140 साल का हुआ भारत का ये प्रतिष्ठित अखबार...

अंग्रेजी अखबार ‘द हिन्दू’ (The Hindu) ने अपने सफर के 140 साल पूरे कर...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 22 September, 2018
Last Modified:
Saturday, 22 September, 2018
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समाचार4मीडिया ब्‍यूरो।।

अंग्रेजी अखबार ‘द हिन्दू’ (The Hindu) ने अपने सफर के 140 साल पूरे कर लिए हैं। इस अखबार की शुरुआत 1878 में मात्र 80 कॉपियों के साथ हुई थी। वर्तमान में इसकी 16 लाख कॉपियां छपती हैं और देश भर में इसके लगभग 60 लाख पाठक हैं। अखबार द्वारा इतना लंबा सफर तय करना बताता है कि इसने अपने पाठकों और ऐडवर्टाइजर्स के बीच कितना भरोसा बनाया है।   

इस बारे में ‘द हिन्दू’ के एडिटर मुकुंद पद्मनाभन का कहना है, ‘अखबार में हमने न्यूज और ओपिनियन के बीच में बिल्कुल स्पष्ट अंतर रखा है। हम आमतौर पर अटकलबाजियों से बचते हैं और पुष्टि के बाद ही खबर देते हैं। गलतियां हमसे भी होती हैं लेकिन खास बात यह है कि हम उन्हें स्वीकार करते हैं और जरूरत पड़ने पर माफी भी मांगते हैं। मेरा मानना है कि इससे भी भरोसा बढ़ता है और यही कारण है कि अखबार बड़े पैमाने पर लोगों के साथ जुड़ा हुआ है।’

‘द हिन्दू’ के सीईओ राजीव लोचन का कहना है, ‘किसी भी संस्थान के लिए 140 साल का सफर बहुत होता है। अखबार के लिए यह बहुत बड़ी बात है और इसका श्रेय पाठकों को जाता है, जिनके लगातार सहयोग के बिना यह संभव नहीं था।’ इस मौके पर अखबार से जुड़े एजेंटों और वेंडरों ने केक काटकर जश्न मनाया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

एक बार फिर से अपने पाठकों के लिए आने वाले समय में ‘द हिन्दू’ कुछ नई चीजें और लॉन्च करने वाला है। इसी के तहत अखबार ने हाल ही में अपना ऑनलाइन स्टोर ‘The Hindu Lounge’ लॉन्च किया है। किसी पब्लिशिंग हाउस द्वारा खोला गया यह पहला ऑनलाइन स्टोर है। यह ऑनलाइन स्टोर पूरे देश के पाठकों के लिए उपलब्ध होगा। इससे पहले ग्रुप द्वारा चेन्नई के ‘एक्सप्रेस एवेन्यू मॉल’ में स्टोर खोला जा चुका है। ‘द हिन्दू’ के ऑनलाइन स्टोर को चार श्रेणियों ‘The Madras Edition’, ‘Personalised Collection’, ‘Restored Collection’ और ‘Handmade Collection’ में बांटा गया है। अखबार की इस लंबी यात्रा का जश्न मनाने के लिए 20 सितंबर को पूरे दिन पाठकों के बीच #TheHinduat140 ट्रेंड करता रहा।

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नदी में फंसे हाथी को बचाने के दौरान पत्रकार की मौत, कैमरापर्सन की हालत नाजुक

ओडिशा के कटक जिले में महानदी में फंसे एक हाथी को बचाने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान एक हादसा हो गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 25 September, 2021
Last Modified:
Saturday, 25 September, 2021
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ओडिशा के कटक जिले में महानदी में फंसे एक हाथी को बचाने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान एक हादसा हो गया। दरअसल, इस रेस्क्यू ऑपरेशन को कवर कर रहे एक पत्रकार की उस समय नदी में डूबने से मौत हो गयी, जब बचाव कार्य में शामिल एक नाव पलट गयी।  

जानकारी के मुताबिक, 17 जंगली हाथियों का एक झुंड अथागढ़ के नुआसासन से चांडक जंगल की ओर जा रहा था। महानदी पार करने के प्रयास में मुंडुली बैराज के पास एक हाथी फंस गया। दरअसल, नदी में तेज बहाव के कारण हाथी हिल भी नहीं पा रहा था। ओडिशा आपदा त्वरित प्रतिक्रिया बल (ओडीआरएएफ) की टीम ने हाथी को बचाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। इस खबर की कवरेज के लिए पहुंचे रीजनल न्यूज चैनल ओडिशा टेलीविजन (ओटीवी) के संवाददाता अरिंदम दास और कैमरापर्सन प्रभात सिन्हा भी इस बचाव अभियान में शामिल हुए थे। नदी में तेज बहाव के कारण ओडीआरएएफ की टीम और पत्रकार जिस नाव पर थे वह अभियान के दौरान पलट गई। 

घटना के तुरंत बाद बचाव दल छह लोगों को किनारे पर ले आया, जबकि एक अन्य व्यक्ति अभी भी लापता है। बचाए गए लोगों को कटक के एससीबी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टर बी मोहराणा ने बताया कि अरिंदम दास को जब तक अस्पताल लाया गया था तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। फोटो पत्रकार प्रभात और ओडीआरएएफ के एक सदस्य की हालत नाजुक बतायी जा रहा है। फिलहाल उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। इसके अलावा ओडीआरएएफ के तीन और कर्मचारियों का अस्पताल में ही इलाज चल रहा है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और वरिष्ठ पत्रकारों सहित अन्य ने दास के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

 

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कर्नाटक के गृह मंत्री बोले- पत्रकार पर हमला करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

उर्दू अखबार कौसर न्यूज से जुड़े पत्रकार मोहम्मद सफदर कैसर पर 16 सितंबर को मैसुरु के नंजनगुड में एक मंदिर को तोड़े जाने का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने कथित रूप से हमला किया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 24 September, 2021
Last Modified:
Friday, 24 September, 2021
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कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बुधवार को विधानसभा को सूचित किया कि वह अधिकारियों को पिछले सप्ताह मैसुरु में एक मंदिर गिराए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में एक उर्दू अखबार के पत्रकार पर कथित हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देंगे।

उन्होंने कहा, ‘किसी भी तरह के गैरकानूनी कृत्य में शामिल दोषियों से सख्ती से निपटा जाएगा। मैं अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश जारी करूंगा।’

नरसिम्हाराजा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक तनवीर सैत द्वारा शून्यकाल के दौरान उठाए गए मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री ने कहा कि वह घटना के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करेंगे।

उर्दू अखबार कौसर न्यूज से जुड़े पत्रकार मोहम्मद सफदर कैसर पर 16 सितंबर को मैसुरु के नंजनगुड में एक मंदिर को तोड़े जाने का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने कथित रूप से हमला किया था।

यह घटना तब हुई जब कैसर मैसुरु महल परिसर के पास कोटे अंजनेय स्वामी मंदिर के पास विरोध स्थल पर हिंदू जागरण वेदिक नेता जगदीश करांत के भाषण को कथित तौर पर रिकॉर्ड कर रहे थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्होंने कथित तौर पर उनसे उस वीडियो को हटाने के लिए कहा जो उन्होंने रिकॉर्ड किया था, जबकि उन्होंने उन्हें बताया कि वह एक पत्रकार है और घटना को कवर कर रहा है।

इस मुद्दे को उठाते हुए सैत ने कहा कि मैसुरु में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पत्रकार के साथ मारपीट की गई और उन्होंने हमला करने से पहले उनका नाम पूछा।

उन्होंने कहा, ‘यह मॉब लिंचिंग जैसी घटना है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कर्नाटक में भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं। सरकार इसे गंभीरता से लें और कार्रवाई करें।

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इस बड़े उद्देश्य से पत्रकारिता विश्वविद्यालय और संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच हुई डील

पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी और संस्कृत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.अनुला मौर्या ने इस पर हस्ताक्षर किए और समझौता पत्र एक-दूसरे को हस्तांतरित किए ।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 24 September, 2021
Last Modified:
Friday, 24 September, 2021
University Agreement

विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उन्नयन और अकादमिक ज्ञान के आदान-प्रदान के उद्देश्य से 23 सितंबर 2021 को जयपुर की ‘हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन’ और जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के मध्य एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी और संस्कृत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुला मौर्या ने इस पर हस्ताक्षर किए और समझौता पत्र एक-दूसरे को हस्तांतरित किए ।

इस अवसर पर दोनों कुलपतियों के मध्य विस्तृत चर्चा हुई, साथ ही प्राथमिकता को तय करते हुए एक कार्ययोजना बनाने पर भी सहमति बनी। इस एमओयू से दोनों विश्वविद्यालय के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान, पाठ्यक्रम विकास में सहयोग, लघु पाठ्यक्रम का संचालन, संयुक्त शिक्षण, शोध, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के सृजन की दिशा में मिलकर काम करेंगे।     

इसमें यह तय हुआ कि विश्वविद्यालय शिक्षकों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों का भी आदान-प्रदान करेंगे और अकादमिक ज्ञान की परंपरा को समृद्ध करेंगे।                       

कुलपति ओम थानवी ने एमओयू को लेकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों व शोधार्थियों को शोध व नवाचार के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे विद्यार्थी और  शोधार्थी लाभान्वित होंगे। इस मौके पर एचजेयू के कुलसचिव डॉ. गुंजन सोनी, अकादमिक समन्वयक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव, उप कुलसचिव डॉ. नीलम उपाध्याय और वरिष्ठ सलाहकार एके नगावत आदि उपस्थित रहे।   

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रामानुज प्रसाद सिंह को राणा यशवंत ने किया याद, लिखी यह भावुक करने वाली पोस्ट

दशकों तक अपनी दमदार गहरी आवाज से रेडियो समाचार श्रोताओं को मुग्ध करने वाले ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) में समाचार वाचक रहे रामानुज प्रसाद सिंह का पिछले दिनों निधन हो गया है।

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Published - Friday, 24 September, 2021
Last Modified:
Friday, 24 September, 2021
Rana-Yashwant

दशकों तक अपनी दमदार गहरी आवाज से रेडियो समाचार श्रोताओं को मुग्ध करने वाले ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) में समाचार वाचक रहे रामानुज प्रसाद सिंह का पिछले दिनों निधन हो गया है। वह करीब 86 साल के थे।

रामानुज प्रसाद सिंह के निधन पर ‘इंडिया न्यूज’ (India News) के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक फेसबुक पोस्ट लिखी है।  

राणा यशवंत की फेसबुक पोस्ट को आप यहां देख सकते हैं।

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इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित किए जाएंगे वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा और अनंत विजय

हिंदी पत्रकारिता और जनसंचार में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाने वाले इस पुरस्कार के तहत पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 23 September, 2021
Last Modified:
Thursday, 23 September, 2021
Hemant Sharma Anant Vijay

केंद्रीय हिंदी सस्थान, आगरा (Kendriya Hindi Sansthan Agra) ने वर्ष 2018 के लिए हिंदी सेवी विद्वानों (Hindi Sevi Awards) के नामों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय मंत्री और हिंदी शिक्षण मंडल के अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रधान, हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष अनिल शर्मा जोशी और संस्थान की निदेशक प्रो. बीना शर्मा द्वारा ये सूची जारी की गई। इसके तहत ‘टीवी9 भारतवर्ष ‘के न्यूज डायरेक्टर हेमंत शर्मा और वरिष्ठ लेखक तथा पत्रकार अनंत विजय को हिंदी पत्रकारिता और जनसंचार में उत्कृष्ट योगदान के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के तहत पांच लाख रुपए का नकद पुरस्कार, शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

अनंत विजय ने भागलपुर विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स (इतिहास) किया है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट, बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा की शिक्षा प्राप्त की। उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘प्रसंगवश’, ‘कोलाहल कलह में’, ‘लोकतंत्र की कसौटी’, ‘बॉलीवुड सेल्फी’ और ‘अमेठी संग्राम’ आदि काफी चर्चित रही हैं। वहीं, ‘यश भारती सम्‍मान’ से सम्‍मानित हेमंत शर्मा का जन्म बनारस में हुआ है। बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय से शोध करने वाले हेमंत शर्मा की चार पुस्‍तकों के अलावा ‘अयोध्‍या का चश्‍मदीद’ और ‘युद्ध में अयोध्‍या’ खासी चर्चित किताबें रही हैं।

गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार' पुरस्कार हिंदी पत्रकारिता और रचनात्मक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य तथा विशिष्ट योगदान करने वालों को मिलता है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष दो लोगों को प्रदान किया जाता है। इस 'हिंदी सेवी सम्मान योजना' का प्रारम्भ 1989 में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के द्वारा किया गया था।

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग (भाषा प्रभाग) के अंतर्गत द्वितीय और विदेशी भाषा के रूप में हिंदी के शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और बहुआयामी विकास के लिए कार्यरत एक शैक्षिक संस्था है। इसका संचालन स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा किया जाता है।

संस्था की ओर से हर साल हिंदी सेवी सम्मान योजना के तहत 12 पुरस्कार श्रेणियों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 26 विद्वानों को सम्मानित किया जाता है। इसी के तहत हिंदी पत्रकारिता तथा जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए हेमंत शर्मा और अनंत विजय का चयन गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार के लिए किया गया है।

केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा किन 12 श्रेणियों में जिन विद्वानों को सम्मानित करने की घोषणा की गई है, वह आप यहां देख सकते हैं।

गंगा शरण सिंह पुरस्कार

1- के. श्रीलता (केरल)

2- बलवंत जानी (गुजरात)

3- एल. वी. के. श्रीधरन (तमिलनाडु)

4- राजेन्द्र प्रसाद मिश्र (ओडिशा)

गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार

1- अनंत विजय (बिहार)

2- हेमंत शर्मा (बनारस, उत्तर प्रदेश)

आत्माराम पुरस्कार

1- कृष्ण कुमार मिश्र (जौनपुर, उत्तर प्रदेश)

2- प्रेमव्रत शर्मा (गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश)

सुब्रह्मण्य भारती पुरस्कार

1- बालस्वरूप राही (दिल्ली)

2- माधव कौशिक (हरियाणा)

महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार

1- नर्मदा प्रसाद उपाध्याय (मध्य प्रदेश)

2- जयप्रकाश (चंडीगढ़)

डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार

1- हाइंस वरनर वैसलर (जर्मनी)

2- शरणगुप्त वीरसिंह (श्रीलंका)

पद्मभूषण डॉ. मोटूरी सत्यनारायण पुरस्कार

1- स्वामी संयुक्तानंद (फीजी)

2- मृदुल कीर्ति (अमेरिका)

सरदार वल्लभ भाई पटेल पुरस्कार

1- जीत सिंह जीत (दिल्ली)

2- रवींद्र सेठ (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश)

दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार

1- सच्चिदानंद जोशी (मध्य प्रदेश)

2- चंद्र प्रकाश द्विवेदी (राजस्थान)

स्वामी विवेकानंद पुरस्कार

1- मनोज कुमार श्रीवास्तव (मध्य प्रदेश)

2- सरोज बाला (पंजाब)

पंडित मदन मोहन मालवीय पुरस्कार

1- अतुल कोठारी (राजस्थान)

2- राजकुमार भाटिया (दिल्ली)

राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुरस्कार

1- रमेश चंद्र नागपाल (गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश)

2- शैलेंद्र कुमार अवस्थी (लखनऊ, उत्तर प्रदेश)

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पत्रकार विकास रंजन की हत्या मामले में सजा का ऐलान, 14 लोगों को उम्रकैद

बिहार के समस्तीपुर में चर्चित पत्रकार विकास रंजन हत्याकांड मामले में 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 23 September, 2021
Last Modified:
Thursday, 23 September, 2021
VikasRanjan54784

बिहार के समस्तीपुर में चर्चित पत्रकार विकास रंजन हत्याकांड मामले में 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी है। रोसड़ा की निचली अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। रोसड़ा कोर्ट ने 13 साल बाद 14 आरोपियों को दोषी करार दिया।

रोसड़ा अनुमंडलीय अदालत के न्यायाधीश सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राजीव रंजन सहाय ने पत्रकार की हत्या मामले में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रखंड अध्यक्ष और महुली पंचायत के मुखिया स्वयंवर यादव समेत 14 आरोपियों को दोषी करार दिया, जिनमें स्वयंवर यादव के अतिरिक्त उमाकांत चौधरी, विधान चंद्र राय, राजीव रंजन उर्फ गुड्डू कुमार, प्रियरंजन उर्फ टीनू सिंह, मनोज कुमार चौधरी, मनिंदर कुमार चौधरी, राम उदय राय, संतोष आनंद सिंह, मोहन यादव, कृष्ण कुमार यादव उर्फ बड़कू यादव, संजीव राय, राजीव राय एवं बबलू सिंह शामिल है।

बता दें कि पत्रकार की हत्या 25 नवंबर, 2008 को समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल में कर दी गई थी। मृतक के परिजनों ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के रोसड़ा प्रखंड अध्यक्ष स्वयंवर यादव समेत 14 लोगों पर आरोप लगाया था।

इस मामले में अभियोजन पक्ष की वकील हीरा देवी ने कहा कि पत्रकार विकास रंजन की हत्या भूमि विवाद को लेकर की गई थी। उसका विवाद अपने चचेरे भाई से था। घटना के 13 साल बाद फैसला आया।

हीरा देवी ने कहा, विकास रंजन के रिश्तेदारों ने उसे मारने की साजिश रची थी। उन्होंने उसे खत्म करने के लिए गुंडों को काम पर रखा था। उसका शव 25 नवंबर, 2008 को रोसड़ा में मिला था।

उन्होंने कहा, हमने अदालत में खतरनाक ऑडियो और वीडियो क्लिप सहित मजबूत सबूत पेश किए। आरोपी ने दिन के उजाले में कई बार विकास रंजन और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। हमने अदालत में कई चश्मदीद गवाह भी पेश किए, जिससे न्याय पाने में मदद मिली।

 

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गौरी लंकेश हत्याकांड: HC के फैसले को चुनौती, अब SC लेगा निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 22 September, 2021
Last Modified:
Wednesday, 22 September, 2021
Gauri lankesh

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब यह सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि आरोपी मोहन नायक के खिलाफ केसीओसीए (KCOCA) के तहत मुकदमा चलाया जाए या  नहीं।

अदालत ने गौरी लंकेश की बहन और फिल्म निर्माता कविता लंकेश द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। आरोपी मोहन नायक के खिलाफ कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (केसीओसीए) के तहत आरोपों को खारिज करने के फैसले को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए.एम. खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने पक्षकारों को तीन दिनों में लिखित दलीलें दाखिल करने को भी कहा है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने गौरी लंकेश की बहन कविता लंकेश की याचिका पर नोटिस जारी कर सभी पक्षों से जवाब मांगा था, जिसके बाद मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

कविता ने कर्नाटक हाई कोर्ट के एक फैसले को चुनौती दी है, जिसमें हाई कोर्ट ने पत्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले में आरोपी मोहन नायक के खिलाफ कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (केसीओसीए) को लगाने के बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के आदेश को निरस्त कर दिया था।

बता दें कि गौरी लंकेश की हत्या 05 सितम्बर 2017 को बेंगलुरु में उनके घर के बाहर गोली मारकर कर दी गई थी। मामले की जांच एसआईटी ने की थी। जांच में पाया गया था कि घटना के तार संगठित गिरोह से जुड़े हैं, जो ककोका के दायरे में आते हैं। जांच में पाया गया था कि मोहन नायक ने इस घटना के आरोपितों को पनाह देने का काम किया था और वो गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहा था। उसके बाद मोहन नायक के खिलाफ ककोका लगाते हुए पूरक चार्जशीट दाखिल किया गया था।

कविता लंकेश की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि मामले में आरोपी नंबर 6 मोहन नायक जमानत लेने के लिए इस फैसले पर भरोसा कर रहा है। इस पर बेंच ने कहा कि जमानत अर्जी पर फैसले से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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खुद को पत्रकार बताकर कर रहा था ब्लैकमेल, पुलिस ने दिखाया हवालात का रास्ता

पुलिस ने कथित पत्रकार के दो साथियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 70 हजार रुपये और कार बरामद

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 22 September, 2021
Last Modified:
Wednesday, 22 September, 2021
Arrest

ढाबा मालिक को ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने एक फर्जी पत्रकार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला पंजाब के लुधियाना के जगराओं (Jagraon) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक व्यक्ति कुछ समय पूर्व अपने दो साथियों के साथ ढाबा मालिक परमिंदर सिंह उर्फ राजा के पास आया और खुद को एक वेब चैनल का एडिटर हुए कहा कि उसके पास ऐसा वीडियो है, जिसमें ढाबा मालिक के एम्प्लॉयीज जमीन में दूषित पानी बहा रहे हैं।

खुद को एडिटर बताने वाले इस व्यक्ति का कहना था कि इस वीडियो को यदि वह सार्वजनिक कर देगा तो उनके ढाबे की काफी बदनामी होगी। इसके बाद उसने इस वीडियो को जारी न करने की एवज में परमिंदर सिंह से एक लाख रुपये की मांग कर दी।

इस पर परमिंदर सिंह ने आरोपियों को 70 हजार रुपये दे दिए और इस बात की शिकायत पुलिस से कर दी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 70 हजार रुपये और एक कार बरामद हुए हैं।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरुसेवक सिंह, हरजिंदर सिंह और लखविंदर सिंह के रूप में हुई है। परमिंदर सिंह के अनुसार, गुरुसेवक सिंह खुद को वेब चैनल का एडिटर बताता था।  

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पटना के होटल में बंगाल की एंकर से गैंगरेप, आरोपी फरार

बिहार की राजधानी पटना से एक महिला एंकर के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आयी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 21 September, 2021
Last Modified:
Tuesday, 21 September, 2021
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बिहार की राजधानी पटना से एक महिला एंकर के साथ गैंगरेप की वारदात सामने आयी है। बताया जा रहा है कि एंकर कोलकाता की रहने वाली है, जिसे एक प्रोग्राम में बुलाया गया था। फिलहाल इस वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी फरार हैं, जोकि मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं।

उल्लेखनीय है कि ये वारदात राजधानी के एक बड़े होटल में अंजाम दी गई, जहां एक इवेंट एंकर के साथ दो लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। मामला 2 जुलाई की देर रात करीब 1 बजे का है। एक बड़े होटल के कमरा नंबर 512 में इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि वह अपनी अस्मत बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही लेकिन होटल में हो रही तीन बड़ी शादियों में बज रही शहनाई और डीजे के शोर में उसकी आवाज दब गई। कोई कुछ भी सुन न सके, इसलिए आरोपित अपने मोबाइल पर जोर-जोर से गाना भी बजा रहे थे। दरिंदगी के बाद आरोपितों ने मुंह खोलने पर जान से मारने की बार-बार धमकी दे रहे थे। किसी से बात तक नहीं करने दिया। होटल से कार में बैठाकर सीधे पटना जंक्शन लाये और ट्रेन में बैठा दिया। ट्रेन खुलने के बाद दोनों आरोपित वहां से चले गए। 3 जुलाई को पीड़िता पटना जंक्शन से हावड़ा पहुंची, इसके बाद उसने अपने पति को सारी बातें बताईं। फिर उसने पति के साथ 4 जुलाई को जाधवपुर थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। मामला बड़ा था लिहाजा बंगाल पुलिस ने बिना देरी किए जीरो एफआईआर दर्ज की और इसे पटना के गांधी मैदान थाना को भेजा। इसके बाद गांधी मैदान थाने में एफआईआर कांड संख्या 338/21 दर्ज किया गया और कार्रवाई शुरू कर दी गई।

गैंगरेप का आरोप मुजफ्फरपुर के रहने वाले हर्ष रंजन और उसके साथी विक्रांत केजरीवाल पर है, जोकि पटना में रहकर इंटरटेनमेंट कंपनी चलाती हैं। इन दोनों पर ये आरोप भी है कि इन्‍होंने दुष्कर्म के अगले दिन 3 जुलाई को होटल से पटना जंक्शन छोड़ने के दौरान पीड़िता को फ्रेजर रोड के आसपास कार में जबरन गर्भ निरोधक गोलियां तक खिलाईं।

गांधी मैदान थाना प्रभारी रणजीत वत्स ने बताया कि दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अब तक तीन बार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई है। गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने फरार दोनों आरोपितों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट ले लिया है। दोनों का मोबाइल बंद है। गिरफ्तारी नहीं होने पर कोर्ट से आदेश प्राप्त कर दोनों आरोपितों की संपत्ति की कुर्की जब्ती की जाएगी।   

 

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वरिष्ठ पत्रकार के. एम. रॉय का निधन, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

वरिष्ठ पत्रकार के. एम. रॉय का शनिवार को कोच्चि स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे और उम्र से संबंधित बीमारियों से ग्रसित थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 20 September, 2021
Last Modified:
Monday, 20 September, 2021
kmRoy5448754

वरिष्ठ पत्रकार के. एम. रॉय का शनिवार को कोच्चि स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे और उम्र से संबंधित बीमारियों से ग्रसित थे। रविवार को उनका पार्थिव शरीर सेंट थॉमस चर्च में रखा गया, जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।   

रॉय के परिवार में बेटा मनु रॉय और बेटी स्वप्ना हैं। जनता के अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को रविवार को सुबह 9.15 बजे से 10 मिनट के लिए एर्नाकुलम प्रेस क्लब में रखा गया था।  

वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार रॉय ने 1961 में अपने करियर की शुरुआत ‘केरल प्रकाशम’ के सह-संपादक के रूप में की। उन्होंने ‘इकनॉमिक टाइम्स’, ‘द हिंदू’ और न्यूज एजेंसी ‘यूएनआई’ में भी काम किया। दैनिक समाचार पत्र ‘मंगलम’ के संपादक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय पत्रकारिता छोड़ दी थी, लेकिन उनके लेख विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते थे।

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पी. विजयन, विपक्ष के नेता वी डी सतीशन, केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पत्रकार प्रख्यात पत्रकार के एम रॉय के निधन पर शोक प्रकट किया और कहा कि पत्रकारों के अधिकारों को सुनिश्चित करने में उनके योगदान को याद किया जाएगा।

राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा, ‘मलयालम और अंग्रेजी मीडिया में सेवा देने वाले दिग्गज पत्रकार के निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ। पत्रकारिता क्षेत्र और पत्रकारों के अधिकार को सुनिश्चित करने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।’

वहीं, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने निधन पर शोक जताते हुए कहा कि रॉय के निधन से केरल ने एक प्रख्यात पत्रकार खो दिया है, जिन्होंने कई दशकों तक अंग्रेजी और मलयालम पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सतीशन ने कहा कि रॉय के निधन से भारतीय मीडिया को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है।

मुरलीधरन ने रॉय को निष्पक्ष मीडिया हस्ती बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा नैतिक मूल्यों को बरकरार रखा।

रॉय स्वदेशभिमानी-केसरी पुरस्कार से सम्मानित थे, जो राज्य सरकार द्वारा स्थापित मीडियाकर्मियों के लिए सर्वोच्च सम्मान है। वह केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष और इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के महासचिव थे। रॉय कोट्टायम प्रेस क्लब के फाउंडर सेक्रेट्री थे। उन्होंने 'इरुलुम वेलिचावम' (Irulum Velichavum)  और 'कालाथिनु मुन्पे नदन्ना मंजूरां' (Kaalathinu Munpe Nadanna Manjooraan) सहित कई किताबें लिखी हैं।

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