विदेशी अखबार का ये अनोखा प्रयोग, खूब हो रही है वाह-वाह

‘संयुक्त अरब अमीरात’ में 19 से 22 सितंबर तक एक्सपोजर इंटरनेशनल फोटोग्राफी फेस्टिवल आयोजित हो रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 12 September, 2019
Last Modified:
Thursday, 12 September, 2019
Newspaper

क्या आप बिना फोटो के दुनिया की कल्पना कर सकते हैं? यानी जहां फोटो का नामोनिशान न हो, न अखबारों में, न मैगजींस में और न ही कहीं और। दुबई से पब्लिश होने वाले अंग्रेजी अखबार ‘गल्फ न्यूज’ ने भी यह सवाल अपने पाठकों से पूछा है, लेकिन एकदम निराले अंदाज में।

दरअसल, ‘संयुक्त अरब अमीरात’ (यूएई) में 19 से 22 सितंबर को एक्सपोजर इंटरनेशनल फोटोग्राफी फेस्टिवल आयोजित हो रहा है। इस मौके पर तस्वीरों की अहमियत को रेखांकित करने के लिए ‘गल्फ न्यूज’ ने बिना किसी फोटो के अखबार पब्लिश किया है। खबरों के बीच में फोटो फ्रेम छोड़े गए हैं, लेकिन तस्वीरें नदारद हैं।

अखबार ने अपने पाठकों से यह जानना चाहा है कि क्या वह बिना तस्वीरों वाली दुनिया की कल्पना कर सकते हैं? इतना ही नहीं, अखबार में विज्ञापनों की भी केवल आउटलाइन हैं, यानी कोई ग्राफिक्स-तस्वीर नहीं है। ‘विज्ञापन’ दर्शाने के लिए लिखा गया है ‘यह रिक्त स्थान नहीं है, विज्ञापन है।’

‘गल्फ न्यूज’ के इस प्रयोग को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। ट्विटर पर #WorldwithoutPhotography कैंपेन भी चल रहा है, जिस पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। अखबार के आखिरी पेज पर ‘एक्सपोजर एक्सपो 2019 की एक झलक’ शीर्षक के साथ पूरे पेज पर ब्लैंक फोटो बॉक्स हैं, जिनके नीचे कैप्शन जरूर लिखे गए हैं। 

फ्रंट पेज पर इस बारे में पाठकों के नाम संदेश भी है। जिसमें कहा गया है ‘प्रिय पाठकों, एक्सपोजर इंटरनेशनल फोटोग्राफी फेस्टिवल की फिलॉसफी से आपको अगवत कराने के लिए हमने अनोखा रास्ता चुना है। हम फोटोग्राफी के बारे में बिना उसे शामिल किये लिख रहे हैं। इसका उद्देश्य दैनिक जीवन में तस्वीरों की अहमियत से आपको रूबरू कराना है। तस्वीरें कला, विज्ञान, शिक्षा और संस्कृति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और न्यूज एवं मीडिया के समर्थन के लिए यह जरूरी हैं। दुनिया में जहां फोटोग्राफी सुलभ माध्यम और कला है, हम चाहते हैं कि आप इसके बिना जीवन की कल्पना करें।’

आमतौर पर कहा जाता है कि यदि किसी की अहमियत का अहसास कराना हो तो उसकी उपलब्धता कम कर देनी चाहिए। ‘गल्फ न्यूज’ ने एक तरह से इसी पर अमल किया है। अखबार रंगीन है, लेकिन रंगों को जीवंत करने वालीं तस्वीरें नहीं हैं। इस रचनात्मक प्रयोग के लिए ‘गल्फ न्यूज’ की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है।

'गल्फ न्यूज' द्वारा किए गए नए प्रयोग को आप यहां देख सकते हैं-

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशंस (ABC) के नए चेयरमैन का हुआ चयन, ये बने मेंबर

ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन की 71वीं वार्षिक आम बैठक में वर्ष 2019-20 के लिए किया गया है चुनाव

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 20 September, 2019
Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
Audit Bureau

‘डीडीबी मुद्रा’ (DDB Mudra) ग्रुप के एमरेटस चेयरमैन (Emeritus Chairman) मधुकर कामथ को ‘ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन’ (ABC) का चेयरमैन चुना गया है। उनका चुनाव वर्ष 2019-20 के लिए किया गया है। एबीसी की 71वीं वार्षिक बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा ‘लोकमत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के देवेंद्र वी दर्डा को डिप्टी चेयरमैन पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बता दें कि कामथ को एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करने का चार दशक से ज्यादा का अनुभव है और डीडीबी मुद्रा (पूर्व में मुद्रा) ग्रुप के साथ वह 25 साल से ज्यादा समय से जुड़े हुए हैं। मधुकर कामथ ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) के प्रेजिडेंट, ‘एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया’ (ASCI) के चेयरमैन, मुद्रा फाउंडेशन (Mudra Foundation) के चेयरमैन और ‘मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद’ (MICA) की गवर्निंग काउंसिल के चेयरपर्सन भी रह चुके हैं।  

वर्ष 2019-20 के लिए एबीसी काउंसिल में जिन सदस्यों को शामिल किया गया है, उनकी लिस्ट आप नीचे देख सकते हैं।

Advertising Agencies Representatives

Madhukar Kamath, DDB Mudra Pvt.Ltd. - Chairman
Shashidhar Sinha, Media Brands Pvt. Ltd.
Srinivasan K Swamy, RK Swamy BBDO Pvt. Ltd.
Vikram Sakhuja, Madison Communications Pvt.Ltd. – Hony. Treasurer

Publishers Representatives

Devendra V. Darda - Lokmat Media Pvt. Ltd. – Dy. Chairman
Hormusji N. Cama – The Bombay Samachar Pvt. Ltd.
Shailesh Gupta - Jagran Prakashan Ltd.
Chandan Majumdar - ABP Pvt. Ltd.
Raj Kumar Jain - Bennett, Coleman & Co. Ltd.
Pratap G. Pawar - Sakal Papers Pvt. Ltd
Riyad Mathew - Malayala Manorama Co. Ltd. – Hony. Secretary
Praveen Someshwar – HT Media Ltd.

Advertisers Representatives

Mayank Pareek - Tata Motors Ltd.
Karunesh Bajaj - ITC Ltd.
Vivek Nayer - Mahindra & Mahindra Ltd.
Debabrata Mukherjee - United Breweries Ltd.

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

यहां एक अखबार खरीदने के लिए खर्च करने पड़ते हैं 300 रुपए

प्रो. जतिन श्रीवास्तव ने पत्रकारिता के विद्यार्थियों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये किया संबोधित,मैगजींस और अखबारों के डिजाइन पर भी बात की

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 20 September, 2019
Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
Newspaper

अपने देश में ज्यादातर अखबार आमतौर पर दो रुपए से दस रुपए के बीच मिल जाते हैं। लेकिन अमेरिका में एक अखबार खरीदने के लिए तीन से चार डॉलर यानी करीब 300 रुपए चुकाने पड़ते हैं। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि अमेरिका की ओहियो यूनिवर्सिटी के प्रो. जतिन श्रीवास्तव का कहना है।

लखनऊ की बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) के पत्रकारिता विभाग में हुए सेमिनार में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी। एक अखबार की इतनी कीमत सुनकर विद्यार्थियों का कहना था कि 300 रुपए में तो भारत में करीब दो महीने का अखबार आ जाएगा। इस दौरान प्रो. जतिन ने छात्रों से मैगजींस और अखबारों के डिजाइन पर भी बात की।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

किस तरह पत्रकार ने कर डाली पूरे 10 करोड़ की गलती, जानें यहां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले 6 महीनों में मिले उपहारों की नीलामी 14 सितम्बर से ऑनलाइन शुरू की गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
Journalist

इन दिनों एक न्यूज चैनल का विडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ये नहीं बता पाते कि पांच ट्रिलिटन में कितने जीरो होते हैं, अब ऐसी ही गलती हरिभूमि अखबार के पत्रकार ने की है। दरअसल खबर जुडी है पीएम मोदी को मिलने वाले गिफ्ट्स की नीलामी से, इस नीलामी में आप ऑनलाइन हिस्सा ले सकते हैं। इस खबर में बताया गया है कि कैसे मोदी को गिफ्ट में मिले एक फोटोफ्रेम की नीलामी राशि 11 करोड़ रुपए पहुंच गई है, जबकि सच कुछ अलग है।

दरअसल पिछले 6 महीनों में मिले उपहारों की नीलामी 14 सितम्बर से ऑनलाइन शुरू की गई है, ये उपहार आप नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट देख सकते हैं औऱ pmmementos.gov.in पर ऑनलाइन नीलामी में हिस्सा ले सकते हैं। इस साइट पर एक-एक उपहार की फोटो, रिजर्व राशि, किसने दिया, कौन सा बिक चुका है आदि जानकारी ले सकते हैं। 15 सितंबर को दैनिक जागरण ने एक खबर लगाई कि कैसे मोदी को मिले एक गमछे की बोली 11 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। हालांकि दैनिक जागरण ने लिखा था बोली लगाने वाले की जांच हो रही है, इसलिए गमछे को नीलामी में से हटा लिया गया है, साइट पर उसका फोटो मिला भी नहीं।

लेकिन इसी खबर को हरिभूमि में इस हेडलाइन से छापा गया था-पीएम मोदी के फोटोफ्रेम की बोली लगी 11 करोड़, प्रधानमंत्री के उपहारों की नीलामी की कीमतें हैरान कर देंगी। अब हमने इस खबर की पड़ताल नीलामी वाली वेबसाइट पर जाकर की तो पता चला कि इस फोटोफ्रेम की नीलामी रोकी जा चुकी है और बोली लगी है 1,00,00,100 रुपए की, जो संख्या में ही लिखा है रुपयों मे नहीं। ये राशि शब्दों में एक करोड़ एक सौ रुपए होती है, लेकिन हरिभूमि की खबर में इसे 11 करोड़ रुपए लिख दिया गया है और दो दिन बीतने के बाद भी इसमें सुधार नहीं किया गया है।

हमें लगता है खबर लिखने वाले ने दैनिक जागरण की खबर देखी होगी, उसे 11 करोड़ का कुछ और मिला नहीं तो उसने सोचा होगा कि गमछा नहीं, बल्कि फोटोफ्रेम 11 करोड़ में बिका होगा, जो हकीकत में 1 करोड़ 100 रुपए का ही है, सो उसने अपनी एक नई खबर लिख डाली। दिखने में ये गलती छोटी है, लेकिन है 10 करोड़ की। वैसे भी 1 में एक ही 1 होता है और 11 में दो एक होते हैं, लिखने वाले को ये तो सोचना चाहिए था।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

विज्ञापनों की ‘बारिश’ के बीच आज कुछ ऐसे रहे अखबारों के फ्रंट पेज

नवभारत टाइम्स में पांचवें पेज को जबकि हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को बनाया गया है फ्रंट पेज

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Friday, 13 September, 2019
Last Modified:
Friday, 13 September, 2019
Newspapers

मानसूनी बारिश भले ही दिल्लीवासियों को तरसा रही हो, लेकिन यहां से प्रकाशित होने वाले प्रमुख अखबारों पर विज्ञापनों की ‘बारिश’ लगातार जारी है। आज शुरुआत नवोदय टाइम्स से करते हैं। नवोदय टाइम्स ने फ्रंट पेज की लीड सबसे हटकर लगाई है। ‘हथियार भरे ट्रक समेत 3 आतंकी दबोचे’ शीर्षक तले घाटी को दहलाने की नाकाम कोशिश से जुड़ी खबर को चार कॉलम में रखा गया है। इसी में सूखे कुएं से 8 बम मिलने की खबर भी है।

अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर विपक्षी नेताओं की चिंता को बॉक्स में प्रमुखता से जगह दी गई है। 2 लाख का चालान भी फ्रंट पेज पर है। नवोदय टाइम्स ने बेटी के समलैंगिक होने की आशंका में पिता की खुदकुशी के समाचार को भी फ्रंट पेज पर जगह दी है। मोदी के विपक्ष पर हमले की खबर को दो कॉलम और घूसखोर अफसर पर सीबीआई की कार्रवाई से जुड़ी न्यूज को एंकर में लगाया गया है। इसके अलावा पेज पर गणपति विसर्जन के दौरान स्टूडेंट्स के डूबने के साथ ही करतारपुर पर पाकिस्तान की नई चाल से जुड़ी खबर है। पाक का कहना है कि वो करतारपुर आने वालों से 20 डॉलर का सुविधा शुल्क लेगा।

अब रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का, जहां पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। अखबार में जाधव मामले में पाकिस्तान के यू-टर्न को लीड बनाया गया है। ‘जाधव से दोबारा नहीं मिलने देगा पाकिस्तान’ शीर्षक के साथ लीड में जम्मू-कश्मीर का भी जिक्र है। इस तरह से यह पड़ोसी की कारगुजारियों और कश्मीर का एक पैकेज बन गया है। इसके पास ही एक बड़ी जगह क्रिकेट के नाम समर्पित है। रंगीन बॉक्स में क्रिकेट से जुड़ी तीन खबरें हैं। पहली अरुण जेटली स्टेडियम में एक स्टैंड का नाम विराट रखा गया है। इस नामकरण के मौके पर विराट कोहली अपनी पत्नी के साथ उपस्थित थे। दूसरी, टेस्ट टीम का चयन और तीसरी, धोनी के संन्यास की अटकलें हैं।

नवभारत टाइम्स ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर दिए बयान को प्रमुखता के साथ लगाया है। जबकि, मोदी के अपनी सरकार के बारे में दिए बयान से जुड़ी खबर को सिंगल कॉलम में जगह मिली है। 2 लाख के चालान को अखबार ने ‘ट्रक में भरा था लिमिट तोड़ सामान, भरना पड़ा 2 लाख का चालान’ शीर्षक के साथ लगाया है। पेज पर दो स्थानीय समाचारों को भी जगह दी गई है। एक प्रेमी जोड़े ने खुदकुशी कर ली, यह खबर सिंगल कॉलम में है और बेटी के समलैंगिक होने की आशंका से दुखी पिता की खुदकुशी की खबर को एंकर में रखा गया है।

अब बात दैनिक जागरण के फ्रंट पेज की करते हैं। लीड यहां पीएम मोदी के विपक्ष पर हमले को बनाया गया है। 2 लाख के चालान की खबर को प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है, लेकिन प्रस्तुति बेहद नीरस है। डीप दो कॉलम में लगे इस समाचार में न कोई फोटो है और न कोई रंगीन बॉक्स। गणपति विसर्जन के दौरान बच्चों के डूबने की घटना डीप सिंगल कॉलम में है। जीएसटी चोरों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई की खबर को दैनिक जागरण ने बड़ी जगह दी है। इस न्यूज को अन्य अखबारों में इतनी तवज्जो नहीं मिली है। इसके अलावा पेज पर एकमात्र बड़ी खबर जाधव पर पाकिस्तान का यू-टर्न है, जबकि संक्षिप्त में चार अन्य समाचार हैं।

वहीं, हिन्दुस्तान में आज जैकेट विज्ञापन है और इस वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। अब खबरों की बात करें, तो ‘किसानों-कारोबारियों के लिए पेंशन योजना शुरू’ शीर्षक के साथ मोदी सरकार की सौगात को सबसे ऊपर बॉक्स में रखा गया है। लीड जीएसटी चोरी को लेकर सबसे बड़ी कार्रवाई है। संबंधित विभागों के 1200 अफसरों ने 336 स्थानों पर छापेमारी की। नोटबंदी के बाद सरकारी स्तर पर दावे किये जा रहे थे कि जाली नोटों का कारोबार ध्वस्त हो जाएगा, लेकिन क्या वास्तव में ऐसा हुआ है? इस सवाल का जवाब अभिषेक गुप्ता ने अपनी स्टोरी में दिया है, जिसे फ्रंट पेज पर दो कॉलम जगह मिली है।

अभिषेक के मुताबिक, दो साल में जाली नोट दस गुना बढ़ गए हैं। कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तानी यू-टर्न को भी प्रमुखता से रखा गया है। पाक ने भारत को जाधव तक राजनयिक पहुंच देने से पुन: इनकार कर दिया है। वहीं, टीम इंडिया की नई टेस्ट टीम, चिदंबरम की अर्जी पर फैसला आज और औद्योगिक विकास दर में इजाफे की खबर को सिंगल कॉलम में लगाया गया है। इसके अलावा पेज पर दो अन्य महत्वपूर्ण ख़बरें हैं। पहली है, ट्रक ड्राइवर पर दो लाख का चालान, जिसे सबसे ज्यादा पढ़ा जाएगा। ड्राइवर पर कई नियमों के उल्लंघन का आरोप है। दूसरी, सीबीएसई के छात्र अब अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी पढ़ेंगे, बोर्ड ने यह निर्णय लिया है।

चलिए अब अमर उजाला के फ्रंट पेज पर नजर डालते हैं। भारी विज्ञापनों के बीच पेज पर दो सिंगल सहित छह समाचार हैं। टॉप बॉक्स में सबसे चर्चित खबर यानी 2 लाख का चालान है, जिसमें हिन्दुस्तान की तरह चालान का पूरा ब्यौरा दिया गया है। इसके पास ही जाधव पर पाकिस्तान का यू-टर्न है। लीड सबसे अलग सेना प्रमुख के बयान को बनाया गया है। जनरल बिपिन रावत का कहना है कि यदि सरकार निर्देश दे तो पीओके के लिए सेना तैयार है। लीड में ही कश्मीर से जुड़ी खबरों को जगह मिली है। मोदी और सोनिया गांधी के एक-दूसरे पर ‘हमले’ को पास-पास सिंगल कॉलम में लगाया गया है। इनके अलावा, पेज पर एकमात्र खबर यूपी के मंत्री के उस बयान पर सुप्रीम कोर्ट का गंभीर रुख है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय भी हमारा है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

आज ये खबरें बनीं अखबारों के फ्रंट पेज की सुर्खियां

नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर लगभग आधा पेज विज्ञापन है, अमर उजाला और दैनिक जागरण में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है।

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Thursday, 12 September, 2019
Last Modified:
Thursday, 12 September, 2019
Newspapers

भारी ट्रैफिक जुर्माने पर कई राज्य लामबंद हो गए हैं। इसके अलावा, कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र से झटका लगा है। यूएन ने मध्यस्थता से साफ इनकार कर दिया है। इन खबरों को आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने प्रमुखता से अपने फ्रंट पेज पर जगह दी है। आज सबसे पहले बात नवभारत टाइम्स की करते हैं। अखबार के फ्रंट पेज पर लगभग आधा पेज विज्ञापन है। पीएम मोदी के बयान को उनकी फोटो के साथ रंगीन बैकग्राउंड में रखा गया है।

लीड ट्रैफिक जुर्माना है, जिसकी हेडलाइन ‘ट्रैफिक जुर्माने पर अपने ही बन रहे स्पीड ब्रेकर’ रखी गई है। सरकारी अस्पतालों से वीआईपी कल्चर खत्म करने के केजरीवाल के फैसले से जुड़ी खबर को भी प्रमुखता के साथ रखा गया है। नवोदय टाइम्स और नवभारत टाइम्स के अलावा किसी दूसरे अखबार ने इस समाचार को फ्रंट पेज पर जगह नहीं दी है। इसके अलावा नवभारत टाइम्स ने चार अहम समाचारों को सिंगल-सिंगल कॉलम में लगाया है। मसलन, ‘यूके में पढ़ाई के बाद दो साल की नौकरी कर सकेंगे, ‘किराये पर फ्लैट देखने आये लोगों ने बनाया बंधक’, ‘आम्रपाली के घर खरीदार बकाया चुकाएं’ और एम्स में लगा कोर्ट, उन्नाव पीड़िता के बयान हुए दर्ज’।

आज दैनिक जागरण में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। इस पर भी विज्ञापन ज्यादा होने के चलते महज 5 खबरें ही लग सकी हैं। लीड कश्मीर से जुड़ी खबर है। दूसरी बड़ी खबर के रूप में पीएम के बयान को फोटो के साथ लगाया गया है। मथुरा में पीएम ने कहा कि कुछ लोगों को गाय और ओम शब्द सुनकर करंट लग जाता है। उन्नाव कांड की खबर को अखबार ने ‘बयान दर्ज करने कोर्ट पहुंचा पीड़िता के पास’ हेडिंग के साथ प्रमुखता से पेज पर जगह दी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों को बकाया चुकाने संबंधी निर्देश को भी दैनिक जागरण ने चार कॉलम में रखा है। इसके अलावा ट्रैफिक जुर्माने पर बवाल से जुड़ी खबर ‘अब मोटर अधिनियम का सियासी चालान’ शीर्षक के साथ सबसे नीचे दो कॉलम में है।

वहीं, हिन्दुस्तान ने ‘भारी जुर्माना कई सूबों ने नकारा’ शीर्षक तले पांच कॉलम में लीड लगाई है। इसमें नए कानून को लेकर कई राज्यों की प्रतिक्रियाएं हैं। दूसरी बड़ी खबर पीएम मोदी का गाय और ओम को लेकर दिया गया बयान है। कश्मीर पर पाकिस्तानी झटके की खबर को अखबार ने दो कॉलम में रखा है और उसके पास ही उन्नाव कांड से जुड़ा समाचार है। एम्स में भर्ती पीड़िता का अस्पताल में अदालत लगाकर बयान दर्ज किया गया। इसके अलावा, फ्रंट पेज पर तीन अहम खबरें सिंगल कॉलम में हैं।

अमर उजाला में आज तीसरा पेज फ्रंट पेज है। इस पेज पर भी भरपूर विज्ञापन है। अखबार ने पेज की शुरुआत ट्रैफिक जुर्माने पर राज्यों के विरोध से की है, जिसका शीर्षक ‘नए कानून का ही चालान काटने में जुटीं राज्य सरकारें’ रखा गया है। लीड सबसे अलग पीएम मोदी का गाय और ओम पर दिया गया बयान है और इसमें विपक्ष की प्रतिक्रिया को भी जगह मिली है। पेज पर शरद गुप्ता की बाईलाइन स्टोरी भी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कार्मिक मंत्रालय ने अनियमित कर्मियों को समान काम के लिए समान वेतन का आदेश जारी किया है। आम्रपाली बकायेदारों को कोर्ट के निर्देश से जुड़ी खबर को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है, लेकिन उन्नाव कांड से जुड़ा समाचार नदारद है।

इसके अलावा, नवोदय टाइम्स ने आज कश्मीर की खबर को लीड रखा है और इसी में सोपोर में हुई मुठभेड़ का जिक्र है। लीड के पास ही पीएम मोदी की खबर को भी पैकेज के रूप में पेश किया गया है। ऊपर मोदी की प्लास्टिक से लड़ाई की शुरुआत का फोटो है और नीचे पीएम का बयान ‘गाय और ओम सुनते ही कुछ लोगों के कान खड़े हो जाते हैं’। ‘गुजरात की राह चले कर्नाटक, महाराष्ट्र’ इस शीर्षक के साथ ट्रैफिक जुर्माने का समाचार ऊपर बॉक्स में है। इसके अलावा पेज पर दो और बड़ी खबरें हैं। पहली, दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में खत्म होगा वीवीआईपी कल्चर और दूसरी, विक्रम। केजरीवाल सरकार ने अस्पतालों से वीआईपी प्राइवेट रूम खत्म करने का फैसला लिया है। वहीं, नासा का कहना है कि विक्रम से संपर्क 335 मीटर पर टूटा था। तीन राज्यों में चुनाव की जल्द घोषणा की खबर भी सिंगल कॉलम में पेज पर है। हालांकि, उन्नाव कांड के समाचार को जगह नहीं दी गई है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

आज ऐसे नजर आ रहे हैं प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज

विज्ञापन की अधिकता के कारण आज अमर उजाला और हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Wednesday, 11 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 11 September, 2019
Newspapers

कश्मीर पर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसने संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाया है, हालांकि हर बार की तरह इस बार भी उसे मुंह की खानी पड़ी। पाकिस्तान की इस चालबाजी और उस पर भारत के दो टूक जवाब को आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अधिकांश अखबारों ने लीड बनाया है। आज सबसे पहले बात दैनिक जागरण की करते हैं। अखबार के फ्रंट पेज पर खास विज्ञापन नहीं है, इसलिए कई महत्वपूर्ण खबरों को स्थान मिला है। ‘पाकिस्तान ने फिर खाई मुंह की’ शीर्षक के साथ लीड को पांच कॉलम में रखा गया है। पाक के विदेशमंत्री द्वारा कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने से जुड़ी खबर लीड के साथ रंगीन बॉक्स में है।

स्टार्ट-अप के मामले में दिल्ली-एनसीआर देशभर में अव्वल, इस समाचार को लीड के पास ही दो कॉलम में लगाया गया है। भारत-नेपाल के बीच तेल पाइपलाइन का शुभारंभ हो गया है। दैनिक जागरण ने यह खबर प्रमुखता के साथ पेज पर रखी है, इसके साथ ही कश्मीर के फल उत्पादकों के सेब अब सीधे नेफड द्वारा खरीदे जाएंगे, इस खबर को भी बड़ी जगह मिली है। जनता के विरोध को देखते हुए ट्रैफिक जुर्माने पर उल्टी गिनती शुरू हो गई है। हालांकि, ऐसा राज्य स्तर पर हो रहा है। शत्रुघ्न शर्मा ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि गुजरात सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर केंद्र द्वारा लगाये नए जुर्माने की राशि में 50 फीसदी कमी की है। एंकर में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का वह बयान है, जिसमें उनका कहना है कि ऑटो सेक्टर में मंदी की वजह ओला-उबर हैं। इसके अलावा  तीन अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को संक्षिप्त में रखा गया है।

आज हिन्दुस्तान ने टॉप बॉक्स ट्रैफिक जुर्माने से जुड़ी खबर के नाम समर्पित किया है। ग्रेटर नोएडा निवासी एक व्यक्ति की ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की बदसलूकी के चलते मौत हो गई, पुलिस ने अब अज्ञात यातायात पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हिन्दुस्तान ने खबर में इसी बात को उठाया है। इसके पास ही सौरभ शुक्ल की बाईलाइन स्टोरी है, जिसके मुताबिक ट्रैफिक नियमों का पालन करने वालों को बीमा में छूट मिलेगी। ये दोनों ही समाचार सबसे ज्यादा पढ़े जाएंगे।

लीड कश्मीर है, जबकि वित्तमंत्री के बयान और डीयू प्रोफेसर के घर पर पुणे पुलिस के छापे की न्यूज को दो-दो कॉलम में जगह मिली है। इसके अलावा पेज पर श्याम सुमन की भी स्टोरी है। सुमन ने बताया है कि क्रिकेट का प्रशासन चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई प्रशासकों की समिति ने बीसीसीआई का प्रबंधन छोड़ने का फैसला लिया है। पाक विधायक सहित तीन महत्वपूर्ण खबरें भी सिंगल कॉलम में लगी हैं। 

अमर उजाला का फ्रंट पेज देखें तो आज इस पर काफी विज्ञापन है। लीड कश्मीर है, जिसे खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाले पाक विदेशमंत्री के बयान को अलग से लगाया गया है, ताकि एक ही नजर में दिखाई दे जाए। जलियांवाला नरसंहार के 100 साल बाद ब्रिटेन के आर्कबिशप ने मंगलवार को इसके लिए माफी मांगी। आर्कबिशप की माफी मांगते हुए फोटो सोशल मीडिया में काफी चर्चा में थी, अमर उजाला ने उसी फोटो को पेज पर स्थान दिया है।

वहीं, दिल्ली-एनसीआर के स्टार्ट-अप की खबर को 4 कॉलम में रखा गया है, जबकि दिल्ली में 1.41 लाख रुपए के सबसे बड़े चालान की खबर को भी प्रमुखता से जगह मिली है। भगवान राम नामक ट्रक मालिक ने 9 सितंबर को कोर्ट में यह जुर्माना राशि भरी, इसी खबर में गुजरात द्वारा घटाई गई जुर्माना राशि का भी जिक्र है। फ्रंट पेज पर हेमंत रस्तोगी की एक बाईलाइन भी है। रस्तोगी ने बताया है कि केंद्र सरकार देश का मान बढ़ाने वालीं बेटियों को पद्म सम्मान से नवाजेगी। इसके अलावा, विदेशी छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में आईआईटी प्रोफ़ेसर पर कार्रवाई का समाचार भी पेज पर है। जबकि उर्मिला मातोंडकर और कृपाशंकर के कांग्रेस छोड़ने की न्यूज को संक्षिप्त में जगह मिली है।

वहीं, नवोदय टाइम्स ने फ्रंट पेज की शुरुआत सबसे बड़े ट्रैफिक जुर्माने की खबर से की है। इसका शीर्षक ‘भगवान राम का काटा 1.41 लाख का चालान’ लोगों को पूरी खबर पढ़ने पर विवश करेगा। इसी बॉक्स में नीचे ट्रैफिक जुर्माना कम करने की उल्टी गिनती को भी रखा गया है। लीड कश्मीर है, लेकिन उसे पाक विदेशमंत्री की स्वीकारोक्ति से उठाया गया है। यानी ‘पाकिस्तान ने माना कश्मीर भारत का’। उर्मिला और कृपाशंकर की कांग्रेस से विदाई की खबर डेढ़ कॉलम में है। भारत-नेपाल पाइपलाइन के शुभारंभ की खबर को भी प्रमुखता मिली है। सबसे नीचे दो कॉलम में विक्रम से सीख लेते हुए नासा की तैयारी है। इसके अलावा इमरान खान की पार्टी के पूर्व विधायक की न्यूज को भी सिंगल कॉलम में लगाया गया है। बलदेव कुमार ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार का हवाला देते हुए भारत में शरण मांगी है।

इसके अलावा नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर नजर डालें तो अखबार ने टॉप बॉक्स ट्रैफिक जुर्माने से जुड़ी खबर के नाम किया है। हालांकि, खबर को ‘चालान’ से नहीं बल्कि जुर्माना राशि कम करने की उल्टी गिनती से उठाया गया है। ‘ट्रैफिक जुर्माना कम करने की शुरुआत’ इस आईब्रो के साथ ‘गुजरात में रेड सिग्नल, दिल्ली में भी उल्टी गिनती शुरू’ शीर्षक तले यह समाचार प्रस्तुत किया गया है। इसी में दिल्ली में हुआ सबसे बड़ा जुर्माना भी सिंगल में है। लीड कश्मीर है, पाकिस्तान पर भारत के पलटवार को शीर्षक में रखते हुए पाक के विदेशमंत्री की स्वीकारोक्ति को बॉक्स में रखा गया है। पेज पर वीरेन्द्र कुमार की दिलचस्प और पढ़ी जाने वाले स्टोरी भी है। कुमार के अनुसार, सरकार एक ऐसा ऐप बना रही है, जो आपको बताएगा कि जिस रास्ते पर आप जाने वाले हैं, वह सुरक्षित है या नहीं। इसके अलावा एक सिख को रेस्टोरेंट में ‘नो-एंट्री’ सहित पेज पर तीन महत्वपूर्ण सिंगल समाचार भी हैं। नवभारत टाइम्स ने वित्तमंत्री के ऑटो सेक्टर में मंदी के बयान को संक्षिप्त में जगह दी है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

बिजनेस स्टैंडर्ड (BS) के पत्रकारों पर भी 'संकट', इस्तीफों का दौर शुरू 

ऑटो, टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स में मंदी की खबरों को प्रकाशित कर रहा मीडिया सेक्टर भी इससे अछूता नहीं रह पा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 10 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 10 September, 2019
Business Standard

ऑटो, टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स में मंदी की खबरों को प्रकाशित कर रहा मीडिया सेक्टर भी इससे अछूता नहीं रह पा रहा है। कई मीडिया हाउसेज से छंटनी की खबरों के बीच अब बिजनेस न्यूजपेपर बिजनेस स्टैंडर्ड भी मंदी की चपेट मे आ गया है। बताया जा रहा है कि पिछले डेढ़-दो साल से लगातार खर्चों को कम करने की मुहिम में जुड़े संस्थान ने अब कई पत्रकारों से रिजाइन मांगा है। वरिष्ठ पद पर आसीन कई नामी पत्रकारो के रिजाइन के बाद से संस्थान में काफी उथल-पुथल है।

इसी बीच बीएस में सीनियर एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत नितिन सेठी ने अपना इस्तीफे की औपचारिक घोषणा भी कर दी है। करीद डेढ़ साल से बीएम में कार्यरत नितिन की ये संस्थान के साथ दूसरी पारी थी। वे इससे पहले भी इसी पद पर जून 2014 से 2017 तक बीएस का हिस्सा रह चुके हैं। अपनी दोनों पारियों के बीच वे 9 महीने के लिए डेप्युटी एडिटर के पद स्क्रॉल मीडिया से जुड़ गए थे। वे टाइम्स ऑफ इंडिया, द हिंदू और डाउन टू अर्थ मैगजीन के साथ भी काम कर चुके हैं।

अपने इस्तीफे की घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया पर करते हुए उन्होंने कुछ इस तरह लिखा है...
I have resigned from the Business Standard with immediate effect. 
2. Here is a link to, more than a 100 stories, more than a hundred thousand words, of investigations, deep dives, analysis, exclusives, long form and opinion I wrote during the short stint. 
https://lnkd.in/f7w_jka 
3. It was particularly great to team up with some of my young and brilliant colleagues at Business Standard. Without them many investigations and deep dives would have never come through with such clarity and at such speed. Several would have never seen the light of the day  without these collaborations.  
4. I would like to believe, we let the facts lead us. We said it straight and never buried facts in the safety of a fake balance. We said it without fear. We did not let go. In the process, I learnt a lot.     
5. Thank you for reading and following. Support reportage, however you can. It forms the substratum of journalism. Revealing facts that the powerful do not want citizens to know.
 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

देखें लिस्ट: किस अखबार को मिला कितने करोड़ का सरकारी विज्ञापन 

नरेंद्र मोदी सरकार में हिंदी मीडिया को दी जा रही है प्रमुखता का एक और उदाहरण सामने आया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 10 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 10 September, 2019
Newspapers

नरेंद्र मोदी सरकार में हिंदी मीडिया को दी जा रही है प्रमुखता का एक और उदाहरण सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक पिछले पाचं सालों में केंद्र सरकार ने अंग्रेजी अखबारों के मुकाबले हिंदी अखबारों पर ज्यादा विज्ञापन राशि खर्च की है। मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले पांच सालों में जहां अंग्रेजी अखबारों पर सरकार ने 719 करोड़ खर्च किए, तो वही हिंदी अखबारों पर 890 करोड़ की राशि खर्च की गई है। इसका खुलासा एक आरटीआई के जरिए हुआ है। 

हिंदी अखबार दैनिक जागरण को 2014-15 से 2018-19 के बीच करीब 100 करोड़ के सरकारी विज्ञापन प्राप्त हुए हैं। वहीं दैनिक भास्कर को 56 करोड़ 66 लाख की राशि के सरकारी विज्ञापन मिले हैं। वहीं हिन्दुस्तान अखबार के लिए ये आंकड़ा करीबन 50 करोड़ 66 लाख का रहा है।

पंजाब केसरी ने भी करीब 50 करोड़ 66 लाख की विज्ञापन राशि मिली है, वहीं सरकार ने अमर उजाला को 47.4 करोड़ के सरकारी विज्ञापन दिए हैं। दिल्ली के अखबार नवभारत टाइम्स को सिर्फ तीन करोड़ 76 लाख की राशि के सरकारी विज्ञापन मिले। राजस्थान पत्रिका को 27 करोड़ 78 लाख के सरकारी विज्ञापन मिले हैं। 

अंग्रेजी अखबारों पर नजर डालें तो सबसे बड़े अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया को 217 करोड़, हिन्दुस्तान टाइम्स को 157 करोड़, डेक्कन क्रोनिकल को 40 करोड़ के सरकारी विज्ञापन अलॉट किए गए हैं। पिछले पांच सालों में द हिंदू और द हिंदू बिजनेस लाइन को करीब 33.6 करोड़ की कीमत के सरकारी विज्ञापन दिए गए है। द टेलिग्राफ के लिए ये आंकड़ा जहां 20.8 करोड़ का रहा तो द ट्रिब्यून के खाते में करीब 13 करोड़ की सरकारी रकम गई है। डेक्कन हेराल्ड को 10.2 करोड़, द इकोनॉमिक्स टाइम्स को 8.6 करोड़, द इंडियन एक्सप्रेस को 26 लाख और द फाइनेंशियल एक्सप्रेस में 27 लाख की कीमत के सरकारी विज्ञापन प्रकाशित हुए हैं। 

वही मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में करीब 5726 करोड़ रुपये पब्लिसिटी पर खर्च किए गए है। इंटरनेट पर सरकारी विज्ञापन खर्च मे बहुत इजाफा हुआ है। ये आंकड़ा पिछले पांच सालों में 6.64 करोड़ से 26.95 करोड़ पहुंच गया है। 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TOI का ये प्रयोग बना चर्चा का विषय, पाठकों ने की सराहना

अखबारी दुनिया में अच्छा और बुरा दोनों परिणामों को दिमाग में रखकर रूपरेखा तैयार की जाती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 09 September, 2019
Last Modified:
Monday, 09 September, 2019
TOI

खास मौकों पर अखबारों के दफ्तर में कैसा माहौल होता है, ये केवल वहां काम करने वाला ही समझ सकता है। डेडलाइन के साथ-साथ दिमाग में हजार सवाल घूमते रहते हैं। यदि ‘खास मौके’ चंद्रयान-2 जैसे हों तो मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं, क्योंकि यहां सब कुछ मिनट-दर-मिनट होने वाले अपडेट पर निर्भर करता है। 6 और 7 सितंबर की दरम्यानी रात को सभी अखबारों के न्यूज रूम की लाइटें सामान्य से काफी देर तक जलती रहीं। सभी अपने पाठकों को चंद्रयान से जुड़ा हर अपडेट देना चाहते थे।

अखबारी दुनिया में अच्छा और बुरा दोनों परिणामों को दिमाग में रखकर रूपरेखा तैयार की जाती है। यानी अगर मिशन मंगल सफल हुआ तो अखबार ‘ऐसा’ होगा। यदि नहीं तो ‘वैसा’। दुर्भाग्यवश ‘ऐसे’ की उम्मीद लगाते-लगाते ‘वैसा’ हो गया। पाठकों तक जो अखबार पहुंचा, उसमें यथासंभव अपडेट था, लेकिन इसके पीछे की तैयारी से केवल वही परिचित थे, जो इससे जुड़े थे।

हालांकि, ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने इस तैयारी से अपने पाठकों को रूबरू कराने का प्रयास किया, जिसे खूब सराहना मिल रही है। आठ सितंबर के अंक में अखबार ने उन दोनों ही शीर्षकों को प्रकाशित किया है, जो ‘सफलता’ और ‘विफलता’ दोनों स्थितियों के लिए तैयार किये गए थे। ‘ए टेल ऑफ टू हेडलाइन्स’ तले अलग-अलग बॉक्स में दोनों को लगाया गया है। जैसे यदि विक्रम सफलतापूर्वक चांद पर लैंड कर जाता तो टाइम्स ऑफ इंडिया का शीर्षक होता ‘स्वदेशी: हमने चांद मांगा और वह मिल गया’। लेकिन अभियान सफल नहीं हो सका, इसलिए अख़बार की हेडलाइन बनी ‘चांद पर उतरने से बस दो किलोमीटर पहले विक्रम से संपर्क टूट गया’।

ऐसे प्रयोग बहुत कम देखने को मिलते हैं, लेकिन जरूरी हैं। अमल में न आ सकी तैयारी को खुद तक ही सीमित करने से अच्छा है उसे पाठकों के साथ साझा करना। इसके तीन फायदे हैं। पहला, तैयारी में लगी टीम को कहीं न कहीं इस बात की संतुष्टि मिल जाती है कि उसकी मेहनत किसी न किसी रूप में लोगों तक पहुंची, दूसरा, पाठकों को भी पत्रकारों की मेहनत और न्यूज रूम में होने वाली दिमागी उठा-पठक का अहसास होता है और तीसरा, भावी पत्रकारों को कुछ रचनात्मक और नया देखने-समझने का मौका मिलता है।

आप टाइम्स ऑफ इंडिया की ये पेशकश नीचे हेडलाइन पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं...

A tale of two headlines

वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कर्णिक ने भी टाइम्स ऑफ इंडिया के इस प्रयास की सराहना की है। उन्होंने न्यूज क्लिपिंग के साथ अपनी फेसबुक पोस्ट पर इसे दिलचस्प पत्रकारिता करार देते हुए लिखा है कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों को इससे काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अखबारों ने अपने फ्रंट पेज पर आज इन खबरों को ‘सजाया’

हिन्दुस्तान और अमर उजाला के फ्रंट पेज पर आज काफी विज्ञापन है। नवभारत टाइम्स और दैनिक जागरण में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Monday, 09 September, 2019
Last Modified:
Monday, 09 September, 2019
Newspapers

चंद्रयान-2 अभियान पर छाए काले बादल छंटते दिखाई दे रहे हैं। ‘विक्रम’ के चांद पर मिलने की खबर आई है और इसी राहत भरी खबर को दिल्ली के प्रमुख अखबारों ने लीड बनाया है।  शुरुआत आज हिन्दुस्तान से करते हैं। आज अखबार के फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है, लेकिन सभी महत्वपूर्ण समाचारों को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। लीड ‘विक्रम’ है, जबकि टॉप बॉक्स में मदन जैड़ा की रोचक स्टोरी को जगह मिली है।

स्टोरी के मुताबिक, वैज्ञानिकों का भी यह मानना है कि आत्मा अमर है। वहीं, बियांका की उपलब्धि को फोटो के साथ पेज पर सजाया गया है। स्थानीय अपराध यानी हिस्ट्रीशीटर की हत्या की खबर को भी प्रमुखता से लगाया गया है। जेठमलानी के निधन से जुड़ा समाचार सिंगल कॉलम में है। इसके अलावा गृहमंत्री अमित शाह के अवैध प्रवासियों पर दिए बयान को दो कॉलम में रखा गया है। चार अन्य महत्वपूर्ण समाचार सिंगल कॉलम में हैं।

वहीं, अमर उजाला का फ्रंट पेज भी विज्ञापनों से भरा हुआ है। लीड ‘विक्रम’ है, जिसे ‘चांद की सतह पर मिला विक्रम, ऑर्बिटर ने भेजी तस्वीर पर नहीं हो पाया संपर्क’ शीर्षक के साथ लगाया गया है। जेठमलानी का निधन का समाचार सिंगल कॉलम में है, जबकि हिस्ट्रीशीटर की हत्या की खबर को दो कॉलम में जगह मिली है। इसके अलावा पेज पर एकमात्र बड़ी खबर अवैध प्रवासियों को लेकर गृहमंत्री का बयान है, लेकिन इस खबर को प्रवासियों के बजाय अनुच्छेद 371 से उठाया गया है। सेरेना को हराने वालीं 19 वर्ष की बियांका की उपलब्धि सहित दो अन्य खबरें संक्षिप्त में हैं।

अब बात नवोदय टाइम्स के फ्रंट पेज की। सात कॉलम में ‘विक्रम’ को लीड लगाया गया है। पेज पर दूसरी बड़ी खबर पीएम मोदी की संकल्प रैली है और इसके पास ही राहुल गांधी का मोदी पर तंज है। इसे एक तरह से पॉलिटिकल खबरों का पैकेज कहा जा सकता है। स्विस बैंक से जुड़े समाचार और हिस्ट्रीशीटर की हत्या की खबर को भी नवोदय टाइम्स ने प्रमुखता से पेज पर रखा है।

जेठमलानी के निधन को रिवर्स शीर्षक के साथ लगाया गया है। इस तरह के प्रयोग पहले काफी हुआ करते थे, शोक संबंधी समाचार की हेडलाइन को काले बैकग्राउंड के साथ रखा जाता था, लेकिन आजकल ऐसा कम देखने को मिलता है। अखबार ने एंकर पूरे आठ कॉलम में लगाया है। ‘ई ऑक्शन में खरीदें प्रधानमंत्री मोदी को मिले उपहार’ शीर्षक के साथ लगी इस खबर में मोदी को मिले उपहार और उनकी कीमत के बारे में बताया गया है। ये समाचार निश्चित तौर पर ज्यादा पढ़ा जाएगा।

आज नवभारत टाइम्स का फ्रंट पेज देखें तो अखबार में दो फ्रंट पेज हैं। पहले पेज पर आधा पेज विज्ञापन है और दूसरा पेज भी विज्ञापनों से लदा हुआ है। पहले फ्रंट पेज के टॉप बॉक्स में कनाडा की टेनिस खिलाड़ी बियांका हैं, जिन्होंने महज 19 साल की उम्र में यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया, वो भी सेरेना विलियम्स को परस्त करके। नीचे लीड यानी ‘विक्रम’ है, जिसे ‘बेताल-सा गायब हुआ विक्रम चांद पर मिला’ शीर्षक के साथ बड़ी जगह में लगाया गया है। इसके अलावा पेज पर संक्षिप्त में कुछ खबरें हैं।

दूसरे पेज पर लीड स्थानीय अपराध से जुड़ा समाचार है। असेंबली चुनाव लड़ चुके हिस्ट्रीशीटर को गोलियों की बौछार कर मौत के घाट उतार दिया गया। वकालत के महारथी जेठमलानी के निधन के समाचार को भी प्रमुखता से लगाया गया है। डेंगू के खिलाफ लड़ाई में दिल्ली सरकार ने कपिल देव का साथ मांगा है, इसे फोटो के रूप में पेज पर जगह मिली है। इसके अलावा पेज पर मोदी सरकार के 100 दिन पूरे होने से जुड़ी न्यूज भी है। नवभारत टाइम्स के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन होने के कारण खबरों वाला भाग ही शो हो रहा है, इसलिए यहां पर खबरों वाले भाग को ही लगाया गया है जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा शो हो रहा है। 

वहीं, दैनिक जागरण ने भी आज दो फ्रंट पेज तैयार किये हैं। पहले फ्रंट पेज की लीड विक्रम है। पेज पर दूसरी और एकमात्र खबर कश्मीर से जुड़ी है, जहां मुहर्रम से पहले कुछ प्रशासनिक पाबंदियां लगाई गई हैं। दूसरे फ्रंट पेज पर लीड का दर्जा मोदी की संकल्प रैली को मिला है। इस रैली में मोदी ने अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर उपलब्धियां गिनाई हैं। इसके पास ही दो कॉलम में चिदंबरम की मुश्किलों में इजाफे से जुड़ी खबर है। कारोबारी जिग्नेश शाह ने उन पर नए आरोप लगाये हैं। ये खबर केवल दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर है।

हिस्ट्रीशीटर की हत्या से जुड़े समाचार को दैनिक जागरण ने भी प्रमुखता दी है, जेठमलानी के निधन की खबर को दो कॉलम में लगाया गया है। एंकर में योगी के मंत्रियों की अनुशासन क्लास है, इसके अलावा पेज पर भारतीयों के स्विस बैंक खातों की खबर है। दैनिक जागरण के प्रथम पृष्ठ पर एक और पढ़ने वाली न्यूज है, यौन शोषण के आरोपित पूर्व मंत्री के मामले में आया अपडेट। पीड़ित छात्रा ने पूर्व मंत्री के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए