नीरज शर्मा ने अपनी स्पीच की शुरुआत एक निजी भावुक जुड़ाव से की, जब उन्होंने बताया कि वह ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं जहां मैगजीन हमेशा चारों ओर मौजूद रहती थीं।
by
Vikas Saxena