होम / प्रिंट / ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को भारत में चाहिए ऐसा पत्रकार, पर विवादों में आ गईं उसकी शर्तें
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को भारत में चाहिए ऐसा पत्रकार, पर विवादों में आ गईं उसकी शर्तें
अपने जॉब कंटेंट को लेकर अमेरिका का मशहूर अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (NYT) विवादों में है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
अकसर ही यह देखने को मिला है कि पश्चिमी मीडिया भारत की छवि खराब करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता है, फिर चाहे वह कोविड हो, किसान आंदोलन हो, चीन के साथ सीमा विवाद हो या फिर भारत में होने वाले कोई दंगे हों। इस बार फिर ऐसा ही कुछ हुआ है, जिसकी सोशल मीडिया पर अवहेलना हो रही है।
दरअसल अपने जॉब कंटेंट को लेकर अमेरिका का मशहूर अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (NYT) विवादों में है। सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं के मुताबिक, न्यूयॉर्क टाइम्स भारत में ऐसे पत्रकार ढूंढ रहा है, जो दुष्प्रचार का एजेंडा चलाने में उसकी पूरी मदद कर सके और इसके लिए उसने आवेदन आमंत्रित किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अखबार ने 1 जुलाई 2021 को लिंक्डइन पर जॉब पोस्ट की। ये जॉब दिल्ली में साउथ एशिया बिजनेस संवाददाता के लिए है। इस पोस्ट में हायरिंग की शर्तें बेहद आपत्तिजनक हैं, जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे बिना हिंदू विरोधी हुए या फिर एंटी मोदी हुए वहां जॉब पाना बेहद मुश्किल है।
आवेदन में लिखा है कि अभ्यर्थी ऐसा हो जो भारत सरकार के विरुद्ध लिख सके और सत्ता बदली की उनकी कोशिशों में अपना योगदान दे सके। पत्रकारों के लिए दिए गए आवेदन में 'एंटी मोदी' के साथ-साथ 'एंटी इंडिया' और 'हिंदू विरोधी' सोच उजागर की गई है।
इस पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि वैसे तो भारत जनसंख्या के मामले में चीन को टक्कर दे रहा है, लेकिन फिर भी विश्व मंच पर बड़ी आवाज बनने की महत्वाकांक्षा रखे हुए है।
इसमें आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चीन के खिलाफ कार्रवाई को भारत का एक ड्रामा कहा गया है जो उनके मुताबिक सीमा और राष्ट्रीय राजधानियों के भीतर चल रहा है।
विवादित जॉब पोस्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के पीएम मोदी देश के हिंदू बहुमत पर केंद्रित होकर आत्मनिर्भर भारत और मजबूत राष्ट्रवाद की वकालत करते हैं। इस लाइन को लेकर भी अब सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या न्यूयॉर्क टाइम्स को ये दिक्कत है कि भारत आत्मनिर्भर हो रहा है या ये समस्या है कि पीएम भारत को आत्मनिर्भर बनाने में प्रयासरत हैं और वो चीन से घटते व्यापार से तिलमिलाया हुआ है।
दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि पिछले 4 सालों में न्यूयॉर्क टाइम्स को चीन की ओर से 50 हजार डॉलर के विज्ञापन मिले हैं। इसीलिए चीन और उसके हमदर्द न्यूयॉर्क टाइम्स को भारत से इतना दर्द है।
मालूम हो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की उपलब्धि को न्यूयॉर्क टाइम्स हमेशा खारिज करता रहा है। भारत के महत्वाकांक्षी स्पेस कार्यक्रम के बाद NYT ने एक नस्लवादी कार्टून छाप दिया था और बाद में इसके लिए माफी भी मांगी थी।
टैग्स नरेंद्र मोदी जॉब भारत न्यूयॉर्क टाइम्स नौकरी प्रधानमंत्री रिक्रूटमेंट