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प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री के लिए ‘सुहाना’ हो सकता है आगे का सफर: गिरीश अग्रवाल
‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ के नॉन एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल का कहना है कि जुलाई 2021 में कंपनी ने जुलाई 2019 का लगभग 75 प्रतिशत हासिल कर लिया, जो कि चीजों के सही दिशा में बढ़ने का संकेत है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ (D. B. Corp Ltd) के नॉन एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल का कहना है कि कोविड-19 के मामलों में कमी, अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार और त्योहारी सीजन में एडवर्टाइजर्स की संख्या बढ़ने से वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री के एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू (Ad revenue) में उछाल देखने को मिल सकता है।
वित्तीय वर्ष 2022 की पहली तिमाही की अर्निंग कॉन्फ्रेंस कॉल (earnings conference call) के दौरान गिरीश अग्रवाल का कहना था, ‘कोविड-19 के मामलों में कमी आ रही है और सरकार द्वारा प्रतिबंधों में ढील दिए जाने से अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है। दूसरी लहर में लगाए गए लॉकडाउन से मांग में कमी आयी है, हालांकि, सरकार द्वारा दिए प्रोत्साहन पैकेज से थोड़ी राहत तो मिली है। इसके अलावा 2021 की दूसरी छमाही में त्योहारों सीजन भी है। ऐसे में उम्मीद है कि हमें ऑडियंस तक पहुंचने के लिए सबसे विश्वसनीय माध्यम में भारी निवेश करने वाले तमाम ब्रैंड्स के साथ प्रिंट विज्ञापन में उछाल देखने को मिलेगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘इस साल जुलाई में कंपनी का विज्ञापन (ad volumes) जुलाई 2019 के विज्ञापन का 75 प्रतिशत था। इसलिए मुझे उम्मीद है कि यदि ऐसे ही जारी रहा तो काफी अच्छा रहेगा।’ गिरीश अग्रवाल के अनुसार कोविड की दूसरी लहर के दौरान अखबार का सर्कुलेशन तो नहीं गड़बड़ाया, लेकिन इससे कोविड से पहले के स्तर पर वापस पहुंचने की प्रक्रिया धीमी हो गई। उन्होंने कहा, ‘पुराने स्तर तक वापस पहुंचने के लिए हम दूसरी तिमाही में योजना बना रहे हैं और मुझे लगता है कि दो और तिमाहियों में यह और आगे बढ़ेगा और उम्मीद है कि इसमें तेजी आएगी।’
गिरीश अग्रवाल का कहना था, ‘यदि विज्ञापन के नजरिये से देखें तो दूसरी लहर के आने से पहले वित्तीय वर्ष 2021 की चौथी तिमाही काफी अच्छी दिख रही थी। अप्रैल के बीच में अचानक कोविड के मामलों में दोबारा से तेजी आ गई। ऐसे में मई में सब बेकार हो गया और यह स्तर घटकर मई 2019 के स्तर के लगभग 25% तक नीचे आ गया। हम घटकर मई 2019 के स्तर के 27 प्रतिशत तक आ गए, लेकिन जून में इसमें सुधार हुआ और यह बढ़कर 40-42 प्रतिशत आ गया। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि जुलाई 2021 में हम जुलाई 2019 का लगभग 75% हासिल करने में सफल रहे। यह एक अच्छा संकेत है और चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।’
इसके साथ ही गिरीश अग्रवाल ने कहा कि अधिकांश कैटेगरीज जैसे ऑटोमोबाइल्स, एजुकेशन, एफएमसीजी और रियल एस्टेट प्रिंट मीडिया पर वापस आ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘उम्मीद करते हैं कि डेल्ट वैरिएंट और तीसरी लहर जैसी चीजें अब न आएं, ताकि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में हमारे त्योहारी सीजन पर कोई विपरीत असर न पड़े।’
राजनीतिक विज्ञापनों (political advertisements) के बारे में गिरीश अग्रवाल ने कहा, ‘कुछ राज्य सरकारों ने डीबी कॉर्प के स्वामित्व वाले अखबारों को विज्ञापन देना बंद कर दिया है। अभी की बात करें तो तीसरी तिमाही और चौथी तिमाही में पंजाब सरकार और यूपी सरकार के चुनाव होने जा रहे हैं। हम उस बिंदु पर देखेंगे। फिलहाल, हमें कोई बड़ा सरकारी विज्ञापन नहीं मिल रहा है। वास्तव में, कुछ राज्यों के हमारे सरकारी विज्ञापन पहले से ही रुके हुए हैं।‘
इसके साथ ही गिरीश अग्रवाल ने कहा कि कंपनी अपने अखबारों में विज्ञापन फिर से शुरू करने के लिए उन राज्य सरकार के संबंधित विभागों से बात कर रही है।
गिरीश अग्रवाल ने बताया कि दैनिक भास्कर समूह ने नई लॉन्च की गई स्कोडा कुशाक (Škoda Kushaq) कार के एडवर्टाइजिंग कैंपेन के लिए स्कोडा ऑटो इंडिया के साथ एक विशेष एडवर्टाइजिंग डील पर हस्ताक्षर किए थे। यह डील होंडा मोटरसाइकिल्स एंड स्कूटर्स के साथ हाल में हुई बड़ी डील के अलावा थी। अग्रवाल के अनुसार, ‘कंपनी ने इन दो सौदों के अलावा कुछ और सौदे किए हैं। दरअसल से ये विज्ञापनदाता हैं जो कोविड के दौरान भी आए थे और हमारे साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे मार्केट में हमारी मजबूत स्थिति का पता चलता है।‘
उन्होंने यह भी कहा कि छोटे पब्लिकेशंस के बंद होने से प्रिंट मीडिया मार्केट समेकित (consolidated) हो रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े पब्लिकेशंस वह हैं जो पिछले कुछ वर्षों में बने रहने और खुद को प्रबंधित करने में सक्षम रहे हैं। यदि आप पिछले पांच साल या सात साल के आंकड़ों को देखें तो छोटे पब्लिकेशंस वास्तव में बिजनेस से बाहर हो रहे हैं।
उन्होंने राजस्थान के मार्केट का उदाहरण दिया, जहां मुख्य रूप से दो प्लेयर्स ‘दैनिक भास्कर’ और ‘राजस्थान पत्रिका’ का वर्चस्व है। गिरीश अग्रवाल ने कहा, लगभग 90% मार्केट इन दो पब्लिकेशंस के बीच बंटा हुआ है और अगर आप समग्र राजस्थान को देखें तो दोनों की बाजार पर हिस्सेदारी लगभग बराबर है।’
फिलहाल कंपनी का न्यूजपेपर सर्कुलेशन 42,50,000 प्रतियां (copies) है, जो कि चौथी तिमाही की तुलना में छह प्रतिशत कम है। वित्तीय वर्ष 2020 (FY20) में कंपनी का सबसे ज्यादा सर्कुलेशन (55 लाख प्रतियां) था। उन्होंने कहा, ‘हमारा सर्कुलेशन लगभग 45-46 लाख था, लेकिन कोविड की दूसरी लहर के कारण फिर से ट्रेनें रुक गईं, बसें रुक गईं, बाजार बंद थे, कार्यालय बंद थे ऐसे में लगभग छह प्रतिशत प्रतियों का नुकसान हुआ, लेकिन हमें उम्मीद है कि हम इस तिमाही में इसे रिकवर कर लेंगे और फिर अगली तिमाही से हमें अपने पहले के नंबरों पर वापस जाने की जरूरत है।’
इस दौरान गिरीश अग्रवाल का कहना था, ‘पहली तिमाही में डीबी कॉर्प ने साल दर साल (YoY) के आधार पर 8.5 प्रतिशत और तिमाही दर तिमाही (QoQ) के आधार पर कवर प्राइस में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। अभी तक यह न्यूजप्रिंट की कीमतों में हुई वृद्धि को कवर नहीं कर पा रहा है, लेकिन एक सीमा है, जहां तक हम अपने पाठकों तक इसे पहुंचा सकते हैं। कीमत बढ़ाने को लेकर हमारे पास अभी थोड़ा सा मार्जिन है, लेकिन हमें अभी इस पर फैसला लेना है।’
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021 (Q1 FY21) की पहली तिमाही में 35000 से 36000 रुपये प्रति टन की तुलना में अब न्यूजप्रिंट यानी अखबारी कागज की कीमत 41000 प्रति टन पहुंच चुकी है। हमारे लिए न्यूजप्रिंट की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हैरानी की बात यह है कि भारतीय अखबारी कागज की कीमत आयातित (imported) की तुलना में काफी तेज हो गई है। इसका सीधा सा कारण यह है कि हमारे पास आयातित का स्टॉक है। भारतीय अखबारी कागज निर्माताओं ने अपनी कीमतों में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है, जिसका काफी असर हुआ है। लेकिन चूंकि हमने स्टॉक पहले ही जमा कर लिया था, इसलिए इसका बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा।
गिरीश अग्रवाल के अनुसार, ‘डिजिटल मोर्चे पर कंपनी का पूरा फोकस ऐप पर है। कंटेंट डील करने के लिए वह गूगल और फेसबुक जैसे डिजिटल प्लेयर्स से भी बातचीत कर रही है। रेडियो कारोबार में भी तेजी से रिकवरी देखने को मिल रही है। नेशनल मार्केट में अन्य प्लेयर्स से तुलना करें तो आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पहली तिमाही में हम पिछले वर्ष की पहली की तुलना में लगभग 94% बढ़े, जबकि अन्य सभी प्लेयर्स लगभग 43% से 44% थे, इसलिए हमारे पास समग्र बाजार की तुलना में मजबूत तिमाही था। हम जुलाई में अच्छी रिकवरी देख रहे हैं।’
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