होम / प्रिंट / न्यूजपेपर हॉकर्स ने उठाया ये बड़ा मुद्दा, हाई कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
न्यूजपेपर हॉकर्स ने उठाया ये बड़ा मुद्दा, हाई कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व में दिए गए आदेश में अखबारों की डोर-टू-डोर डिलिवरी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
महामारी कोरानावायरस (कोविड-19) के बीच अखबारों को पब्लिश करने और उन्हें घर-घर बांटने पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और नागपुर की नागरिक इकाई (Civic Body) से जवाब मांगा है।
दरअसल इस मामले में ‘नागपुर डेली न्यूजपेपर हॉकर्स’ (Nagpur Daily Newspaper Hawkers) और ‘सब एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन’ (Sub-Agents Welfare Association) ने मंगलवार को एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि उनके सदस्यों को अखबार बांटने के लिए घर-घर जाना जरूरी है, जिससे वे कई लोगों के संपर्क में आएंगे। इस तरह उनके कोरोनवायरस से संक्रमित होने का खतरा होगा।
याचिका में यह भी कहा गया था, ‘कस्टमर तक पहुंचने के दौरान अखबार कई हाथों से होकर गुजरता है, ऐसे में अखबार के द्वारा वायरस फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने शुरुआत में पूरे राज्य में घर-घर जाकर अखबार बांटने पर रोक लगाई थी, लेकिन आदेश में बाद में संशोधन किया गया और वितरण केवल मुंबई, पुणे और अन्य जिलों के कोविड-19 कंटेनमेंट क्षेत्रों में प्रतिबंधित किया गया।’
अधिवक्ता आरबी खान की ओर से दायर याचिका में सरकार द्वारा 21 अप्रैल को किए गए इस संशोधन को असंवैधानिक और गैरकानूनी करार देते हुए इस रद्द करने की मांग की गई थी। इस याचिका में यह भी कहा गया था कि अखबार प्रबंधन और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया सिर्फ अपने बिजनेस और मुनाफे को लेकर चिंतित हैं लेकिन हॉकर्स और कस्टमर्स की उन्हें कोई चिंता नहीं है। इस याचिका पर जस्टिस एएस किलोर (Justice A S Kilor) ने सरकार और नागपुर नगर निगम को 12 मई तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने अपने पहले आदेश में अखबारों की डोर-टू-डोर डिलिवरी पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच द्वारा महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाने के बाद राज्य सरकार ने बाद में मुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र, पुणे मेट्रोपोलिटन क्षेत्र और कोविड-19 कंटेनमेंट क्षेत्रों के अलावा बाकी स्थानी पर डोर-टू-डोर अखबार वितरण को अनुमति दे दी थी।
टैग्स बॉम्बे हाई कोर्ट महाराष्ट्र लॉकडाउन कोविड-19 कोरोनावायरस