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प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री को सरकार ने कुछ इस तरह दी ‘बड़ी राहत’
आर्थिक रूप से कमजोर इंडस्ट्री को बचाने के लिए ‘इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी’ (INS) ने सरकार से प्रोत्सान पैकेज देने समेत कई मांग की थीं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
कोरोनावायरस (कोविड-19) और लॉकडाउन के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही गुजरात की प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। दरअसल, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के हस्तक्षेप के बाद वहां की सरकार ने प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री के मार्च तक के बकाया विज्ञापन बिलों के भुगतान को मंजूरी प्रदान कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री रूपाणी का कहना है कि राज्य में नकदी का प्रवाह (cash flow) स्थिर रहता है तो सरकार अप्रैल के सभी विज्ञापन बिलों को भी क्लियर कर देगी। प्रिंट मीडिया को इंफॉर्मेशन का सबसे भरोसेमंद रूप बताते हुए रूपाणी ने यह भी कहा कि फेक न्यूज को प्रसारित होने से रोकने के लिए अखबारों का सपोर्ट करना काफी महत्वपूर्ण है।
बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर इंडस्ट्री को बचाने के लिए ‘इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी’ (INS) ने सरकार से प्रोत्सान पैकेज देने समेत कई मांग की थीं। सरकार के लिखे पत्र में ‘आईएनएस’ ने कहा था कि विज्ञापनों की कमी की वजह से प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री को मार्च और अप्रैल यानी दो महीने में लगभग 4000-4500 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इसके साथ ही आर्थिक गतिविधियों के ठप हो जाने और निजी क्षेत्र से विज्ञापन न मिलने की आशंका के चलते 6-7 महीनों में 12,000-15,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है।
30 लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अखबार के कारोबार पर निर्भर हैं। जबरदस्त आर्थिक नुकसान के कारण इंडस्ट्री को अपने कर्मचारियों को सैलरी देना मुश्किल हो रहा है। पिछले हफ्ते सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि विभिन्न मीडिया कंपनियों के बकाया बिलों का भुगतान करने के लिए सरकार ने 135 करोड़ रुपए दिए हैं।
टैग्स आईएनएस प्रकाश जावड़ेकर रेवेन्यू इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी एडवर्टाइजिंग गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपाणी