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मैगजीन सिर्फ प्रिंट नहीं, सोच, ठहराव और उद्देश्य का रूपक है: अनंत नाथ
दिल्ली प्रेस के एग्जिक्यूटिव पब्लिशर व AIM के प्रेजिडेंट अनंत नाथ ने इंडियन मैगजीन कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन के दौरान न केवल मैगजीन इंडस्ट्री के बदलते स्वरूप पर अपने विचार व्यक्त किए
Vikas Saxena 6 months ago
दिल्ली प्रेस के एग्जिक्यूटिव पब्लिशर और एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजीन (AIM) के प्रेजिडेंट अनंत नाथ ने आज इंडियन मैगजीन कांग्रेस 2025 के उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन के दौरान न केवल मैगजीन इंडस्ट्री के बदलते स्वरूप पर गहन चिंतन प्रस्तुत किया, बल्कि इस माध्यम की प्रासंगिकता, संभावनाओं और चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के होटल 'दि इम्पीरियल' में आयोजित किया गया।
अपने संबोधन की शुरुआत अनंत नाथ ने कोविड के वर्षों के बाद AIM के पुनर्सक्रिय होने की बात से की और बताया कि एसोसिएशन की स्थापना 2002 में हुई थी, ताकि प्रिंट इंडस्ट्री में विशेष रूप से मैगजीन प्रकाशकों की अनोखी जरूरतों और चुनौतियों के लिए एक अलग मंच उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि कैसे कोविड के दौरान AIM के सदस्यों ने साप्ताहिक कॉल्स के माध्यम से एक-दूसरे को संबल दिया और संकट की घड़ी में मानसिक समर्थन का माध्यम बने।
मैगजीन एक रूपक है- ठहराव, दृष्टिकोण और उद्देश्य का
अनंत नाथ ने मैगजीन के भविष्य पर बात करते हुए कहा कि "मैगजीन सिर्फ कागज पर छपी सामग्री नहीं है, बल्कि यह ठहराव, दृष्टिकोण और उद्देश्य का रूपक है।" उन्होंने कहा कि जब पूरी मीडिया इंडस्ट्री तेज रफ्तार ब्रेकिंग न्यूज के पीछे भाग रही है, तब मैगजीन की असल ताकत उसके कंटेंट की गुणवत्ता, सोच की गहराई और एक विशिष्ट पाठक वर्ग से जुड़ाव में है।
स्पीड नहीं, स्थिरता हो लक्ष्य
उन्होंने कहा कि जब हम सबसे तेज होने की दौड़ में हैं, तब हमें यह याद रखने की जरूरत है कि वही कंटेंट टिकता है जो उद्देश्यपूर्ण होता है और पाठकों के साथ गहरा रिश्ता बनाता है। उन्होंने कहा, “मैगजीन इंडस्ट्री की यह ‘धीमी गति’ असल में उसकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।”
बिग टेक के साये में भी छोटी दुनिया की अहमियत
बिग टेक कंपनियों के प्रभाव और कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन पर बात करते हुए अनंत नाथ ने Joseph Schumacher की किताब Small is Beautiful का जिक्र किया और बताया कि कैसे छोटी, केंद्रीकृत और समुदाय आधारित इकाइयां न सिर्फ सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से स्थायी होती हैं, बल्कि पाठकों के साथ भावनात्मक संबंध भी बना पाती हैं।
उन्होंने डच भाषा में प्रकाशित एक विदेशी मैगजीन का उदाहरण देते हुए कहा कि "सिर्फ ढाई हजार कॉपियों की प्रिंट रन के बावजूद वह पत्रिका एक संपूर्ण और टिकाऊ मॉडल पर चल रही है।"
पत्रकारिता के पुराने और नए मॉडलों की तुलना करते हुए उन्होंने Jill Abramson की किताब Merchants of Truth का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि कैसे वाइस और बजफीड जैसी तेज रफ्तार डिजिटल कंपनियां आज खत्म हो चुकी हैं, वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट जैसी पारंपरिक संस्थाएं सब्सक्रिप्शन मॉडल पर आधारित सफल उदाहरण बनकर उभरी हैं।
हमें गूगल या फेसबुक नहीं, पाठकों से संबंध चाहिए
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि AIM की प्राथमिकता अब सब्सक्रिप्शन बेस को बढ़ाना है- चाहे वो पेड हो या अनपेड, असल मुद्दा पाठक से सीधा संबंध बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया, "गूगल, फेसबुक या परप्लेक्सिटी हमें मदद नहीं करेंगे। हमें खुद से पाठकों तक पहुंचना होगा।"
AIM की नई पहलों की घोषणा
अपने संबोधन में उन्होंने AIM की कई नई पहलों की घोषणा की, जो मैगजीन इंडस्ट्री को सब्सक्रिप्शन मॉडल की ओर ले जाने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं:
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इंडिया पोस्ट के साथ 'मैगजीन पोस्ट' सेवा: जो तेज, सटीक और बेहतर डिलीवरी की सुविधा देती है।
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ब्लिंकिट के साथ साझेदारी: जिससे अब 10 शहरों में ऑन-डिमांड मैगजीन स्टोर उपलब्ध है और जल्द ही यह 30-40 शहरों तक पहुंचेगा।
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प्रसार भारती के WAVES OTT प्लेटफॉर्म पर मैगजीन स्टोर लॉन्च
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ONDC (DigiHaat) पर मैगजीन स्टोर लॉन्च
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भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में मैगजीन बिक्री की योजना
अनंत नाथ ने बताया कि इन पहलों का उद्देश्य पाठकों तक मैगजीन को आसानी और सुविधा से पहुंचाना है, जिससे सब्सक्रिप्शन बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक मिथक है कि लोग सिर्फ फ्री कंटेंट ही चाहते हैं। लोग गहन और गुणवत्ता वाला कंटेंट चाहते हैं, और वे इसके लिए भुगतान भी करना चाहते हैं।
यह निराश होने का समय नहीं, बल्कि नई दिशा लेने का अवसर है
अंत में उन्होंने कहा, “यह समय निराश होने का नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ कदम उठाने का है। यदि हम अपने सिद्धांतों पर टिके रहें, तो मैगजीन इंडस्ट्री आश्चर्यजनक परिणाम दे सकती है।”
उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों और एक्सचेंज4मीडिया की टीम का आभार जताया और बताया कि आज Magzimise Awards की भी वापसी हो रही है, जो आखिरी बार 2016 में आयोजित हुए थे।
FIPP वर्ल्ड मीडिया कांग्रेस की विशेष घोषणा
सत्र के समापन से पहले अंतरराष्ट्रीय संगठन FIPP के प्रमुख अलिस्टेयर का एक वीडियो संदेश भी चलाया गया, जिसमें उन्होंने अक्टूबर 2025 में मैड्रिड, स्पेन में आयोजित होने जा रहे FIPP World Media Congress की घोषणा की। उन्होंने AIM के साथ विशेष साझेदारी के तहत भारतीय प्रकाशकों के लिए रियायती रजिस्ट्रेशन की जानकारी भी साझा की।
यहां देखें वीडियो-
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