वरिष्ठ पत्रकार नीलाभ मिश्र की याद में जुटेंगे दिग्गज, ये है कार्यक्रम

वरिष्ठ पत्रकार और नेशनल हेराल्ड के संपादक रहे नीलाभ मिश्र की याद में दिल्ली में 12 अप्रैल को एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा

Last Modified:
Thursday, 11 April, 2019
Neelabh

वरिष्ठ पत्रकार और नेशनल हेराल्ड के संपादक रहे नीलाभ मिश्र की याद में दिल्ली के डॉ.राजेंद्र प्रसाद मार्ग स्थित जवाहर भवन में 12 अप्रैल की शाम साढ़े पांच बजे से दूसरे नीलाभ मिश्र जनसंवाद (Public Dialogue) का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध विचारक और लेखक डॉ. प्रताप भानु मेहता और लेखक एवं कॉलमिस्ट अपूर्वानंद ‘On how to Make Choices in the Age of Populism, New Ideas of Citizenship and Neo-Nationalism’ विषय पर चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि पिछले साल नीलाभ मिश्र का 57 साल की उम्र में निधन हो गया था। लंबे वक्त से नॉन एल्कोहॉलिक लीवर सिरॉसिस से जूझ रहे नीलाभ मिश्र ने 24 फरवरी 2018 को चेन्नै के अस्पताल में आखिरी सांस ली थी।

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हिंदी पत्रकारिता के प्रवर्तक के नाम पर देश का पहला स्मारक बना IIMC का पुस्तकालय

'आईआईएमसी' के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा, व्यक्ति नहीं, एक विचार हैं 'पं. युगल किशोर'

Last Modified:
Thursday, 17 June, 2021
IIMC

‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (आईआईएमसी) का पुस्तकालय अब पं. युगल किशोर शुक्ल ग्रंथालय एवं ज्ञान संसाधन केंद्र के नाम से जाना जाएगा। हिंदी पत्रकारिता के प्रवर्तक पं. युगल किशोर शुक्ल के नाम पर यह देश का पहला स्मारक है। बुधवार को पं. युगल किशोर शुक्ल ग्रंथालय एवं ज्ञान संसाधन केंद्र के नामकरण के मौके पर 'आईआईएमसी' के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा, 'पं. युगल किशोर शुक्ल का पूरा जीवन हिंदी पत्रकारिता,  भारतबोध और सामाजिक प्रतिबद्धताओं को समर्पित था। उन्होंने पत्रकारिता में मूल्यों को समझा था और लोक कल्याण और जनसरोकार की पत्रकारिता की थी। पं. युगल किशोर शुक्ल व्यक्ति नहीं, एक विचार हैं।'

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि हमारे लिए बड़े गर्व का विषय है कि आईआईएमसी का पुस्तकालय अब शुक्ल जी के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि भाषा सिर्फ एक साधन है। ज्ञान किसी भाषा का मोहताज नहीं होता। भारत को जोड़े रखने के लिए हमें सभी भारतीय भाषाओं को समान महत्व देना ही होगा, क्योंकि सभी भारतीय भाषाएं राष्ट्रभाषाएं हैं।

इस अवसर पर "हिंदी पत्रकारिता की प्रथम प्रतिज्ञा: हिंदुस्तानियों के हित के हेत" विषय पर एक विशेष विमर्श का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में ‘दैनिक जागरण‘ के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में तथा पद्मश्री से अलंकृत वरिष्ठ पत्रकार विजय दत्त श्रीधर मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए। इसके अलावा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की निदेशक डॉ. सोनाली नरगुंदे, पांडिचेरी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सी. जय शंकर बाबु, कोलकाता प्रेस क्लब के अध्यक्ष स्नेहाशीष सुर एवं आईआईएमसी, ढेंकनाल केंद्र के निदेशक प्रो. मृणाल चटर्जी ने भी वेबिनार में अपने विचार व्यक्त किये। समारोह की अध्यक्षता प्रो. संजय द्विवेदी ने की।

इस मौके पर ‘दैनिक जागरण‘ के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि पं. युगल किशोर शुक्ल में समाज और राष्ट्र की ज्वलंत समस्याओं के बारे में असाधारण जागरूकता थी और सच कहने का साहस भी था। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के लिए सिर्फ राजनीतिक चेतना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना की भी आवश्यकता है।

पद्मश्री से अलंकृत वरिष्ठ पत्रकार विजय दत्त श्रीधर ने कहा कि आज से 195 वर्ष पूर्व पं. युगल किशोर शुक्ल ने सूचना की शक्ति को पहचान लिया था। उन्हें पता था कि समाज के लिए सूचना बहुत ​ही हितकारी है। श्रीधर ने कहा कि पत्रकारिता सिर्फ व्यवसाय नहीं है। पत्रकारिता में जब सामाजिक सरोकार प्रबल होंगे, तभी पत्रकारिता की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता न ​तो किसी के पक्ष में होती है और न ही विपक्ष में। पत्रकारिता सिर्फ जनपक्ष होती है।

पांडिचेरी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने कहा कि आज अतीत के हमारे प्रामाणिक शोधों के डिजिटलाइजेशन की आवश्यकता है, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी इसका लाभ उठा सके। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की निदेशक डॉ. सोनाली नरगुंदे ने कहा कि भारतीय भाषाओं के बीच समन्वय का भाव आवश्यक है। अगर हमें भाषाओं को सींचना है, तो सभी को मिल-जुलकर प्रयास करने होंगे, जिसमें महत्वपूर्ण भूमिका हिंदी भाषी लोगों को निभानी होगी।

कोलकाता प्रेस क्लब के अध्यक्ष स्नेहाशीष सुर ने कहा कि हिंदी भारतीय भाषाओं के बीच संपर्क का माध्यम है। पिछले कुछ समय से हिंदी के साथ अन्य भाषाओं के लोगों की सहजता बढ़ी है और परस्पर आदान-प्रदान से दोनों ही भाषाएं समृद्ध होती हैं। आईआईएमसी, ढेंकनाल केंद्र के निदेशक प्रो. मृणाल चटर्जी ने बताया कि आर्थिक तंगी के बावजूद पं. युगल किशोर शुक्ल ने 'उदन्त मार्तण्ड' का प्रकाशन किया था। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को अपने महापुरुषों का भुलाना नहीं चाहिए और उनके अनुभवों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

इस अवसर पर प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि भारतीय जनसंचार संस्थान अपनी स्थापना से ही भारतीय भाषाओं के संवर्धन का कार्य कर रहा है। हम चाहते हैं कि आईआईएमसी भारतीय भाषाओं के बीच अंतर-संवाद का मंच बने। उन्होंने कहा कि संवाद के माध्यम से ही हम लोगों को जोड़ सकते हैं और इस प्रक्रिया में पत्रकारिता का महत्वपूर्ण स्थान है।

कार्यक्रम में संस्थान के अपर महानिदेशक के. सतीश नंबूदिरीपाड भी विशेष तौर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डीन (छात्र कल्याण) प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन आईआईएमसी, जम्मू केंद्र के निदेशक प्रो. (डॉ.) राकेश गोस्वामी ने किया।

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नहीं रहीं जानी-मानी मीडिया प्रफेशनल टीना सिंह

टीना सिंह देश के तमाम प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी थीं। BCCL के साथ वह 31 साल से ज्यादा समय तक जुड़ी रही थीं।

Last Modified:
Wednesday, 16 June, 2021
Teena Singh

मीडिया और मार्केटिंग क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती टीना सिंह का निधन हो गया है। टीना सिंह को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव था। वह देश के तमाम प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी थीं। उन्होंने वर्ष 2019 में करीब पांच महीनों के लिए नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के फर्स्टपोस्ट (First Post) प्रिंट एडिशन में बतौर कंसल्टेंट (सेल्स और मार्केटिंग) काम किया था।

उससे पहले 2015 से 2017 के बीच वह ‘टीमवर्क आर्ट्स’ (Teamwork Arts) में बतौर कंसल्टेंट (मार्केटिंग, मीडिया स्ट्रैटेजी और सेल्स) की जिम्मेदारी निभा रही थीं। उन्होंने ‘बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ (BCCL) के साथ अपने करियर की सबसे लंबी पारी खेली।

यहां उन्होंने 31 साल से अधिक समय तक विभिन्न भूमिकाओं में अपनी जिम्मेदारी निभाई। टीना सिंह ने वर्ष 1984 में 'बीसीसीएल' में बतौर चीफ मैनेजर जॉइन किया था और वर्ष 2015 में यहां वाइस प्रेजिडेंट के पद से अलग हुई थीं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो टीना सिंह ने ‘दिल्ली विश्वविद्यालय’ (DU) से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। इसके अलावा उन्होंने ’इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन’ (IIMC) से पीजी डिप्लोमा और ‘आईआईएम अहमदाबाद’ (IIM Ahmadabad) से स्ट्रैटेजिक मार्केटिंग में डिग्री ली थी।

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मार्कंड अधिकारी ने टीकाकरण से वंचितों के लिए बड़े पैमाने पर शुरू किया ये अभियान

अब श्री अधिकारी ब्रदर्स ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मार्कंड अधिकारी एक बेहतरीन पहल शुरू की है।

Last Modified:
Wednesday, 16 June, 2021
markandadhikari544

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीन ही बचाव का एक बेहतर विकल्प है। लिहाजा सरकार की कोशिश है कि वह ज्यादा से ज्यादा भारतीयों के लिए वैक्सीन उपलब्ध करा सके। इस कड़ी में अब श्री अधिकारी ब्रदर्स ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मार्कंड अधिकारी एक बेहतरीन पहल शुरू की है। दरअसल, चल रही COVID-19 महामारी के बीच, मीडिया दिग्गज मार्कंड अधिकारी ने उन लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया है, जो अभी तक टीका लगवाने (वैक्सीनेशन) से वंचित रह गए हैं।

श्री अधिकारी ब्रदर्स ग्रुप (सब ग्रुप) के ब्रॉडकास्टिंग व प्रॉडक्शन की पूरी टीम का टीकाकरण हो चुका है, जिसके बाद अब मार्कंड अधिकारी ने उन वंचितों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया है, जो टीकाकरण का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं या वे लोग, जो तकनीकि चुनौतियों की वजह से स्लॉट को बुक करने में असमर्थ हैं। मुंबई के अंधेरी पश्चिम से भाजपा विधायक अमित साटम की मदद से ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है।

इस पहल को लेकर मार्कंड अधिकारी ने कहा, ‘निजी व्यक्तियों द्वारा टीकाकरण अभियान से लोगों का टीकाकरण कराने में मदद मिलेगी और सरकार का बोझ भी कम होगा। मुझे लगता है कि हर कॉरपोरेट को इस तरह के नेक काम के लिए आगे आना चाहिए और समाज को महामारी से छुटकारा दिलाना चाहिए।’

मार्कंड अधिकारी, सब ग्रुप के मीडिया और मनोरंजन के सभी कार्यक्षेत्रों जैसे- कंटेंट प्रॉडक्शन, ब्रॉडकास्टिंग, फिल्म प्रॉडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन, वीएफएक्स स्टूडियो, डिजिटल प्लेटफॉर्म और करंट अफेयर्स व न्यूज आर्म्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इसके अलावा, वह बॉलीवुड मूवीज के प्रॉडक्शन से भी जुड़े हुए हैं।

इसके अतिरिक्त वह कॉमेडी चैनल ‘सब’ (SAB) के संस्थापक भी हैं। उनके नेतृत्व में ‘मस्ती’,  ‘दबंग’, ‘मैबोली’ जैसे सफल चैनल का संचालन भी किया जा रहा है। इसके अलावा, वह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म `गवर्नेंस नाउ’ को भी चला रहे हैं, जो एक सार्वजनिक मंच पर शासन-प्रशासन से संबंधित मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा रहा है और इस प्रकार से उन्होंने मीडिया सेगमेंट में भी अपनी जगह बनाई है।

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कोर्ट ने पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को इस आरोप से किया मुक्त, कही ये बात

मांट (मथुरा) एसडीएम रामदत्त राम ने इस मामले में कप्पन समेत उनके साथ गिरफ्तार तीन अन्य लोगों के ऊपर से यह आरोप हटा दिया है।

Last Modified:
Wednesday, 16 June, 2021
Siddique Kappan

कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म की शिकार युवती के हाथरस स्थित गांव जाते समय पांच अक्टूबर 2020 को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन और तीन अन्य को शांतिभंग के आरोप से मुक्त कर दिया गया है। मांट (मथुरा) एसडीएम रामदत्त राम ने इस मामले में कप्पन समेत उनके साथ गिरफ्तार तीन अन्य लोगों के ऊपर से यह आरोप हटा दिया है। हालांकि, देशद्रोह और अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम ‘यूएपीए’ (UAPA) के तहत लगे आरोप अभी भी उन पर लगे हुए हैं।  

बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील पर उप जिलाधिकारी ने सभी चारों आरोपितों को शांति भंग के आरोप से मुक्त किए जाने के आदेश जारी किए हैं। इस मामले में एसडीएम का कहना है, ' पुलिस इस मामले की जांच तय छह महीने में पूरा नहीं कर पाई है। ऐसे में चारों आरोपितों पर से शांतिभंग का आरोप हटाया जाता है।'

गौरतलब है कप्पन को 5 अक्टूबर 2020 को तीन अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब वह एक दलित महिला के कथित गैंगरेप और मौत की रिपोर्ट करने यूपी के हाथरस जा रहे थे। पुलिस ने तब कहा था कि उसने चार लोगों को मथुरा में अतिवादी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के साथ कथित संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया और चारों की पहचान केरल के मलप्पुरम के सिद्दीकी कप्पन, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के अतीक-उर-रहमान, बहराइच के मसूद अहमद और रामपुर के मोहम्मद आलम के तौर पर हुई है।

उनके खिलाफ मांट थाने में आईपीसी की धारा 124ए (राजद्रोह), 153ए (दो समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने), 295ए (धार्मिक भावनाएं आहत करने), यूएपीए की धारा 65, 72 और आईटी एक्ट की धारा 76 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 3 अप्रैल को मथुरा की अदालत में उनके और सात अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया, जिसमें उन पर राजद्रोह का और राज्य में हिंसा भड़काने के प्रयास का आरोप लगाया गया। साथ ही उन्हें आतंकवादी संगठन पीएफआई का सदस्य बताया गया।

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कोरोना को मात देकर लौटे सुधीर चौधरी को फैन्स ने यूं बैठाया सिर आंखों पर

सुधीर चौधरी ने अपने चाहने वालों को एक तोहफा देते हुए कहा कि वह अपने फेसबुक पेज पर लाइव आ रहे हैं। उनके ऐसा कहते ही फेसबुक और ट्विटर पर वह ट्रेंड करने लगे।

Last Modified:
Tuesday, 15 June, 2021
SudhirChaudhary5454

‘जी न्यूज’ (Zee News) के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी ने कोरोना वायरस (कोविड-19) को मात दे दी है। लगभग 20 दिनों के बाद उनकी कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके बाद सुधीर चौधरी ने अपने चाहने वालों को एक तोहफा देते हुए रविवार को कहा था कि वह अपने फेसबुक पेज पर लाइव आ रहे हैं। उनके ऐसा कहते ही फेसबुक और ट्विटर पर वह ट्रेंड करने लगे। लोगों को उनका बेसब्री से इंतजार था और जब वह शाम पांच बजे फेसबुक पर आए, तो ऐसे आए कि लाइक, कमेंट और शेयर की तो जैसे बाढ़ सी आ गई।

यह भी पढ़ें: कोरोना को मात देने के बाद फेसबुक पर LIVE हुए सुधीर चौधरी, कही ये बात

लोग अपने चहेते एंकर को देखने और सुनने के लिए बेकरार थे। दीवानगी का आलम ये था कि खबर लिखे जाने तक उनके वीडियो को 7.5 मिलियन से भी अधिक व्यूज मिल चुके हैं।

आपको बता दें कि पिछले दिनों सुधीर चौधरी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सुधीर चौधरी ने एक ट्वीट के जरिये खुद इस बात की जानकारी दी थी। अपने ट्वीट में सुधीर चौधरी का कहना था, ‘मैं कोविड पॉजिटिव हो गया हूं और अब इससे रिकवर कर रहा हूं।’ हालांकि कई दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद एक जून को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। 

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पत्रकार की हत्या के मामले में कई नेताओं ने योगी सरकार को घेरा, की CBI जांच की मांग

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की हत्या के मामले में राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है

Last Modified:
Tuesday, 15 June, 2021
sulabhsrivastava65

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की हत्या के मामले में राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।

कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने मामले में यूपी की योगी सरकार को घेरा और पत्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की।

प्रियंका ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा, ‘12 जून को सुलभ श्रीवास्तव ने एडीजी (प्रयागराज जोन) को लिखे पत्र में बताया था कि स्थानीय शराब माफिया अवैध शराब पर उनकी खबर से नाराज हैं और उन्हें अपनी और अपने परिवार की सलामती की चिंता है। प्रशासन को पत्र भेजे जाने के एक दिन बाद ही संदिग्ध हालात में वह मृत पाए गए।’

उन्होंने कहा कि सुलभ श्रीवास्तव के परिजन और पत्रकार साथियों ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने तथा सच सामने लाने की मांग की है। प्रियंका ने दावा किया, ‘यूपी में कई जगहों से जहरीली शराब से मौत होने की खबरें आई हैं। अलीगढ़ से लेकर प्रतापगढ़ तक जहरीली शराब के चलते सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में एक पत्रकार द्वारा खबरें दिखाने को लेकर शराब माफियाओं से खतरा होने की आशंका बताती है कि प्रदेश में कानून के राज इकबाल खत्म हो चुका है।’

उन्होंने कहा, ‘इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। प्रदेश भर जड़ जमा चुके शराब माफिया एवं प्रशासन के गठजोड़ पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार और मृतक के आश्रितों को तुरंत आर्थिक मदद दी जाए।’

वहीं, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा,  ‘उत्तर प्रदेश में आज क्या हुआ? एक पत्रकार की हत्या हो गई? मैं इसकी निंदा करती हूं। ममता बनर्जी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'यूपी में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत की खबर सुनकर झटका लगा। ये देखकर दु:खी हूं कि लोकतंत्र और स्वतंत्रता के हमारे मूल्यों का हिस्सा होने के बावजूद हम उनकी जान नहीं बचा पा रहे जो दिन रात सच सामने लाने की लड़ाई लड़ते हैं।'

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा, 'प्रतापगढ़ में एक कथित हादसे में एक टीवी पत्रकार की संदिग्ध मौत बेहद दुखद है। भावभीनी श्रद्धांजलि! बीजेपी सरकार इस मामले में एक उच्च स्तरीय जांच बैठाकर परिजन और जनता को ये बताए कि पत्रकार द्वारा शराब माफिया के हाथों हत्या की आशंका जताने के बाद भी उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी गई?'

वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इसे हत्या करार दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘शराब माफियाओं के खिलाफ खबर चलाने के कारण यूपी में एक पत्रकार की हत्या हो जाती है, जबकि एक दिन पहले सुलभ जी ने एडीजी को पत्र लिखकर हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन सब सोते रहे।’

बता दें कि यूपी के प्रतापगढ़ जिले में ‘एबीपी गंगा’ के जिला संवाददाता सुलभ श्रीवास्तव की रविवार रात एक ईंट भट्ठे के किनारे संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस इस मौत को दुर्घटना बता रही थी जबकि परिजनों को आशंका है कि उनकी हत्या हुई है।

यह भी पढ़ें: संदिग्ध हालात में पत्रकार की मौत, एक दिन पहले ही मांगी थी पुलिस से सुरक्षा

दरअसल, उन्होंने घटना से एक दिन पहले ही यानी 12 जून को पुलिस को लिखे पत्र में अपनी जान और परिवार की सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका जताई थी। सोशल मीडिया पर सुलभ श्रीवास्तव का एक कथित खत वायरल हुआ है, जो उन्होंने पुलिस को अपनी सुरक्षा के लिए लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा है कि 9 जून को उनकी रिपोर्ट से एक शराब माफिया नाराज है। उन्होंने तो यहां तक लिखा कि जब भी वह घर से निकलते हैं तो लगता है कि उनका कोई पीछा कर रहा है।  

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हिंदी पत्रकारिता के प्रवर्तक के नाम पर होगा IIMC का पुस्तकालय

भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) का पुस्तकालय अब पं. युगल किशोर शुक्ल ग्रंथालय एवं ज्ञान संसाधन केंद्र के नाम से जाना जाएगा।

Last Modified:
Monday, 14 June, 2021
IIMC DELHI

भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) का पुस्तकालय अब पं. युगल किशोर शुक्ल ग्रंथालय एवं ज्ञान संसाधन केंद्र के नाम से जाना जाएगा। हिंदी पत्रकारिता के प्रवर्तक पं. युगल किशोर शुक्ल के नाम पर यह देश का पहला स्मारक होगा। पुस्तकालय के नामकरण के अवसर पर आईआईएमसी द्वारा 17 जून को "हिंदी पत्रकारिता की प्रथम प्रतिज्ञा: हिंदुस्तानियों के हित के हेत" विषय पर एक विशेष विमर्श का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख विद्वान अपने विचार व्यक्त करेंगे।

आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने बताया कि इस वेबिनार में दैनिक जागरण (दिल्ली-एनसीआर) के संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी मुख्य अतिथि होंगे तथा पद्मश्री से अलंकृत वरिष्ठ पत्रकार  विजयदत्त श्रीधर मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ताओं के रूप में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की निदेशक डॉ. सोनाली नरगुंदे, पांडिचेरी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सी. जय शंकर बाबू, कोलकाता प्रेस क्लब के अध्यक्ष स्नेहाशीष सुर एवं आईआईएमसी, ढेंकनाल केंद्र के निदेशक प्रो. मृणाल चटर्जी अपने विचार प्रकट करेंगे। 

प्रो. द्विवेदी ने इस आयोजन के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भारत में हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत पं. युगल किशोर शुक्ल द्वारा 30 मई, 1826 को कोलकाता से प्रकाशित समाचार पत्र 'उदन्त मार्तण्ड' से हुई थी। इसलिए 30 मई को पूरे देश में हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि 'उदन्त मार्तण्ड' का ध्येय वाक्य था, ‘हिंदुस्तानियों के हित के हेत’ और इस एक वाक्य में भारत की पत्रकारिता का मूल्यबोध स्पष्ट रूप में दिखाई देता है। 

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि ये हमारे लिए बड़े गर्व का विषय है कि आईआईएमसी का पुस्तकालय अब पं. युगल किशोर शुक्ल के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने स्वाधीनता से लेकर आम आदमी के अधिकारों तक की लड़ाई लड़ी है। समय के साथ पत्रकारिता के मायने और उद्देश्य चाहे बदलते रहे हों, लेकिन हिंदी पत्रकारिता पर देश के लोगों का विश्वास आज भी है।

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UNITED INDIAN JOURNALIST ASSOCIATION ने किया विस्तार, नियुक्त किए ये पदाधिकारी

‘यूनाइटेड इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ (United Indian Journalist Association) ने विभिन्न राज्यों एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना विस्तार करते हुए कई नियुक्तियां की हैं।

Last Modified:
Monday, 14 June, 2021
UNA5456

‘यूनाइटेड इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ (United Indian Journalist Association) ने विभिन्न राज्यों एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना विस्तार करते हुए कई नियुक्तियां की हैं।

एसोसिएशन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अरविन्द पाठक को राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया गया है, वहीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों में कुमार समत, सुलतान कुरैसी, अर्चना मिश्रा, सारिका झा, शंभु सुमन, विजय गौतम, नवेश कुमार व मीरा कुमार को शामिल किया गया है।

इनके अलावा विवेकानंद चौधरी को दिल्ली अध्यक्ष, आरके रमण को ओडिशा अध्यक्ष, सुवीर सेन को उत्तर प्रदेश अध्यक्ष, मधुवाला को झारखंड अध्यक्ष, रजनी शंकर को बिहार अध्यक्ष और अमित आनंद को महाराष्ट्र अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है।

एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेंद्र दाधीच की ओर से दी गई सूचना के अनुसार, सभी प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय कार्यकारिणी के भी सदस्य होंगे।

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संदिग्ध हालात में पत्रकार की मौत, एक दिन पहले ही मांगी थी पुलिस से सुरक्षा

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में ‘एबीपी न्यूज’ के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत का मामला सामने आया है।

Last Modified:
Monday, 14 June, 2021
Sulabh Srivastava

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में ‘एबीपी’ के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत का मामला सामने आया है। रविवार की रात सुलभ अर्द्धनग्न हालत में घायलावस्था में शहर कोतवाली क्षेत्र के कटरा रोड स्थित एक ईंट भट्ठे पर पड़े मिले। सुलभ को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुलभ के चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं, ऐसे में उनकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

सुलभ के परिजनों का आरोप है कि ये हादसा नहीं बल्कि हत्या है। सुलभ की पत्नी रेणुका श्रीवास्तव ने हत्या के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या समेत कई अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।  

बताया जाता है कि प्रतावगढ़ निवासी सुलभ श्रीवास्तव (42) पुत्र स्व: हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव एबीपी गंगा के प्रतापगढ़ के जिला संवाददाता थे। सुलभ श्रीवास्तव ने 12 जून को ही शराफ माफियाओं से जान-माल का खतरा जताया था। इस बारे में सुलभ ने पुलिस को शिकायती पत्र भी दिया था। एडीजी को लिखे गए पत्र में सुलभ श्रीवास्तव का कहना था कि पुलिस ने कुछ दिनों पूर्व इलाके में छापेमारी कर अवैध शराब का जखीरा पकड़ा था। उसने इस छापेमारी की कवरेज की थी। इसके बाद उसने नौ जून को अपने चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खबर भी चलाई थी।

सुलभ श्रीवास्तव ने इस शिकायती पत्र में लिखा था कि इस घटना के बाद घर से बाहर निकलने पर उसे लगता है कि खबर से नाराज होकर कुछ शराब माफिया उसका पीछा कर रहे हैं और उसे व उसके परिवार को जान-माल का नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए, उसने एडीजी से मांग की थी कि मामले की जांच कराई जाए और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।  

इसके बाद रविवार को शहर कोतवाली क्षेत्र में सुलभ श्रीवास्तव संदिग्ध हालात में घायल हालत में सड़क किनारे पड़े मिले। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने सुलभ को मृत घोषित कर दिया। सुलभ श्रीवास्तव द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत की प्रति आप यहां देख सकते हैं।

इस मामले में एडीजी प्रेम प्रकाश का कहना है कि सुलभ के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। एक महिला और एक पुरुष कांस्टेबल परिवार की सुरक्षा में रहेगा। परिवार जिस तरह चाहेगा, उस तरह से मामले की जांच कराई जाएगी। परिवार अगर कहेगा तो दूसरे जिले की एसआईटी से भी जांच कराई जाएगी। लिखित सीबीआई जांच की मांग होने पर उसे शासन को भेजा जाएगा।

वहीं, सुलभ के लेटर पर एडीजी ने सफाई देते हुए कहा कि कल दोपहर को ही लेटर मिला था, जिसे तुरंत प्रतापगढ़ के एसपी को फॉरवर्ड कर दिया गया था. एसपी ने सुलभ से बात भी कर ली थी। रात को सुलभ जिस खबर की कवरेज करने गए थे, वहां भी प्रभारी एसपी ने उनसे बात कर हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया था।

प्रतापगढ़ के डीएम नितिन बंसल का कहना है कि आर्थिक मुआवजे की सिफारिश सरकार से की गई है। उन्होंने कहा कि सुलभ की पत्नी को शैक्षिक योग्यता के आधार पर नौकरी दिलाई जाएगी।प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता ने कहा इस मामले में इंसाफ होगा, कहीं कोताही नहीं बरती जाएगी। सपा एमएलसी अक्षय प्रताप ने सरकार को घेरते हुए सीबीआई जांच की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन कर सुलभ के परिवार वालों के लिए इंसाफ की मांग की है।

सुलभ श्रीवास्तव की मौत के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला है। एक ट्वीट में प्रियंका वाड्रा का कहना है, ‘शराब माफिया अलीगढ़ से प्रतापगढ़ तक:पूरे प्रदेश में मौत का तांडव करें। उप्र सरकार चुप। पत्रकार सच्चाई उजागर करे, प्रशासन को खतरे के प्रति आगाह करें। सरकार सोई है। क्या जंगलराज को पालने-पोषने वाली उप्र सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?’

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पं. माधवराव सप्रे की 150वीं जयंती पर देशभर में होंगे कार्यक्रम

पं. माधवराव सप्रे की 150वीं जयंती के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र तथा भारतीय जन संचार संस्थान द्वारा पूरे देश में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

Last Modified:
Saturday, 12 June, 2021
madhavr084

प्रखर चिंतक, साहित्यकार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और लोकमान्य तिलक के विचारों को हिंदी जगत में व्यापकता देने वाले पं. माधवराव सप्रे की 150वीं जयंती के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र तथा भारतीय जन संचार संस्थान द्वारा पूरे देश में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस कड़ी में पहला कार्यक्रम सप्रे जी के जन्म स्थान दमोह (म.प्र.) जिले के पथरिया गांव में 19 जून को आयोजित होगा। समारोह में भारत के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल तथा सप्रे संग्रहालय, भोपाल के संस्थापक पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर सप्रे जी के अवदान पर केंद्रित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

19 जून को ही ‘माधवराव सप्रे और राष्ट्रीय पुनर्जागरण’’ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष श्री रामबहादुर राय करेंगे। वेबिनार में वरिष्ठ पत्रकार श्री आलोक मेहता, श्री जगदीश उपासने, श्री विश्वनाथ सचदेव, इंदिरा गांधी कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, भारतीय जन संचार संस्थान के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी एवं माधवराव सप्रे जी के पौत्र डॉ. अशोक सप्रे भी अपने विचार व्यक्त करेंगे।

इस अवसर पर महत्वपूर्ण वैचारिक पत्रिका ‘मीडिया विमर्श’ के माधवराव सप्रे जी पर कें​द्रित विशेषांक का लोकार्पण किया जायेगा। पत्रिका का संपादन डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने किया है। सप्रे जी की 150 जयंती पर रायपुर, भोपाल, वाराणसी, चेन्नई, नागपुर सहित देश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इस श्रृंखला में एक भव्य कार्यक्रम अगले वर्ष 23 अप्रैल को नई दिल्ली में आयोजित होगा।

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