होम / प्रिंट / लॉकडाउन में India Today ने अपनाई ये खास स्ट्रैटेजी, इस तरह पीछे छोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
लॉकडाउन में India Today ने अपनाई ये खास स्ट्रैटेजी, इस तरह पीछे छोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
विश्वव्यापी महामारी ‘कोरोनावायरस’ (कोविड-19) के खतरे को देखते हुए देश में लागू किए गए तकरीबन 10 हफ्ते के लॉकडाउन के कारण तमाम उद्योग धंधों के साथ मीडिया पर भी काफी विपरीत प्रभाव पड़ा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
विश्वव्यापी महामारी ‘कोरोनावायरस’ (कोविड-19) के खतरे को देखते हुए देश में लागू किए गए तकरीबन 10 हफ्ते के लॉकडाउन के कारण तमाम उद्योग धंधों के साथ मीडिया पर भी काफी विपरीत प्रभाव पड़ा है। इस वजह से न सिर्फ तमाम अखबारों का सर्कुलेशन प्रभावित हुआ, बल्कि कई मैगजींस को तो अस्थायी रूप से अपनी प्रिंटिंग भी रोकनी पड़ी। इन सबके बीच ‘इंडिया टुडे’ (India Today) मैगजीन ने यह सुनिश्चित किया कि करीब 44 साल से इसका लगातार पब्लिश होने का जो क्रम बना हुआ है, वह टूटने न पाए और सभी इश्यू पहले की तरह निकलते रहें। इसके लिए मैगजीन ने कई नए तरीके भी अपनाए, जिससे इसके करीब 9.5 मिलियन पाठकों को हर हफ्ते मैगजीन पढ़ने के लिए मिल सके।
देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच इंडिया टुडे की एडिटोरियल टीम ने देश में कोविड-19 के बढ़ते प्रभाव को लेकर काफी व्यापक कवरेज की। देश में 24 मार्च को जब पहले लॉकडाउन की घोषणा हुई थी, तब से लेकर इंडिया टुडे ने इस मामले पर लगातार 12 कवर स्टोरी की हैं। मैगजीन के इन सभी इश्यू में इन तमाम बातों पर फोकस किया गया है-जैसे कि लॉकडाउन में कैसे आप सर्वाइव कर सकते हैं, गिरती हुई अर्थव्यवस्था को कैसे वापस पटरी पर लाया जा सकता है और प्रवासियों के मसले को किस तरह हल किया जा सकता है।
इससे पहले मैगजीन ने कारगिल युद्ध के दौरान वर्ष 1999 में एक ही मुद्दे पर लगातार नौ इश्यू निकाले थे और अब कोविड-19 मुद्दे पर 12 इश्यू निकालकर अपने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही इंडिया टुडे की ओर से एक स्पेशल डेली डिजिटल न्यूज लेटर भी पब्लिश किया जा रहा है, जिसमें कोरोना संकट को दौरान तमाम महत्वपूर्ण जानकारी को शामिल किया गया है।
कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में किए गए लॉकडाउन के कारण तमाम पारंपरिक डिलीवरी पॉइंट्स बंद कर दिए गए थे, ऐसे में मैगजीन की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए इंडिया टुडे ने कई नई पहल कीं। इसके तहत इंडिया टुडे ने एक हजार से अधिक आउटलेट्स को अपने साथ जोड़ा, जहां पर मैगजीन सैनिटाइज फॉर्मेट में उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही छह शहरों में एफएमसीजी (FMCG) डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ टाईअप किया गया। तीन सौ अपरंपरागत (unconventional) आउटलेट्स भी जोड़े गए। नौ शहरों में मैगजीन को आवश्यक वस्तुओं की दुकानों, सुपरमार्केट्स, किराने की दुकानों और केमिस्ट की दुकानों पर भी उपलब्ध कराया गया। यही नहीं, सभी पाठकों के लिए इंडिया टुडे मैगजींस (अंग्रेजी और हिंदी दोनों) मुफ्त में बांटी गईं।
इन डिलीवरी पॉइंट्स पर भी अत्यंत सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए इंडिया टुडे समूह ने कई उपाय अपनाए, जिसमें विक्रेताओं की सुरक्षा के साथ-साथ खरीदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए न्यूजस्टैंड पर मास्क, फेस शील्ड और दस्ताने प्रदान किए गए। अपनी पहुंच को और विस्तार देने के लिए मैगजीन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी फोकस किया। लॉकडाउन शुरू होते ही ग्रुप ने अपनी मैगजीन के डिजिटल एडिशंस को डाउनलोड करने के लिए पाठकों के लिए फ्री कर दिया।
इसके अलावा मैगजीन ने विभिन्न माध्यमों जैसे-न्यूजलेटर्स टेलिविजन, ई-मेलर्स, वॉट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपने 9.5 मिलियन पाठकों तक अपना जुड़ाव बनाए रखा। इसी का परिणाम रहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इंडिया टुडे मैगजीन के 1.5 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड देखे गए। यहां तक कि इन अभूतपूर्व परिस्थितियों में भी मैगजीन के सबस्क्राइबर्स की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई।
टैग्स इंडिया टुडे डिजिटल पब्लिशिंग लॉकडाउन कोविड-19 कोरोनावायरस