अंशुमान तिवारी सर की क्लास। अंशुमान तिवारी ‘इंडिया टुडे’ (हिंदी) के संपादक हैं और उनकी एक ‘क्लास’ लगती है ‘टीवी टुडे’ ग्रुप के यूट्यूब चैनल 'लल्लनटॉप' पर हर रविवार सुबह 10:00 बजे। वैसे आप उनके पुराने शो बाद में भी ‘लल्लनटॉप’ के चैनल और साइट पर देख सकते हैं।

अंशुमान तिवारी को बिजनेस पत्रकारिता का लगभग तीन दशक का अनुभव है, ‘इंडिया टुडे’ जॉइन करने से पहले नई पत्रकारों की पीढ़ी इकनॉमी की एबीसीडी समझने के लिए उन्हें ‘मनी भास्कर डॉट कॉम’ और ‘दैनिक जागरण’ में पढ़ा करती थी। ‘दैनिक जागरण’ के साथ उन्होंने अपने करियर का लंबा समय बिताया है। हालांकि ‘इंडिया टुडे’ जॉइन करने के बाद उन्हें तमाम मसलों में स्पेशल स्टोरीज में वक्त देना पड़ता है। साथ में साहित्य विशेषांक, सेक्स विशेषांक जैसे स्पेशल एडिशन में सिर खपाने के बावजूद अंशुमान तिवारी अपने एडिटोरियल को मोटे तौर पर इकनॉमी पर ही फोकस करते हैं और उनके एडिटोरियल कॉलम का नाम है 'अर्थात' और टैगलाइन है धन की बात।

इसी नाम और इसी टैगलाइन के साथ अंशुमान तिवारी अब यूट्यूब पर भी उपलब्ध हैं ‘लल्लनटॉप’ के चैनल पर। जो उनके कॉलम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो पाते और उन्हें लगता है अंशुमान थोड़ा और विस्तार से बताते तो ऐसे सभी लोगों के लिए लल्लनटॉप ने शुरू किया है उनके साथ एक शो 'अर्थात'। इस शो में लल्लनटॉप की ओर से उनके ताजा कॉलम पर चर्चा की जाती है। साथ में पाठकों और दर्शकों के पत्र भी लिए जाते हैं। इसमें अंशुमान तिवारी कॉलम के अलावा भी कई मुद्दों पर आसान भाषा में समझाते हैं।

आरसीईपी क्या है, भारत पर उसका क्या असर पड़ेगा, NSO की रिपोर्ट कैसे तैयार होती है, मंदी क्यों आ रही है, सरकार कहां गलती कर रही है, एयर इंडिया के विनिवेश से क्या फर्क पड़ेगा, बीएसएनएल के मामले में सरकार को क्या करना चाहिए, गिरती जीडीपी और सरकार की नीतियों का आपस में क्या ताल्लुक है,‌कहां इन्वेस्टमेंट करें हैं और कहां नहीं करें? ऐसे तमाम रोजमर्रा के आर्थिक मुद्दे होते हैं, जिनसे न केवल आम आदमी का वास्ता पड़ता है, बल्कि नवोदित पत्रकारों का भी। ऐसे में उन सभी के लिए अंशुमान तिवारी का यह हिंदी में शो वाकई में रामबाण साबित हो सकता है।

आप उनका लेटेस्ट शो नीचे देख सकते हैं, इकॉनॉमी को सरलता से समझने के लिए उनके अन्य शो भी आपको यूट्यूब पर मिल जाएंगे।

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