दैनिक जागरण में नए वाइस प्रेजिडेंट की नियुक्ति, इन्हें मिली जिम्मेदारी

दैनिक जागरण के साथ अपनी नई भूमिका शुरू करने से पहले करीब पांच साल से अमर उजाला के वाइस प्रेजिडेंट पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे

Last Modified:
Monday, 05 August, 2019
Dainik Jagran

हिंदी के प्रमुख अखबार दैनिक जागरण से एक बड़ी खबर है। दरअसल, अखबार ने वाइस प्रेजिडेंट के पद पर अनुत्तम सेन को नियुक्त किया है। दैनिक जागरण के साथ अपनी नई भूमिका शुरू करने से पहले अनुत्तम सेन करीब पांच साल से अमर उजाला के वाइस प्रेजिडेंट पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। यहां वह देश भर के टॉप क्लाइंट्स के साथ कस्टमाइज्ड मीडिया और मार्केटिंग सॉल्यूशंस का काम देख रहे थे।

बता दें कि अमर उजाला से पहले वह एबीपी ग्रुप, दिल्ली प्रेस और नईदुनिया मीडिया जैसे कई मीडिया ग्रुप्स के साथ काम कर चुके हैं। कोलकाता यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट अनुत्तम सेन ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से एमबीए (मार्केटिंग) की पढ़ाई की है।  

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अखबारों के सर्कुलेशन को लेकर मीडिया समूहों ने जारी किया बयान, कही ये बात

अखबारों की ओर से जारी बयान में कहा गया है, पाठकों के हाथों में सुरक्षित अखबार पहुंचाने की दिशा में तमाम कदम उठाए गए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 08 April, 2020
Last Modified:
Wednesday, 08 April, 2020
Newspaper

पूरी दुनिया में कहर बरपा रहे कोरोनावायरस (कोविड-19) से मीडिया इंडस्ट्री भी काफी प्रभावित हुई है। संकट के इस दौर में कई अखबार समूहों ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी किया है। बयान जारी करने वालों में दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, ईनाडु, हिन्दुस्तान, पत्रिका ग्रुप, अमर उजाला, डेली थांथी,  साक्षी, डेक्कन हेराल्ड, हिन्दुस्तान टाइम्स और दिव्य भास्कर जैसे बड़े अखबारी समूह शामिल हैं। इस बयान में कहा गया है सिर्फ कुछ शहरों को छोड़कर देशभर में अखबारों के वितरण की स्थिति पहले से काफी सुधरी है। सरकार ने अखबारों को आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शामिल किया है।

कार्यस्थल पर सैनिटेशन प्रक्रिया के बारे में इस बयान में यह भी कहा गया है, ‘लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में अन्य व्यवसायों की तरह हमें भी अपनी प्रॉडक्शन प्रक्रिया को सुचारु रखने और लोगों को यह समझाने में कि अखबार सुरक्षित हैं और इनसे वायरस नहीं फैलता है, काफी मुश्किल हुई।’

बयान में यह भी कहा गया है, ’हमने तमाम सुरक्षा उपायों को अपनाने के साथ रीडर्स को यह अवगत कराने के लिए कि उनके हाथों में पहुंच रहा अखबार सेफ है, काफी कदम उठाए हैं।‘ खबरों की विश्वसनीयता का जिक्र करते हुए इस बयान में कहा गया है, ‘खबरों के माध्यम से अपने पाठकों को विश्वसनीय खबरें उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने में हम गर्व महसूस करते हैं। अपने पाठकों से वॉट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से मिल रहे फीडबैक से हम अंदाजा लगा सकते हैं कि पाठकों द्वारा अखबार पढ़ने में बिताए जाने वाले औसत समय में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।’

गौरतलब है कि कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन किया गया है। कोरोना के खौफ के कारण मुंबई समेत देश के कुछ शहरों में अखबारों का सर्कुलेशन  23 मार्च से एक अप्रैल तक रोक दिया गया था।

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आज किस अखबार का फ्रंट पेज रहा सबसे ‘दमदार’, पढ़िए यहां

कोरोना को परास्त करने की रणनीति के तहत लॉकडाउन को बढ़ाया जा सकता है। कई राज्य इसके पक्ष में हैं।

नीरज नैयर by
Published - Wednesday, 08 April, 2020
Last Modified:
Wednesday, 08 April, 2020
Newspapers

कोरोना को परास्त करने की रणनीति के तहत लॉकडाउन को बढ़ाया जा सकता है। कई राज्य इसके पक्ष में हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की यही सबसे बड़ी खबर है। शुरुआत में सबसे पहले बात करते हैं दैनिक भास्कर की। कोरोना से जुड़ी तमाम खबरों को मिलाकर अखबार ने लीड लगाया है, लेकिन शुरुआत लॉकडाउन को लेकर मंत्रिसमूह की सिफारिश से हुई है।

वायरस से मुकाबले के लिए बनाये गए मंत्रिसमूह का कहना है कि स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और धार्मिक स्थल 15 मई तक बंद रखे जाएं। वहीं, अमेरिका की धमकी के बाद सरकार ने दवा के निर्यात में ढील दे दी है। इसके अलावा, दिल्ली में होने वाले रैपिड टेस्ट, आरबीआई के बैंकों को निर्देश भी पेज पर हैं। रिज़र्व बैंक ने कहा है कि बैंक ग्राहकों को 3 महीने किस्त न चुकाने की छूट जरूर दें। इसके साथ ही चंडीगढ़ और ओडिशा से जुड़ी एक खबर को भी जगह मिली है। जिसके अनुसार, दोनों जगहों पर घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। एंकर में वर्क फ्रॉम होम को लेकर कंपनियों के रुख पर प्रकाश डाला गया है।

अमर उजाला में फ्रंट पेज की शुरुआत आज भी टॉप बॉक्स से हुई है, इसमें लॉकडाउन पर मंत्री समूह की सिफारिश को रखा गया है। लीड कोरोना के खिलाफ जंग में लॉकडाउन के महत्व पर प्रकाश डालती खबर है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि एक संक्रमित 30 दिनों में 406 लोगों को बीमार कर सकता है।

वहीं, दिल्ली में होने वाले रैपिड टेस्ट अलग से दो कॉलम में हैं। प्रवासी मजदूरों के मामले में दखल से सुप्रीम कोर्ट के इनकार के साथ ही तहसीलदार पर हमला करने वाले भाजपा सांसद और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भी पेज पर रखा गया है। कोरोना से जूझ रहे ब्रिटेन के पीएम को आईसीयू में भर्ती किया गया है। एंकर की बात करें तो यहां ट्रम्प की धमकी को जगह मिली है।

अब रुख करते हैं हिन्दुस्तान का। टॉप बॉक्स में दिल्ली में होने वाले रैपिड टेस्ट को जगह मिली है। टॉप बॉक्स के साथ ही दो-दो कॉलम में तीन खबरों को उतारा गया है। मसलन, अभद्रता करने वाले दो जमातियों पर मुकदमा, चीन में 24 घंटों में किसी मरीज की मौत नहीं और दूसरे देशों को दवा निर्यात करेगा भारत।

लीड लॉकडाउन हटने के कम आसार है। ईएमआई से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर को अखबार ने प्रमुखता से पेज पर रखा है। इसके अनुसार, यदि ईएमआई कट गई है तो भी बैंक आपको वह रकम वापस कर सकता है। इसके अलावा बाजार में आया उछाल और एंकर में लॉकडाउन के महत्त्व को समझाने वाला समाचार है।

वहीं, दैनिक जागरण ने लॉकडाउन को लेकर मंत्रिसमूह की सिफारिशों को फ्रंट पेज की लीड लगाया है और पास ही में दिल्ली में होने वाले रैपिड टेस्ट को रखा गया है। वहीं, कांग्रेस द्वारा विज्ञापन रोकने के सुझाव पर आपत्ति जताती खबर को अखबार ने बड़ी जगह दी है।

इसके अलावा, कोरोना की बढ़ती रफ़्तार और दूसरे देशों को दवा के निर्यात से जुड़ा समाचार भी पेज पर है. एंकर की बात करें तो यहां रूमा सिन्हा की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन ज़रूरी है।

अब चलते हैं नवभारत टाइम्स पर। फ्रंट पेज की शुरुआत अमेरिका की धमकी और भारत के जवाब से हुई है। ‘लॉकडाउन की चाबी में अभी देर’ शीर्षक के साथ मंत्रिसमूह की सिफारिशों को लीड लगाया गया है। दिल्ली में होने वाले रैपिड टेस्ट को अखबार ने पर्याप्त जगह दी है। वहीं, केंद्र की राज्यों को सलाह और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की बिगड़ती सेहत के बारे में भी पाठकों को रूबरू कराया गया है।

केंद्र ने राज्यों से कहा है कि कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए अलग सेंटर बनाया जाए। एंकर में अमनदीप सिंह की बाईलाइन को जगह मिली है। अमनदीप ने ऐसे टॉपिक पर स्टोरी तैयार की है, जिसे आज संभवतः सबसे ज्यादा पढ़ा जाएगा। उन्होंने बताया है कि किस तरह शराब की होम डिलीवरी के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। फ्रंट पेज की शुरुआत राजस्थान पत्रिका ने भी टॉप बॉक्स से की है। यहां लॉकडाउन की अहमियत को समझाने वाला समाचार है। लीड लॉकडाउन हटने की कम संभावना है। वहीं, ट्रम्प की चेतावनी और सोनिया गांधी के सुझावों को अखबार ने प्राथमिकता देते हुए पेज पर बड़ी जगह प्रदान की है।

सोनिया का कहना है कि कोरोना से युद्ध के लिए विदेश दौरों और फिजूल के विज्ञापनों पर रोक लगनी चाहिए। एंकर में कोरोना के प्रकोप के चलते सूने पड़े तीर्थ स्थलों के बारे में बताया गया है।       

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में दैनिक जागरण को छोड़कर सभी अखबारों के फ्रंट पेज अच्छे नजर आ रहे हैं। 

2: खबरों की प्रस्तुति की दौड़ में भी आज सभी बराबर हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर ने लीड खबर को ज्यादा अच्छी तरह से प्रस्तुत किया है। दैनिक जागरण यहां भी सबसे पीछे है, उसने पारंपरिक अंदाज में ही ख़बरों को पाठकों के समक्ष परोसा है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने के प्रयास में नवभारत टाइम्स अव्वल है, जबकि राजस्थान पत्रिका को दूसरे स्थान पर रखा जा सकता है।

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कोरोना: गलत खबर छापने वाले अखबार के खिलाफ FIR दर्ज

कोरोना वायरस को लेकर फर्जी या भ्रामक खबरें प्रसारित करने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती से निपट रही है। इसी क्रम में असम सरकार ने एक दैनिक अखबार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

Last Modified:
Tuesday, 07 April, 2020
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कोरोना वायरस को लेकर फर्जी या भ्रामक खबरें प्रसारित करने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती से निपट रही है। इसी क्रम में असम सरकार ने एक दैनिक अखबार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि अखबार ने राज्य के पहले कोरोना संक्रमित मरीज के बारे में गलत जानकारी प्रकाशित की। भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सिलचर से प्रकाशित होने वाले बंगाली अखबार 'जुगासंका' (Jugasanka) के खिलाफ ‘गलत न्यूज़ रिपोर्ट’ जारी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। यह संभवतः पहला मौका है जब कोरोना से जुड़े मामले को लेकर किसी अखबार के विरुद्ध इस तरह की कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार, 'जुगासंका' में प्रकाशित खबर में यह बताया गया था कि राज्य का पहला COVID-19 पीड़ित मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया है और उसकी दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि सरकार का कहना है कि उक्त मरीज का अभी भी सिल्चर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है।

जिले के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सज्जादुल हक चौधरी द्वारा करीमगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि डॉक्टरों के अनुसार, समाचार पूरी तरह से निराधार है और मरीज अभी तक ठीक नहीं हुआ है। इस खबर के प्रकाशन से कानून और व्यवस्था बनाए रखने में असुविधा हुई है।

खबर लिखने वाले रिपोर्टर और अखबार के प्रकाशक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और प्रिवेंशन ऑफ़ असम COIVD-19 रेगुलेशन के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कानून के तहत, किसी भी व्यक्ति, संस्था या संगठन को सरकार की पुष्टि के बिना COVID-19 से जुड़ी किसी भी जानकारी को प्रकाशित, प्रसारित या सोशल मीडिया पर उपयोग करने की मनाही है।

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प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में किसने दर्ज कराया अपना नाम, पढ़ें BW मैगजीन का ये इश्यू

बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेसवर्ल्ड’ ने हाल ही में सबसे प्रभावशाली महिलाओं (Most Influential Women) को लेकर अपना वार्षिक संस्करण निकाला है।

Last Modified:
Tuesday, 07 April, 2020
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अनुष्का शर्मा की गिनती न सिर्फ सबसे ज्यादा लोकप्रिय और ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में होती है, बल्कि देश की 100 प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट तैयार करने के दौरान बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेसवर्ल्ड’ (BW Businessworld) को अनुष्का के बारे में कई ऐसी बातें पता चलीं जो असाधारण हैं और उन्हें दूसरों से जुदा करती हैं।

यह बात बहुत ही कम लोगों को पता होगी कि विभिन्न धर्मार्थ कार्यों व लैंगिंग समानता और पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले कई संगठनों को सपोर्ट करने के साथ ही अनुष्का शर्मा स्वभाविक तौर पर एक एंटरप्रिन्योर भी हैं।  

बता दें कि ‘बिजनेसवर्ल्ड’ ने हाल ही में सबसे प्रभावशाली महिलाओं (Most Influential Women) को लेकर अपना वार्षिक संस्करण (annual edition) निकाला है। इनमें 42 ऐसी महिला लीडर्स को शामिल किया गया है, जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और सोसायटी पर एक सकारात्मक प्रभाव डाला है। इस एडिशन में कॉरपोरेट सेक्टर, गवर्नमेंट, मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी महिलाओं को शामिल किया गया।

इस लिस्ट में अनुष्का शर्मा के अलावा इंडस्ट्रियलिस्ट दीपाली गोयनका भी शामिल हैं, जिनके नेतृत्व में ‘वेलस्पन इंडिया लिमिटेड’ (Welspun India) ने न सिर्फ नई ऊंचाइयां छुयी हैं, बल्कि इंडस्ट्री को एक नई दिशा दी है। फैशन डिजायनर अनीता डोंगरे, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर प्राजक्ता कोली और कॉरपोरेट अधिवक्ता जिया मोदी को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है।

मैगजीन के इस इश्यू में इन महिलाओं के जज्बे को सलाम किया गया है, जो न सिर्फ लगातार आगे बढ़ रही हैं, बल्कि ऊंचाइयों पर पहुंचने के लिए तमाम चुनौतियों को पार कर रही हैं। इन प्रभावशाली महिलाओं के बारे में बताने के अलावा मैगजीन में कोरोनावायरस (कोविड-19) पर कई कॉलम्स और फीचर्स भी शामिल किए गए हैं। पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुकी इस महामारी के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करतीं स्टोरी भी इस मैगजीन में शामिल हैं।

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आज कुछ ऐसे नजर आ रहे हैं हिंदी के प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज

कोरोना से मुकाबले के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाने के साथ-साथ लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से उठाने की तैयारी कर रही है।

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 07 April, 2020
Last Modified:
Tuesday, 07 April, 2020
Newspapers

कोरोना से मुकाबले के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाने के साथ-साथ लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से उठाने की तैयारी कर रही है। यही तैयारी आज दिल्ली से प्रकाशित प्रमुख अखबारों की प्रमुख खबर है। शुरुआत करते हैं नवभारत टाइम्स से, जहां फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है। लीड दिल्ली में रोजाना होने वाले एक हजार टेस्ट को रखा गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि अब ज्यादा से ज्यादा टेस्ट पर जोर दिया जाएगा। वैसे मौजूदा समय में यही सबसे कारगर रणनीति हो सकती है।

लॉकडाउन हटाने को तैयारी को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। साथ ही इसमें सांसदों की सैलरी में 30% की कमी का भी जिक्र है। वहीं, बढ़ते खौफ के बीच एक राहत देने वाली खबर भी पेज पर है। दिल्ली में 25 हजार से ज्यादा लोगों पर कोरोना का संदेह खत्म हो गया है। इसके अलावा, कोरोना को भगाने के लिए हवाई फायरिंग करने वालीं भाजपा नेत्री की बर्खास्तगी और कोरोना को लेकर सामने आई स्टडी को भी जगह मिली है। इस स्टडी के मुताबिक, मास्क पर वायरस 7 दिनों तक रह सकता है। एंकर में अमेरिका में इंसान के संपर्क में आने से बाघ को हुए कोरोना के बारे में बताया गया है।

अब रुख करते हैं हिन्दुस्तान का। लीड कोरोना से लड़ाई में सांसदों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती है, इसी में वायरस की बढ़ती चाल का भी जिक्र है। हालांकि, लॉकडाउन हटाने से जुड़े अहम् समाचार को हिन्दुस्तान का तवज्जो न देना चौंकाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय से सामने आई एक राहत देती खबर जरूर पेज पर है। मंत्रालय का दावा है कि कोरोना का सामुदायिक प्रसार अभी नहीं कहा जा सकता।

वहीं, अमेरिका में संक्रमित हुए बाघ और जीवन बीमा परिषद के भरोसे को भी पाठकों के समक्ष रखा गया है। परिषद ने कहा है कि कंपनियां महामारी से मौत पर बीमा दावे को नहीं रोक सकतीं। एंकर में कोरोना के खौफ से युवाओं को आगाह करती खबर है।

आज दैनिक भास्कर ने ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ के मद्देनजर मास्ट हेड में प्रयोग किया है। लीड लॉकडाउन खत्म करने की तैयारी है। पवन कुमार ने अपनी बाईलाइन में इस तैयारी को काफी विस्तार से प्रस्तुत किया है, जो कि बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि ज़्यादातर लोग आज यही जानना चाहते हैं। मुंबई और भोपाल में डॉक्टर, नर्सों सहित 64 स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो गए हैं, इस खबर के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं को पीएम के संदेश, कोरोना की बढ़ती चाल और चीन ने बढ़ाई चिंता भी पेज पर है।

चीन में कोरोना के 40 ऐसे मामले सामने आये हैं, जिसमें पीड़ितों में किसी तरह का लक्षण ही नहीं था। एंकर में कोरोना पर किये गए अध्ययन को रखा गया है। इसके मुताबिक, सर्जिकल मास्क पर वायरस हफ्ते भर तक रहता है। जीवन बीमा परिषद के भरोसे को संक्षिप्त में जगह मिली है, लेकिन सांसदों के वेतन में कटौती को अखबार ने तवज्जो नहीं दी है।

अब चलते हैं अमर उजाला पर। फ्रंट पेज की शुरुआत सांसदों के वेतन में कटौती वाली खबर से हुई है, जिसे टॉप बॉक्स में लगाया गया है। लीड कोरोना की बढ़ती रफ्तार है। देश में संक्रमितों का आंकड़ा 4 हजार के पार निकल गया है।

लॉकडाउन हटाने की तैयारी को अखबार ने तवज्जो नहीं दी है, केवल इस संबंध में यूपी के फैसले से पाठकों को रूबरू कराया गया है। वहीं, कोरोना संक्रमितों का लिंग और उम्र के आधार पर ब्यौरा भी पेज पर है। एंकर में इंसानों के संपर्क में आने से कोरोना की चपेट में आये बाघ से जुड़ा समाचार है।

वहीं, दैनिक जागरण में लीड लॉकडाउन से बाहर आने की तैयारी को बनाया गया है। नीलू रंजन की यह बाईलाइन सरकार की रणनीति को समझाती है। सेकंड लीड का दर्जा स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मिली राहत वाली खबर है। इसके मुताबिक, हम अभी वायरस के प्रसार के तीसरे चरण में नहीं पहुंचे हैं।

इसके अलावा, कोरोना की बढ़ती रफ्तार, सांसदों के वेतन में कटौती सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं। एंकर में संजीव गुप्ता की बाईलाइन स्टोरी है, जो लॉकडाउन के सकारात्मक पक्ष को दर्शाती है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। लीड ‘कहीं न्यूयॉर्क न बन जाए मुंबई’ शीर्षक के साथ कोरोना की बढ़ती चाल को लगाया गया है। सांसदों के वेतन में कटौती को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। लॉकडाउन खोलने की तैयारी के साथ ही तब्लीगी जमात पर कसता शिकंजा भी पेज पर है।

एंकर में एक सर्वे रिपोर्ट को रखा गया है, जिसके मुताबिक 43 फीसदी मजदूरों के पास एक दिन का भी राशन नहीं बचा है। 

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज अमर उजाला और हिन्दुस्तान अव्वल हैं। दोनों अखबारों के फ्रंट पेज खुले-खुले एवं संतुलित हैं। 

2: खबरों की प्रस्तुति की बात करें तो दैनिक भास्कर सबसे आगे है। खासतौर पर लीड खबर को अखबार ने काफी विस्तार एवं आकर्षक ढंग से पाठकों के समक्ष रखा है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने का प्रयास जरूर किया गया है, लेकिन इस प्रयास में कोई सफल होता नजर नहीं आ रहा है।

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‘उम्मीदों के उजियारे’ पर कैसी रही अखबारों की कवरेज, देखें यहां

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट तक दीप जलाने के आव्हान पर पूरा देश एकजुट दिखाई दिया।

नीरज नैयर by
Published - Monday, 06 April, 2020
Last Modified:
Monday, 06 April, 2020
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कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट तक दीप जलाने के आव्हान पर पूरा देश एकजुट दिखाई दिया। रविवार रात नौ बजते ही लोग अपने घरों की बालकनी या छतों पर पहुंचे और दीये जलाये। हालांकि, इस दौरान कई जगहों पर आतिशबाजी की गई और लोग सड़कों पर जमा भी हुए, जबकि पीएम ने इन दोनों ही बातों से दूर रहने की सलाह दी थी। आज प्रकाशित अखबारों ने इस ‘नौ मिनट की जगमगाहट को’ अपने-अपने अंदाज में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है। कुछ ने मास्टहेड से जगमगाते दीयों की फोटो लगाई है, जबकि कुछ ने शीर्षक के बीच फोटो को जगह दी है। आइये नजर डालते हैं दिल्ली के प्रमुख अखबारों की इस कवरेज पर।

दीयों की रोशनी को पाठकों तक पहुंचाने में अमर उजाला सबसे आगे रहा है। अखबार ने मास्टहेड में फोटो लगाई है और खबर को कैप्शन में ही समाप्त कर दिया है। इसके बावजूद उसकी प्रस्तुति बाकियों की तुलना में दमदार दिखाई दे रहे है। बेंगलुरु की इस फोटो में एक-एक डिटेल निखरकर सामने आ रही है।

दूसरे नंबर पर दैनिक भास्कर है। अखबार ने मास्टहेड से जगमगाहट की फोटो को उतारा है। हालांकि, फोटो अमर उजाला की फोटो जितनी आकर्षक और स्पष्ट नहीं है। इसमें पीएम मोदी की फोटो को भी वैल्यू एडिशन के रूप में रखा गया है।

तीसरा स्थान नवभारत टाइम्स के नाम रहा है। अखबार ने पारंपरिक अंदाज में इस खबर को प्रस्तुत किया है। यानी लीड हेडिंग के नीचे दीयों के उजाले की तस्वीर है।

चौथे नंबर पर है हिन्दुस्तान। हालांकि, अखबार ने नवभारत टाइम्स की तरह ही लीड खबर के बीच में फोटो लगाई है, लेकिन उसने पीएम मोदी की दीप के साथ वाली फोटो के बजाय फाइल फोटो इस्तेमाल की है। इसलिए वह एक स्थान नीचे खिसक आया है।

पांचवें नंबर पर दैनिक जागरण को रखा जा सकता है. अखबार ने इस आयोजन को बेहद सामान्य रूप से प्रस्तुत किया है. खबर के बीच में दीयों की जगमगाहट की छोटी फोटो है। इसके साथ ही पीएम की दीप जलाते हुए फोटो को भी लगाया गया है।

देश की एकजुटता का प्रदर्शन करने वाले इस पल की अहमियत को सबसे कम यदि किसी अखबार ने आंका है, तो वह है राजस्थान पत्रिका। फ्रंट पेज पर दीयों की जगमगाहट कहां है, यह आपको शायद मैग्नीफाइंग ग्लास से भी नजर नहीं आएगा।

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Worldwide Media ने रोकी अपनी मैगजींस की प्रिंटिंग, रीडर्स को दी ये ‘सौगात’

कोरोना संकट के मद्देनजर वर्ल्डवाइड मीडिया ने अपनी मैगजींस की प्रिंटिंग फिलहाल के लिए बंद कर दी है

Last Modified:
Monday, 06 April, 2020
Worldwide Media

दुनियाभर में फैली कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी और इसका संक्रमण फैलने से रोकने की दिशा में उठाए जा रहे एहतियाती कदमों के बीच ‘फिल्मफेयर’ और ‘फेमिना’ (Femina) जैसी मैगजींस की पब्लिशिंग कंपनी ‘वर्ल्डवाइड मीडिया’ (Worldwide Media) ने अपना प्रिंट प्रॉडक्शन फिलहाल बंद कर दिया है। ‘फेमिना’ और ‘फिल्मफेयर’ के अलावा इस कंपनी द्वारा Grazia India, Lonely Planet Magazine India, GoodHomes और Hello! जैसी प्रतिष्ठित मैगजींस की पब्लिशिंस भी की जाती है।

बताया जाता है कि देश में चल रहे लॉकडाउन, अपनी टीम व वेंडर्स की सुरक्षा और मैगजींस की सप्लाई चेन में हो रही गड़बड़ी को देखते हुए कंपनी ने यह निर्णय लिया है। फिलहाल ये मैगजींस डिजिटल रूप में पाठकों को पढ़ने के लिए उपलब्ध होंगी।  

इस बारे में कंपनी की ओर से कहा गया है, ‘हम हमेशा अपने पाठकों को विशिष्ट और एक्सक्लूसिव कंटेंट देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम ऐसे कठिन समय में भी ऐसा करना जारी रखेंगे। इसके तहत Filmfare, Grazia India, Femina, Lonely Planet Magazine India और GoodHomes का अप्रैल का डिजिटल इश्यू पाठकों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा।

कंपनी के अनुसार, ‘इन सभी मैगजींस का डिजिटल एडिशन हमारे सबस्क्राइबर्स और नॉन सबस्क्राइबर्स यानी सभी के लिए मुफ्त में संबंधित वेबसाइट्स के साथ हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी उपलब्ध होगा। इसके साथ ही हमार सबस्क्राइबर्स इन पांचों मैगजींस का एक महीने का अतिरिक्त सबस्क्रिप्शन भी मुफ्त में पा सकेंगे’   

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कोरोना के खौफ के बीच The Week मैगजीन ने उठाया 'साहसिक' कदम

कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण एक तरफ जहां कई मैगजींस ने अपनी प्रिंटिंग को फिलहाल के लिए रोकने का फैसला लिया है, वहीं ‘द वीक’ (THE WEEK) मैगजीन ने एक और सेंटर से इसकी छपाई शुरू कर दी है।

Last Modified:
Monday, 06 April, 2020
The Week

कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण एक तरफ जहां कई अखबारों और मैगजींस के सर्कुलेशन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है, वहीं 'मलयाला मनोरमा' (Malayala Manorama) की अंग्रेजी न्यूज मैगजीन ‘द वीक’ (The Week) ने एक और महानगर (चेन्नई) से अपनी प्रिंटिंग शुरू की है। इस मैगजीन के नए इश्यू की प्रिंटिंग दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोट्टयम के साथ ही चेन्नई के प्रिंटिंग सेंटर से भी की गई है।

अभी तक, चेन्नई के इलाकों में मैगजीन की कॉपियों के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए बेंगलुरु के प्रिंटिंग सेंटर से सप्लाई की जा रही थी। मैगजीन ने यह त्वरित कदम ऐसे मौके पर उठाया है, जब कई मैगजींस ने अपनी प्रिंटिंग फिलहाल रोक दी है और खुद को ऑनलाइन एडिशंस तक सीमित कर लिया है।

मैगजीन के प्रभारी संपादक (एडिटर इन चार्ज) वी.एस जयश्चंद्रन (V S Jayaschandran) का कहना है, ‘मैगजीन की प्रिंटिंग को बंद करने का कोई सवाल नहीं है। 1982 में शुरू हुई इस मैगजीन ने अपने 38 साल के इतिहास में अपने किसी भी इश्यू की प्रिंटिंग नहीं रोकी है। हम इस परंपरा को तोड़न नहीं चाहते हैं।’

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फ्रंट पेज पर अखबारों ने किन खबरों को दी तवज्जो, जानिए यहां

कोरोना के बढ़ते खौफ के बीच प्रधानमंत्री मोदी की अपील आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की प्रमुख खबर है।

नीरज नैयर by
Published - Saturday, 04 April, 2020
Last Modified:
Saturday, 04 April, 2020
Newspapers

कोरोना के बढ़ते खौफ के बीच प्रधानमंत्री मोदी की अपील आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की प्रमुख खबर है। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक भास्कर की, जहां फ्रंट पेज की शुरुआत लॉकडाउन से पहले और बाद के आंकड़ों को दर्शाती खबर से हुई है। इसी में एयर इंडिया के 30 अप्रैल तक उड़ानें बंद रखने के फैसले का भी जिक्र है।

लीड मोदी की अपील है, प्रधानमंत्री ने लोगों से 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट तक मोमबत्ती, टॉर्च या दीया जलाने को कहा है। कोरोना को मात देने वाले केरल के सबसे उम्रदराज दंपती को भी पेज पर बड़ी जगह मिली है। इसके अलावा, अमेरिका का हाल और कोरोना से मुकाबले के लिए रेलवे की तैयारी से भी पाठकों को रूबरू कराया गया है। एंकर में अनिरुद्ध शर्मा की बाईलाइन को जगह मिली है। शर्मा ने लॉकडाउन के पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला है।

हिन्दुस्तान की बात करें तो यहां भी फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है। इस बॉक्स में पीएम मोदी की अपील को रखा गया है। लीड निजामुद्दीन के नकारात्मक परिणाम हैं। खबर के मुताबिक, देश के कुल मरीजों में मरकज के एक चौथाई हैं।

वहीं, दिल्ली में मेडिकल स्टाफ के संक्रमित होने की बढ़ते मामले, संक्रमित महिला की सफल डिलीवरी और कन्नौज एवं हुबली में पुलिस पर हुआ हमला प्रमुखता के साथ पेज पर है। इसी के साथ मजदूरों को वेतन देने की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र को भेजे गए नोटिस का जिक्र भी पेज पर है। एंकर में स्कन्द विवेक धर की बाईलाइन है, जिन्होंने कोरोना को लेकर हुए एक अध्ययन के बारे में बताया है।

अब रुख करते हैं नवभारत टाइम्स का। लीड पीएम मोदी की अपील है और इसी में कोरोना की बढ़ती चाल को भी रखा गया है। वहीं, कोरोना पीड़ित गर्भवती की सफल डिलीवरी, गाजियाबाद में नर्सों से बदसलूकी करने वालों पर कार्रवाई और मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात 11 जवानों के संक्रमित होने का समाचार भी पेज पर है। CISF के 11 जवान कोरोना की चपेट में आ गए हैं। एंकर में एक ‘अनोखी’ खबर को जगह मिली है। अनोखी इस लिहाज से कि एक बेटे ने पिता के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

वहीं, अमर उजाला की बात करें तो टॉप बॉक्स में यूपी के मुख्यमंत्री के सख्त रुख को जगह मिली है। योगी ने साफ कर दिया है कि स्वास्थ्यकर्मियों से अभद्रता करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। लीड हिन्दुस्तान की तरह निजामुद्दीन के नकारात्मक परिणामों को रखा गया है।

साथ ही इसमें कोरोना की बढ़ती चाल का भी उल्लेख है। वहीं, कन्नौज में सामूहिक नमाज रोकने गई पुलिस टीम पर हमला और कोरोना पीड़ित गर्भवती डॉक्टर की सफल डिलीवरी से भी पाठकों को रूबरू कराया गया है। इसके अलावा, मजदूरों के वेतन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर सरकार की प्रतिक्रिया को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। पीएम मोदी की अपील को एंकर में लगाया गया है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं दैनिक जागरण का। पीएम मोदी की अपील को यहां फ्रंट पेज के टॉप बॉक्स में जगह दी गई है। लीड सबसे अलग बड़े पैमाने पर कोरोना जांच को मंजूरी है। संक्रमितों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए सरकार ने व्यापक जांच की अनुमति दे दी है। दिल्ली में कोरोना की बढ़ती चाल और यूपी के मुख्यमंत्री के सख्त रुख को भी पेज पर पर्याप्त स्थान मिला है।

इसके अलावा, निजामुद्दीन के नकारात्मक परिणाम के साथ ही सियासी दवाब में कश्मीर डोमिसाइल कानून में हुए बदलावों के बारे में भी पाठकों को बताया गया है। एंकर में अखबारों के वितरण से जुड़ा समाचार है। जो बताता है कि वितरण में बाधा डालना सूचना के अधिकार का हनन है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में नवभारत टाइम्स का फ्रंट पेज आज सबसे संतुलित एवं खुला-खुला दिखाई दे रहा है। दूसरे नंबर पर हिन्दुस्तान को रखा जा सकता है। 

2: खबरों की प्रस्तुति के लिहाज से आज दैनिक भास्कर और हिन्दुस्तान को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया जा सकता है, जबकि तीसरे नंबर पर अमर उजाला है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने के प्रयास में दैनिक भास्कर अव्वल है। लीड का शीर्षक ‘आओ! फिर से दीया जलाएं’ सबसे आकर्षक है।

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आज किस हिंदी अखबार का फ्रंट पेज है सबसे 'दमदार', पढ़ें यहां

दिल्ली के निजामुद्दीन में बीते दिनों जो कुछ हुआ, उसके नकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं।

नीरज नैयर by
Published - Friday, 03 April, 2020
Last Modified:
Friday, 03 April, 2020
Newspapers

दिल्ली के निजामुद्दीन में बीते दिनों जो कुछ हुआ, उसके नकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। इस बीच सरकार तब्लीगी मरकज में शामिल होने वालों की तलाश में जुट गई है। इस खबर के साथ ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों से पीएम मोदी की चर्चा आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले बात करते हैं अमर उजाला की, जिसने आज काफी आकर्षक फ्रंट पेज तैयार किया है।

लीड निजामुद्दीन के नकारात्मक नतीजे हैं। जमातियों और उनके संपर्क में आये करीब 9000 लोगों की पहचान कर ली गई है, इनमें से 1306 विदेशी बताये जा रहे हैं। लीड में केंद्र से राज्यों को मिले सख्ती के निर्देश का भी जिक्र है, जिसमें लॉकडाउन के उल्लंघन पर दो साल की सजा की बात कही गई है। निश्चित तौर पर इस खबर पर लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान जाएगा। कोरोना की बढ़ती चाल को भी प्रमुखता से लगाया गया है। दिल्ली में एक डॉक्टर दंपती भी इसकी चपेट में आ गया है। इसके अलावा, विदेशों में फंसे भारतीयों को सरकार का संदेश और दारुल उलूम का घर पर नमाज अदा करने का फतवा भी पेज पर है। एंकर में पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों से चर्चा है।

अब रुख करते हैं दैनिक जागरण का। फ्रंट पेज की शुरुआत पीएम मोदी के टॉप बॉक्स से हुई है। मोदी का कहना है कि देश लॉकडाउन के दौर से धीरे-धीरे बाहर आएगा। लीड जमातियों पर कसता शिकंजा है। सरकार ने 960 विदेशी तब्लीगी को काली सूची में डाल दिया है। यानी अब वे कभी भारत का रुख नहीं कर पाएंगे।

वहीं, कोरोना की बढ़ती चाल के साथ ही इंदौर में स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हमले को भी प्रमुखता के साथ जगह मिली है। एंकर में नीलू रंजन की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि कोरोना के तीसरे फेज में पहुंचने की आशंका गहरा गई है।

आज नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज को देखें तो लीड पीएम मोदी की धर्मगुरुओं से अपील को लगाया गया है और जमातियों की ‘कारगुजारियां’ एवं देवबंद का फतवा भी इसी का हिस्सा है। मोदी ने धर्मगुरुओं से अपील करते हुए कहा है कि कोरोना ने हमारी आस्था पर हमला बोला है, सभी पंथ के लोग एकजुट होकर इसे हराएं। दिल्ली में संक्रमण की चपेट में आये डॉक्टर दंपती सहित कोरोना से जुड़ी कुछ अन्य खबरें भी पेज पर हैं।

इसके अलावा, अखबार ने लॉकडाउन का नकारात्मक पक्ष उजागर करने का भी प्रयास किया है। पूनम पाण्डेय की बाईलाइन बताती है कि लॉकडाउन अवधि के दौरान महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में इजाफा हुआ है। एंकर की बात करें तो यहां कत्यानी की बाईलाइन को जगह मिली है। उन्होंने लॉकडाउन के बीच सोशल बायकाट के डर से बढ़ रहे खुदकुशी के मामलों के बारे में बताया है।

अब चलते हैं राजस्थान पत्रिका पर। फ्रंट पेज की लीड कोरोना से मुकाबले के लिए सरकार की तैयारी को लगाया गया है। इस ‘जंग’ को निर्णायक मोड़ पर ले जाने के लिए सेना के डॉक्टर और एनसीसी कैडेट तैनाती को तैयार हैं।

लीड में कोरोना की बढ़ती चाल का भी जिक्र है। वहीं, जमातियों पर कसता शिकंजा और सरकारी कदमों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया को भी बड़ी जगह मिली है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का कहना है कि कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाए बिना लॉकडाउन का कोई मतलब नहीं। इसके अतिरिक्त, प्रिंस चार्ल्स का इलाज करने वाले भारतीय डॉक्टर से भी अखबार ने पाठकों को रूबरू कराया है। एंकर में लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र में फंसे प्रवासी मजदूरों की स्थिति बयां करती खबर है।

सबसे आखिरी में आज रुख करते हैं हिन्दुस्तान का। फ्रंट पेज की लीड निजामुद्दीन के नकारात्मक परिणाम हैं। मुख्यमंत्रियों के साथ मोदी की चर्चा को दो कॉलम जगह मिली है। दिल्ली में संक्रमण की चपेट में आने वाले डॉक्टर दंपती, कोरोना से निपटने की सरकार की तैयारी और उस पर विपक्ष के सवाल को भी प्रमुखता के साथ पाठकों के समक्ष पेश किया गया है।

एंकर में कोरोना से लड़ने के लिए कोरोना वायरस बना रहे भारतीय वैज्ञानिकों के बारे में बताया गया है। इसके अलावा देवबंद के फतवे सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान सबसे आगे हैं। दोनों अखबारों का फ्रंट पेज खुला-खुला एवं संतुलित नजर आ रहा है।

2: खबरों की प्रस्तुति की बात करें तो अमर उजाला ने सबको पीछे छोड़ दिया है। खासतौर पर लीड को अखबार ने काफी अच्छी तरह से प्रस्तुत किया है।

3: कलात्मक शीर्षक के मामले में आज भी सभी अखबारों के हाथ खाली हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
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