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जानें, क्यों हिंदी अखबारों के लिए 'राहत भरी' नहीं है ये रिपोर्ट
मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल ने इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की दूसरी तिमाही के डाटा जारी कर दिए हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रिंट, टीवी, रेडियो और सिनेमा की पहुंच में पहली तिमाही के मुकाबले ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है। हालांकि, इंटरनेट का आगे बढ़ना जारी है। न्यूज का उपभोग डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, अखबारों की कुल रीडरशिप (Total Readership) स्थिर बनी हुई है, जबकि एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) में मामूली गिरावट देखने को मिली है।
हिंदी और प्रादेशिक अखबारों की एवरेज इश्यू रीडरशिप में लगातार गिरावट देखी जा रही है, लेकिन अंग्रेजी अखबारों में ऐसा देखने को नहीं मिला है। आईआरएस 2017 के साथ ही आईआरएस 2019 की पहली तिमाही और दूसरी तिमाही की तुलना करें तो देशभर में हिंदी अखबारों की एवरेज इश्यू रीडरशिप में गिरावट क्रमशः 7.2 से घटकर 7.1 और 6.7 प्रतिशत हुई है, जबकि प्रादेशिक अखबारों में यह गिरावट 8.7 प्रतिशत से घटकर 8.4 और अब 8.1 हो गई है।
इस तरह शहरी मार्केट्स में हिंदी अखबारों की एवरेज इश्यू रीडरशिप का प्रतिशत 10.7 से घटकर 10.5 और फिर 10.1 रह गया है। जबकि प्रादेशिक अखबारों में हिंदी अखबारों का एवरेज इश्यू रीडरशिप प्रतिशत क्रमशः 14.9 से घटकर 14.1 और 13.5 रह गया है। हालांकि अंग्रेजी अखबारों की एवरेज इश्यू रीडरशिप पहले जितनी ही बनी हुई है। यानी इनमें न उछाल दिखा और न ही गिरावट दर्ज की गई है।
आईआरएस 2019 की दूसरी तिमाही (IRS 2019Q2) के डाटा के बारे में डेंट्सू एजिस नेटवर्क के सीईओ (ग्रेटर साउथ) और चेयरमैन व सीईओ (इंडिया) आशीष भसीन का कहना है, ‘इन डाटा से हमें वास्तविक स्थिति का पता चलता है। जैसा कि हम जानते हैं कि डिजिटल तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रिंट भी मजबूत स्थिति में है। मेरा मानना है कि भविष्य किसी एक में नहीं, बल्कि दोनों का ही है।’
'मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल' के चेयरमैन आशीष भसीन ने यह भी कहा, ‘हर तिमाही के डाटा को देखकर मुझे काफी खुशी हो रही है। न सिर्फ आईआरएस ट्रैक पर वापस आ रहा है, बल्कि और मजूबत हो रहा है और इसे सभी जगह स्वीकार भी किया जा रहा है।‘
वहीं, ‘Madison Media & OOH, Madison World’ के ग्रुप सीईओ और आईआरएस की टेक्निकल कमेटी के चेयरमैन विक्रम सखूजा का कहना है, ‘देश में पहले के मुकाबले मीडिया का उपभोग ज्यादा हो रहा है। प्रिंट के साथ अब इंटरनेट भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और टीवी के साथ कंज्यूमर्स तक पहुंच बनाने में ये दोनों माध्यम काफी महत्वपूर्ण हैं।’
इन डाटा के अनुसार, यदि मैगजीन की रीडरशिप की बात करें तो कुल रीडिरशिप और एवरेज इश्यू रीडरशिप में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। वहीं हिंदी अखबार दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान की कुल रीडिरशिप और एवरेज इश्यू रीडरशिप में कमी देखने को मिली है।
दैनिक जागरण की कुल रीडरशिप IRS 2019Q1 में जहां 73673 थी, वह IRS 2019Q2 में घटकर 72559 रह गई जबकि इसी अखबार की एवरेज इश्यू रीडरशिप IRS 2019Q1 में 20256 के मुकाबले IRS 2019Q2 में घटकर 18146 रह गई।
हिन्दुस्तान अखबार की बात करें तो IRS 2019Q1 में इसकी कुल रीडरशिप 54696 थी, जो 2019Q2 में घटकर 52866 रह गई, जबकि एवरेज इश्यू रीडरशिप की बात करें तो IRS 2019Q1 में 18422 के मुकाबले IRS 2019Q2 में घटकर यह 15716 रह गई।
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