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'पांच सितारा बैठ, खाय के लौटे पिज्जा'
कविता के माध्यम से कवि ने नए मोटर कानून के परिप्रेक्ष्य में बताया है कि कैसे बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन पर जाना भारी पड़ सकता है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
डॉ. राजेन्द्र मिलन
वरिष्ठ साहित्यकार और कवि।।
पिज्जा खाने की तलब, लगी हमें श्रीनाथ।
हेलमेट बिन स्कूटर पर, ले के साली साथ।
साली ले के साथ, तिराहे पर दुकान थी।
नहीं रहा ये ख्याल, बिछी चौपड़ चालान की।
कटा मित्र चालान, कि साली बोली- जिज्जा।
पांच सितारा बैठ, खाय के लौटे पिज्जा।।
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