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‘टाइम्स नाउ’ की महिला अधिकारी का शातिराना अंदाज में फोन उड़ाकर ले गए बदमाश
घर से नोएडा फिल्म सिटी की ओर जा रही थीं टाइम्स नाउ की जीएम (एचआर) वांछा गर्ग, पर्थला चौक के पास दो मई को हुई वारदात
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
ग्रेटर नोएडा में दो बदमाशों ने शातिराना अंदाज में अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now) की महिला अधिकारी को चोरी का शिकार बना लिया और उनकी कार से महंगा मोबाइल फोन उठाकर ले गए। यह वारदात दो मई को ग्रेटर नोएडा में पर्थला चौक के पास उस समय हुई, जब पीड़ित महिला अधिकारी अपने घर से फिल्म सिटी जा रही थीं। महिला अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके साथ कुछ और बड़ी वारदात भी हो सकती थी। इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा है और न ही उनका फोन बरामद हुआ है।
बता दें कि पीड़ित महिला का नाम वांछा गर्ग है और वह ‘टाइम्स नाउ’ में महाप्रबंधक (एचआर) के पद पर कार्यरत हैं। समाचार4मीडिया से बातचीत में वांछा गर्ग ने बताया कि दो मई को सुबह करीब दस बजे वह ग्रेटर नोएडा स्थित एक मूर्ति से फिल्म सिटी की ओर जा रही थीं। इस दौरान पर्थला चौक के निकट उनकी कार जाम में फंस गई।
वांछा गर्ग के अनुसार, ‘इसी बीच एक व्यक्ति मेरे पास आकर चिल्लाने लगा कि मैंने उसे टक्कर मारी है और उसने मुझसे कार का शीशा नीचे करने के लिए कहा। हालांकि, मैंने किसी को टक्कर नहीं मारी थी, इसलिए मैंने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद उस व्यक्ति ने कहा कि मेरी कार के पिछले पहिये के नीचे एक बच्चा आ गया है और वह मुझसे कार का शीशा नीचे करने के लिए जोर देने लगा। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति वहां आ गया और मेरी कार के शीशे को जोर-जोर से पीटना शुरू कर दिया, जिससे मैं डर गई।’
वांछा गर्ग का कहना है, ‘यह सोच कर कि हो सकता है कि मैंने उनके बच्चे को चोट पहुंचा दी हो, मैंने उसकी बात सुनने के लिए जैसे ही कार का शीशा नीचे किए, उस आदमी ने अपना हाथ कार में अंदर घुसा दिया और दर्द होने का नाटक करने लगा। इसके बाद मैंने शीशा थोड़ा नीचे कर दिया, ताकि वह अपना हाथ निकाल सके, लेकिन अपना हाथ निकालने के बजाय उसने कार का दरवाजा खोल दिया। इस बीच बदमाश का दूसरा साथी कार का दरवाजा पीटने लगा। मैं काफी घबरा गई थी और अभी स्थिति को पूरी तरह समझने की कोशिश कर रही थी, तभी दोनों बदमाश वहां से भाग गए। इसके बाद मुझे पता चला कि वह मेरा आईफोन उठाकर ले गए हैं।’
वांछा गर्ग का कहना है कि उनकी शिकायत पर पुलिस ने वहां मौजूद सीसीटीवी की जांच की तो पता चला कि वह लंबे समय से काम ही नहीं कर रहे हैं। वांछा गर्ग के अनुसार, बदमाश उनका अपहरण कर सकते थे अथवा हत्या भी कर सकते थे।
वांछा गर्ग ने यह भी बताया कि दो मई को हुई इस वारदात के बाद पुलिस अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाई है। इसके साथ ही जब उन्होंने अपने मोबाइल फोन को लेकर पुलिस को कुछ क्लू भी दिए तो भी पुलिस उनका फोन तक बरामद नहीं कर पाई है।
इसके अलावा वांछा गर्ग का यह भी कहना है कि उन्होंने अपने फाइंडमाई ऐप के माध्यम से पाया कि घटना के अगले दिन उनका फोन मेरठ में चालू हो गया था। यह बात उन्होंने पुलिस को बताई तो पुलिस का कहना था कि वे फोन के दोबारा चालू होने का इंतजार कर रहे हैं और वे नए नंबर के साथ इसके दोबारा इस्तेमाल होने का इंतजार करेंगे।
वांछा गर्ग के अनुसार, ‘मुझे समझ नहीं आ रहा है कि हम उस समयसीमा और सीसीटीवी फुटेज की जांच क्यों नहीं कर रहे हैं, जहां पर मेरा फोन इस्तेमाल किया गया था। उस चीज का इंतजार क्यों करना जो शायद कभी हो ही न। क्यों न मेरठ की फुटेज की तलाश की जाए जहां मेरा फोन चालू था।’
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