संदिग्ध हालात में पत्रकार की मौत, एक दिन पहले ही मांगी थी पुलिस से सुरक्षा

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में ‘एबीपी न्यूज’ के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत का मामला सामने आया है।

Last Modified:
Monday, 14 June, 2021
Sulabh Srivastava

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में ‘एबीपी’ के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत का मामला सामने आया है। रविवार की रात सुलभ अर्द्धनग्न हालत में घायलावस्था में शहर कोतवाली क्षेत्र के कटरा रोड स्थित एक ईंट भट्ठे पर पड़े मिले। सुलभ को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुलभ के चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं, ऐसे में उनकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

सुलभ के परिजनों का आरोप है कि ये हादसा नहीं बल्कि हत्या है। सुलभ की पत्नी रेणुका श्रीवास्तव ने हत्या के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या समेत कई अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।  

बताया जाता है कि प्रतावगढ़ निवासी सुलभ श्रीवास्तव (42) पुत्र स्व: हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव एबीपी गंगा के प्रतापगढ़ के जिला संवाददाता थे। सुलभ श्रीवास्तव ने 12 जून को ही शराफ माफियाओं से जान-माल का खतरा जताया था। इस बारे में सुलभ ने पुलिस को शिकायती पत्र भी दिया था। एडीजी को लिखे गए पत्र में सुलभ श्रीवास्तव का कहना था कि पुलिस ने कुछ दिनों पूर्व इलाके में छापेमारी कर अवैध शराब का जखीरा पकड़ा था। उसने इस छापेमारी की कवरेज की थी। इसके बाद उसने नौ जून को अपने चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खबर भी चलाई थी।

सुलभ श्रीवास्तव ने इस शिकायती पत्र में लिखा था कि इस घटना के बाद घर से बाहर निकलने पर उसे लगता है कि खबर से नाराज होकर कुछ शराब माफिया उसका पीछा कर रहे हैं और उसे व उसके परिवार को जान-माल का नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए, उसने एडीजी से मांग की थी कि मामले की जांच कराई जाए और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।  

इसके बाद रविवार को शहर कोतवाली क्षेत्र में सुलभ श्रीवास्तव संदिग्ध हालात में घायल हालत में सड़क किनारे पड़े मिले। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने सुलभ को मृत घोषित कर दिया। सुलभ श्रीवास्तव द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत की प्रति आप यहां देख सकते हैं।

इस मामले में एडीजी प्रेम प्रकाश का कहना है कि सुलभ के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। एक महिला और एक पुरुष कांस्टेबल परिवार की सुरक्षा में रहेगा। परिवार जिस तरह चाहेगा, उस तरह से मामले की जांच कराई जाएगी। परिवार अगर कहेगा तो दूसरे जिले की एसआईटी से भी जांच कराई जाएगी। लिखित सीबीआई जांच की मांग होने पर उसे शासन को भेजा जाएगा।

वहीं, सुलभ के लेटर पर एडीजी ने सफाई देते हुए कहा कि कल दोपहर को ही लेटर मिला था, जिसे तुरंत प्रतापगढ़ के एसपी को फॉरवर्ड कर दिया गया था. एसपी ने सुलभ से बात भी कर ली थी। रात को सुलभ जिस खबर की कवरेज करने गए थे, वहां भी प्रभारी एसपी ने उनसे बात कर हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया था।

प्रतापगढ़ के डीएम नितिन बंसल का कहना है कि आर्थिक मुआवजे की सिफारिश सरकार से की गई है। उन्होंने कहा कि सुलभ की पत्नी को शैक्षिक योग्यता के आधार पर नौकरी दिलाई जाएगी।प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता ने कहा इस मामले में इंसाफ होगा, कहीं कोताही नहीं बरती जाएगी। सपा एमएलसी अक्षय प्रताप ने सरकार को घेरते हुए सीबीआई जांच की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन कर सुलभ के परिवार वालों के लिए इंसाफ की मांग की है।

सुलभ श्रीवास्तव की मौत के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला है। एक ट्वीट में प्रियंका वाड्रा का कहना है, ‘शराब माफिया अलीगढ़ से प्रतापगढ़ तक:पूरे प्रदेश में मौत का तांडव करें। उप्र सरकार चुप। पत्रकार सच्चाई उजागर करे, प्रशासन को खतरे के प्रति आगाह करें। सरकार सोई है। क्या जंगलराज को पालने-पोषने वाली उप्र सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?’

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दिग्गजों ने मीडिया के विद्यार्थियों को दिया जीवन में सफल होने का ‘मूलमंत्र’

'भारतीय जनसंचार संस्थान' के सत्रारंभ समारोह में गुरुवार को शामिल होंगे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 27 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 27 October, 2021
IIMC

'यूरोप के 50 देशों और लैटिन अमेरिका के 26 देशों से ज्यादा हमारी जनसंख्या है। विश्व के सर्वाधिक 20 प्रतिशत युवा और 6.34 करोड़ एमएसएमई उद्योग भारत में हैं। इस संख्या बल के दम पर हमें भारत की 'आर्थिक चुनौतियों' को 'आर्थिक अवसरों' में बदलना है।' यह विचार 'गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय', नोएडा के पूर्व कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बुधवार को 'भारतीय जनसंचार संस्थान' (आईआईएमसी) के सत्रारंभ समारोह 2021 के तीसरे दिन व्यक्त किए।

'भारत का आर्थिक भविष्य' विषय पर अपनी बात रखते हुए प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर होना आज के समय की आवश्यकता है। भारत के उत्पादन पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कब्जा बढ़ता जा रहा है। सोलर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक समय में भारत की कई कंपनियां सोलर पैनल बनाती थीं, जिनका यूरोपीय देश में निर्यात होता था। लेकिन, जैसे ही चीन ने सस्ते सोलर पैनल भारत में बेचना शुरू किया, हमारी इन कंपनियों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय को स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

प्रो. शर्मा के अनुसार अगर भारत को आत्मनिर्भर बनना है, तो अपनी उत्पादन क्षमता और आयात की तुलना में निर्यात को बढ़ाना होगा। तकनीकी क्षेत्रों में भारतीय मानव संसाधन पूरी दुनिया में काम कर रहा है, लेकिन इन लोगों के द्वारा तैयार किए गए तकनीकी उत्पाद का फायदा मल्टीनेशनल कंपनियां उठाती हैं। इससे भारतीय ज्ञान और प्रतिभा से प्राप्त मुनाफा विदेशी कंपनियों को प्राप्त होता है। इसे रोकने के लिए भारत को स्वदेशी तकनीक की ओर जाना होगा। उन्होंने कहा कि अगर हम स्वदेशी उत्पाद खरीदेंगे, तो उससे न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा, बल्कि तकनीक के विकास में भी सहयोग होगा।

'पत्रकारिता की चुनौतियां एवं अवसर' विषय पर देश के प्रख्यात पत्रकारों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। 'हिन्दुस्तान टाइम्स' के प्रधान संपादक सुकुमार रंगनाथन ने कहा कि आज तकनीक ने मीडिया को एक नई ताकत दी है। यह पत्रकारिता का स्वर्णिम युग है। 'एशियन न्यूज इंटरनेशनल' (एएनआई) की प्रधान संपादक स्मिता प्रकाश ने कहा कि आज लोग सोशल मीडिया के थोड़े से ज्ञान से ही अपनी राय बना लेते हैं। मीडिया के विद्यार्थियों को इस आदत से बचना चाहिए। 'जी न्यूज' के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी ने कहा कि आज इनोवेशन और टेक्नोलॉजी पर विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। पत्रकारिता में सफल होने का यही मूल मंत्र है। 'दैनिक जागरण' के कार्यकारी संपादक विष्णु त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता सिर्फ व्यवसाय नहीं है। पत्रकारिता में जब सामाजिक सरोकार प्रबल होंगे, तभी पत्रकारिता की सार्थकता है।

'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट' से आएगा परिवर्तन : प्रो. मित्तल

इस अवसर पर 'भारतीय विश्वविद्यालय संघ' की महासचिव प्रो. पंकज मित्तल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' विषय पर अपनी बात रखते हुए प्रो. मित्तल ने कहा कि  भारत की शिक्षा नीति अपनी शिक्षा प्रणाली को छात्रों के लिए सबसे आधुनिक और बेहतर बनाने का काम कर रही है। आधुनिक तकनीक पर आधारित 'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट' सिस्टम से विद्यार्थियों के लिए बड़ा परिवर्तन आने वाला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक बैंक आम आदमी के पैसों को अपने यहां सुरक्षित रखता है, उसी प्रकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छात्रों द्वारा अर्जित क्रेडिट के अनुसार सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री की उपाधि प्रदान करने का विकल्प रखा गया है। साथ ही इसमें विद्यार्थियों के लिए एक नहीं, बल्कि कई विश्वविद्यालयों या संस्थानों में पढ़ाई करने की छूट का भी प्रावधान है।

सीखे हुए कौशल को प्रयोग में लाना समय की जरुरत : प्रो. राज नेहरू

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में 'कौशल भारत कुशल भारत' विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए 'श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय', हरियाणा के कुलपति प्रो. राज नेहरू ने कहा कि जो कौशल हमने सीखा है, उसे समाज के प्रयोग में किस तरह लाना है, इस पर कार्य करने की आवश्यकता है। भारत में तकनीक और कौशल उपलब्ध है। सिलिकॉन वैली के विकास में भारत का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को नॉलेज, स्किल और एटीट्यूड पर काम करना चाहिए। जीवन को बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों को नई-नई स्किल सीखनी चाहिए।

जनता के हित में हो विज्ञापन : मनीषा कपूर

इस मौके पर 'कोविड के बाद विज्ञापन जगत का परिदृश्य' विषय पर अपनी बात रखते हुए 'भारतीय विज्ञापन मानक परिषद' की महासचिव  मनीषा कपूर ने कहा कि विज्ञापनों में अभिव्यक्ति और रचनात्मकता से जुड़े कई मुद्दे हमारे सामने आते हैं। भारतीय विज्ञापन मानक परिषद 'कंज्यूमर कंप्लेंट काउंसिल' के माध्यम से विज्ञापनों की गुणवत्ता की जांच करता है। उन्होंने कहा कि सभी विज्ञापनों के केंद्र में आम जनता होती है। इसलिए हमारी ये जिम्मेदारी है कि विज्ञापन जनता के हित में हों।

इस अवसर पर 'आईआईएमसी' के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, अपर महानिदेशक आशीष गोयल, सत्रारंभ कार्यक्रम के संयोजक एवं डीन (अकादमिक) प्रो. गोविंद सिंह सहित आईआईएमसी के सभी केंद्रों के संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। समारोह के चौथे दिन गुरुवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) ध्रुव कटोच, महाराष्ट्र टाइम्स के संपादक पराग करंदीकर, न्यूज 18 उर्दू के संपादक राजेश रैना, ओडिया समाचार पत्र 'समाज' के संपादक सुसांता मोहंती और मलयालम समाचार पत्र 'जन्मभूमि' के संपादक केएनआर नंबूदिरी विद्यार्थियों से रूबरू होंगे।

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वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता ने फिर उठाया इस कानून में संशोधन का मुद्दा, किया ये ट्वीट

जाने-माने संपादक और ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के पूर्व अध्यक्ष आलोक मेहता (पदमश्री) ने छत्तीगढ़ में रायपुर पुलिस द्वारा आपराधिक मानहानि के तहत की गई दो पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 27 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 27 October, 2021
Alok Mehta

जाने-माने संपादक और ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के पूर्व अध्यक्ष आलोक मेहता (पदमश्री) ने छत्तीगढ़ में रायपुर पुलिस द्वारा आपराधिक मानहानि के तहत की गई दो पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा की है। उन्होंने इस बारे में एक ट्वीट भी किया है। इस ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, कानून मंत्री किरण रिजिजू और सुप्रीम कोर्ट को भी टैग किया है।

अपने ट्वीट में आलोक मेहता ने कहा है, ‘कांग्रेस एमएलए की शिकायत पर रायपुर में दो पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया है। मानहानि के केस में इस तरह की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। हम लंबे समय से कानून में संशोधन की मांग कर रहे है। जब आपराधिक मानहानि साबित हो जाए तो अदालत सजा तय कर सकती है।’

समाचार4मीडिया के साथ बातचीत में आलोक मेहता ने कहा, ‘इस तरह के मामलों में आपराधिक मानहानि के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें सीधे गिरफ्तारी का प्रावधान है। इसके लिए कानून में संशोधन को लेकर लंबे समय से मांग रखी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट अथवा संसद को इस बारे में आगे आकर कानून में संशोधन करना चाहिए।‘

बता दें कि एक न्यूज वेब पोर्टल से जुड़े इन दोनों पत्रकारों पर कांग्रेस विधायकों ने भ्रामक व निराधार खबर प्रकाशित करने के आरोप लगाए हैं। जिन दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम मधुकर दुबे और अविनाश पल्लीवार हैं। इनमें मधुकर दुबे पोर्टल संचालक है, जबकि अविनाश उसके सहायक के तौर पर कार्यरत है।

मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृहस्पत सिंह और रायपुर नगर (उत्तर) क्षेत्र के विधायक कुलदीप जुनेजा ने इन दोनों पत्रकारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में दोनों विधायकों ने आरोप लगाया था कि मधुकर दुबे और अविनाश पल्लीवार ने अपने पोर्टल पर 24 अक्टूबर को उनके खिलाफ भ्रामक जानकारी पब्लिश की।  

विधायकों की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने दोनों पत्रकारों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोप सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि वेबसाइट में यह रिपोर्ट दुबे ने पब्लिश की थी, जबकि पल्लीवार ने इसमें सहायता की थी, इसलिए दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

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दो पत्रकारों पर लगे गंभीर आरोप, पुलिस ने दिखाया हवालात का रास्ता

कांग्रेस के विधायकों की शिकायत के बाद दर्ज हुआ है मामला, दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 27 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 27 October, 2021
Crime

छत्तीसगढ़ पुलिस ने भ्रामक व निराधार खबर प्रकाशित करने के आरोप में कांग्रेस विधायकों की शिकायत पर सोमवार को दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन दो पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम मधुकर दुबे और अविनाश पल्लीवार हैं। इनमें मधुकर दुबे एक न्यूज वेब पोर्टल चलाता है, जबकि अविनाश उसके सहायक के तौर पर कार्यरत है।

मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृहस्पत सिंह और रायपुर नगर (उत्तर) क्षेत्र के विधायक कुलदीप जुनेजा ने इन दोनों पत्रकारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में दोनों विधायकों ने आरोप लगाया था कि मधुकर दुबे और अविनाश पल्लीवार ने अपने पोर्टल पर 24 अक्टूबर को उनके खिलाफ भ्रामक जानकारी पब्लिश की।  

विधायकों की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने दोनों पत्रकारों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोप सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि वेबसाइट में यह रिपोर्ट दुबे ने पब्लिश की थी, जबकि पल्लीवार ने इसमें सहायता की थी, इसलिए दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

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मीडिया में धैर्य, परिश्रम व प्रतिभा के साथ-साथ जरूरी है तथ्य और सत्य: आरिफ मोहम्मद खान

आईआईएमसी के सत्रारंभ समारोह में बोले केरल के राज्यपाल-लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मर्यादा को ध्यान में रखकर पत्रकारों को समाज में तथ्य पेश करने चाहिए

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 26 October, 2021
Last Modified:
Tuesday, 26 October, 2021
IIMC

'समाज को सूचना देना,  सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और लोगों के कल्याण के लिए कार्य करना प्रत्येक पत्रकार का धर्म है। पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय तक बने रहने के लिए धैर्य, परिश्रम और प्रतिभा के साथ-साथ 'तथ्य'  और 'सत्य' का होना बहुत जरूरी है।'  यह विचार केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मंगलवार को भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के सत्रारंभ समारोह 2021 के दूसरे दिन व्यक्त किए।

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि मीडिया की आजादी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आयाम है। इसे संभालकर रखना है, लेकिन यह आजादी जिम्मेदारी के साथ आती है। इसलिए हम सभी को जिम्मेदार भी होना है। किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए आदर्श आचार और व्यवहार संहिता ही धर्म है। बदलते परिवेश में पत्रकारों के सामने कई चुनौतियां हैं। इसलिए पत्रकारों को स्थापित मूल्यों को ध्यान में रखकर निर्भीक तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।

राज्यपाल के अनुसार ऐसे समाचार या विचार, जो समाज में नफरत और निराशा फैला सकते हैं, उन्हें प्रकाशित करने से बचना चाहिए। समाज का हित और विकास ही पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है और पत्रकारों को इसी दिशा में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आपके समाचार का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका मूल्यांकन आपको स्वयं करना चाहिए। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मर्यादा को ध्यान में रखकर पत्रकारों को समाज में तथ्य पेश करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति ने पत्रकारिता के क्षेत्र को व्यापक और समृद्ध किया है। मीडिया के विद्यार्थियों को नकारात्मक पत्रकारिता के जाल में फंसने की बजाय, स्वस्थ पत्रकारिता सीखनी चाहिए और समाज में जो कुछ अच्छा काम हो रहा है, उसकी सूचना लोगों तक पहुंचानी चाहिए।

युवाओं के सामर्थ्य से होगा नए भारत का निर्माण: प्रो. संजय द्विवेदी

इससे पहले कार्यक्रम के प्रथम सत्र में 'युवा शक्ति और भारत' विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि आज देश के युवाओं के सामर्थ्य से नए भारत का निर्माण हो रहा है। एक ऐसा नया भारत, जिसमें युवाओं के लिए अवसर भी हैं और उड़ने के लिए पूरा आसमान भी है। युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बनाने का व्यापक प्रयास आज देखने को मिल रहा है।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि आज का भारत युवा शक्ति से भरपूर है। 26 हजार नए स्टार्टअप का खुलना दुनिया के किसी भी देश का सपना हो सकता है। ये सपना आज भारत में सच हुआ है। इसके पीछे भारत के नौजवानों की शक्ति है। आज देश का युवा नए-नए ऐप्स बना रहा है, ताकि खुद की जिंदगी भी आसान हो जाए और देशवासियों की भी मदद की जाए।

सूचनाएं पहुंचाना दूरदर्शन का लक्ष्य: मयंक अग्रवाल

इस मौके पर दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल ने 'सरकारी सूचना तंत्र' विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आप किसी भी सेवा क्षेत्र में जाएं, ये महत्वपूर्ण होता है कि आप कार्य को किस तरह करते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि आप अपने कार्य का विश्लेषण करें और रणनीति बनाएं। उन्होंने कहा कि दूरर्दशन आज अन्य चैनलों से इसलिए अलग है, क्योंकि उसका एजेंडा टीआरपी नहीं, बल्कि लोगों को सूचनाएं पहुंचाना एवं जागरूक करना है।

इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, के अलावा अपर महानिदेशक आशीष गोयल, सत्रारंभ कार्यक्रम के संयोजक एवं डीन (अकादमिक) प्रो. गोविंद सिंह सहित आईआईएमसी के सभी केंद्रों के संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

समारोह के तीसरे दिन दिन बुधवार को भारतीय विश्वविद्यालय संघ की महासचिव प्रो. पंकज मित्तल,  गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा,  श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, हरियाणा के कुलपति प्रो. राज नेहरू,  भारतीय विज्ञापन मानक परिषद की महासचिव सुश्री मनीषा कपूर, हिन्दुस्तान टाइम्स के प्रधान संपादक सुकुमार रंगनाथन, जी न्यूज के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी, एशियन न्यूज इंटरनेशनल (एएनआई) की प्रधान संपादक स्मिता प्रकाश और दैनिक जागरण के कार्यकारी संपादक विष्णु त्रिपाठी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।

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मीडिया और सोशल मीडिया के बीच के अंतर को समझना होगा: ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ने ऑनलाइन माध्यम से किया आईआईएमसी के पांच दिवसीय शैक्षणिक सत्र 2021-22 का शुभारंभ

Last Modified:
Monday, 25 October, 2021
IIMC

‘भारतीय जनसंचार संस्थान‘ (आईआईएमसी) के शैक्षणिक सत्र 2021-22 का सोमवार को शुभारंभ हुआ। ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘आईआईएमसी‘ के विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे तथ्यों के आधार पर खबर बनाएं और अपनी रिपोर्टिंग से सकारात्मक और रचनात्मक का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाएं। ओम बिरला ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया लोकतंत्र को सशक्त बनाता है।

उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और विचारों में लोकतंत्र है। विश्व में भारत का लोकतंत्र सबसे समृद्ध है। संविधान के सहारे भारतीय लोकतंत्र ने विकास और समृद्धि की यात्रा तय की है। आज पूरा देश स्वतंत्रता की हीरक जयंती मना रहा है। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में व्यापक प्रगति हो रही है। पूरी दुनिया हमारी कर्मठता, नवाचार, संकल्प शक्ति और सामूहिक शक्ति से परिचित है। आजादी के आंदोलन के इतिहास की तरह आजादी के बाद की 75 वर्षों की यात्रा, भारतीयों के परिश्रम, इनोवेशन और उद्यमशीलता का प्रतिबिंब है।

लोकसभा अध्यक्ष के अनुसार सामाजिक चेतना जागृत करने में मीडिया की बड़ी भूमिका है। मीडिया सरकार और राजनीतिक दलों की जवाबदेही तय करता है और शासन एवं प्रशासन तथा जनता के बीच द्विपक्षीय संवाद को सुगम बनाता है। आज पत्रकारिता का दायरा बढ़ता जा रहा है। लोगों तक मीडिया की पहुंच बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही पत्रकारों का दायित्व भी बढ़ा है। पत्रकार का दायित्व होता है कि वह निडर भी रहे और मुखर भी रहे।

बिरला ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में मीडिया की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की जिंदगी बचाने में भी हम कामयाब हुए हैं, लेकिन हमें मीडिया और सोशल मीडिया के बीच के अंतर को समझना होगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को भी जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने आईआईएमसी के सभी विद्यार्थियों को संसद की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित भी किया। 

समस्याओं का समाधान दे रहे हैं युवा : प्रो. द्विवेदी

नवागत विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए ‘आईआईएमसी‘ के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि भारत में मीडिया का प्रभाव पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ा है। मीडिया का इस्तेमाल और उपयोग करने वाले लोग भी बढ़े हैं। तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था के साथ चलते हुए मीडिया आज एक बड़े उद्योग में बदल गया है।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि देश में नई संभावनाओं के द्वार आपका इंतजार कर रहे हैं। आप समस्या का हिस्सा बनना चाहते हैं या फिर समाधान का, ये तय करना आपके हाथ में है। अगर आपकी नीयत साफ है और अपने कर्तव्य के प्रति आपकी निष्ठा है, तो आपका हर निर्णय किसी समस्या के समाधान की तरफ आपको ले जाएगा। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता से हमारा वर्तमान और भविष्य तय नहीं होता है। जब तक भारत के युवाओं में नया करने का, रिस्क लेने का और आगे बढ़ने का जज्बा है, तब तक हमारे देश के भविष्य की चिंता करने की किसी को जरूरत नहीं है।

मीडिया ने दिलाई लोक संस्कृति को नई पहचान:मालिनी अवस्थी

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने 'लोक संस्कृति और मीडिया' विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि अखबारों ने लोक संस्कृति को बचाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि आज जो लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकगाथाएं हमारे सामने प्रचलित हैं, वे हमारे पूर्वजों के अथक प्रयासों का परिणाम हैं। हमारे पुरखों ने कहीं परंपराओं के माध्यम से, तो कहीं लोकगीतों के रूप में इन्हें संजोए रखा है।

शुभारंभ समारोह के अंतिम सत्र में 'भारत में टीवी और सिनेमा का बदलता स्वरूप' विषय पर प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अनंत महादेवन और 'टीवी न्यूज का भविष्य' विषय पर ‘एनडीटीवी‘ की पत्रकार  नगमा सहर ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

इस अवसर पर आईआईएमसी के अपर महानिदेशक आशीष गोयल, सत्रारंभ कार्यक्रम के संयोजक एवं डीन (अकादमिक) प्रो. गोविंद सिंह सहित आईआईएमसी के सभी केंद्रों के संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, पैरालंपिक मेडल विजेता सुहास यथिराज, ‘दूरदर्शन‘ के महानिदेशक मयंक अग्रवाल और खेती विरासत मिशन, पंजाब के कार्यकारी निदेशक उमेंद्र दत्त विद्यार्थियों से रूबरू होंगे।

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नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार आकाश भार्गव, CM समेत कई नेताओं-पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

काफी समय से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे आकाश भार्गव, दिल्ली में इलाज के दौरान हुआ निधन

Last Modified:
Monday, 25 October, 2021
Akash Bhargava

रांची के जाने-माने पत्रकार आकाश भार्गव का निधन हो गया है। ‘न्यूज11 भारत’ (News11 Bharat) के वरिष्ठ पत्रकार आकाश भार्गव काफी समय से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलेरीज साइंसेज’ (ILBS) में उनका इलाज चल रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इलाज के दौरान ही शुक्रवार की शाम करीब सवा सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

बताया जाता है कि आकाश भार्गव के बेहतर इलाज के लिए पिछले दिनों ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके परिजनों को आर्थिक सहायता सौंपी थी। आकाश के निधन की खबर सुनते ही पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

आकाश भार्गव के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल रमेश बैस समेत तमाम नेताओं और पत्रकारों ने दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

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फेक न्यूज के दौर में डिजिटल सत्याग्रह की जरूरत: प्रो. संजय द्विवेदी

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने फेक न्यूज पर चिंता जाहिर की

Last Modified:
Monday, 25 October, 2021
fakenews5454

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने फेक न्यूज पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि फेक न्यूज के इस दौर में डिजिटल सत्याग्रह की आवश्यकता है।

जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ भारत (जाब) व राष्ट्र सम्मत प्रकाशन समूह की ओर से रविवार को राजस्थान के दौसा में 'सच्ची खबरें बनाम झूठी खबरें' विषय पर संगोष्ठी और भारत गौरव पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य वक्ता प्रो. द्विवेदी ने कहा कि जिस तरह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने तीन बंदरों का उदाहरण देते हुए बुरा ना देखने, बुरा ना बोलने तथा बुरा ना सुनने की शिक्षा दी थी, उसी तरह आज सोशल मीडिया के दौर में 'बुरा मत टाइप करो, बुरा मत लाइक करो और बुरा मत शेयर करो' की सीख जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें झूठी खबरें फैलाने वालों के समक्ष असहयोग आंदोलन की शुरुआत करनी चाहिए। सच में झूठ की मिलावट अगर नमक के बराबर भी होती है तो वह सच नहीं रहता, उसका स्वाद किरकिरा हो जाता है। इसलिए अब वक्त आ गया है कि असली खबरों पर झूठ का नमक छिड़कने वालों के खिलाफ खड़ा हुआ जाए।

मुख्य अतिथि और दौसा सांसद जसकोर मीना ने कहा कि यदि झूठ हजार बार बोला जाए तो वह सच जैसा दिखने लगता है, लेकिन हमें झूठ और सच के बीच का अंतर समझने की जरूरत है। झूठी खबरों से देश का भविष्य कमजोर होता है। हमें झूठी खबरों के खिलाफ उठ खड़ा होना है। असत्य तब विजयी होता है, जब हम अपने को छोटा मान लेते हैं। इसलिए सत्य के साथ चलें। सांसद ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह प्रबुद्धजनों का संगम राष्ट्र निर्माण, समाज निर्माण तथा मानव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजस्थान लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य विनोद बिहारी शर्मा, कवि, साहित्यकार और प्रशासनिक अधिकारी टीकम बोहरा, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य एल.सी. भारतीय, सर्वब्राह्मण समाज के प्रदेशाध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किए।

राजस्थान से प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य बनने पर एल.सी. भारतीय का सम्मान किया गया। पंडित नवल किशोर शर्मा सामुदायिक भवन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में नन्ही गायिका आकांक्षा राव ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में अतिथियों ने भारत गौरव, राजस्थान गौरव तथा दौसा गौरव से पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लेखक व साहित्यकार लक्ष्मीनारायण भाला ने की। स्वागताध्यक्ष दीपक लवानिया ने सभी आगुन्तको का स्वागत किया। कार्यक्रम संयोजक महेश बालाहेड़ी, सह संयोजक कमलेश त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार विनोद पाठक और संजीव माथुर ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह का संचालन श्रीकांत शर्मा ने किया।  समारोह में राजस्थान, बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश आदि देशभर से आए पत्रकारों ने शिरकत की। समारोह राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।

 इन्हें मिला भारत गौरव सम्मान :

अजमेर से सबगुरु डॉट कॉम के संपादक विजय मौर्य, दिल्ली से विष्णु गुप्त, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फोटो जर्नलिस्ट शैलेन्द्र पांडेय, बिहार से दीपक कुमार, हिमाचल प्रदेश से गोपाल शर्मा, मध्यप्रदेश से जितेंद्र जाट।

 इन्हें मिला राजस्थान गौरव सम्मान :

जयपुर से दैनिक जागरण के संवाददाता नरेंद्र शर्मा, दैनिक नवज्योति के के.एल शर्मा, राजस्थान पंछी के श्याम सुंदर शर्मा, ढूढ़ाढ़ री ललकार के अशोक शर्मा, लालसोट दौसा से राजस्थान पत्रिका के कमलेश बैंदाड़ा, अलवर से प्रशांत।

इन्हें मिला दौसा गौरव सम्मान

दौसा से गौरव खंडेलवाल, राजेन्द्र जैन, रोशन जोशी, भास्कर जैमन, जुगल शर्मा, राजेन्द्र जैमन, विनय जोशी, बांदीकुई से गजेंद्र राठौड़, लालसोट से कमलेश आसिका, धर्मेंद्र शर्मा, पूजा जोशी, तरुण त्रिवेदी, सिकंदरा से विश्राम सैनी, विनोद जैमन, मानपुर से मुकेश सैनी, महुवा से संजय लाटा, अवधेश अवस्थी, राजेन्द्र पीपलखेड़ा, मेहंदीपुर बालाजी से सुरेश तिवाड़ी

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लाइव कवरेज के दौरान पत्रकार का मोबाइल चुराना चोर को यूं पड़ा महंगा

मिस्र में एक चोर को लाइव कवरेज कर रहे पत्रकार का मोबाइल चुराना महंगा पड़ गया। दरअसल, चोर ने मोबाइल छीनने के बाद ऐसी गलती कर दी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 23 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 23 October, 2021
egypt4548

मिस्र में एक चोर को लाइव कवरेज कर रहे पत्रकार का मोबाइल चुराना महंगा पड़ गया। दरअसल, चोर ने मोबाइल छीनने के बाद ऐसी गलती कर दी, जिससे कई हजार लोगों ने उसे चोरी करते हुए देख लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार होना पड़ा। अब उसका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना मिस्र की राजधानी काहिरा की है। चोरी उस समय हुई जब न्यूज साइट Youm7 के पत्रकार महमूद राघेब इस सप्ताह देश में आए भूकंप के बाद की लाइव रिपोर्ट दे रहे थे। इस बीच ही एक चोर बाइक पर आया और पत्रकार का मोबाइल छीनकर भाग निकला। मोबाइल पर लाइव कवरेज बंद नहीं हुआ था, इसलिए कवरेज देख रहे 20 हजार लोगों ने पूरी घटना के साथ चोर का चेहरा भी देख लिया। चोर की सिगरेट पीते हुए लाइव स्ट्रीमिंग हो गई। इस वीडियो को 70 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। इस पर हजारों कमेंट्स भी आ चुके हैं।

पुलिस ने चोर को गिरफ्तार कर चोरी के लिए इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है। पुलिस ने बताया कि चोर बेरोजगार था। उसने पुलिस के हाथ लगने से पहले ही वह फोन एक कारोबारी को बेच दिया था।

 

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MCU और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मिलकर इस दिशा में करेंगे काम, हुआ करार

एक कार्यक्रम में इस एमओयू पर एमसीयू के कुलपति प्रो. केजी सुरेश और सीसीएसयू के कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार तनेजा ने हस्ताक्षर किए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 23 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 23 October, 2021
MCU MOU

तिलक स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के मध्य 22 अक्टूबर 2021 को एक एमओयू हुआ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में आयोजित कार्यक्रम में इस एमओयू पर एमसीयू के कुलपति प्रो. केजी सुरेश और सीसीएसयू के कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार तनेजा ने हस्ताक्षर किए।

इस मौके पर प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय पत्रकारिता एवं संचार के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देंगे और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के बीच जो एमओयू साइन हुआ है, इससे दोनों को ही लाभ मिलेगा। दोनों विश्वविद्यालय शोधकार्य को बढ़ावा देंगे।

वहीं, प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा ने कहा कि इस प्रकार के एमओयू अन्य विभागों को भी करने चाहिए। एक-दूसरे की अच्छाइयों को ग्रहण करते हुए आगे बढ़ने का काम करना चाहिए। एमओयू होने के बाद सीसीएसयू की प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सीसीएसयू के कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार आदि मौजूद रहे।

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लखीमपुर हिंसा: पत्रकार के परिवार को कांग्रेस ने सौंपा एक करोड़ का चेक

लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हिंसा के दौरान मारे गए चार किसानों और एक पत्रकार को कांग्रेस ने आर्थिक सहायता प्रदान की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 23 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 23 October, 2021
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लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हिंसा के दौरान मारे गए चार किसानों और एक पत्रकार को कांग्रेस ने आर्थिक सहायता प्रदान की। पंजाब सरकार के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा व छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में इन पांचों को एक-एक करोड़ रुपए का चेक सौंपा। 

बता दें कि पांचों मृतकों के परिजनों को पंजाब व छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से 50-50 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने घोषणा की गयी थी, जिसके बाद अब दोनों ही राज्यों की सरकारों ने यह सहायता राशि प्रदान की।

लखीमपुर में बीते तीन अक्टूबर को हुई घटना में किसान नक्षत्र सिंह, लवप्रीत सिंह, दलजीत सिंह, गुरविंदर सिंह व पत्रकार रमन कश्यप समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गयी थी। इनमें तीन बीजेपी नेता शामिल थे। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ बीती छह अक्टूबर को लखीमपुर पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृत किसानों व पत्रकार के आश्रितों को अपनी राज्य सरकारों की ओर से 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी।

वहीं, इस मामले में प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के लिए न्याय की लड़ाई पुरजोर तरीके से लड़ेगी। यही हमारी प्रतिज्ञा भी है और प्रतिबद्धता भी। उधर, पंजाब सरकार के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने कहा कि शहीद किसानों के परिवारों को न्याय मिले, इसके लिए कांग्रेस हर संभव प्रयास करेगी। कांग्रेस हर कदम पर पीड़ित परिवारों के साथ है।

छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार किसानों को अपने कारपोरेट मित्रों के हित में बर्बाद करने पर तुली है। कांग्रेस पार्टी यहां अपना वचन निभाने व आपके दर्द को साझा करने आयी है।

सहायता राशि का चेक पत्रकार रमन कश्यप की पत्नी आराधना कश्यप,  सरदार नक्षत्र सिंह की पत्नी जसवंत कौर, लवप्रीत सिंह के पिता सरदार सतनाम सिंह, दलजीत सिंह की पत्नी परमजीत कौर व गुरविंदर सिंह के पिता सरदार सुखविंदर सिंह को सौंपा गया। 

बता दें कि लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई भिड़ंत में एक पत्रकार सहित आठ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हिंसा में मारे गए 30 वर्षीय स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप साधना टीवी के लिए काम करते थे। वे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की रैली को कवर करने घटना स्थल पर पहुंचे थे, जहां उनकी रैली निकलने से पहले ही हिंसा हो गयी और उनकी रैली को डायवर्ट कर दिया गया। हिंसा के बाद से ही पत्रकार रमन कश्यप लापता थे। चार अक्टूबर को उनका शव बरामद हुआ।

वहीं सूबे की सरकार की ओर से एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने यह जानकारी दी थी कि घटना में मारे गए किसानों के परिवारजन को सरकार की ओर से 45-45 लाख रुपए की धनराशि व परिवार के एक सदस्य को सरकार नौकरी देगी। वहीं घायलों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से 45 लाख रुपए का मुआवजा चेक सभी पीड़ित परिवारों को सौंपा जा चुका है।

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