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फिल्म व ओटीटी कंटेंट की पाइरेसी रोकने के लिए MIB ने इंडस्ट्री से मांगे सुझाव
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश में डिजिटल पाइरेसी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश में डिजिटल पाइरेसी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। मंत्रालय ने मीडिया व एंटरटेनमेंट सेक्टर से जुड़े सभी प्रमुख हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करते हुए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 7 नवंबर 2025 को जारी किया गया, जिसमें फिल्म, प्रसारण और ओटीटी कंटेंट की लगातार बढ़ती चोरी को लेकर उद्योग जगत की चिंताओं को दर्शाया गया है।
मंत्रालय ने कहा है कि वह मौजूदा एंटी-पाइरेसी सिस्टम की पूरी समीक्षा करेगा, ताकि डिजिटल उल्लंघन से प्रभावित सभी क्षेत्रों- जैसे फिल्म प्रड्यूसर, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, ब्रॉडकास्टर, इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बन सके।
इस प्रक्रिया के तहत मंत्रालय ने हितधारकों से कई बिंदुओं पर सुझाव मांगे हैं। इनमें शामिल है- पाइरेटेड कंटेंट की पहचान और उसे हटाने में आने वाली दिक्कतें, मौजूदा तकनीकी या प्रक्रियागत कमियां, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने योग्य सफल उपाय, और सरकारी एजेंसियों व उद्योग के बीच बेहतर तालमेल के तरीके।
मंत्रालय ने कहा है कि इच्छुक लोग इस नोटिस के जारी होने के 20 दिनों के भीतर अपने सुझाव ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। जवाब भेजने के लिए ईमेल पता है: digital-mediamib@gov.in। सरकार का कहना है कि वह उद्योग से नजदीकी सहयोग के साथ मिलकर एक प्रभावी निगरानी और कंटेंट हटाने की प्रणाली तैयार करना चाहती है।
इस नोटिस पर मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर (डिजिटल मीडिया) क्षितिज अग्रवाल के हस्ताक्षर हैं और इसकी प्रति अंडर सेक्रेटरी (फिल्म्स) को भी भेजी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मंत्रालय के विभिन्न विभाग मिलकर इस मुद्दे पर समन्वित कार्रवाई करेंगे।
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